टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

जरा संभल के... कहीं कोई आपका स्टिंग तो नहीं कर रहा?!!

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व्यंज़ल

 

तब आदमी जानता नहीं था स्टिंग

अब प्यार मुहब्बत में भी है  स्टिंग

 

ये कैसा जमाना आ गया है यारों

प्यार आसां नहीं है बिना स्टिंग

 

एकांत में प्यार में किए कस्मे वादे

सब कर रहे हैं फारवर्ड कर स्टिंग

 

प्यार के पल याद आने से पहले

जाने क्यों मन में आता है स्टिंग

 

प्यार करने से अब डरता है रवि

कहीं कोई कर न रहा हो स्टिंग

--

(कार्टून चित्र और समाचार शीर्षक - साभार 'पत्रिका' समाचार पत्र)

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