शनिवार, 31 दिसंबर 2016

स्टीफन हॉकिंग - 75 वर्षीय जिजीविषा को सलाम!

स्टीफन हॉकिंग 75 साल के हो गए। कोई 50 साल पहले डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए थे और कहा था कि हॉकिंग साल-दो-साल और जी पाएंगे। परंतु उन सभी क...

हाय! 101 वें साल में हमारा क्या होगा?

और, हमारे 500 वें साल का, 1000 वें साल का क्या?

गुरुवार, 29 दिसंबर 2016

क्या पॉलिटिक्स है पार्टनर?

आप वामी हैं, आपिए हैं, दक्षिण पंथी हैं या फिर शुद्ध कांगी। आप जो भी हैं, इसके जिम्मेदार आप नहीं हैं!

आ गया! मुफ़्त, निःशुल्क, शुद्ध परिणाम वाला हिंदी ओसीआर

और, यह इंडसैंज के हिंदी ओसीआर से भी अधिक शुद्ध है. यदि इसे कमांड मोड में बैच मोड में इस्तेमाल किया जाए, तो यह तेज भी है. बहरहाल, इसके इंस्ट...

बुधवार, 28 दिसंबर 2016

अक्षर - यूनिकोड हिंदी रेमिंगटन कुंजीपट युक्त - बहुभाषी, बहु-सुविधा युक्त भारतीय भाषाई शब्द संसाधक

इस बहुभाषी बहु-सुविधा युक्त शब्द संसाधक को भानुमति का पिटारा कह सकते हैं. क्योंकि इसमें है -   हिंदी, गुरुमुखी, शाहमुखी और अंग्रेजी  लिप...

रविवार, 25 दिसंबर 2016

व्यंग्य जुगलबंदी : तूने किया कैसा ये कर्म है, देश दिसम्बर में भी गर्म है

दिसम्बर में देश (चित्र साभार - कस्बा ब्लॉग) दिसम्बर की एक सुबह, कड़ाके की ठंड में ठिठुरता दुकालू देश का हाल जानने के लिए निकला। सबस...

गुरुवार, 22 दिसंबर 2016

संगीत श्रवण पुनर्परिभाषित - डॉल्बी एटमॉस

संगीत के दीवानों के लिए - आपके एंड्रॉयड स्मार्टफ़ोन पर आ गया है - डॉल्बी एटमॉस। लिनोवो तथा मोटोरोला के कुछ फोन पर यह उपलब्ध है और खबर है क...

मंगलवार, 20 दिसंबर 2016

सोमवार, 19 दिसंबर 2016

सन् 2016 का वैरायटीज़ से भरा साल - कार्टूनिस्टों की नज़र में

कार्टूनिस्टों की नजर में वर्ष 2016 कैसा रहा? लेखा जोखा दिसम्बर 2016 के हिंदी फ़ेमिना में उपलब्ध है. इस्माइल लहरी, मन्जुल, कीर्तीश भट्ट और अज...

रविवार, 18 दिसंबर 2016

व्यंग्य जुगलबंदी - कैशलेस इकॉनॉमी

  “भारत में कैशलेस इकॉनॉमी”. पर एक मेघावी विद्यार्थी (वो, जाहिर है, सीए इन्टर्न था) का लिखा निबंध आपके अवलोकनार्थ अविकल प्रस्तुत है – कै...

शनिवार, 10 दिसंबर 2016

सरदी की वापसी उर्फ एक मफलर की वापसी

एक गुलुबन्द यानी मफलर की वापसी. शीर्षक में आधुनिक, कूल-डूड, भारतीय पाठकों को गुलुबन्द का अर्थ बताना बनता है ना? नहीं तो बहुत से लोगों को ...

बुधवार, 7 दिसंबर 2016

कैशलेस की टेक्नोलॉजी : आइए, कैशलेस अपनाएँ और सुखी रहें

कल्पना कीजिए कि आप बाहर यात्रा के लिए निकले हैं, ट्रेन पकड़नी है, और समयाभाव व ट्रैफ़िक जाम की वजह से थोड़ी जल्दी में भी हैं. अचानक आपको या...

रविवार, 4 दिसंबर 2016

डीओटी : देशभक्ति ऑफ़ थिंग्स

दुनिया में आईओटी यानी इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स   की विचारधारा अभी आई ही थी, कि अब एक नई विचारधारा ने पूरी दुनिया को लपेट में ले लिया है. डीओट...

बुधवार, 30 नवंबर 2016

राष्ट्रवादी सरकार की राष्ट्रवादी न्यायपालिका!

सिनेमा ही क्यों, हर टीवी चैनल पर हर सीरियल के पहले राष्ट्रगान सुनाया जाना चैये! अनिवार्य रूप से! लोगों की राष्ट्रभक्ति तो जाने कहाँ गायब ह...

रविवार, 27 नवंबर 2016

नया रुपया पुराना रुपया

इधर मैंने वह खबर टीवी पर देखी,  उधर मेरे दिमाग का हाजमा खराब हुआ था. मुझे रात में हजारों सूरज दिखाई देने लगे थे. सुबह ही मैंने एटीएम से...

गुरुवार, 24 नवंबर 2016

रेत में से तेल निकालने की क्लासिक कवायद

वह भी पूरी तरह देसी, निपट भारतीय.

नोटबंदी - बिजनेस की नई, नायाब संभावनाएं

ओह, तो अब पता चला कि नए नोट कहां जा रहे हैं और नए नोटों की मारामारी क्यों है!

बुधवार, 23 नवंबर 2016

मंत्रियों का असली काम क्या है?

ओह, तो यह है मंत्रियों का असल काम-

रविवार, 20 नवंबर 2016

भक्त एटीएम विरुद्ध आपिया एटीएम

  भक्त एटीएम विरुद्ध आपिया एटीएम नोटबंदी के साइड-इफ़ेक्ट के चलते काम के अधिक बोझ की वजह से एटीएम खराब हो रहे हैं. सुधारने के लिए तकनीशिय...

शुक्रवार, 18 नवंबर 2016

सोनम गुप्ता बेवफ़ा क्यों है... / मंजीत ठाकुर

यह मुई सोनम गुप्ता है कौन, और यह बेवफा क्यों है?   जब इंसान के हाथ में नोट ही न हों, पता लगे कि आपके पास के 86 फीसद, अरे साहब वही 5 सौ ...

गुरुवार, 17 नवंबर 2016

व्हाट्सएप्प से परेशान हैं? छोड़ने की सोच रहे हैं? तो यह पोस्ट आपके लिए है.

तकनीक के पंडित बी.एस.पाबला जी ने व्हाट्सएप्प को छोड़ने की घोषणा की है. अपने फ़ेसबुक स्टेटस पर  - स्क्रीनशॉट नीचे है - व्हाट्सएप्प एक नो-न...

शब्द-उपनिषद् - डा. सुरेन्द्र वर्मा

शब्द उपनिषद ‘ उपनिषद” का शब्दार्थ ‘समर्पणभाव से निकट बैठना’ है.उप का अर्थ है निकट;;नि; से तात्पर्य है’समर्पण’भाव और सद माने बैठना है.ऋष...

निर्विवादित रूप से, दुनिया का सर्वकालिक, सबसे ज्यादा बहुमुखी-प्रतिभा वाला इन्सान!

मेरे जैसे अलालों के लिये

अल्टीमेट आविष्कार!

सोमवार, 14 नवंबर 2016

रविवार, 13 नवंबर 2016

व्यंग्य जुगलबंदी - एक चुटकी नमक की कीमत तुम क्या जानो रवि बाबू!

अंततः मैं भी आधा दर्जन पैकेट नमक के ले ही आया. थोड़ी बहुत मशक्कत तो खैर करनी ही पड़ी, और बहुत सारा जुगाड़ भी. जो कि इस देश-वासियों की खासिय...

शनिवार, 12 नवंबर 2016

मेरी अलाली का आखिर मैं क्या करूँ?

जबकि यह समस्या यूनिवर्सल और जेनेटिक है!

शुक्रवार, 11 नवंबर 2016

आपके उपकरणों के साइलेंट किलर

ओह, तो ये हैं हमारे उपकरणों के साइलेंट किलर!

क्या आपकी भी कभी अवमानना हुई है?

सवाल ये है कि (क्या ) केवल न्यायालय की ही अवमानना (क्यों) होती है?

ओह, तो काला धन इधर था!

शनिवार, 5 नवंबर 2016

व्यंग्य जुगलबंदी - व्यंग्य का विषय

व्यंग्य का विषय क्या हो? (चित्र - काजल कुमार http://kajalkumarcartoons.blogspot.in/2016/11/india-kajal-cartoon-orop-khattar-kejriwal-suic...

रे फ़ेसबुक, इब तो फ्रेंड सीमा 5000 हटा ही दे...

मैं तो, फ़ेसबुक में (ही), पूरी दुनिया को अपना फ्रेंड बनाना चाहूंगा!

शनिवार, 29 अक्तूबर 2016

व्यंग्य जुगलबंदी : मेरी तेरी उसकी दीवाली

मेरी तेरी उसकी दीवाली औरों की तरह इस बार मैं भी, स्वतःस्फूर्त, भरा बैठा था. जम के दीपावली मनाऊँगा. पर, पूरी तरह देसी, राष्ट्रीय किस्म की...

ब्रिटिश लाइब्रेरी अंततः हिंदीमय हुआ...

भोपाल की ब्रिटिश लाइब्रेरी - वर्तमान नाम विवेकानंद लाइब्रेरी में अंग्रेज़ी और पश्चिमी (जर्मन, फ्रेंच) आदि भाषाओं की किताबें ही मिलती थीं. ज...

शुक्रवार, 28 अक्तूबर 2016

क्या क्या जांच कर के लें?

पेट्रोल जांच कर लो, डीजल, गैस जांच कर लो, आटा दाल जांच कर लो। नोट भी जांच कर लो। गोया आदमी नहीं जांच मशीन हो!

मंगलवार, 25 अक्तूबर 2016

ट्विटर, फ़ेसबुक पर आप किस तरह से खांसते छींकते हैं?

यूँ, सोशल मीडिया में लोग मुखौटे लगाए मिलते हैं, परंतु इन मुखौटों में थोड़ा और पॉलिश करने की जरूरत अब आ ही गई समझो!

शनिवार, 22 अक्तूबर 2016

व्यंग्य जुगलबंदी - पुनर्धर्मभीरूभव:

  पुनर्धर्मभीरूभव: बहुत पुरानी बात है. धरती पर एक बार एक इंसान गलती से बिना धर्म का, नास्तिक पैदा हो गया. उसका कोई धर्म नहीं था. उसका कोई...

पाओ जवाब आसानी से!

हिंदी उपयोगकर्ताओं (को सिखाने) के लिए गूगल ने जोरदार विज्ञापन अभियान निकाला है -   कि, अब आप सर्च आदि बहुत सारे काम हिंदी में बोल कर भी क...

शुक्रवार, 21 अक्तूबर 2016

क्या कभी आप भी गाय की सवारी करना चाहेंगे...?

कूल काऊ ट्रैकिंग - एक विज्ञापन की तस्वीर. असली. कोई फ़ोटोशॉप्ड नहीं, कोई नकली नहीं. सवार के मुख पर प्रसन्नता की लकीरें बताती हैं कि यह कित...

रविवार, 16 अक्तूबर 2016

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