रविवार, 13 अगस्त 2017

व्यंग्य जुगलबंदी 47 : साराह से छेड़छाड़

साराह से प्राप्त संदेशों को दुनिया सगर्व अपने फ़ेसबुक, वाट्सएप्प, ब्लॉग आदि आदि पर डाल रही है. प्रकटतः बड़ी ईमानदारी से. परंतु हमारे पास एआई (कृत्रिम बुद्धि) युक्त एक ऐसी हैकिंग मशीन आ गई है जिससे उनके साराह संदेशों में की गई छेड़छाड़ का पता लग जाता है. हमारी मशीन ने ये पता लगा लिया है कि अब तक सार्वजनिक प्रकाशित साराह संदेशों में से अधिकांश में छेड़छाड़ की गई है और नक़ली संदेश छापे गए हैं. हमारी हैकिंग मशीन ने साराह में सेध लगा ली है और असली संदेशों को प्राप्त कर लिया है.

प्रस्तुत है बिना छेड़छाड़, साराह से प्राप्त कुछ असली संदेश, जिसे, जाहिर है, लोगों ने सार्वजनिक जाहिर नहीं किया.


(दिया गया कोई भी)

एक वरिष्ठ कवि -

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एक और -

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एक वरिष्ठ व्यंग्यकार -

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एक वरिष्ठ कहानीकार -

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एक वरिष्ठ समीक्षक -

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एक और -

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एक वरिष्ठ उपन्यासकार -

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एक वरिष्ठ संपादक -

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एक और -

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(क्रमशः अगले अंकों में - साराह से छेड़छाड़ जारी है...)

2 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें:

  1. मस्त हो रही है छेड़छाड़ सभी से साराह के माध्यम से....बेहतरीन!!

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  2. बेहतरीन लेख ... तारीफ-ए-काबिल ... Share करने के लिए धन्यवाद!! :)

    उत्तर देंहटाएं

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