टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

धन्यवाद, और अलविदा लोटस १२३

यह मेरा पहला कंप्यूटर प्रोग्राम था जिसे मैंने सीखा था. इसे सिखाने वाला बंदा दूसरे शहर से आता था, और तब, फ्लाइंग अवर की तरह उस शिक्षक के पास १०० से अधिक घंटे का कंप्यूटिंग अनुभव था.

एक बात और, इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पहले साल इसके लिए १० लाख डॉलर विक्रय का लक्ष्य था, परंतु हासिल हुए थे ५४० लाख!

धन्यवाद और अलविदा लोटस १२३. मेरा पहला कंप्यूटर प्रोग्राम.

एक टिप्पणी भेजें

वाह! लोटस की जय हो!

आपको अभी भी लिखता देख कर बहुत अच्छा लगा. ये मेरा भी पहला सॉफ्टवेर था , इसके साथ ही वर्ड स्टार मे भी महारत हासिल की थी

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
कृपया ध्यान दें - स्पैम (वायरस, ट्रोजन व रद्दी साइटों इत्यादि की कड़ियों युक्त)टिप्पणियों की समस्या के कारण टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहां पर प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

अन्य रचनाएँ

[random][simplepost]

व्यंग्य

[व्यंग्य][random][column1]

विविध

[विविध][random][column1]

हिन्दी

[हिन्दी][random][column1]
[blogger][facebook]

तकनीकी

[तकनीकी][random][column1]

आपकी रूचि की और रचनाएँ -

[random][column1]

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget