संदेश

April, 2015 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आपमें बोलने, चलने फिरने की क्षमता है?

चित्र
तब तो, यकीनन स्मार्टफ़ोन चला पाने की क्षमता भी जरूर होगी!

एंड्रायड फ़ोन के गूगल समाचार ऐप्प से बने रहें हमेशा अपडेट

चित्र
हाल ही में नेपाल में भूकंप आया तो उसके झटके (ट्रेमर) पूरे भारत देश में महसूस किए गए. कई स्थानों पर दहशत और बदहवासी का माहौल रहा, और सोशल मीडिया के दौर में नकली (फेक) संदेशों के माध्यम से अफवाहें भी फैलीं. भोपाल में मंत्रालय के आसपास ऐसी दहशत फैली कि न केवल वहाँ बल्कि स्कूल कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई, जबकि न्यूमार्केट और पुराने भोपाल क्षेत्र में बाजारों में काम-काज अबाधित चलता रहा. ऐसे में सही और सटीक जानकारी कैसे और कहाँ से मिलेगी? खासकर जब आप कहीं बाहर हों और आस पास कोई टीवी-रेडियो न हो. मैं भी बाजार किसी काम से गया हुआ था, तो मेरे फ़ोन में संदेश आया कि भोपाल में भूकंप आया है और सुरक्षित बाहर निकलो. मैंने धन्यवाद दिया और कहा कि मैं तो वैसे ही बाहर बाजार में घूम रहा हूँ. और, भूकंप आता है तो बिना बताए, एक दो मिनट के लिए - किसी को सावधान करने का समय ही नहीं मिलता,  और फिर जब दोबारा आता है (ऑफ़्टर शॉक) तब इसकी मारक क्षमता कम ही होती है. साथ ही, भोपाल आदि क्षेत्र (हो सकता है कि आपका क्षेत्र भी इसी श्रेणी में आता हो) भीषण भूकंप की पट्टी में आते ही नहीं हैं, ऐसे में घबराने वाली बात न…

तिगप्र की राह में

चित्र
टेक्नोलॉज़ी नित्यप्रति तिगप्र की राह में है. आप कहेंगे – तिगप्र? अरे भाई, यह प्रगति है, बस उल्टा लिखा है. ठीक वैसे ही जैसे कि प्रगति मेरे जैसे कुछ लोगों के लिए उलटी ही होती है – समस्या बढ़ाने वाली! उदाहरण के लिए टेलीविज़न को ही ले लो. पुराने जमाने में श्वेतश्याम टीवी होता था. दो या तीन तरह के 14 इंची या 20 इंची मॉडल होते थे, और तीन-चार निर्माता. आज की तरह खरीदने के लिए कोई झंझट नहीं होता था – कि आठ सौ पचहत्तर किस्म के टीवी सेटों में से कौन सा खरीदा जाए! और, चैनल भी एक ही होता था. दूरदर्शन. टीवी का प्लग लगाया, बिजली का बटन चालू किया और बस. टीवी चालू. फिर आप आराम से बैठकर चित्रहार और कृषिदर्शन देख सकते थे सरकारी समाचार नुमा प्रोपेगंडा के बीच. आह! क्या दिन थे वे. टीवी चालू-बंद करना, टीवी के प्रोग्राम देखना कितने आसान थे. फिर अचानक टेक्नोलॉज़ी क्रांति हुई, और एक अदद रिमोट कंट्रोल आ गया टीवी को चालू बंद करने को. रिमोट कंट्रोल से आप अपने सोफे से उठे बिना ही दूर से टीवी चालू बंद कर सकते थे. यह टेक्नोलॉज़ी की प्रगति थी – परंतु मेरे जैसे लोगों की तो दुर्गति थी. मुझे आज तक यह समझ में नहीं आया …

कहानी शुरु फ़ेसबुक में, खतम फ़ेसबुक में!

चित्र
व्यंज़लप्यार का इजहार फ़ेसबुक मेंदुश्मनी का वार फ़ेसबुक मेंबर्थडे, एनिवर्सरी या वेलेंटाइनसब वार त्यौहार फ़ेसबुक मेंकौन असल और कौन फेक हैपहचानें कैसे यार फ़ेसबुक मेंआंगन सूने हैं गलियाँ सूनीबस मची है बहार फ़ेसबुक मेंपागलों में रवि भी शामिल हैढूंढने चला है प्यार फ़ेसबुक में

नया! गूगल हस्तलेखन इनपुट से अब हिंदी समेत अन्य भारतीय भाषाएँ भी हस्तलेख से टाइप करें

चित्र
गूगल इनपुट टूल में कुछ समय पहले से हिंदी हस्तलेखन की सुविधा मिली हुई थी.अब हस्तलेखन के लिए अलग से ऐप्प जारी किया गया है ( ऐप्प स्टोर में google handwriting input सर्च करें) जिसमें कोई 80 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में आप अपने कंप्यूटिंग उपकरण के टचस्क्रीन / टचपैड पर हस्तलेखन से बखूबी और बढ़िया टाइप कर सकते हैं. इससे पहले एंड्रायड उपकरणों में बोलकर हिंदी लिखने की सुविधा आ चुकी है. हिंदी समेत अन्य भारतीय भाषाएँ हैं, जिनमें आप हस्तलिपि से टाइप कर सकते हैं -नेपाली, पंजाबी, मराठी, तमिल, तेलुगु, उड़िया, मलयालम, कन्नड़, गुजराती तथा बंगाली.इसमें प्रेडिक्टिव टाइपिंग भी है, यानी आप क्या लिखना चाह रहे हैं यह अपने शब्द संग्रह से बता भी सकता है जिससे आपका काम आसान हो जाता है.इस विधि से आप उंगली अथवा स्टाइलस से टाइप कर सकते हैं, और थोड़ी से रियाज से आप धड़ल्ले से टाइप कर सकते हैं.और, यह टूल हर जगह काम करता है. संपर्कों को ढूंढने में भी!

दुकालू और नेट न्यूट्रैलिटी

चित्र
नेट न्यूट्रैलिटी यानी अंतर्जाल या इंटरनेट निष्पक्षता से तो दुकालू भी बहुत परेशान है. वैसे भी, जब दुकालू के आस-पड़ोस की तमाम जनता जब वाट्सएप्प, फ़ेसबुक और ट्विटर पर न पहुंच गई, दुकालू ने नेट की तरफ ध्यान ही नहीं दिया था. सोचता था कि हमें क्या? पर जब उसने देखा कि जनता वाट्सएप्प, फेसबुक और ट्विटर पर घुसे रहती है, वहीं हँसती, गाती और रोती है, तो एक दिन उसने भी इंटरनेट पैक ले ही लिया. पर, ये क्या. सत्यानाश हो इन आईएसपी का. इंटरनेटी कंपनियों का. कहीं निष्पक्षता हैये ही नहीं. आपके सापेक्ष में नेट न्यूट्रैलिटी के अलग माने हों, पर दुकालू की सोच अलग है, बड़ी है. अब देखो न, जब वो गूगल पर रासायनिक पदार्थ सोना और पीतल की खोज करता है तो गूगल बायस्ड होकर उसके सामने बेबी डॉल सनी लियोनी और उसका गाना दुनिया पीतल दी परोस देता है. इसी तरह जब वो शहजादे, साहबजादे, फेंकूराम, नौटंकीबाज आदि-आदि सर्च मारता है तो पता नहीं नेट की न्यूट्रैलिटी कहीं घास चरने चली जाती है और उल्टे सीधे प्रतिमानों को खोज कर बताती है – कभी किसी का पक्ष लेती है तो कभी किसी का. दुकालू जब जब भी, काम की साइट जैसे कि रेल्वे रिजर्वेशन की …

तेरे दिमाग में कुछ केमिकल लोचा है

चित्र
... जिसके बारे में मुझको सब पता है...येल्लो! अब अपने हाथों में ऐसा कैमरा आने वाला है जो किसी भी चीज का केमिकल कंपोजीशन तुरत-फुरत बता देगा. जरा याद करिए अपने हाईस्कूल के जमाने को जब कैमिस्ट्री लैब में किसी साल्ट के कैमिकल कंपोजीशन के बारे में पता लगाने के लिए कितने और कैसे कैसे पापड़ बेलने पड़ते थे. अब वो सारे प्रोसीजर डालिए रद्दी की टोकरी में और साल्ट पर अपने कैमरे के लैंस को फ़ोकस करिए और स्क्रीन पर पढ़ लीजिए - 20 प्रतिशत ऑक्सीज़न और 80 प्रतिशत नाइट्रोजन. और, यह कोई हवाबाजी नहीं है!जाहिर है, यह कैमरा खरा सोना और खोटे सिक्के को तो शटर झपकाते ही पहचान लेगा. और, यदि इसके प्रयोग को आगे बढ़ाया जाए, इसके सोर्स को ओपन कर दिया जाए तो इसके प्रयोग की अंतहीन संभावनाएं भी हो सकेंगी. कुछेक की कल्पनाएं तो की ही जा सकती हैं -यह आपके ( माने, किसी के ) दिमाग में लगे जंग के प्रतिशत को बता देगायह सामने वाले के मन में (आपके प्रति) भरे साइनाइड का पता लगा लेगा - यानी आप पता कर सकेंगे कि सामने वाला भले कह रहा हो - आई लव यू, जिसका वस्तुतः अर्थ होगा - आई हेट यू!यह दो लोगों के बीच बन रही (या टूट रही,) कैमिस्ट…

अब आपका एंड्रायड फ़ोन बोलेगा हिंदी

चित्र
अब आपका एंड्रायड उपकरण (फ़ोन या टैबलेट) हिंदी बोलने लगा है.यानी न केवल आपके एंड्रायड स्क्रीन के माल को, बल्कि गूगल प्ले की हिंदी किताबों, हिंदी टैक्स्ट फ़ाइल या हिंदी की डाक्यूमेंट फ़ाइल  की सामग्री को भी अब आप सुनकर इस्तेमाल कर सकते हैं.इसके लिए गूगल प्लेस्टोर से गूगल टैक्स्ट टू स्पीच इंस्टाल करें. आमतौर पर यह प्रीइंस्टाल होता है. इसके नवीनतम संस्करण पर अपडेट करें.ऊपर के चित्र में आपको दिखेगा कि हिंदी नाउ सपोर्टेड. पर हिंदी पैक स्वयं इंस्टाल नहीं होता. सेटिंग में जाकर इनेबल करना होगा. स्टेप-बाई-स्टेप विधि -एंड्रायड फ़ोन में सेटिंग >  एक्सेसिबिलिटी > टैक्स्ट टू स्पीच आउटपुट >  में जाएं और गूगल टैक्स्ट टू स्पीच इंजन के बाजू में दिए गियर बाक्स को टच करें. आपको इंस्टाल वाइस डेटा का विकल्प दिखेगा. इसे टच करें और उपलब्ध विकल्पों में से हिंदी भाषा डाउनलोड करें.हिंदी भाषा डाउनलोड होने के बाद आपका एंड्रायड फ़ोन हिंदी में बोलने बताने के लिए तैयार हो जाएगा. सेटिंग >  एक्सेसिबिलिटी > टैक्स्ट टू स्पीच आउटपुट >  में डिफ़ॉल्ट लैंगुएज स्टेटस में जाकर  पक्का कर लें कि  हिंदी सेट है.…

विशाल लाइब्रेरी में से पढ़ें >

अधिक दिखाएं

---------------

छींटे और बौछारें का आनंद अपने स्मार्टफ़ोन पर बेहतर तरीके से लें. गूगल प्ले स्टोर से छींटे और बौछारें एंड्रायड ऐप्प image इंस्टाल करें.

इंटरनेट पर हिंदी साहित्य का खजाना:

इंटरनेट की पहली यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित व लोकप्रिय ईपत्रिका में पढ़ें 10,000 से भी अधिक साहित्यिक रचनाएँ

हिन्दी कम्प्यूटिंग के लिए काम की ढेरों कड़ियाँ - यहाँ क्लिक करें!

.  Subscribe in a reader

इस ब्लॉग की नई पोस्टें अपने ईमेल में प्राप्त करने हेतु अपना ईमेल पता नीचे भरें:

FeedBurner द्वारा प्रेषित

ऑनलाइन हिन्दी वर्ग पहेली खेलें

***

Google+ Followers

फ़ेसबुक में पसंद करें