गुरुवार, 10 मार्च 2005

संतों के लिए विवाद...

शीर्षक ही काफ़ी है...

इस खबर का शीर्षक ही पूर्ण है पूरी कहानी कहने को, फिर क्या खबर और क्या खबरों की खबर... हे.. हे... हे.... हाय.. हाय... ऊँ.. ऊँ... (बहुत ज्यादा हँसने के बाद रोना आता ही है :)

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