सोमवार, 30 अगस्त 2004

कु-न्याय

ये न्याय है या कु-न्याय ----- पिछली पोस्टिंग में बात न्याय में देरी के विषय में थी. बात आगे बढ़ाते हैं. उमा भारती को जेल के बजाए गेस्ट हाउ...

रविवार, 29 अगस्त 2004

अ-न्याय

न्याय, अन्याय और अ-न्याय ----------------- आइये डालते हैं पिछले दिनों की घटनाओं पर एक नज़रः ।। झारखंड में केंद्रीय मंत्री शिबू सोरेन को द...

शुक्रवार, 27 अगस्त 2004

मेरी ग़ज़लें

अशआरों में अर्थ नहीं ------------ मेरी ग़ज़लों को लेकर पाठकों की यदा कदा प्रतिक्रियाएँ प्राप्त होती रहती हैं. जो विशुद्ध पाठक होते हैं, व...

बुधवार, 25 अगस्त 2004

ओलंपिक और भारतीय कु-व्यवस्था

हो गया ओलंपिक ---------- हम भारतीय, एथेंस ओलंपिक में सिर्फ एकाध मेडल लेकर खुश हो रहे हैं कि भारत का ५७ सालों का व्यक्तिगत ओलंपिक पदक नहीं ...

शुक्रवार, 20 अगस्त 2004

५७ सालों की केंचुआ चाल

57 साल और केंचुए की चाल **** इंडिया टुडे ने अपने स्वतंत्रता दिवस विशेष में भारत की दयनीय स्थिति, उनके कारण और निवारण के बारे में विस्तार स...

बुधवार, 18 अगस्त 2004

राजनीति की हृदयहीनता...

हृदयहीन राजनीति *** हैदराबाद में पिछले दिनों बीमार बच्चों के कोमल हृदय को लेकर राजनीति का अजीब खेल खेला गया. कुछ नेताओं ने जिनमें मादिगा...

मंगलवार, 17 अगस्त 2004

भीगता भविष्य

बारिश में भीगता देश का भविष्य *** मेरे शहर में पंद्रह अगस्त के दिन सुबह से मूसलाधार बारिश हो रही थी. पंद्रह अगस्त के सांस्कृतिक कार्यक्रमो...

सोमवार, 16 अगस्त 2004

ओलंपिक में भारतीय उम्मीदें

ओलंपिक में नाउम्मीदी... **** फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंग ने भारत के ओलंपिक प्रदर्शनों पर टिप्पणी की है कि भारत में खेलों को राजनीति ने नाच गान...

बुधवार, 11 अगस्त 2004

ओलंपिक में भारत की नगण्य संभावना

ओलंपिक में नगण्य भारतीय संभावनाएँ कुछ दिनों पश्चात एथेंस में ओलंपिक खेलों का आयोजन होने जा रहा है. लगता है कि हम भारतीय इस कहावत को पूरी तर...

रविवार, 8 अगस्त 2004

ख्वाहिशें

भास्कर के रस रंग में ख्वाहिश पर ग़ज़ल मांगी गई. मैंने थोड़ीसी सी अक्ल लगाई और जोड़-तोड़ कर अपनी ख्वाहिश यूँ पेश की. अब यह जुदा बात है कि वे ...

शनिवार, 7 अगस्त 2004

पाठशाला बनाम भोजनशाला

पाठशाला बनाम भोजनशाला ********************************** मैंने अपने पिछले कुछेक ब्लॉग्स में अदूरदर्शी नीति द्वारा पाठशाला को भोजनशाला बन...

---------------------------------------------------------

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------