सोमवार, 20 नवंबर 2006

ओशोपुरम रतलाम में?

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महा आनंद के साथ महा निर्वाण...

अगर आपको ओशो-नुमा, महा-आनंद के साथ-साथ महा-निर्वाण प्राप्त करना है तो आप आमंत्रित हैं रतलाम. यहाँ एक ऐसा ही स्थल है जहाँ आपके लिए यह सुविधा एक ही स्थल पर, एक साथ उपलब्ध है. मसीही कब्रस्तान के ठीक सामने महाकाल छोले टिकिया और महाकाल पानी पताशे!

सचमुच, नायाब जोड़ है कि नहीं?

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6 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें:

  1. कभी रतलाम आना हुआ, तो महा आनन्द प्राप्त करने की चेष्टा अवश्य करूंगा। महा निवार्ण की अभी कोई इच्छा नहीं है :-)

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  2. हा हा, है तो नायाब!! :)

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  3. आपै बताओ क्या है मामला.छोले वाले का इंटरव्यू लीजिये. पूछिये ब्लाग काहे नहीं लिखता जितनी देर ग्राहक नहीं रहते.

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  4. बेनामी9:00 am

    अनेकता में एकता । सुंदर चित्र ।

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  5. तस्वीर देख कर हमें तो हँसी आ रही है. क्या खुब पकड़े हो. छोले खाओ, अंदर जाओ.
    अंदर जाने का रास्ता हमारे छोले की प्लेट से हो कर जाता है.

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  6. बेनामी5:34 pm

    बहुत सही

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