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अँडे खाने वाले रखे हुऐ हैं या फेँक कर मारने वाले ?

वैसे, अराजकता को खत्म करने के लिए, आजकल अंडों का उपयोग खाने के बजाए फेंक कर मारने में ही ज्यादा करना चाहिए! :)

वाह, सेहत के साथ समाचार।

लोग आज पसंद भी नूरा कुश्ती ही करते हैं.असल कुश्ती करने वाले अब पहलवान भी कहाँ?हमारे यहाँ का राजनितिक परिदृश्य भी ऐसा हीहै.

आजकल कुश्ती या दंगल करने वाले अखाड़ा में कम सविधान सभा और विधानसभा ही मिलगे और बचे हुए है वह शीत युद्ध करते मैदान या रोड़ में दिखाई देते है !

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