टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

May 2014

अहा! तकनीक ने जिंदगी कितनी आसान कर दी है!

और, मैं तकनीक की उस आसानी की बात नहीं कर रहा हूं जिसमें आप अपने स्मार्ट-टीवी पर एक तरफ नवीनतम समाचार या फ़ेसबुक स्टेटस पढ़/लिख रहे होते हैं तो वहीं पर, उसी टीवी के स्क्रीन के दूसरे कोने में आपकी उत्तमार्द्ध बालिका वधू देख रही होती है. और कमाल ये कि आपका अपना रिमोट माउस व की-बोर्ड आपके हाथ में होता है, और टीवी चैनल का रिमोट आपकी पत्नी के – हालांकि भले ही इसका प्रयोग वो यदा कदा ही करे.

image

मैं तो उस आसानी की बात कर रहा हूँ, जो तकनीक आपके आज-नकद, कल-उधार वाले जीवन में लेकर आई है.

चीज़ों को उधार लेने-देने की परंपरा मानव जाति के उद्भव के साथ ही शुरू हो गई होगी. और, बहुत संभव है, यदि कोई परंपरा मानव सभ्यता में शुरू हुई भी होगी, तो वो उधार मांगने की परंपरा ही हुई होगी. लोगों को भले ही लगता हो कि यह परंपरा आजकल थोड़ा खतरे में आ गई है क्योंकि आज के जमाने में भले ही आदमी फ़ेसबुकिया किस्म का सोशल हो गया हो जहाँ घर में शक्कर या नमक खत्म हो जाने पर फ़ीकी चाय और बिना नमक की दाल से ही काम चला लेता है बजाय पड़ोस में जाकर एक कटोरी उधार मांग लाने के, मगर फिर भी वो अपने मित्रों से या तो कोई सॉफ़्टवेयर सीडी या कोई वाई-फाई डांगल उधार मांगने में बाज नहीं आता. या, शायद ऐसी चीजों के उधार मांगे बगैर काम नहीं चलता.

अब जब आप उधार मांग लेते हैं या आपसे कोई उधार मांग लेता है तो समस्या समय पर उसे वापस लौटाने या मांगने की होती है.

मामला यहीं फेल हो जाता है. आसान प्रतीत होती जिंदगी में यहीं कोई बड़ा पेंच आ जाता है.

उधार लेने वाला तो खैर ऐन-केन-प्रकारेण भूल ही जाता है कि उसने कभी किसी से कोई उधार कभी लिया भी था, और बहुधा उधार देने वाला भी भूल जाता है कि उसने कब कोई चीज किसी को दी थी, और जब उसे अपनी उस चीज की जरूरत होती है तो सोचता है कि आखिर वो कहाँ खो गया. और, जब कभी याद भी आता है कि अरे, इसे तो इस फलाँ व्यक्ति को उधार दिया ता, तो तब तक वसूली का समय गुजर चुका होता है.

लोगों की इसी समस्या को दूर करने के लिए एक ऐप्प है – यू बोरोड इट. इस ऐप्प को आप अपने स्मार्टफ़ोन पर इंस्टाल करें, और उधारी को भूलना भूल जाएं!

इस ऐप्प के जरिए आप अपने मित्रों, रिश्तेदारों को उधार में दी गई चीजों को सूचीबद्ध कर रख सकते हैं, और रिमाइंडर डाल सकते हैं कि कब उन्हें वापस करना चाहिए. यदि तय समय में वे वापस नहीं करते हैं तो यह ऐप्प आपके लिए वसूली एजेंट की तरह काम करके उनके हाथ मरोड़कर उनसे आपकी वस्तुएं वापस दिलवा सकता है. यह आपकी ओर से इन्हें इनके ईमेल भेज कर, ट्वीट कर और फ़ेसबुक संदेश भेजकर उन्हें याद दिला सकता है कि भइए, जो किताब या पेनड्राइव आपने उधार लिया था, उसे वापस करने का समय बीत चुका है, और किसी भी अप्रिय स्थिति को टालने के लिए जल्द से जल्द वापस कर दो.

 

image

उधार लेकर जाने अनजाने भूल जाने वालों, सावधान हो जाओ!

बहुत से पाठक अभी भी ईमेल से या पोस्टों पर कमेंट कर पूछते हैं कि लिनक्स में हिंदी यूनिकोड टाइपिंग के लिए क्या-क्या विकल्प है और इसकी सेटिंग कैसे की जाती है. लिनक्स में खूबी यह है कि यदि आप सही संस्करण उपयोग में लेंगे तो आपको बाई-डिफ़ॉल्ट हिंदी की तमाम सुविधा मय कुंजीपट के मिलती है. हिंदी कुंजीपट भी रेमिंगटन, इनस्क्रिप्ट, टाइपराइटर, फ़ोनेटिक आदि 10 भिन्न प्रकार के, जिनमें कोई न कोई आपके काम का हो सकता है.

हिंदी के लिहाज से फेडोरा लिनक्स सर्वोत्तम है. वह इसलिए, कि रेडहैट के पुणे स्थित भारतीय भाषाई स्थानीयकरण की पूर्ण समर्पित टीम इसके डिफ़ॉल्ट संस्करण को आमतौर पर पूर्णतः हिंदी समर्थन युक्त बनाए रखने में लगातार प्रयासरत रहती है. फेडोरा लिनक्स को हिंदी में काम करने हेतु सेट करना बेहद आसान है. आइए, देखते हैं कि कैसे –

फेडोरा का नवीनतम संस्करण 20 है, जिसके विविध प्लेटफ़ॉर्म – यथा 32 / 64 बिट या अन्य डेस्कटॉप / विंडो वातावरण आदि आप यहाँ से डाउनलोड कर सकते हैं –

http://fedoraproject.org/en/get-fedora#formats

वैसे, आमतौर पर डिफ़ॉल्ट फेडोरा डाउनलोड की सलाह दी जाती है – जिसमें ग्नोम विंडो वातावरण होता है. इसी पर आपको हिंदी का पूरा, अद्यतन समर्थन मिलता है.

आप चाहें तो फेडोरा को इंस्टालेशन के समय ही हिंदी भाषा में कर सकते हैं, इस स्थिति में आपको हिंदी भाषा के लिए किसी भी तरह की अतिरिक्त सेटिंग की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. परंतु यदि आपने अंग्रेजी भाषाई वातावरण में इंस्टाल किया है या फिर लाइव डीवीडी के जरिए फेडोरा चला रहे हैं तो आपको कुछ सेटिंग करनी होगी जो आसान हैं. निम्न स्क्रीनशॉट से यह स्पष्ट हो जाता है –

एक्टिविटीज़ सूची में जाएं और सेटिंग पर क्लिक करें.

 clip_image002

All Settings नामक निम्न विंडो खुलेगा –

clip_image004

रीजन व लैंगुएज (झंडा आइकन)  पर क्लिक करें. निम्न विंडो खुलेगा –

clip_image006

लैंगुएज पर क्लिक करें. आपको निम्न विंडो दिखेगा जिसमें विविध भाषाएं होंगी. हो सकता है कि हिंदी दिखाई न दे. कोई बात नहीं. सबसे नीचे तीन खड़ी बिंदुओं पर क्लिक करें तो सर्च विंडो खुलेगा.

clip_image008

सर्च विंडो में Hindi टाइप करें. आप देखेंगे कि आपके hin टाइप करते ही हिंदी का विकल्प दिखने लगेगा. हिंदी को चुनें और Done पर क्लिक करें –

clip_image010

आपसे लागआउट होकर फिर से लॉगइन करने के लिए पूछा जाएगा. अब फिर आरंभ करें पर क्लिक करें –

clip_image012

फिर से चालू होने पर आपका वातावरण हिंदीमय हो जाएगा. परंतु रुकिए, अभी आपने आवश्यक हिंदी कुंजीपट को लागू नहीं किया है. (हिंदी कुंजी पट आप अंग्रेजी वातावरण में भी लागू कर सकते हैं, इसके लिए हिंदी वातावरण होना आवश्यक नहीं है) हिंदी कुंजीपट लागू करने के लिए इनपुट सोर्स (इनपुट स्रोत) के + चिह्न पर क्लिक करें. आपको निम्न विंडो दिखेगा –

clip_image014

यदि हिंदी न दिखाई दे तो सबसे नीचे के तीन खड़े बिंदु को क्लिक करने पर अन्य कुंजीपट के विकल्प आते हैं जिनमें ऊपर नीचे जाकर हिंदी खोजें. हिंदी पर क्लिक कर जोड़ें पर क्लिक करें. आप देखेंगे कि हिंदी के लिए ढेर सारे तमाम विकल्प हैं – फ़ोनेटिक, आईट्रांस, रेमिंगटन, इनस्क्रिप्ट 1 तथा 2 आदि –

clip_image016

वांछित कुंजीपट चुनें और जोड़ें पर क्लिक करें. आपको अंग्रेजी यूएस कुंजीपट जोड़ने की आवश्यकता कुछ मामलों में पड़ सकती है. हिंदी कुजीपट जुड़ जाने के बाद यह ऊपरी दाएं कोने में माउस से टॉगल योग्य बटन के रूप में उपलब्ध हो जाता है जिसके लिए आप कोई शॉर्टकट कुंजी भी सेट कर सकते हैं.

हिंदी लागू करते समय आपसे पूछा जा सकता है कि क्या आप फ़ोल्डरों के नाम भी हिंदी में रखना चाहते हैं? आपकी मर्जी! –

clip_image018

आपका ‘होम’ अब ‘घर’ हो गया है. यानी फेडोरा लिनक्स - मय हिंदी कुंजीपट के, पूरा हिंदीमय हो गया है –

clip_image020

बधाई!

कोई समस्या हो तो कमेंट बॉक्स का प्रयोग करें. यह बॉक्स इसीलिए तो दिया गया है मुस्‍कान

गूगल ब्लॉगर ब्लॉगस्पॉट का ध्यान अब हिंदी ब्लॉगिंग की ओर थोड़ा सा आया है.
अब एक सर्वे करवाया जा रहा है जिससे हम आप जैसे वास्तविक हिंदी ब्लॉगरों से अपने अनुभव तथा इसकी बेहतरी के लिए फ़ीडबैक मांगा जा रहा है.

मैंने अपने विचार से कुछ फ़ीडबैक ये दिए हैं -

1 - क्रासप्लेटफ़ॉर्म ब्लॉगिंग क्लाएंट - (विंडोज लाइव राइटर जैसा) जिसमें हिंदी वर्तनी जाँच की अंतर्निर्मित सुविधा हो.

2 - तमाम तरह के हिंदी कीबोर्ड - खासकर कृतिदेव/रेमिंगटन से टाइप करने की सुविधा युक्त एक क्लिक से इंस्टाल होने वाला इनपुट टूल (IME)

3 - हिंदी ब्लॉगिंग का मॉनीटाइज़ेशन - एडसेंस के द्वारा - जितनी जल्दी हो उतना उत्तम - इससे ही अधिकाधिक हिंदी ब्लॉगरों को प्रतिबद्ध ब्लॉगिंग की ओर खींचा और बांधा जा सकेगा (भूखे भजन न होय गोपाला!)

4 - अंतर्निर्मित फ़ॉन्ट कन्वर्टर - प्रमुख पुराने फ़ॉन्टों - जैसे कि कृतिदेव, चाणक्य आदि से यूनिकोड में पूरी शुद्धता से कन्वर्शन की सुविधा.

5 - हिंदी विशिष्ट टैम्प्लेट

इसी तरह के तथा यही या अन्य अपने अनुभव जन्य अथवा विश-लिस्ट भी आप फ़ीडबैक में दे सकते हैं.

फ़ीडबैक देने की लिंक है -

https://docs.google.com/a/google.com/forms/d/1cfG0a_ubsM7UE5m-VV89b4YUJP61I-u-5wTWpTv4olM/viewform?usp=send_form

यह लिंक आम जनता के लिए सीमित समय के लिए खुला है. अतएव जल्द से जल्द अपना फ़ीडबैक अवश्य दें. इसमें 2-3 मिनट से अधिक समय नहीं लगेगा.

 

image

 

तो, फिर, इंटरनेट का मतलब ही क्या है?

हे! ईश्वर, इन्हें माफ़ करना. ये मासूम हैं. ये खुद नहीं जानते कि ये क्या कर/करवा रहे हैं!

मुस्‍कान

image

भारतीय जनता के अच्छे दिन आए, न आए, हमारे (जैसों के) तो अच्छे दिन अभी ही आ गए.

पर, एक पेंच है.

जापान जाना होगा. या शायद, जापानियों की देखादेखी, कौन जाने यह योजना भारत में भी यह लागू हो जाए! आखिर हम नकल करने में उस्ताद जो ठहरे!

संदर्भवश, चाहें तो आप यह वीडियो भी देख सकते हैं -

अन्य रचनाएँ

[random][simplepost]

व्यंग्य

[व्यंग्य][random][column1]

विविध

[विविध][random][column1]

हिन्दी

[हिन्दी][random][column1]

तकनीकी

[तकनीकी][random][column1]

आपकी रूचि की और रचनाएँ -

[random][column1]

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget