सोमवार, 1 जनवरी 2007

हिन्दी के लिए नव वर्ष का नायाब तोहफ़ा..

अंतत: अभिव्यक्ति / अनुभूति यूनिकोड पर

हिन्दी साहित्य को इंटरनेट पर पहचान देने में प्रतिबद्ध अभिव्यक्ति और अनुभूति ने नए साल में अंतत: यूनिकोड का आवरण पहन ही लिया.

हिन्दी के विकास को नि: संदेह इससे नई दिशा मिलेगी. हालाकि पुराने पन्ने अभी भी शुषा फ़ॉन्ट में ही हैं, परंतु अब गूगल के गैर यूनिकोडित हिन्दी को भी ढूंढ लेने की क्षमता की वजह से अब पुराने पन्नों को यूनिकोडित करना वैसे भी गैर जरूरी रह गया है.

फ़ॉर्मेटिंग में कुछ समस्या है - जैसे कि फ़ॉयरफ़ॉक्स पर सामग्री - पृष्ठ जस्टीफ़ाई होने के कारण टूटी दिखती है - परंतु इसे शीघ्र ही दूर कर लिया जाएगा ऐसी उम्मीदें हैं.

टीम अभि को बधाईयाँ.

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5 blogger-facebook:

  1. वाह ! यह तो वाकई अच्छा समाचार है। यूनीकोड हिन्दी से सिर्फ पढ़े जाने वाला ही लाभ नहीं जुड़ा है बल्कि इससे शब्द-संपादन भी आसानी से संभव हो जाता है जो की अयूनीकोडित हिन्दी में बहुत उबाऊ और कठिन कार्य है।
    रवि जी नववर्ष की शुभकामनाएं।

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  2. बेनामी5:47 pm

    ये तो अच्छा समाचार दिया आपने :)

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  3. नए साल की अच्छी शरूआत

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  4. बेनामी9:14 pm

    नव वर्ष में सुंदर समाचार. आगे अनेकों ऐसे प्रयासों की आकांक्षा. धन्यवाद, सूचना के लिये.

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  5. यह बड़ी सुकून देने वाली ख़बर है. ऐसी कोई भी ख़बर सुनता हूं तो वो दिन बरबस याद आ जाते हैं जब हमारी हिंदी इंटरनेट पर बेबस थी.

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