टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

लहरों को कोई इल्जाम न दो...

सुनामी: कतरनें बोलती हैं…
*-*-*

हमें इसका ही इंतजार था. अन्यथा भारतीय मूल के टेड मूर्ति; जो प्रशांत महासागर के 26 देशों के लिए सुनामी भविष्यवाणी करने वाले तंत्र को स्थापित करने वाले महत्वपूर्ण वैज्ञानिक रहे हैं; ने भारतीय सरकार को कई दफा चेताया, बताया, अनुरोध किया, परंतु भारतीय इतिहास में सुनामी कभी आया ही नहीं था, लिहाजा सरकार को उस पर फालतू पैसे फेंकने की क्या जरूरत थी? अब अंतत: भारत के राष्ट्रपति ने सुनामी के गुज़र जाने के एक सप्ताह बाद घोषणा की है कि भारत में भी सुनामी भविष्यवाणी तंत्र लगाया जाएगा.

भारतीय सरकारी तंत्र के चलताऊ एटिट्यूड के बारे में ये क़तरनें जो कहती हैं क्या वे नाकाफ़ी हैं?


*-*-*
ग़ज़ल
*+*
न लगाओ कोई इल्जाम इन लहरों को
गिन रखे हैं खूब तुमने भी लहरों को

बातें प्रतिरोध की करते हो खूब मगर
सर से यूँ गुजर जाने देते हो लहरों को

कुछ भी असम्भव नहीं अगर ठानो तो
बहुतों ने बाँध के रख दिए हैं लहरों को

तुझमें जिंदगी है मस्ती भी मौज भी
आओ तैर के ये बात बताएँ लहरों को

अठखेलियों में है कितनी पहेलियाँ रवि
क्या कोई समझ भी पाया है लहरों को

//**//

विषय:

एक टिप्पणी भेजें

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
कृपया ध्यान दें - स्पैम (वायरस, ट्रोजन व रद्दी साइटों इत्यादि की कड़ियों युक्त)टिप्पणियों की समस्या के कारण टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहां पर प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

अन्य रचनाएँ

[random][simplepost]

व्यंग्य

[व्यंग्य][random][column1]

विविध

[विविध][random][column1]

हिन्दी

[हिन्दी][random][column1]
[blogger][facebook]

तकनीकी

[तकनीकी][random][column1]

आपकी रूचि की और रचनाएँ -

[random][column1]

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget