रविवार, 6 फ़रवरी 2005

व्हेयर हिन्दी इज़ गोइंग?

बिकाज़ इंडिया हिन्दी इज़ गोइंग प्लेसेस...


(टाइम्स इन्टरनेशनल के लिए जारी विज्ञापन की क़तरन)

6 blogger-facebook:

  1. तस्वीर थोड़ी बड़ी करें तो साफ़ दिखेगा।

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  2. इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.

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  3. भाई आशीष, मुफ़्त की सेवा फ़्लिक्र से काम चल रहा है अत: काम में धुंधलापन तो आएगा ही... वैसे चित्रों के लिए तलाश जारी है... पर तब तक...

    रवि

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  4. बेनामी2:59 pm

    शायद मुझे समझ में न आया हो जो आप कहना चाह रहे हैं। लेकिन विज्ञापन की यह तस्वीर एक कल्पना है, हकीकत नहीं। इसी विज्ञापन कड़ी में और तस्वीरें हैं जिसमें एफिल टॉवर के नीचे नीबू पानी का स्टाल लगा है तो सिडनी में चाट का।

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  5. यह तस्वीर विज्ञापन की ही है, और काल्पनिक है. परंतु यह प्रदर्शित करती है कि हिन्दी में ब्लाग लिखने पढ़ने वाले सारे संसार में तेज़ी से फैल-बढ़ रहे हैं. है कि नहीं?

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  6. मुझे यह खयाल आ रहा है कि अब टेम्पो के पीछे भी ब्लागों के विज्ञापन लगाए जाएँ। वैसे नीतीश कुमार बड़े बोर्ड पर तो लगवा चुके थे।

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