माइक्रोसॉफ़्ट का नया, भारतीय-बहुभाषी फ़ॉनेटिक इनपुट औज़ार

माइक्रोसॉफ़्ट का नया, भारतीय-बहुभाषी फ़ॉनेटिक इनपुट औज़ार.
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लगता है कि भारतीय भाषाओं के लिए फ़ॉनेटिक इनपुट औजार ही अंततः लोकप्रिय और काम का होगा, भले ही इसमें एकाधिक कुंजियाँ ज्यादा दबानी पड़ती हों. फ़ॉनेटिक का अर्थ यह कि अंग्रेज़ी कुंजीपट में अगर हिन्दी में ‘कहानी’ टाइप करनी हो तो हमें टाइप करना होगा – kahaanii. चूंकि आपने इसे अंग्रेज़ी में टाइप किया हुआ है, तो भारतीय भाषाओं की इस ‘ख़ासियत’ कि जैसा बोला जाता है, वैसा ही लिखा जाता है, इसे कंप्यूटर प्रोग्रामों की मदद से आसानी से दूसरी भारतीय भाषाओं मसलन गुजराती या पंजाबी में भी बदला जा सकता है.

माइक्रोसॉफ़्ट ने भारतीय भाषाओं की इसी विशेषता को ध्यान में रखते हुए खास “माइक्रोसॉफ़्ट फ़ॉनेटिक इनपुट औजार” बनाया है. इसकी प्रमुख खासियत ही यही है कि यह एक भाषा में लिखी इबारतों को दूसरी भाषा में, तथा फ़ॉनेटिक अंग्रेज़ी में भी आसानी से परिवर्तित (अनुवाद नहीं) कर देता है. तो, अगर आप बहुभाषी हैं – जैसा कि आमतौर पर हम सभी भारतीय होते हैं, हमारे लिए यह बड़े ही काम की चीज है. उदाहरण के लिए, अब मैं एक साथ ही - हिन्दी और पंजाबी में चिट्ठे लिख सकता हूँ. मेरे हिन्दी में लिखे चिट्ठे पंजाबी में भी छप सकते हैं, बस, थोड़े से भाषा विन्यास, व्याकरण और हिज्जे बदलने होंगे. या फिर, ‘लगे रहो मुन्नाभाई’ के ‘मुम्बइया-फ़िल्मी’ भाषा में पोस्ट तो भारत की किसी भी भाषा की लिपि में लिखा जा सकता है- और लोग आनंद लेकर पढ़ेंगे भी! यानी कि अब मैं भले ही तेलुगु नहीं जानता होऊँ, परंतु तेलुगु में लिख सकता हूँ, और तेलुगु पढ़ भी सकता हूँ – तेलुगु पाठ को फ़ॉनेटिक अंग्रेज़ी या फिर अपनी जानी पहचानी भाषा जैसे कि हिन्दी, में परिवर्तित कर!

संस्थापना में सरल :

मात्र 330 किबा का यह औजार आकार में छोटा है, मगर काम में बड़ा है. अभी इसका बीटा संस्करण जारी किया गया है. इसकी संस्थापना अत्यंत आसान है. इसका सेटअप प्रोग्राम चलाने पर यह स्वयमेव संस्थापित हो जाता है और आपके कंप्यूटर पर कार्य पट्टी पर डिफ़ॉल्ट विन्यास सहित इस औजार की भाषा पट्टी दिखाई देने लगती है. लेकिन इसका प्रोग्राम डाउनलोड खीझ भरा और कष्टकारी है. इस प्रोग्राम को डाउनलोड करने के लिए आपको माइक्रोसॉफ़्ट की साइट पर पंजीकृत होना होगा http://connect.microsoft.com/ , फिर वे एकाध दिन बाद आपके ईमेल पते पर डाउनलोड की कड़ी देंगे. वहां भी आपको अलग से पंजीकृत होना होगा. शायद बीटा प्रोग्राम के कारण ऐसा किया गया हो और हो सकता है, जब यह प्रोग्राम पूरी तरह जारी हो जाए तो हमें डाउनलोड की ऐसी कष्ट कारी समस्या का सामना नहीं करना पड़े. हाँ, कुछ भाषाओं में समर्थन हेतु अभी इसके बीटा संस्करण में यह आवश्यक है कि आपके विंडोज़ में सर्विस पैक 2 संस्थापित हो, या कुछ भाषा, जैसे कि असमिया के लिए आपके पास विंडोज विस्टा हो.

उपयोग में आसान :
माइक्रोसॉफ़्ट फ़ॉनेटिक इनपुट औजार उपयोग में अत्यंत आसान है. इसकी संस्थापना के पश्चात् आपके कंप्यूटर की कार्य पट्टी पर, तंत्र तश्तरी (सिस्टम ट्रे) के पास इसका प्रतीक आ जाता है. इसका विस्तृत भाषा पट्टी देखने के लिए इसे बड़ा भी कर सकते हैं. इसकी तैरती हुई भाषा पट्टी को आप सुविधानुसार कहीं पर भी रख सकते हैं. वैसे, सबसे ऊपर या सबसे नीचे ज्यादा सुविधाजनक होता है. एक बार संस्थापित होने के बाद ‘ऑल्ट+शिफ़्ट’ कुंजीपट के जरिए विविध भाषाओं में टॉगल कर सकते हैं या माउस क्लिक के जरिए वांछित भाषा का चुनाव कर सकते हैं. वांछित भाषा चुनकर आप सीधे ही विंडोज के किसी भी अनुप्रयोग में काम कर सकते हैं. चाहे वह नोटपैड हो, ब्राउज़र हो या ऑफ़िस सूट.

इनस्क्रिप्ट भी उपलब्ध

अगर आप इनस्क्रिप्ट के आदी हैं या इसमें टाइप करने में सुविधा देखते हैं तो यह सुविधा भी इसमें मिलती है. विंडोज़ के डिफ़ॉल्ट इनस्क्रिप्ट कुंजीपट को भी यह समर्थित करता है, तथा उसमें लिखी सामग्री का इस्तेमाल अन्य भाषाओं में बखूबी परिवर्तित करने के लिए करता है.
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भाषाओं के लिए उपलब्ध समर्थन :

इस औजार के जरिए हिन्दी और अंग्रेज़ी के अलावा बारह अन्य भारतीय भाषाओं में काम किया जा सकता है. माइक्रोसॉफ़्ट फ़ॉनेटिक इनपुट औजार में समर्थित भारतीय भाषाएँ निम्न हैं –

• असमी
• बंगाली
• गुजराती
• हिन्दी

कन्नड़
• कोंकणी
• मलयालम
• मराठी
• पंजाबी
• उड़िया

संस्कृत
• तमिल और,
• तेलुगु

एक से दूसरी भाषा में आसान परिवर्तन

किसी एक भारतीय भाषा में लिखे पाठ को इस औजार के जरिए दूसरी भाषा में आसानी से बदला जा सकता है. शर्त सिर्फ यही है कि पाठ यूनिकोड हो. इसके लिए पाठ को चुनें तथा भाषा पट्टी में दिए गए ‘चयनित को परिवर्तित करें’ (कन्वर्ट सलेक्शन) मेन्यू को चुनें, व वांछित भाषा चुनें. आपका चयनित पाठ तत्क्षण परिवर्तित हो जाता है. आपको अलग से कुछ करने की आवश्यकता ही नहीं होती. वैसे, अभी वर्तमान में यह सुविधा सिर्फ चुने हुए अनुप्रयोगों यथा - वर्डपैड तथा माइक्रोसॉफ़्ट वर्ड में मिल पाती है. माइक्रोसॉफ़्ट का कहना है कि इस सुविधा को बाद में सभी अनुप्रयोगों में लाया जाएगा. बहुभाषी भारतीयों के लिए तो यह सुविधा अत्यंत उपयोगी है ही, इस सुविधा से भारतीय भाषा के पाठ को अंग्रेज़ी फ़ॉनेटिक में भी बदला जा सकता है जिसके उस भाषा लिपि से अंजान व्यक्ति भी उस पाठ को पढ़ कर समझ सकता है, अगर वह उस भाषा की बोली को समझता है. और, हो सकता है कि भविष्य में इस औजार के जरिए हम किसी भारतीय भाषा में लिखे पाठ को स्वचालित तरीके से चाहे जिस अन्य भारतीय भाषा में पढ़ पाएँ – अनुवाद इत्यादि की सुविधा इसमें जुड़ जाए तब!

एक से दूसरी भाषा में परिवर्तन करने के पश्चात् उसे वापस उसी भाषा में या तीसरी भाषा परिवर्तित करने पर आपको विचित्र परिणाम भी मिल सकते हैं. जैसे कि कहानी को तमिल में बदलने के बाद वापस हिन्दी में बदलने पर खहानी हो जाता है. अतः एक बार से अधिक लूप में परिवर्तन नहीं करें, तथा मूल भाषा में लिखे गए पाठ से ही परिवर्तन करें, न कि पहले से ही परिवर्तित पाठ से. साथ ही यह आरंभिक संस्थापना में ही तमाम समर्थित भाषाओं के सभी कुंजीपटों को डिफ़ॉल्ट रूप में सक्रिय कर देता है जो कि एक प्रकार से अनावश्यक ही होता है. इसे औजार के सेटिंग में जाकर अवांछित कुंजीपटों को हटाना आवश्यक हो जाता है अन्यथा कुंजीपट टॉगल करने में समस्याएँ आती हैं. लिनक्स तंत्र में उपलब्ध इनपुट औजारों की तरह इसमें जोड़ (जैसे कि अंग्रेजी हिन्दी या अंग्रेजी गुजराती इत्यादि) बनाने की सुविधा नहीं है.


फिर भी, यह औजार है काम का. जब इसमें और सुविधाएँ जुड़ेंगी तो फिर बात ही क्या. एक उदाहरण स्वरूप नीचे का पाठ मैंने हिन्दी में ही लिखा है और इस औजार में उपलब्ध ‘चयनित को परिवर्तित करें’ मेन्यू कमांड से कई अन्य भारतीय भाषाओं में परिवर्तित किया है:

(कृपया ध्यान दें कि अगर आपके कम्प्यूटर पर एरियल यूनिकोड एमएस नहीं है, या संबंधित भाषा का यूनिकोड फ़ॉन्ट संस्थापित नहीं है, तो आपको संबंधित भाषा के सामने डब्बे दिखाई देंगे.)
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रविरतलामी का हिन्दी ब्लाग हिन्दी
రవిరతలామీ కా హిన్దీ బ్లాగ तेलुगु
ರವಿರತಲಾಮೀ ಕಾ ಹಿನ್ದೀ ಬ್ಲಾಗ कन्नड़
ਰਵਿਰਤਲਾਮੀ ਕਾ ਹਿਨ੍ਦੀ ਬ੍ਲਾਗ पंजाबी
ரவிரதலாமீ கா ஹிந்தீ ப்லாக तमिल
રવિરતલામી કા હિન્દી બ્લાગ गुजराती
रविरतलामी का हिन्दी ब्लाग संस्कृत
रविरतलामी का हिन्दी ब्लाग मराठी
रविरतलामी का हिन्दी ब्लाग कोंकणी(देवनागरी लिपि)
രവിരതലാമീ കാ ഹിന്ദീ ബ്ലാഗ मलयालम
রবিরতলামী কা হিন্দী ব্লাগ बंगाली
ରବିରତଲାମୀ କା ହିନ୍ଦୀ ବ୍ଲାଗ उड़िया
রবিরতলামী কা হিন্দী ব্লাগ असमिया
Ravirathalaamii kaa hindhii blaaga अंग्रेज़ी फ़ॉनेटिक

आप देख सकते हैं, कि ‘रविरतलामी का हिन्दी ब्लाग’ किस तरह, आसानी से, बहुभाषी हो गया.
विषय:

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Piyush

ये माईक्रोसोफ्ट का अच्छा
काम है और ये बात बताने के
लीये धन्यवाद. एक भारतीय
भाषासे दुसरी मे लिप्यांतर
जरा भी कठीन नहि -- ये सब जादु
युनिकोड और हमारे ऋषिओं का
है जिन्होने भाषा बनाइ.
युनिकोड मूलाक्षरो की
संख्या हरेक भाषामें समान
क्रममें ही रखता है, इस लीये
लिप्यांतर बहोत आसान हो
जाता है. थोडे वक्तमें ये
भोमियो http://www.bhomiyo.com पे भी आ
जायेगा.

Please check out the http://www.bhomiyo.com

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