टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

मई फूल


अप्रैल फूल तो बहुत से लोगों ने बनाया.

चलिए, मैं आपको मई फूल बनाता हूँ :)

25 अप्रैल 2007


27 अप्रैल 2007


29 अप्रैल 2007


30 अप्रैल 2007


1 मई 2007

बन गए न, मई फूल!

संबंधित चिट्ठा - आसमां से टपका एक हीरा मेरे अंगने!

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कितना अच्छा लग रहा था एक उम्मीद थी फ़ूल खिलेगा सारी खत्म कर दी अब तो सब को पता है कल मुरझा जायेगा

चिट्ठे के नये हेडर पर अभी नजर गई...
बहुत अच्छा है...सादा, सुन्दर और Creative..

फूल तो फूल है ही, उसके बारे में क्या कहूँ :)

बहुत सुन्दर.

हम्म खूब फूल बनाया (खिलाया) :)

चिट्ठे का नया हैडर जँच रहा है। बस ब्लॉग की जगह ब्लाग लिख दिया।

सुंदर है। धीरज के साथ लिए गए चित्र।

श्रीश जी,
नए हेडर में ब्लाग जानबूझ कर लिखा है. भारत के अन्य लिपियों में ब्लॉग लिखने की सुविधा ही नहीं है! सभी लिपि में एक समान रहे इसीलिए ब्लाग लिखा है!

बहुत सही. बड़े धीरज के साथ पल कैद किये गये हैं.

बहुत सुन्दर फूल है ! इन्हे देख फूल बनना बुरा नही लगता

ब्लाग मस्तक पर विभिन्न लिपियों में लिखा भला लग रहा.
एक छोर पर जो यंत्र लगाया है, उसका क्या अर्थ है :)

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