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गुरुवार, 15 फ़रवरी 2007

विंडोज़ विस्ता पर हिन्दीमयी प्रथम नज़र...



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यूँ तो इंटरनेट में हर संभव स्थल पर तथा तमाम तकनीकी पत्र-पत्रिकाओं में विंडोज़ विस्ता पर हजारों समीक्षाएँ आ चुकी हैं और हर एक ने अपने-अपने हिसाब से विंडोज़ विस्ता को समान रूप से भला और बुरा कहा है. परंतु हिन्दी में, तथा विंडोज़ विस्ता की हिन्दी भाषा की काबिलियत और सुविधाओं के बारे में बातें करती समीक्षा अब तक कहीं पढ़ने में नहीं आई थी.

तो लीजिए आपके लिए प्रस्तुत है विंडोज़ विस्ता पर हिन्दी में, हिन्दी के हिसाब से समीक्षा.

हालांकि विंडोज़ विस्ता के लिए हार्डवेयर की न्यूनतम आवश्यकताएँ मुझे पता थीं, परंतु फिर भी मैंने अपने 2.8 मे. हर्त्ज, 256 रैम युक्त पीसी पर इसे संस्थापित करने की कोशिश की जो कि जाहिर है नाकाम रही. विंडोज़ विस्ता के लिए न्यूनतम रैम 512 मे.बा. है, अन्यथा इसकी संस्थापना आरंभिक स्क्रीन के पश्चात् आगे ही नहीं बढ़ती. मजबूरन मुझे बाजार की ओर दौड़ना पडा - रैम खरीदने. यह समीक्षा जो लिखनी थी.

कम्प्यूटर का रैम 512 मे.बा. बढ़ाने के बाद संस्थापना फिर से चलाया गया. आगे के दो चरणों के बाद इसके संस्थापक ने न्यूनतम हार्डडिस्क की जगह 6.8 गी.बा. बताई (संस्तुति तो 8.3 गी.बा. की की गई थी!), वह भी एनटीएफ़एस पार्टीशन पर. विंडोज़ विस्ता सुरक्षा के प्रति चिंतित है अतः उसने असुरक्षित एफ़एटी पार्टीशन को अलविदा कर ही दिया. चूंकि जगह पर्याप्त नहीं थी, विंडोज़ विस्ता की संस्थापना फिर अटक गई. मेरे दोनों, 20 तथा 80 गीबा हार्ड डिस्क में कई-कई पार्टीशन हैं, और दो-तीन क़िस्म के लिनक्स भी संस्थापित हैं. किसी में भी एक साथ इतनी जगह खाली नहीं थी. मजबूरन एक पार्टीशन को जैसे तैसे खाली किया और उसे एनटीएफ़एस पार्टीशन में परिवर्तित किया.

तीसरी दफ़ा विंडोज़ विस्ता की संस्थापना आगे बढ़ी जो करीब एक घंटे में पूरी हुई. इसके आरंभिक संस्थापना स्क्रीन में एक नई चीज़ का अनुभव होता है. आरंभिक चयन के दौरान ही भाषा व कुंजीपट चुनने के विकल्प मिलते हैं. चूंकि संस्थापित किया जा रहा विंडोज़ विस्ता अल्टीमेट अंग्रेज़ी (हिन्दी संस्करण अभी वर्तमान में अनुपलब्ध है) संस्करण का था अतः इसकी भाषा में अंग्रेज़ी के अलावा अन्य विकल्प नहीं था, परंतु कुंजीपट में विश्व की तमाम भाषाओं में से चुनने का विकल्प था जिसमें हिन्दी भी एक थी. मैंने, जाहिर है हिन्दी कुंजीपट ही चुना. इसमें हिन्दी का डिफ़ॉल्ट कुंजीपट इनस्क्रिप्ट है. संस्थापना पूरा होने पर मेरे कम्प्यूटर का डिफ़ॉल्ट कुंजीपट हिन्दी हो गया जो कि लॉगइन स्क्रीन से ही प्रभावी था. परंतु राहत की बात यह थी कि लॉगइन स्क्रीन पर ही कुंजीपट भाषा बदलने की पट्टी थी और ऑल्ट+शिफ़्ट के जरिए हिन्दी तथा अंग्रेज़ी कुंजीपट में टॉगल किया जा सकता था. बाद में नियंत्रण पटल पर अतिरिक्त कुंजीपट लगाया जा सकता है, जिनमें हिन्दी पारंपरिक भी शामिल है. परंतु संस्थापना के दौरान एक दफ़ा मुख्य भाषा हिन्दी तय कर लेने के बाद डिफ़ॉल्ट को वापस अंग्रेज़ी में करने की कोई विधि मुझे नहीं दिखी.

एक बार संस्थापना चालू हो जाने के बाद इसका एनीमेटेड कर्सर घंटे भर घूमता रहा. न तो स्क्रीन पर बताया गया कि क्या हो रहा है और न ही यह बताया गया कि कितनी देर तक होता रहेगा.

यदि आप अपने इन चुनावों में संस्थापना के दौरान बाद में कुछ परिवर्तन करना चाहेंगे तो यह संभव नहीं है, चूंकि संस्थापना स्क्रीन में कहीं पर भी बैक (पीछे जाएँ) का बटन नहीं है.

संस्थापना पूर्ण होने के बाद पता चला कि विंडोज़ विस्ता मेरे कम्प्यूटर के पीसीआई-लैनकार्ड (रीयलटैक) व ऑनबोर्ड ऑडियो को स्वचालित कॉन्फ़िगर नहीं कर पाया. जबकि विंडोज़ एक्सपी पर ऐसी कोई समस्या नहीं आई थी. लैनकार्ड के पुराने ड्राइवर को तो इसने पहचानने से ही इनकार कर दिया.

विंडोज़ विस्ता की संस्थापना के उपरांत आपको पहली चीज आकर्षित करती है - इसकी साज सज्जा. बहु चर्चित ट्रांसल्यूसैंट 3डी डेस्कटॉप (जो कि हार्डवेयर पर निर्भर है अन्यथा अक्षम ही रहता है) के साथ आकर्षक रंगों, व थीम के साथ तथा कुछ बढ़िया वॉलपेपर जो आपके चुनते ही स्वतः बदल जाते हैं, के साथ आपका स्वागत होता है. प्रोग्राम मेन्यू को नया रूपाकार दिया गया है - (चालू करने का बटन तो है, परंतु स्टार्ट बटन नहीं!) जो कि स्वचालित ड्रापडाउन तो होता ही है, स्वचालित नेविगेट भी होता है. प्रोग्रामों को नए रूप में जमाया गया है जिससे विंडोज़ के पुराने प्रयोक्ताओं को उन्हें शुरू में ढूंढना पड़ सकता है. कुछ नए खेल भी सम्मिलित किए गए हैं जिनमें शतरंज भी एक है. माइन्सस्वीपर को अपग्रेड किया गया है - और अब बम एक-एक कर आवाज के साथ, धुआँ छोड़ते हुए फूटते हैं. आवाज निर्धारक (वॉल्यूम) पट्टी में यूवी मीटर अंतर्निर्मित है, जो कि संगीत के साथ नाचता है. स्क्रीन कैप्चर करने के लिए एक नया, स्निपी औजार दिया गया है जिसमें आप कैप्चर किए विंडो स्क्रीन में अलग रंग से हाईलाइट भी कर सकते हैं.

विंडोज़ एक्सप्लोरर का पूरा कायाकल्प कर दिया गया है. सबसे ऊपर फ़ाइलों को खोजने के लिए छोटा सा इनपुट बक्सा दिया गया है, जो लिखते-लिखते ही फ़ाइलों को मौजूदा डिरेक्ट्री में ढूंढता है. मैंने ‘कहानी' अक्षर युक्त फ़ाइलों के लिए ढूंढना चाहा तो इसने तत्काल ही उस डिरेक्ट्री में मौजूद चार फ़ाइलों को सामने प्रस्तुत कर दिया. परंतु जब मैंने इसमें दिए विकल्प - फ़ाइलों के भीतर शब्दों में खोजें विकल्प को चुना तो कम्प्यूटर हैंग ही हो गया. इसी तरह, एक स्क्रीन कैप्चर प्रोग्राम स्निपी (विंडोज़ विस्ता के साथ उपलब्ध स्निपी औजार नहीं) को चलाने पर विंडोज़ विस्ता प्रायः हर बार क्रैश हुआ व स्वचालित पुनः प्रारंभ हुआ. विंडोज़ एक्सप्लोरर में विभिन्न फ़ोल्डरों के बीच नेविगेशन को सरल बनाया गया है - नेविगेशन लिनक्स के कॉन्करर शैली का है, परंतु थोड़ा उन्नत है. फ़ोल्डर ब्राउज़ व्यू में प्रविष्टियाँ खिड़की की उपलब्धता के अनुसार आगे-पीछे स्वचालित होती हैं, जिससे कार्य निष्पादन में आसानी होती है.

विंडोज़ विस्ता में सुरक्षा को हर स्तर पर ध्यान में रखा गया है. जैसे ही कोई नया प्रोग्राम सेटअप करते हैं या सिस्टम स्तर की कोई सेटिंग करते हैं इसका ‘यूजर अकाउन्ट कंट्रोल' आपसे अनुमति मांगता है. बगैर अनुमति लिए यह आपके लॉक किए स्क्रीन को छोड़ता नहीं है. यदा कदा चालू करने व बंद करने के दौरान यह काफी समय लगाता है.

विंडोज़ एक्सपी के नोटपैड में तो पहले से ही यूनिकोड हिन्दी समर्थन था, परंतु वर्डपैड में समर्थन बगी किस्म का था. विंडोज़ विस्ता का वर्डपैड अब पूरी तरह यूनिकोड हिन्दी को समर्थित करता है. जब आप इसमें हिन्दी में लिख कर कुछ सहेजते हैं तो यह यूनिकोड पाठ में सहेजने के लिए एक विकल्प भी देता है.

विंडोज़ विस्ता का आरंभिक इस्तेमाल करते समय जाने क्यूँ हर समय लगता रहा जैसे लिनक्स वातावरण में कॉन्करर और केडीई के साथ काम कर रहे हों. और, उधर, इसी आश्चर्यजनक तरीके से, फ़ेदोरा कोर 7 में प्रोग्राम मेन्यू को विंडोज़ शैली में सरल और उपयुक्त बनाया गया है. तो, इसका अर्थ क्या हुआ? विंडोज़ लिनक्स की तरह बनने चला है - कुछ कुछ गीकी और सुरक्षित तो लिनक्स विंडोज़ का रुप धरने चला है - कुछ कुछ सरल और इस्तेमाल में आसान. बढ़िया है!

यूं तो विंडोज़ विस्ता की तकनीकी विशेषताएँ और भी बहुत हैं, जिनका वर्णन इस आलेख की विषय सीमा के बाहर है, परंतु इतना तो तय है कि विंडोज विस्ता धीरे से लोकप्रियता की सीढ़ियाँ चढ़ेगा और आपका कम्प्यूटिंग काम आसान बनाने के साथ-साथ खासा सुरक्षित भी रहेगा.

मेरा अंतिम मत? - विंडोज़ विस्ता आपके वर्तमान ऑपरेटिंग सिस्टम तथा वर्तमान कम्प्यूटर के अपग्रेड के लिए नहीं है. यदि आप नया कम्प्यूटर ले रहे हैं, तभी विंडोज़ विस्ता के बारे में सोचें, अन्यथा आपको हार्डवेयर के लिए बाजार की ओर दौड़ तो लगानी ही होगी, और हो सकता है कि आपके कुछ पुराने हार्डवेयर और सॉफ़्टवेयर काम ही न करें. मगर, फिर, आपके अपने पुराने कबाड़ बनते जा रहे कमप्यूटर से छुटकारा पाने का क्या यह उचित समय नहीं है?

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10 टिप्‍पणियां:

  1. Jagdish Bhatia9:31 pm

    बहुत अच्छी समीक्षा।
    हिंदी प्रयोग करने वालों के लिये।

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  2. बढ़िया बताया नहीं तो हम चले जाते बाजार खरीद्नने के लिये!

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  3. धन्यवाद । अच्छी जानकारी दी है । भई यह विस्ता हमारे लिए नहीं है ।

    घुघूती बासूती
    ghughutibasuti.blogspot.com

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  4. वाह अच्छी समीक्षा लिखी आपने। पर विस्टा अपने बस में नहीं अभी। क्या मेरे १ गीगाहर्टज के प्रोसेसर पर चल सकती है। रैम तो खैर कम है ही १२८ एमबी।

    और फिर विस्टा की कीमत ?

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  5. संजय बेंगाणी10:12 am

    अच्छी विस्तृत समिक्षा.

    काफी माथापच्ची की आपने. :)

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  6. अच्छी जानकारी दी आपने, इसकी कीमत के बारे में भी कुछ बताईये
    ॥दस्तक॥

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  7. विंडो विस्ता और हिंदी के संदर्भ में उसकी सुसंगतता पर बहुत ही अच्छी समीक्षा . हिंदी को ऐसी नवीनतम तकनीकी जानकारी से सम्पन्न और समृद्ध करने के लिये आप साधुवाद के पात्र हैं.

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  8. आपको ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और वेलिडेशन को करना ही पड़ा होगा? नकलचियों को टाटा-बाई-बाई?कृपया सम्पुष्टि करें?

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  9. बेनामी8:02 pm

    kahaa tak bhaage upgradation ke saath ? samiksha achchhi hai.

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