April 2018

साहित्य जगत् के कास्टिंग काउच

जब मैंने कोई पाव दर्जन से अधिक पांडुलिपियाँ लिख मारीं तो लगा कि इन्हें पूरी दुनिया के पाठकों तक पहुँचाने का अप्रतिम कार्य तो कर ही देना चाहि...

सुरेन्द्र मोहन पाठक का लेखन अच्छा कि वेद प्रकाश काम्बोज का?

टंटा ही खत्म. मार्केट में नया लेखक आया है. एआई. उसके सामने डान ब्राउन भी फेल. जेके रॉलिंग को भी कोई नहीं पूछेगा. शर्तिया.

जिंदगानी बस है यही, फ़ारवर्ड किए जा...

स्मार्टफ़ोन माने वाट्सएप्प, और, बहुत हुआ तो फ़ेसबुक.

मैं तो तेरी रग रग से वाकिफ़ हूँ प्यारे!

तकनीकी उन्नतता का एक और धमाल. अब तो, सचमुच, जबान संभाल के!