January 2016

सिस्टम अपडेट उपलब्ध है… क्या आप अभी अपडेट करना चाहते हैं?

कुछ दिनों पहले मेरा विंडोज कंप्यूटर, जो पिछले दशक से, बिलानागा हर दूसरे हफ्ते अपडेट होता रहता था, फुल विंडोज 10 पर मुफ़्त में अपग्रेड हुआ...

मैं हिंदू रहूंगा न मुसलमान रहूंगा…

आप कहेंगे कि अब ये क्या शीर्षक है. क्या इतनी असहिष्णुता आ गई है जो भारत भूमि के दो बड़े धर्म को छोड़ने की बात कर रहे हो. परंतु, जरा ठंड रखि...

हिंग्लिश इज़ कूल यार!

हिंग्लिश इज़ कूल यार! रवि रतलामी पहले पहली बात. बधाई. हम महान भारत के वासियों ने हाल ही के दिनों में एक नई भाषा ईजाद कर ली है और गर्व से उ...

हिंदी में स्थानीयकरण (लोकलाइज़ेशन) की समस्याएँ

हिंदी में स्थानीयकरण (लोकलाइज़ेशन) की समस्याएँ - रवि रतलामी ( रविशंकर श्रीवास्तव, 101, आदित्य एवेन्यू, एयरपोर्ट रोड, भोपाल मप्र 462030 ) ...

शब्दवेधी - अरविंद कुमार की आत्मकथा - शब्दवेध : एक समीक्षा

आधुनिक, समकालीन हिंदी सृजनधर्मियों का नाम अगर लिया जाए, तो अरविंद कुमार का नाम सर्वोपरि होगा. हिंदी के एकमात्र समांतर कोश के कोशकार अरविंद ...

इंडस - एक नया, भारतीय भाषाई स्मार्टफ़ोन ऑपरेटिंग सिस्टम

यदि इसकी आधिकारिक साइट http://www.indusos.com पर जाएँ, और वहाँ दिए गए चित्रमय दावों पर विश्वास करें, तो यह सवा अरब भारतीयों के लिए उनकी अपन...

पुनर्दलितोभव:

भारतवर्ष नामक पवित्र पावन देश में तपस्यारत एक सिद्ध ऋषि के सम्मुख एक प्रकटतः दुःखी मानव पहुँचा. ऋषि ने मन की आँखों से उस दुःखी मानव का ह...

जानिए कि मेरी हाई-टैक चाहत कैसे पूरी हो रही है…

कोई दस साल पहले मैंने हास-परिहास में ही सही, कुछ चाहत पूरी होने की ख्वाहिश पाली थी. जिसे आप यहाँ पढ़ सकते हैं अब आइए, देखते हैं कि इनमें...

फेसबुक खाओ पीओ ओढ़ो बिछाओ, और कहीं मत जाओ!

फ्रीबेसिक्स में मुंह की खाने के बाद अब एक नया पैंतरा

द ओनियन का देसी संस्करण - द लल्लनटॉप?

फेकिंग न्यूज़ हिंदी में अरसे से चल रहा है और बढ़िया चल रहा है. इसी श्रेणी में अब नया नाम जुड़ा है - द लल्लनटॉप का. सरसरी निगाह मारने पर साइ...

साहित्य के डिजिटल सफर में आप सादर आमंत्रित हैं - ऐप्प की दुनिया में आएं

हिंदी का विस्तार चहुँओर हो रहा है. इंटरनेट पर तो धूम मची है. फ़ेसबुक-व्हाट्सएप्प पर हर कोई जो देवनागरी (या कि अलाल लोग रोमन हिंदी ) में टाइप...

मुझे भी एक ऐसा ऐप्प चाहिए!

ये ल्यौ। एक ऐसा ऐप्प आ गया है जो ये बता देगा कि आपका बच्चा अगर रो रहा है तो आखिर क्यों। इसके लिए बड़ी उन्नत टेक्नॉलाज़ी का उपयोग किया गया ह...

अब तो फेसबुक छोड़ ही दीजिये!

खासकर तब जब फेसबुक फ्रीबेसिक्स का डब्बा गोल होने वाला है!

हिंदी के अच्छे दिन तो समझो आ ही गए!

और, ये कोई अप्रैल फूल पोस्ट या व्यंग्य नहीं है!

विश्व पुस्तक मेला दिल्ली 2016 - कुछ झलकियाँ

किताबों से हमें, बहुत सहारा मिलता है -   पर, हमें किताबों से क्या लेना देना?   द्विभाषी रामायण -   जाति-जाति की किताबें -   पतली...