टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

फ़िफ्टीन सेकण्ड्स ऑफ़ फ़ेम रीवाइन्डेड…

‘पचहत्तर सेकण्ड मात्र’ यदि एकदम सटीकता से कहें तो...

कोई सालेक भर पहले सहारा समय में मैं पहली मर्तबा टीवी कैमरे के रूबरू हुआ था. उस वक्त लाइव प्रोग्राम में मैं एक तरह से अपनी बात कहने में असफल ही रहा था. इस बार सीएनएन-आईबीएन के प्रोग्राम पर भी इसीलिए मैं ज्यादा उत्साहित नहीं था.

क्योंकि मेरा कुंजीपट भले ही थोड़ा सा धनी प्रतीत होता हो, परंतु वाणी पूरी कंगाल और फटेहाल है. और इसका जीवंत उदाहरण इससे बड़ा और क्या हो सकता है?

हालांकि देबाशीष ने अक्षरग्राम पर वीडियो पहले ही दिखा दिया था और नितिन व्यास ने इसकी कड़ी पहले ही उपलब्ध कर दी थी, मगर आधे घंटे के प्रसारित प्रोग्राम (इसे सीएनबीसी आवाज पर हिन्दी में डब कर टेलिकास्ट किया गया था, बाद में मेरे एक मित्र ने फोन कर मुझे बताया) में से रतलामी सेव को कवर करती डेढ़ मिनट की स्टोरी आप एक बार फिर से नीचे यू-ट्यूब के एम्बेडेड वीडियो कड़ी पर देख सकते हैं.

इस बीच, केडीई4 के हिन्दीकरण के लिए राजीवगांधी फ़ाउन्डेशन व सराय के संयुक्त तत्वावधान में मेरी (लगातार, चौथी) परियोजना स्वीकृत की गई है. छः महीने की इस परियोजना में कोई डेढ़ लाख से ऊपर हिन्दी वाक्यांशों का अनुवाद/पुनरीक्षण/संशोधन सम्मिलित है. तो इस बीच पाठकों को हिन्दी चिट्ठाकारी में यदा-कदा मेरी शीतनिष्क्रियता सी महसूस हो सकती है – खासकर टिप्पणी लेने-देने व पाठकों की टिप्पणियों के जवाब देने के मामले में – इस हेतु आप सभी से अग्रिम क्षमा.

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बढ़िया। हार्दिक बधाई। आप इसी तरह शोहरत की नित नई बुलंदियों को छूते रहें।

बधाई। आपके साथ हिन्दी भी नये मुकाम पर पहुंचे यही कामना।

बढ़िया बधाई। यह कार्यक्रम देखने के चक्कर में दो घंटे लेट हो गये मुंबई में! :)

आपका कार्यक्रम देखा और अच लगा, हाँ नाकाफी ज़रूर था. केडेई ४ के हिन्दीकरण की परियोजना स्वीकृत होने के लिए बधाई.

अभी अभी IBN की वेबसाइट पर आपका कार्यक्रम देखा.
http://www.ibnlive.com/videos/48779/09_2007/mera_gaon_mera_bandwidth3/mera-gaon-mera-bandwidth-rural-indias-techies.ह्त्म्ल

बधाई हो बधाई :) !!

रवि जी हम आधे घंटे का पूरा प्रोग्राम देखना चाहते हैं। कृपया कोई व्यवस्था करें, हमारे यहाँ केबल न होने से हम टीवी पर न देख सके।

ratlami ji aapka blog aur aap wakai badhai ke patra hain . in sabhi uplabdhiyon ke liye bhi aapko badhai.
sambhav ho to visit karen
www.abhishek-singhal.blogspot.com

dhnyawad
abhishek

श्रीश जी, पूरा कार्यक्रम पूरे भारत देश के उन कम्प्यूटर प्रयोक्ताओं पर केंद्रित था जो छोटे शहरों के हैं. तमिलनाडु के गांव, राजस्थान के अलवर इत्यादि की स्टोरी बड़ी थी - संभवतः विजुअल और ग्लैमर अधिक रिच था इसलिए. हिन्दी ब्लॉगिंग को डेढ़ मिनट का समय दिया गया था जिसे मैंने रेकॉर्ड किया था - पूरा प्रोग्राम नहीं.

बधाई हो आपका कार्यक्रम देख कर अच्छा लगा

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
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