टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

साराह किया क्या?

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आइए, साराह (या, सारा या सराहा?) करें

यह तो स्वयंसिद्ध है कि दुनिया बड़ी पॉलिश्ड है. मुंह में राम बगल में छुरी टाइप. नहीं?

अभी की ही बात ले लो. सुबह आपकी दाल में नमक जरा ज्यादा हो गई थी. परंतु आपने कहा – वाह! दाल तो बहुत बढ़िया बनी है. भले ही यह बात कहते कहते आपका मुँह कसैला हो रहा होगा.

छोड़िए, चलिए, दूसरी बात करते हैं. हैरी साडू को कभी हैरी साडू बोला है? अरे भाई, अपने बॉस को कभी उसकी औकात दिखाई है?

या, कभी अपने मित्र को सीधे, उसके मुँह पर कभी बोला है कि यार थोड़ा सा डियो लगा लिया करो, या फिर – मोजे तो गाहे-बगाहे धो लिया करो!

नहीं न?

आपने जब भी वास्तविक, सही, ठोस, वाजिब बात कहने की सोची, आपके संस्कार, आपका संकोच और न जाने क्या क्या सामने आ गया. और आपने फ़ावड़े को फ़ावड़ा कहने की हिम्मत नहीं दिखाई. इसी तर्ज पर, लोग सत्य बात को पचाने, स्वीकारने की भी हिम्मत नहीं दिखा पाते.

अब आप पूरी हिम्मत कर सकते हैं. सच को सच कह सकते हैं, किसी के मुँह पर कह सकते हैं. एक बड़ी राहत की बात यह है कि आप अपनी पहचान, अपनी आइडेंटिटी जाहिर किए बगैर, बताए बगैर कह सकते हैं. साथ ही, सब को सही बात कहने के लिए आमंत्रित भी कर सकते हैं. पता तो चले कि आपमें क्या क्या खामियाँ हैं.

उदाहरण के लिए, क्या मेरे एक्टिव फैब्रिक कंडीशनर से ताज़ा धुले मोजे में भी बदबू आती है जो आपको असहनीय लगती है? तो कृपया अपनी जान-पहचान जारी किए बगैर मुझे मेरे साराह खाते पर जरूर बताएँ.

साराह. हाँ, एक नई सुविधा जो इंटरनेट/डेस्कटॉप पीसी और आपके स्मार्टफ़ोनों पर ऐप्प के माध्यम से हासिल हुई है और दुनिया दीवानी हुई जा रही है. आखिर दुनिया को भी हक है उसकी खुद की असलियत जानने का. चिकनी-चुपड़ी बातों से किनारा करने का.

साराह – भी वाट्सएप्प की तरह एक बेहद सरल किस्म का, नौ-नॉनसेंस मैसेंजिंग ऐप्प है, जो मूलतः संदेश प्राप्त करने के लिए बनाया गया है. इसमें संदेश पाने वाले के पास संदेश भेजने वाले का किसी तरह का सूत्र या अता पता नहीं होता, जब तक कि स्वयं भेजने वाला संदेश में न लिखे. यानी भेजने वाला पूरी तरह गुप्त रहता है. जो मर्जी संदेश भेजो, यदि आप नहीं चाहेंगे तो आपका पता कोई नहीं लगा सकेगा. इसका इंटरफ़ेस बहुत ही संक्षिप्त व सरल है, और इसमें खाता बनाना बेहद आसान. जल्द ही लोग – गूगल किया क्या? की तर्ज पर, साराह किया क्या कहने लगेंगे.  डेस्कटॉप पर खाता बनाने के लिए sarahah.com पर जाएँ अथवा स्मार्टफ़ोन पर प्लेस्टोर पर sarahah ऐप्प सर्च करें. यूँ स्मार्टफ़ोन पर डेस्कटॉप संस्करण भी बढ़िया काम करता है.

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मैंने अपना साराह खाता यहाँ बनाया है - जिस पर आप मुझे अपने बेबाक संदेश भेज सकते हैं -  https://raviratlami.sarahah.com/

वहां पर यूँ तो आपको लिखा मिलेगा कि कोई सृजनात्मक संदेश भेजें, परंतु आपके हर तरह के संदेशों का स्वागत है. दिल-खोल दीजिए. मैं भी जानना चाहूंगा कि मेरे बारे में लोगों की बेबाक, किस-किस्म की कैसी-कैसी राय हो सकती है, जिनसे मैं अब तक वंचित रहा था. :)

आप भी अपना एक साराह खाता बनाएँ, और मुझे उसका पता बताएँ. मुझे भी आपके बारे में बहुत सी बातें ऐसी कहनी हैं जो आज तक कह नहीं सका. अब अनामी बनकर तो मैं सफेद को सफेद कह सकूंगा.

आने वाले दिनों में, केवल और केवल दो किस्म की जनता होगी - एक जिसका साराह खाता होगा और दूसरा जिसका नहीं होगा. जिसका नहीं होगा, उसे लोग कहेंगे - देखो - वो जा रहा है, उसमें हिम्मत ही नहीं है सच सुनने की - उसका साराह खाता ही नहीं है!

आप किस किस्म के जीव हैं जी?

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