गुरुवार, 3 मई 2007

मई फूल


अप्रैल फूल तो बहुत से लोगों ने बनाया.

चलिए, मैं आपको मई फूल बनाता हूँ :)

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27 अप्रैल 2007


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बन गए न, मई फूल!

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10 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें:

  1. कितना अच्छा लग रहा था एक उम्मीद थी फ़ूल खिलेगा सारी खत्म कर दी अब तो सब को पता है कल मुरझा जायेगा

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  2. चिट्ठे के नये हेडर पर अभी नजर गई...
    बहुत अच्छा है...सादा, सुन्दर और Creative..

    फूल तो फूल है ही, उसके बारे में क्या कहूँ :)

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  3. हम्म खूब फूल बनाया (खिलाया) :)

    चिट्ठे का नया हैडर जँच रहा है। बस ब्लॉग की जगह ब्लाग लिख दिया।

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  4. सुंदर है। धीरज के साथ लिए गए चित्र।

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  5. श्रीश जी,
    नए हेडर में ब्लाग जानबूझ कर लिखा है. भारत के अन्य लिपियों में ब्लॉग लिखने की सुविधा ही नहीं है! सभी लिपि में एक समान रहे इसीलिए ब्लाग लिखा है!

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  6. बहुत सही. बड़े धीरज के साथ पल कैद किये गये हैं.

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  7. बहुत सुन्दर फूल है ! इन्हे देख फूल बनना बुरा नही लगता

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  8. ब्लाग मस्तक पर विभिन्न लिपियों में लिखा भला लग रहा.
    एक छोर पर जो यंत्र लगाया है, उसका क्या अर्थ है :)

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