October 2013


नया एग्रीगेटर ब्लॉग समय जारी हो गया है. यहां देखें - http://www.blogsamay.com/ 
यह अभी बीटा संस्करण जैसा ही प्रतीत हो रहा है. एकदम बेसिक रूप रंग में. उम्मीद है कि भविष्य में चिट्ठाजगत, ब्लॉगवाणी जैसी उन्नत सुविधाएं इसमें मिलें, ताकि यह सफल हो.

एक नया हिंदी वर्तनी परीक्षक सॉफ़्टवेयर जारी किया गया है. इसकी एक बड़ी खासियत है - यह मानक हिंदी - जी हाँ, मानक हिंदी में वर्तनी जांच की सुविधा (विकासकों के दावे के मुताबिक, क्योंकि मेरे द्वारा परीक्षण नहीं किया गया है) दी गई है जो कि बहुत ही उत्तम कार्य है.

प्रस्तुत है विकासक श्री जगदीप डांगी द्वारा प्रेषित ईमेल - जिसमें सॉफ़्टवेयर डाउनलोड लिंक हैं. ध्यान दें कि लिंक कुछ ही दिनों के लिए काम करेंगे, अतः डाउनलोड जल्द कर लें.

क्या है सक्षम सॉफ्टवेयर?
सक्षम - यूनिकोड हिंदी देवनागरी हेतु वर्तनी परीक्षक
(Saksham – Unicode Based Devanagari Hindi Spell Checker)
यह यूनिकोड फ़ॉन्ट आधारित देवनागरी हिंदी पाठ के लिए वर्तनी परीक्षक सॉफ़्टवेयर है। इसके माध्यम से यूनिकोड फ़ॉन्ट आधारित देवनागरी हिंदी में लिखे गए पाठ कीवर्तनी को जाँचनेसुधारने एवं संशोधन करने में सहायता मिलती है। यह पाठ के शब्दों की वर्तनी में हुई अशुद्धियों को हाइलाइट करते हुए शब्दों की लगभग सभी शुद्धवर्तनियों को दर्शाता है। यह विंडोज के एम.एसवर्ड सॉफ़्टवेयर के अंदर कार्य करने में पूर्ण सक्षम है। वर्तमान में इसके लिए प्रयुक्त डाटाबेस में हिंदी के 69000 शब्द संग्रहीत हैंभविष्य में लगभग पाँच लाख मानक शब्द संग्रहित करने का लक्ष्य है।

विशेषताएँ:-
1.   विंडोज के एम.एसवर्ड सॉफ़्टवेयर के अंदर कार्य करने में पूर्ण सक्षम है।
2.   यह यूनिकोड आधारित मानक हिंदी के लिए पहला वर्तनी परीक्षक सॉफ्टवेयर है।
3.   सॉफ्टवेयर का संपूर्ण इंटरफ़ेस देवनागरी लिपि (हिंदी भाषामें है।
4.   यह यूनिकोड फ़ॉन्ट आधारित देवनागरी एवं रोमन फ़ॉन्ट में लिखे हुए द्विभाषी पाठ में से यह रोमन फ़ॉन्ट में लिखे हुए पाठ को छोड़ कर सिर्फ़ देवनागरी पाठ कीवर्तनी जाँचने में पूर्ण सक्षम है।
5.   तालिका के रूप में लिखे हुए पाठ पर भी यह सॉफ़्टवेयर कार्य करने में पूर्ण सक्षम है।
6.   यह परीक्षण के दौरान प्राप्त अशुद्ध वर्तनी वाले शब्द को हाइलाइट करता है एवं उक्त अशुद्ध वर्तनी वाले शब्द के लिए कुछ शुद्ध वर्तनी युक्त संभावित शब्द भीसुझाता है।
7.   परीक्षण के दौरान हाइलाइट वाले शब्द को उपयोगकर्ता अपने शब्दकोश में सम्मिलित भी कर सकता है और उसे छोड़ भी सकता है इसके लिए उपयुक्त कमांडकुंजियाँ दी गईं हैं।
डेमो लिंक :-

विकासकर्ता
जगदीप सिंह दांगी
एसोसिएट प्रोफेसर – भाषा विद्यापीठ
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय – वर्धा

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सादर
एसोसिएट प्रोफ़ेसरभाषा विद्यापीठ
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालयवर्धा
मोबाइलः  09826343498 (म.प्र.); 09921118136 (महाराष्ट्र) 

जब से निगोड़ा कंप्यूटर आया है, आदमी पेन उठाना भूल गया है. कुछ भी लिखना हो, कहीं दर्ज करना हो, पेन-पेंसिल के बजाए कंप्यूटरों के कीबोर्ड की ओर दौड़ लगाता है.

पर, अब लगता है कि दुनिया ने एक बार फिर पलटी खाई है.

गूगल ने जीमेल तथा गूगल डॉक्स पर क्रमशः 50 और 20 से अधिक भाषाओं में हस्तलेखन से इनपुट की सुविधा प्रदान कर दी है, जिनमें हिंदी भी शामिल है. एण्ड्रायड फ़ोनों में यह सुविधा कुछ समय पहले से मिली हुई है.

मैंने जीमेल में त्वरित जांच परख की तो पाया कि माउस से हाल-फिलहाल लिखने में थोड़ा कष्ट तो होता है, मगर आपके लिखे को पूरी सटीकता से पहचानने में यह पूरा दक्ष है. हाथ कंगन को आरसी क्या? नीचे स्क्रीनशॉट देखें. और, टचस्क्रीन उपकरणों के लिए तो - यह वरदान की तरह है!

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हस्तलिपि में लिखने के लिए जीमेल की  सेटिंग में जाकर शो मोर लैंग्वेज ऑप्शन में क्लिक करें और वहाँ पर इनेबल इनपुट टूल्स चेक बॉक्स में सही का निशान लगाएं और एडिट टूल्स में जाकर हिंदी पेंसिल निशान को जोड़ें.

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उसके बाद जीमेल में सेटिंग के बाएं ओर सलेक्ट इनपुट टूल ड्रापडाउन मेनू से हिंदी पेंसिल आइकन क्लिक कर चुनें. आपके सामने एक छोटा विंडो प्रकट होगा जिसमें आप माउस कर्सर या टच की सहायता से लिख सकेंगे. फिर कम्पोज विंडो खोलें और वहां कर्सर रख क्लिक करें. फिर मनचाहा पाठ लिखें. आपके लिखे एक एक अक्षर को यह रीयल टाइम में पहचानने की कोशिश करता है और आपको तदनुसार विकल्प देता है - बहुत कुछ प्रेडिक्टिव टैक्स्ट की तरह. तो आप उसमें से चुनें और एंटर बटन दबा दें. आपका हस्तलेख टाइप होकर कम्पोज विंडो में चला आएगा.

हस्तलेखन अमर रहे!

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अब तो, लगता है कि गूगल दरिद्र हो गया है. 15 जीबी ईमेल बॉक्स बस, यह भी कोई बात है? नए याहू! ईमेल के 1 टेराबाइट के मेल-बॉक्स के सामने गूगल का 15 जीबी ईमेल बक्सा तो नगण्य, महा-गरीब ही दिखता है.

कुछ समय पहले याहू! मेल ने अपना नया अवतार जारी किया तो और भी तमाम नई सुविधाओं के साथ अपने सभी नए-पुराने उपयोगकर्ताओं को 1 टेराबाइट यानी 1000 जीबी ईमेल बॉक्स की मुफ़्त सुविधा प्रदान की. अब आप अपने याहू ईमेल का उपयोग इंटरनेट-हार्ड-डिस्क की तरह अपनी फ़ाइलों को ऑनलाइन संग्रह के लिए धड़ल्ले से कर सकते हैं.

याहू! पर मेरा ईमेल का पहला, और सबसे पुराना खाता है. बीच में यह बिलकुल बेकार, स्पैम से अटा घटिया सेवा वाला हो गया था. बीच में मेरा यह खाता इसकी सुरक्षा खामियों के कारण कई याहू ईमेल खाताधारकों की तरह हैक हो गया था. और इन्हीं वजहों से इसका प्रयोग करना मैं लगभग बन्द कर चुका था.

परंतु अभी वाकई इसके रूप रंग और उपयोगिता में आमूलचूल परिवर्तन हुआ है और स्पैम तो लगभग खत्म से ही हो गए हैं. हाँ, ये बात दीगर है कि मेरा यह पुराना ईमेल अब अधिक प्रचलित नहीं है तो बॉट्स की नजरों में, ईमेल स्पैमरों की नजरों में नहीं चढ़ पाता होगा. जो भी हो, नया याहू ईमेल वाकई बढ़िया है.

परंतु स्थापित और प्रचलित जीमेल के खाताधारक शायद ही इसे छोड़कर जाएं. नए लोगों के लिए 1 जीबी मेल-बॉक्स आकर्षित भले कर ले, मगर गूगल की एकीकृत सेवाओं का मुकाबला याहू मेल के पास कहाँ? और, शायद, देखा-देखी, कौन जाने कल को, जीमेल में भी 500 जीबी डेटा स्टोर करने की सुविधा मिल जाए!

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राहुल (परिवर्तित नाम) का स्मार्ट फ़ोन कुछ दिक्कत देने लगा तो उन्होंने उसे सर्विस सेंटर को सुधारने के लिए दिया. उनका फ़ोन दो तीन दिन में सुधर कर आ भी गया.

इसके कुछ दिनों के राहुल के इंटरनेट इनेबल़्ड बैंक खाते से अनधिकृत तरीके से हजारों रुपए निकाल लिए गए. जब राहुल को पता चलता और वे बैंक जाकर खाता ब्लॉक करवाते, उन्हें लाखों रुपए का चूना लग गया.

पुलिस के साइबर सेल में रिपोर्ट लिखवाने के बाद तहकीकात से पता चला कि राहुल के खाते से उनका वास्तविक पासवर्ड/यूजरनेम का उपयोग कर ही पैसा निकाला गया है, लिहाजा इस मामले में कुछ नहीं हो सकता. सूत्रों को पिरोने से हालाकि यह बात प्रकटतः सिद्ध हो गई कि राहुल ने अपने मोबाइल फ़ोन पर इंटरनेट बैंकिंग ऐप्प भी इंस्टाल किया था और अपने बैंक खाते के डिटेल भी सेव कर रखे थे जिसे सर्विस सेंटर में किसी ने कॉपी कर लिया था, और उसका उपयोग बैंक से अनधिकृत तौर पर रुपया निकालने के लिए किया था.

मित्र से गलती यह हो गई थी कि उन्होंने सर्विस सेंटर पर अपना मोबाइल फ़ोन देने से पहले उसे रीसेट नहीं किया था. रीसेट करना यानी मोबाइल फ़ोन से अपना पूरा इतिहास, डेटा, कॉन्टेक्ट इत्यादि तमाम सामग्री मिटा कर वापस फ़ैक्ट्री सेटिंग की स्थिति में पहुँचाना. केवल इस विधि से ही मोबाइल फ़ोनों में स्टोर किए गए हमारे डेटा पूरी तरह से मिट पाते हैं, अन्यथा नहीं.

तो, यदि आपके फ़ोन में कोई समस्या आ रही है, और आप उसे रिपेयर हेतु सर्विस सेंटर पर जमा कर रहे हैं तो उसे रीसेट करना न भूलें. कुछ मामले में - यदि फ़ोन पूरी तरह से डेड है तब तो ख़ैर, कुछ हो नहीं सकता, मगर बाकी के मामलों में फ़ोन का पूरा डेटा, सम्पर्क जानकारी, इतिहास, खींचे गए फ़ोटो इत्यादि सबकुछ डिलीट कर दें. बहुत से मामलों में मात्र डिलीट करने से काम नहीं बनता. कुछ खास सॉफ़्टवेयरों से इन मिटाई गई सामग्री को वापस प्राप्त कर लिया जाता है. इसीलिए फ़ोन को रीसेट करना ही सही विकल्प है.

आजकल के प्रायः सभी स्मार्टफ़ोनों में ही फ़ोन को रीसेट करने की सुविधा आ रही है. यदि आपको इस मामले में समस्या आ रही है तो आप सर्विस सेंटर वाले से ही कहें कि वो आपके सामने आपका फ़ोन रीसेट करके बताए और आप उसे चालू कर के देखें कि कहीं आपका डेटा, कॉन्टेक्ट लिस्ट इत्यादि अब भी तो मौजूद नहीं हैं. और यदि आपके फ़ोन में कोई खास महत्वपूर्ण डेटा या सेंसिटिव किस्म की सामग्री नहीं है तब भी आप सर्विस सेंटर को देने से पहले रीसेट अवश्य करें. आपके फ़ोन में आपके संपर्कों के नंबर रहते हैं, और आपको अपने उन संपर्कों के नंबरों को सार्वजनिक हो जाने का कोई चांस नहीं लेना चाहिए.

यदि आप अपना फ़ोन अपग्रेड कर रहे हैं और अपने वर्तमान फ़ोन को रीप्लेस कर रहे हों या किसी को बेच रहे हों तब भी, नए फ़ोन में अपना डेटा, कॉन्टेक्ट लिस्ट इत्यादि कॉपी कर पुराने फ़ोन को रीसेट करने के लिए यही विधि अपनाएं. कौन जाने किस व्यक्ति के पास आपका पुराना फ़ोन पहुँचेगा और वह किस तरह से इसका उपयोग करेगा आपको नहीं पता.

पुराना टीबीआईएल उतना उपयोगी नहीं था, और फ़ॉन्ट परिवर्तनों में अशु्द्धियाँ भी देता था. तो, मैं आमतौर पर फ़ॉन्ट रूपांतरण के लिए सिल कन्वर्टर पर निर्भर था. परंतु सिल कन्वर्टर की सबसे बड़ी खामी यह थी कि उसमें मात्र चार-पांच फ़ॉन्टों के ही रूपांतरण संभव थे. बाकी के लिए मैं डांगी सॉफ़्ट का प्रखर देवनागरी फ़ॉन्ट कन्वर्टर उपयोग करता था. प्रखर फ़ॉन्ट कन्वर्टर में हालांकि 250 से ऊपर फ़ॉन्टों को यूनिकोड में कन्वर्शन की सुविधा है, परंतु यूनिकोड से वापस यानी बाय-डायरेक्शनल फ़ॉन्ट कन्वर्शन की सुविधा नहीं है. साथ ही, प्रखर फ़ॉन्ट कन्वर्टर चलने में बेहद धीमा है.

तकनीकी हिंदी खण्ड में वैसे तो कोई डेढ़ सौ से ऊपर फ़ॉन्ट कन्वर्टर हैं, परंतु ये छोटे मोटे कन्वर्शन के लिए ही उपयुक्त हैं.

और, सबसे बड़ी बात कि एसक्यूएल, एक्सेस जैसे डेटाबेस फ़ाइलों के सीधे फ़ॉन्ट रूपांतरण की सुविधा एक तरह से अनुपलब्ध ही थी.

इन सब समस्याओं का समाधान टीबीआईएल फ़ॉन्ट कन्वर्टर के नए संस्करण में दिया गया है.

यूं तो नया संस्करण तमाम महत्वपूर्ण सुविधाओं से भरा है, उपयोग में आसान और त्वरित तथा शुद्ध आउटपुट युक्त है, फिर भी कुछ खास, बहु-प्रतीक्षित सुविधाएँ हैं -

  • बहु-भाषी है - हिंदी के अलावा अन्य भारतीय भाषाओं - बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, पंजाबी, तमिल, तेलुगु शामिल है तथा रोमन फ़ोनेटिक में रूपांतरण की सुविधा भी है.
  • बाय-डायरेक्शनल फ़ॉन्ट कन्वर्शन की सुविधा - यानी यूनिकोड से पुराने फ़ॉन्ट यथा कृतिदेव और कृतिदेव से यूनिकोड
  • एसक्यूएल, ऐक्सेस जैसे डेटाबेस फ़ाइलों के सीधे कन्वर्शन की सुविधा
  • एक से अधिक फ़ाइल व सब-फ़ोल्डर की फ़ाइलों के एक साथ बैच-कन्वर्शन की सुविधा
  • तेज गति से कन्वर्शन के लिए कमांड लाइन उपयोग की सुविधा.
  • 50 से अधिक अति-प्रचलित फ़ॉन्ट में आपसी रूपांतरण की सुविधा

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टीबीआईएल कन्वर्टर यहाँ से डाउनलोड करें –

http://209.235.210.4/SiteCollectionDocuments/Downloads/TBILDataConverter4.0.zip

या ऊपर का डायरेक्ट डाउनलोड लिंक काम न करे तो नीचे दिए गए लिंक पर जाएं और वहाँ टीबीआईएल कन्वर्टर खोजें और दिए गए डाउनलोड लिंक पर क्लिक करें.

http://bhashaindia.com/downloads/pages/home.aspx

 

पुनश्च: - अब चूंकि फ़ॉन्ट कन्वर्टर प्रोग्राम भी अपेक्षाकृत मैच्योर हो चुके हैं, तो तमाम डेवलपरों से गुजारिश है कि पेजमेकर फ़ाइलों से सीधे फ़ॉन्ट कन्वर्टर की सुविधा के लिए भी कुछ करें. भारतीय प्रकाशन जगत में पेजमेकर फ़ॉर्मेट में करोड़ों की संख्या में फ़ाइलें हैं जो पुराने फ़ॉन्टों में हैं और जिन्हें यूनिकोड में परिवर्तित किया जाना है. इसके लिए भी कोई सरल सा प्रोग्राम बन जाए तो क्या बात हो. रचनाकार के लिए बहुत सी रचनाएं पेजमेकर फ़ाइलों में आती हैं, जिन्हें इस तरह के किसी प्रोग्राम की अनुपलब्धता के कारण यूनिकोड में परिवर्तित कर प्रकाशित करना बेहद उबाऊ और झंझट भरा काम होता है. इसलिए उम्मीद करते हैं कि जल्द ही हमें ऐसा प्रोग्राम भी मिलेगा या टीबीआईएल कन्वर्टर की विश-लिस्ट में इसे डाल देते हैं कि अगले संस्करण में हमें  यह भी हासिल हो जाए. आखिर, उम्मीद और इच्छा पर ही दुनिया कायम है!

 

टीप - बहुत से पाठकों ने बताया है कि यह प्रोग्राम 64 बिट विंडोज़ के संस्करणों में काम नहीं करता. जांच करने पर पाया गया कि यह प्रोग्राम विंडोज 7 / विंडोज 8 के 64 बिट संस्करण में इंस्टाल तो हो जाता है, परंतु आउटपुट नहीं देता और एरर देता है.

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