शुक्रवार, 22 सितंबर 2006

और, मैं खुद को कोस रहा था...

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अद्यतन: कुछ मित्रों द्वारा सुझाए नए शीर्षक-
1 - यही कारण है कि तमाम विश्व में पर्यावरणवादियों की संख्या में इजाफ़ा हो रहा है!
2- पर्यावरणविद् बनने हेतु नया, ठोस कारण!
3- चलिए, अब तो कोई काम ही नहीं बचा, लिहाजा पर्यावरणविद् ही बन जाते हैं!

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3 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें:

  1. बेनामी2:09 am

    i like your post,
    and hat's of your work in linux...
    I seen your credit in indLinux project...
    keep it up!

    http://anjulsahu.blogspot.com/

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  2. बेनामी2:30 am

    कब, मैै भी िहंदी मे िलख सकंुगा ?
    please suggest me any tool for writing phonetic hindi in Linux(Redhat 4 AS) distribution.

    उत्तर देंहटाएं
  3. जी हाँ, आप भी हिन्दी लिख सकते हैं. आसानी से. रेडहेट पर आप इस चिट्ठे पर दिए गए फ़ॉनेटिक औजार की कड़ी के जरिए मॉजिल्ला या कॉन्करर वेब ब्राउज़र के जरिए लिख सकते हैं. हाँ, आपको कट/पेस्ट की सहायता लेनी होगी.

    दूसरा आसान विकल्प है- बोलनागरी नाम का एक फ़ॉनेटिक स्क्रिप्ट है - यह www.indlinux.org पर उपलब्ध है. इसे डाउनलोड कर संस्थापित करें व आराम से हर किसी अनुप्रयोग में हिन्दी में लिखें.

    उत्तर देंहटाएं

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