December 2013

सेमसुंग ने अपने कुछ खास रेंज के स्मार्टफ़ोनों (जैसे कि गैलेक्सी नोट 2) के लिए अपडेट जारी किया है उसमें हिंदी भाषा समेत अन्य अनेक बहुत प्रचलित भारतीय भाषाओं - जैसे कि मराठी, असमिया, गुजराती, उड़िया, पंजाबी, बांग्ला, तमिल, तेलुगु, मलयालम इत्यादि में पूर्ण स्थानीयकरण उपलब्ध है.  यानी अब आप अपने इन स्मार्टफ़ोनों की सेटिंग में जाकर अपने फ़ोन का इंटरफ़ेस न केवल हिंदी (या अपनी पसंद की अन्य उपलब्ध भारतीय भाषाओं) में कर सकते हैं, बल्कि तमाम सेटिंग इत्यादि भी हिंदी वातावरण में कर सकते हैं.

सेमसुंग ने पहले ही अपने कुछ खास रेंज के स्मार्ट फ़ोनों को इन भारतीय भाषाओं में जारी किया था, और अब बाकी बचे-खुचे तमाम स्मार्टफ़ोनों में भी यह सुविधा आ गई है.

 

अपने स्मार्टफ़ोनों के इंटरफ़ेस के हिंदी हो जाने के कारण सबसे बड़ी सुविधा यह मिलती है कि न केवल तमाम सेटिंग इत्यादि हिंदी में मिलते हैं, बल्कि अन्य तमाम ऐप्प भी स्वचालित रूप से हिंदी में उपलब्ध हो जाते हैं, यदि उनका स्थानीयकरण हो चुका हो तो. उदाहरण के लिए, मैग्मा मोबाइल का सॉलिटेयर खेल इसकी सेटिंग समेत पूरा हिंदी में दिखेगा.

एंड्रायड ओएस का आधिकारिक संस्करण किटकैट 4.4  गूगल नेक्सस 5 में पहले ही पूरा हिंदी में आ चुका है और अब तमाम सुप्रसिद्ध ऐप्प के स्थानीयकरण - यानी स्थानीय भाषाओं (जैसे कि हिंदी) में लाने - के पुरजोर प्रयास हो रहे हैं ताकि स्मार्टफ़ोनों को गैर अंग्रेजी जानकार लोगों तक पहुंचाया जा सके.

गैलेक्सी नोट 2 के कुछ स्क्रीनशॉट -

सेटिंग में भारतीय भाषाओं की सुविधा संबंधित भाषा को जोड़ कर चुन सकते हैं :

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हिंदी में होम स्क्रीन :

(जो ऐप्प हिंदी में हैं वे अपने आप ही हिंदी में दिखेंगे - जैसे कि सॉलिटेयर के दो संस्करण दिख रहे  हैं, एक हिंदी में स्थानीयकृत हो चुका है, और दूसरा नहीं )

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कैलेंडर - हिंदी में :

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सॉलिटेयर खेल के बारे में विवरण हिंदी में :

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सॉलिटेयर खेल की सेटिंग हिंदी में :

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सॉलिटेयर खेल के आँकड़े - हिंदी में :

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लगता है कि नया साल हिंदी कंप्यूटिंग के लिहाज से बढ़िया होने वाला है. मुस्‍कान

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रसों पहले जब अपने ब्लैक एंड व्हाइट टीवी की दुनिया से कलर टीवी की दुनिया में आने के लिए प्लान बनाए थे तब भी यही समस्या थी.

और अब भी यही समस्या है.

पहले जब अपने श्वेत-श्याम टीवी से छुटकारा पाकर रंगीन टीवी खरीदना चाहा था, तो बड़ी मुश्किलें आई थीं.

मैं जैसे ही बाजार की ओर रूख करता कि आज तो मैं रंगीन टीवी लेकर ही आऊंगा, परंतु विधाता – ओह, विधाता नहीं, ये नित नई टेक्नोलॉजी लांच करने वाले शातिर निर्माता मेरे टीवी दर्शन के भाग्य में कुछ और ही लिख रखते थे!

मैं जिस दिन मन बनाकर बाजार जाता कि आज तो रंगीन टीवी लेकर ही आऊंगा, ठीक उसी दिन कंपनी ये धुंआधार घोषणा करती कि वो जल्द ही नया, नई टेक्नोलॉज़ी वाला टीवी ला रही है.

जब मैं 51 सेंटीमीटर की टीवी लेने जाता तो बाजार में उससे भी बढ़िया 53 सेंटीमीटर, फ्लैट स्क्रीन टीवी जल्द ही आने वाला होता. लिहाजा, बेहतर, उच्च और नई टेक्नोलॉजी पाने के फेर में मैं वापस लौट आता. और फिर, जब बाजार में 53 सेंटीमीटर का फ्लैट स्क्रीन टीवी आ जाएगा तो फिर कौन बेवकूफ़ पुरानी टेक्नोलॉजी के वर्तमान भोंडे 51 सेंटीमीटर की टीवी में कोई प्रोग्राम देखेगा? कॉमेडी सर्कस और कॉमेडी नाइट्स जैसे फूहड़ और सड़ियल प्रोग्रामों को देखने का असली मजा तो उच्च टेक्नोलॉजी के टीवी में ही है. बहरहाल, जब मैं 53 सेंटीमीटर टीवी खरीदने गया तो पता चला कि अगले कुछ महीनों में तो 72 इंची टीवी सेट आने वाले हैं, लिहाजा फिर इंतजार करने लगा.

उन्नत टेक्नोलॉजी युक्त 72 इंची टीवी जब तक आता और बाजारों सहति मेरे घर में छा जाता, शातिर टीवी निर्माताओं ने एलसीडी और प्लाज़्मा टीवी घोषणा कर डाली. अब आप बताइए, मैं कोई मूर्ख था जो अपने पैसे 72 इंची टीवी में फंसाता? मुझे तो एलसीडी टीवी का इंतजार करना ही था.

पर, इधर बड़ा धर्मसंकट था – एलसीडी या प्लाज्मा? कुछ समय तो इसी में उलझा रहा. कोई बताता एलसीडी बढ़िया है, दिन में भी बढ़िया दिखता है, तो कोई कहता (हाँ, भाई, किसी रीव्यू में ही, अब इंटरनेट जो आ गया है!) प्लाज्मा से बढ़िया पिक्चर क्वालिटी कोई नहीं. ऊपर से एलसीडी और प्लाज्मा में टीवी के आकारों के अनगिनत रूप. आदमी 32 इंची ले कि 40 ले कि 55 या फिर 16 में ही संतोष करे!

इस बीच एचडी, फुल एचडी और एचडी कंपेटिबल टीवी ने बहुत हाजमा खराब किया कि ये लें या वो लें!

तो, जनाब ऐसे ही किसी एक दिन मैंने सोच ही लिया कि बहुत हो चुका. एलसीडी टीवी ले ही लिया जाए. और बाजार चला गया. वहां पहुँचा तो – हाँ, आपने ठीक ठीक अंदाजा लगाया – पता चला कि एक कंपनी का नया एलईडी टीवी जल्द ही आने वाला था.

और, जब मैंने एक खास कंपनी का बढ़िया एलईडी टीवी खरीदने का मन बनाया तो, तब तक उसकी टेक्नोलॉज़ी पुरानी पड़ गई थी. बाजार में नया स्मार्ट टीवी जो आ गया था जो कि इंटरनेट से जुड़कर तमाम ऑनलाइन मनोरंजन भी परोस सकता था.

और, इधर जब मैं स्मार्ट टीवी लेने गया तो पता चला कि बस, कुछ ही दिनों में स्मार्ट-2 टीवी आ रहा है जो कि आपके हाव-भाव तथा आपकी आवाज को पहचान कर अपना काम करेगा. यानी आप कहेंगे कि स्टार प्लस लगा, तो वो स्टार प्लस लगा देगा और जब कहेंगे कि कोई ढंग का चैनल लगा तो वो फैशन टीवी लगा देगा.

इस बीच, 3 डी टीवी भी घुस आया, जिसे मैं तो हर हाल में लेने ही वाला था, परंतु तभी यह निर्णय करना बड़ा कठिन हो गया कि पैसिव वाला लें या एक्टिव शटर वाला?

और जब आज मैंने सोचा कि नव वर्ष पर अपने आप को शानदार गिफ़्ट दिया जाए, एक बढ़िया सा स्मार्ट टीवी खरीदा जाए तो पता है क्या हुआ?

बाजार में कर्व्ड टीवी आने की घोषणा हो गई. वो भी 4के वाला! यानी एचडी से भी उन्नत!

अब जब कर्व्ड स्क्रीन युक्त टीवी आने वाला है तो फिर पुरानी टेक्नोलॉज़ी के सड़ियल फ्लैट स्क्रीन टीवी में प्रोग्राम देखने में न तो किसी हास्य प्रोग्राम का पंच हास्य पैदा कर सकेगा न कोई डेली सोप देखने के लिए प्रेरित कर सकेगा.

जाहिर है, अभी भी इंतजार करने में ही भलाई है.

नई टेक्नोलॉजी की तो...

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छींटें और बौछारें के सभी पाठकों को नववर्ष की शुभकामनाएं!

विंडोज एक्सपी में हिंदी में काम करने के लिए आपको उसकी इंस्टालेशन सीडी से हिंदी इंस्टाल करने के लिए जुगाड़ करना होता था.

परंतु विंडोज विस्टा  और आगे के संस्करणों में यह सुविधा अंतर्निर्मित आ रही है और विंडोज 7 तथा विंडोज 8 में हिंदी के फ़ॉन्ट व कीबोर्ड अंतर्निर्मित आ रहे हैं जिससे आप बिना किसी अतिरिक्त इंस्टालेशन के हिंदी में काम कर सकते हैं.

विंडोज 8 में हिंदी में काम करने के लिए आपको हिंदी का कीबोर्ड सक्रिय करना होगा. इसे विंडोज 7 की ही तरह किया जाता है.

परंतु समस्या यह है कि विंडोज 8 में कंट्रोल पैनल दिखता ही नहीं और नया उपयोगकर्ता भ्रमित हो जाता है.

इसी कारण से विंडोज 8 के लिए माइक्रोसॉफ़्ट को हर किसी ने गरियाया है. छोटी छोटी चीजों के लिए इतनी खोजबीन करनी पड़ती है कि क्या कहें. इसमें तो स्टार्टबटन भी नहीं है.

खैर.

विंडोज 8 पर हिंदी कीबोर्ड लाने के लिए चरण दर चरण निर्देश -

अपने माउस संकेतक को कंप्यूटर स्क्रीन के ऊपरी दाएं कोने में ले जाएं. वहां जो मेनूबार प्रकट होगा उसमें गियर आइकन पर क्लिक करें.

 

सेटिंग मेनू खुलेगा उसमें कंट्रोल पैनल पर क्लिक करें.

 

क्लॉक, लैंगुएज एंड रीजन में एड ए लैंगुएज तथा चेंज इनपुट मैथड दिखेगा.

यदि आप अपने विंडो का इंटरफ़ेस पूरा हिंदी करना चाहते हैं तो एड ए लैंगुएज चुनें. अन्यथा केवल टाइपिंग इत्यादि के लिए हिंदी कुंजीपट सक्रिय करना चाहते हैं तो चेंज इनपुट मैथड चुनें.

जो विंडो खुलेगी उसमें आप हिंदी कीबोर्ड चुन लें.

आपके डेस्कटॉप  स्क्रीन पर ENG व हिंदी कीबोर्ड उपलब्ध हो जाएगा जिसे डिफ़ॉल्ट - ऑल्ट + शिफ़्ट कुंजी से टॉगल कर सकते हैं.

 

यदि आपको रेमिंगटन या फ़ोनेटिक में टाइप करना है तो इसके लिए आपको माइक्रोसॉफ़्ट इंडिक इनपुट 3 इंस्टाल करना होगा, जिसके बारे में जानकारी यहाँ है.

यह एक आश्चर्यचकित कर देने वाली जासूसी सत्यकथा है.

इंटरनेटी जालसाज लोगों को फांसने के नित्य नए-नए तरीके आज़मा रहे हैं - आप पढ़ेंगे तो आश्चर्यचकित रह जाएंगे.

अभी तक तो हम आप फ़िशिंग से जूझ रहे थे, अब ये शार्किंग और व्हेलिंग जैसी चीजें भी इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को परेशान करने आ गई हैं.

 

एंटीवायरस बनाने वाली आईटी सुरक्षा कंपनी एफ़सेक्योर के हेलसिंकी मुख्यालय के कार पार्किंग पर एक व्यक्ति अपनी शानदार, लक्झरी ऑडी आर-8 कार से उतरा, और सीधे प्रयोगशाला में जा पहुँचा. उसके हाथ में उसका लैपटॉप था जहाँ उसका परीक्षण किया जाना था.

वह आदमी था जेन्स कायलोनेन, जो कि एक बेहद सफल पेशेवर पोकर खिलाड़ी था – वास्तविक दुनिया में भी और ऑनलाइन पोकर की दुनिया में भी. जेन्स के बारे में आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि उसने महज पिछले वर्ष ही पोकर खेल कर 25 लाख डॉलर कमाए थे.

जेन्स अपना लैपटॉप क्यों लेकर आया था? जेन्स को कुछ शंका सी हुई थी कि उसके लैपटॉप में कुछ छेड़खानी की गई हो सकती है. और वह अपनी शंका का समाधान करने एफ़सेक्यूर की प्रयोगशाला पर पहुँचा था.

परंतु, उसे शंका हुई तो आखिर क्यों?

यह भी एक अलग कहानी है –

जेन्स यूरोपीय पोकर टूर्नामेंट में भाग लेने बार्सीलोना गया था. वहाँ वह एक पाँच सितारा होटल में ठहरा हुआ था. वह लगभग पूरे दिन टूनामेंट के टेबल पर मैच खेलता रहा. बीच में थोड़ा विराम लेकर अपने लैपटॉप पर इंटरनेट पर मेल इत्यादि चेक करने के लिए वह अपने कमरे में गया. वहाँ उसकी हाई सीक्यूरिटी वाली इलेक्ट्रॉनिक चाबी ने काम करने से मना कर दिया और कमरा नहीं खुला. तो वह रिसेप्शन पहुंचा जहाँ उसकी चाबी बदल दी गई. जब वह कमरे में पहुंचा तो उसने देखा कि उसका लैपटॉप उसके कमरे में नहीं था. उसे लगा कि उसका मित्र जो उसी होटल में ठहरा था शायद उसने उसके लैपटॉप को किसी काम के चलते उठाया हो. या कमरे की सफाई करने वाले कर्मी ने कहीं इधर उधर रख दिया हो. उसका लैपटॉप बड़े आकार का था और कमरे में कहीं दब छुप नहीं सकता था. कमरे में लैपटॉप नहीं दिखा, तो वह अपने मित्र के पास पता करने गया. मित्र ने बताया कि उसने उसका लैपटॉप नहीं लिया है.

परेशान सा वह थोड़ी देर बाद वापस अपने कमरे में आया तो उसे उसका लेपटॉप सामने टेबल पर ही रखा मिला. और जब उसने विंडोज़ बूट करने की कोशिश की तो उसका विंडोज़ ठीक से बूट नहीं हुआ और एकाध बार रीस्टार्ट करने पर चला.

जेन्स को शंका हुई कि उसके लैपटॉप में किसी न किसी तरह की छेड़खानी की गई है. वह तो भला हो कि वह ऐसे समय अपने कमरे में पहुंचा जब उसका लैपटॉप वहां नहीं था, अन्यथा उसे शंका ही नहीं होती. तो वह उस लैपटॉप को लेकर सीधे एफ़सेक्यूर के ऑफ़िस पहुंच गया कि सुनिश्चित कर लें कि मामला ठीक ठाक तो है. ऑनलाइन पोकर खेलने वालों के लिए अपने कंप्यूटर और लैपटॉप की सुरक्षा बेहद जरूरी है, अन्यथा उनका तो कैरियर न सिर्फ चौपट हो जाएगा, उनका बड़ा नुकसान हो जाएगा.

प्रयोगशाला में लैपटॉप के परीक्षण में पता चल गया कि जेन्स के कंप्यूटर में एक रैट (रिमोट ऐक्सेस ट्रोजन) चोरी छुपे इंस्टाल कर दिया गया था. यह रैट किसी यूएसबी उपकरण के द्वारा उसके कंप्यूटर में इंस्टाल किया गया था. यह रैट उपयोगकर्ता के कंप्यूटर को रिमोट से नियंत्रित और मॉनीटर कर सकता है. पाँच सितारा होटल के उसके कमरे में घुस कर किसी ने उसके लैपटॉप में वायरस डाला. यह घटना निःसंदेह सबको चौंकाती है.

नीचे ऑनलाइन पोकर गेम के स्क्रीनशॉट दिए गए हैं कि यह रैट कैसे काम करता है – हैकर अपने प्रतिद्वंद्वी के पत्ते देख सकता है, और इस तरह से गेम जीत सकता है –

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यहाँ हमलावर 946 है जिसने 777 के कंप्यूटर पर कब्जा जमाया हुआ है

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हमलावर 777 के पत्ते देख रहा है.

जेन्स के लैपटॉप का परीक्षण करने के बाद, अन्य पोकर खिलाड़ियों को सचेत किया गया तो पाया गया कि एक और पेशेवर खिलाड़ी के लैपटॉप में ठीक ऐसे ही तरीके से यही रैट इंस्टाल किया गया था. यानी भले ही आप इंटरनेट पर पूरी सुरक्षा बरत लें, यदि आप अपने लैपटॉप / कंप्यूटर पर पूरी निगरानी नहीं रखते हैं तो आपका दुश्मन खुद वहाँ तक पहुँच बना कर आपके कंप्यूटर पर वायरस डाल सकता है.

इस तरह की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं और इसीलिए इन्हें नया नाम दिया गया है – शार्किंग. व्हेलिंग भी कुछ इसी तरह का खेल होता है जहाँ बड़े बड़े व्यापारियों और उद्योगपतियों को निशाना बनाया जाता है.

कहानी व चित्र – एफ़सेक्यूर ब्लॉग से साभार.

पुनश्च –

अब आप मेरी अपनी ताज़ा कहानी भी सुन लीजिए.

हाल ही में मैंने कुछ ऑनलाइन खरीदी की. भारत के एक मशहूर ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी से. छूट आकर्षक थी तो मैंने ऑनलाइन ऑर्डर कर ही दिया था. ऑर्डर करने के लिए कंपनी की साइट पर अपना फ़ोन नंबर पंजीकृत करना आवश्यक था.

खरीदी के एक-दो दिन बाद ही (उक्त कंपनी में दर्ज) मेरे फ़ोन नंबर पर मेरे पास लक्ष्य किए गए (यानी की कॉल करने वालों को पता था कि मैंने कुछ खरीदी की है, और मेरी खरीदी के पैटर्न के मुताबिक, मैं भी एक 'आसामी' हूँ इसलिए और भी बहुत कुछ खरीद सकता हूँ!) फ़ोन कॉल आने लगे. यहाँ यह बता दूं कि मेरा नंबर डीएनडी है और निजी है, और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है. जाहिर है, मेरा नंबर कंपनी में ऑनलाइन खरीदी के दौरान ही कहीं से उड़ाया गया होगा. बहुत संभव है कि कूरियर कंपनी के डिलीवरी एंड पाइंट से उड़ाया गया हो – थोड़े से पैसे के लिए लोग यह भी करते हैं! मैंने कंपनी को अपनी शिकायत दर्ज कर दी है. परंतु मेरे मन में ऑनलाइन शॉपिंग के लिए जो भय बैठ गया है उसका क्या? और, अब इस तरह के अपराध को क्या नाम दिया जाए – पॉम्फ्रेलिंग?

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हाल ही में जारी किया गया नवीनतम गूगल नेक्सस 5 स्मार्टफ़ोन तो पूरा का पूरा हिंदी-मय है! इंटरफ़ेस, सर्च, बोल कर हिंदी लिखने व बोलकर हिंदी में सर्च करने से लेकर अंतर्निहित हिंदी वर्तनी जाँच तक सबकुछ है इसमें.

नीचे दिए गए कुछ स्क्रीनशॉट से आपको इसकी ख़ूबी का पता चलेगा –

जब आप नेक्सस 5 को पहली बार बूट करते हैं तो आपके पास फ़ोन की भाषा हिंदी को चुनने का विकल्प मिलता है –

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जब आप फ़ोन की भाषा हिंदी में कर लेते हैं तो आपके नेक्सस का होम स्क्रीन हिंदी में कुछ यूँ दिखेगा -

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यहाँ आपको हिंदी भाषा में इनपुट के विकल्प कुछ ऐसे मिलते हैं -

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हिंदी के लिए एक से अधिक उपलब्ध विविध इनपुट पद्धतियों में से आप चुन सकते हैं -

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हिंदी इनपुट के कुछ और विकल्प जैसे कि बोलकर खोजने और लिखने के -

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हिंदी में लेखन का शानदार प्रेडिक्टिव इनपुट भी है, जो हिंदी लेखन को आसान बनाता है –

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गूगल नेक्सस 5 की सेटिंग हिंदी में –

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फ़ोन के अन्य विवरण हिंदी में -

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हिंदी में बोलकर सर्च करने की सुविधा –

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रवि रतलामी बोला गया तो यह खोज परिणाम आया –

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एक और बोल कर खोज – इस बार बोला गया रचनाकार –

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गूगल हिंदी समाचार का पन्ना - हिंदी फ़ॉन्ट व डिस्प्ले शानदार –

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तो, अब यदि आपको हिंदी सुविधा सहित पूर्ण हिंदी-मय स्मार्टफ़ोन की तलाश हो, तो आप आँख मूंद कर नेक्सस 5 फ़ोन खरीद सकते हैं. और, टेक-पंडितों के मुताबिक, वैसे भी यह बहुत से अन्य दीगर मामलों में यह गर्मागर्म पकौड़े की तरह बिक रहे एप्पल 5 एस से कहीं बेहतर है.

(स्क्रीनशॉट व अन्य इनपुट में सहयोग - अन्वेष श्रीवास्तव)

(Nexus 5 - Best ever smartphone with full Hindi support)

यह बात मैं आपको नहीं बताऊँगा. बल्कि, मैं तो अभी खुद सीख रहा हूँ. अच्छी फ़ोटो खींचने के बारे में आप भी यहाँ से सीखना प्रारंभ कर सकते हैं. और, यहाँ दी गई एक युक्ति के अनुसार, जब तक आप 10000 फ़ोटो खींच नहीं लेते, आपको ढंग से फ़ोटो खींचना नहीं आ सकता. और, अभी तो ये मेरी महज डेढ़ सौ वीं फ़ोटो हैं, जिनमें से कुछ आपके समक्ष पेश हैं -

 

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ऊपर के फ़ोटो में दिख रही चिड़िया का डिटेल [100% जूम कर लिया गया स्क्रीनशॉट (जूम लैंस नहीं) ]:

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ऊपर के फ़ोटो में दिख रहे पक्षियों का डिटेल :

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एक और डिटेल :

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भोपाल बड़ा ताल की सूर्यास्त की कुछ तस्वीरें -

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क्या खयाल है? मेरी सीखने की रफ़्तार ठीक है?

मार्च 2013 में मैंने स्मार्टफ़ोनों के हिंदी कीबोर्ड का एक संक्षिप्त शूटआउट प्रस्तुत किया था. उसके बाद से तो मुहल्ले के गंदे नाले से न जाने कितना गंदा पानी निकल कर नदी/तालाब में चला गया है!

कुछ समय पहले सेमसुंग ने खास भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए उनकी अपनी ही भाषा में स्मार्टफ़ोनों की श्रृंखला जारी की थी. जाहिर है, उन स्मार्टफ़ोनों में भारतीय भाषाओं का अपना कीबोर्ड होना आवश्यक था. यानी हिंदी भाषा के लिए, सेमसुंग का अपना स्वयं का हिंदी कीबोर्ड. सेमसुंग विश्व का सबसे बड़ा स्मार्टफ़ोन निर्माता यूं ही नहीं बन गया है. दरअसल उसकी नजर दुनिया के हर किस्म के लोगों के हाथों में सेमसुंग के फ़ोनों पर है!

यह की-बोर्ड अब सेमसुंग के अन्य स्मार्टफ़ोनों में, जिनमें भारतीय भाषाई सुविधा नहीं है, उनमें भी डाउनलोड के लिए भी अब उपलब्ध है. भाषाई सेटिंग में जाकर हिन्दी (तथा अन्य भारतीय भाषा के कीबोर्ड जैसे कि बांग्ला, मराठी, गुजराती, पंजाबी, तमिल आदि) डाउनलोड का विकल्प चुनकर नीचे दिए गए चित्रानुसार डाउनलोड कर सकते हैं -

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डाउनलोड करने के बाद इनपुट लैंगवेज सेटिंग में जाकर इसके चेकबॉक्स में सही का निशान लगा कर चुनें -

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अब यदि आपको हिंदी में टाइप करना हो तो स्पेस बार को स्लाइड कर हिंदी और अंग्रेज़ी के बीच टॉगल कर सकते हैं.

आइए, अब देखते हैं कि इसमें क्या सुविधा है जो इसे बेजोड़ बनाती है -

1- इसका कीबोर्ड वर्णमालाक्रम में है, जो कि टचस्क्रीन उपकरणों के हिसाब से उपयुक्त है.

2 - इसमें हिंदी का प्रेडिक्टिव कीबोर्ड है, जो बढ़िया काम करता है.

3 - इसमें बाएं बाजू अलग से मात्राओं, खास स्वरों, और खास अक्षरों के लिए एक खंड दिया गया है. नीचे के चित्रों में स्पष्ट है. जिससे त्वरित टाइप करने में सुविधा होती है.

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हिंदी के संयुक्ताक्षरों व विशिष्ट अक्षरों के लिए एक अलग खंड में व्यवस्था -

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मात्राओं के लिए एक चौकोर  अलग खंड में व्यवस्था -

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मैंने इसमें थोड़ी सी सामग्री टाइप करने की कोशिश की तो पाया कि यह अब तक के तमाम स्मार्टफ़ोनों में उपलब्ध हिंदी कीबोर्ड में सर्वोत्तम में से एक है.

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