बुधवार, 22 अगस्त 2007

भोपाल में हिन्दी चिट्ठा कार्यशाला

मित्रों, भोपाल में दिनांक 26 अगस्त, रविवार को शाम 4.30 बजे से 7.30 बजे तक हिन्दी चिट्ठाकारी कार्यशाला प्रस्तावित है. कार्यशाला संभवतः दैनिक भास्कर प्रेस स्थल पर आयोजित होगी.

तो जो बंधु भोपाल के आसपास के हैं या उस दिन भोपाल आ सकते हैं व अपना स्वयं का हिन्दी चिट्ठा प्रारंभ करना चाहते हैं, या हिन्दी चिट्ठों से संबंधित समस्याएँ सुलझाना चाहते हैं, वे कार्यशाला में सादर आमंत्रित हैं.

कार्यशाला में हिन्दी चिट्ठे बनाने की विधि, पुराने हिन्दी फ़ॉन्ट जैसे कृतिदेव इत्यादि से मंगल फ़ॉन्ट में बदलने की विधि व उसे अपने चिट्ठों पर प्रकाशित करने की विधि बताई जाएगी. व इसके लिए आवश्यक मुफ़्त औजार भी उपलब्ध करवाए जाएंगे.

अधिक जानकारी के लिए व अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए श्री महेश परिमल, दैनिक भास्कर भोपाल से उनके मोबाइल नं – 99772 76257 से संपर्क करें.

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13 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें:

  1. अच्छी खबर्!! निश्चित ही भोपाल व आसपास के ऐसे लोग जो हिन्दी चिट्ठाकारी से जुड़ना चाहते हैं या फ़िर किसी दिक्कत का सामना कर रहे हैं उनके लिए फ़ायदेमंद!!
    आयोजक बधाई के पात्र हैं, शुभकामनाएं!
    ऐसे आयोजन हर शहर मे होते रहने चाहिए!!

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  2. रवि भाई, ये बहुत अच्छा कार्य हो रहा है, ऐसी कार्यशालाएं देश भर मे आयोजित होनी चाहिए। रवि भाई इस कार्यशाला का मटैरियल अन्य चिट्ठाकारों को भी उपलब्ध कराइएगा, ताकि वे भी आपके बताए तरीके से इस तरह की कार्यशालाएं आयोजित करा सकें।

    रवि भाई, इस आयोजन को मीडिया मे प्रचारित करिए, विशेषकर हिन्दी अखबारों में। ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ।

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  3. मेरी बात ऊपर जितेंद्र ने कह दी है। आपको एक मेल भेज रहा हूँ।

    दिल्‍ली में कार्यशालाएं अगस्‍त में हो नहीं पाईं अब सितम्‍बर में प्रस्‍तावित हैं। पहिए का पुन: अविष्‍कार करने से अच्‍छा होगा कि आपकी ही किट प्रयोग में लाई जाए उसी में कुछ जोड़ घटा लेंगे।

    शुभकामनाएं

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  4. सत्कार्य, सार्थक कार्य, बहुत अच्छा उद्यम।

    किन्तु हिन्दी चिट्ठाकारी से अनभिज्ञ लोग तो अखबारों के जरिये ही इस सुसमाचार को सुन और गुन सकते हैं।

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  5. विष्णु जी को जरूर बुलाईये. वैसे हर सोमवार को एक अघोषित कार्यशाला दिल्ली में भी चलती है लेकिन चर्चा सार्वजनिक न करने के लिए वचनब्ध हूं. मसिजीवी जिस बड़े वर्कशाप की बात कर रहे हैं अपने-अपने स्तर पर सब उसकी रूपरेखा बना रहे हैं.

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  6. अच्छी बात है। हिन्दी का प्रभाव बढ़ेगा ही।

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  7. बहुत बढ़िया.शुभकामनायें.

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  8. सराहनीय प्रयास। जब स्थानीय समाचार पत्रो मे यह सूचना दे तो विस्तार से लिखे ताकि अधिक से अधिक लोग आ सके।

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  9. रवि जी, आप यह बहुत भला काम कर रहे हैं. मैं तो आपका और भी शुक्रगुजार हूं कि आप एसा मेरे शहर भोपाल में आकर कर रहे हैं.

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  10. रवि जी को ख़ां भोअपाल में अपन का बचपन बीत हे ।
    जे सिखाने का काम अपन के शहर से सुरू हो रिया हे । मुबारकबाद ले लो ख़ां ।

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  11. उस्‍तादजी,

    मुझ जैसे 'नवजातों' के लिए इससे अच्‍छी खबर और क्‍या हो सकती है । लेकिन 26 को मुझे मेरे बेटे की, बी ई काउन्सिलिंग के लिए इन्‍दौर में रहना पडेगा ।

    भोपाल से निपट आईए, फिर रतलाम में ऐसी वर्कशाप की योजना बनाइए । रतलाम वैसे तो जंग लगा कस्‍बा है लेकिन उम्‍मीद है कि लोग आपको भरपूर व्‍यस्‍त रखेंगे ।

    भोपाल से लौट कर खबर दीजिएगा ताकि रतलाम वर्कशाप की योजना बनाने के लिए आपकी सेवा में उपस्थित हो सकूं ।

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  12. संजीत जी, धन्यवाद. जीतू भाई, महेश जी से कहा तो है, देखते हैं वे क्या करते हैं. मसिजीवी जी आपको मैंने ईमेल कर दिया है. वैसे औजार वही हैं जो हम आप इस्तेमाल करते हैं - बस लोगों को बताना है कि कैसे करना है. अनुनाद जी, धन्यवाद. संजय जी, विष्णु जी के लिए हमारा दर तो हमेशा कार्यशाला है- वे ही नाहक संकोच करते हैं. उन्मुक्त जी, समीर जी, अवधिया जी, मैथिली जी, धन्यवाद. यूनुस जी - को खां, बधाई ले ली खां, अपुन ने भी अपनी पहली-दूसरी कक्षा सीहोर में पूरी की है. बैरागी जी, मैंने पहले भी कहा है - मेरा दर आपके लिए और सभी के लिए हमेशा कार्यशाला है - संकोच न पालें आप सभी का हर समय हरदम स्वागत् है :)

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  13. ऐसी कार्यशाला बम्बई में भी हो तो कितना अच्छा हो। बहुत ही नेक कार्य करने जा रहे हैं। इस कार्यशाला में जो भी कार्यवाही हो उसकी जानकारी भी अगर बाद में दें तो आभारी होगें।

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