March 2013

ठीक है, आपने स्मार्टफ़ोन खरीद लिया. परंतु, कहीं आप पछता तो नहीं रहे कि इसका हिंदी कीबोर्ड तो आपके कोई काम का नहीं है?

आइए, आज देखते हैं कि बाजार में मौजूद 2 भिन्न किस्म के स्मार्टफ़ोनों में उपलब्ध हिंदी कीबोर्डों में तुलना.

इस तुलना में बेहद लोकप्रिय एण्ड्रायड स्मार्टफ़ोनों और विंडोज़ मोबाइल फ़ोन 8 को लिया गया है. बाकी सबको - यानी आईफ़ोन, ब्लैकबेरी इत्यादि को छोड़ दिया गया है. कारण यह कि एण्ड्रायड के स्मार्टफ़ोन हर रेंज में उपलब्ध हैं, और अब यह बाजार का नं. 1 आईफ़ोन की जगह ले रहा है, तथा नवीनतम स्मार्टफ़ोनों में हिंदी इंटरफ़ेस युक्त एकमात्र विंडोज़ मोबाइल फ़ोन 8 है.

इस तुलना के लिए बाजार में उपलब्ध अपने कैटेगरी में सर्वश्रेष्ठ मॉडल सैमसुंग गैलेक्सी नोट 2 तथा नोकिया ल्यूमिया 920 का प्रयोग किया गया है.

एण्ड्रॉयड स्मार्टफ़ोनों का हिंदी कीबोर्ड -

एण्ड्रॉयड स्मार्टफ़ोनों में हिंदी कुंजीपट के लिए कई विकल्प हैं. पहले पहल GO कीबोर्ड आया था, जिससे हिंदी में लिखने का काम मजे में चल रहा था. बाद में मल्टीलिंग कीबोर्ड आया जिसमें हिंदी का प्रेडिक्टिव टैक्स्ट इनपुट भी था. अभी हाल ही में गूगल का हिंदी आईएमई भी जारी हुआ है. गूगल हिंदी आईएमई का प्रयोग करने वाले बहुत हैं और उन्हें इसका इस्तेमाल करने में दिक्कत नहीं होगी.

एण्ड्रॉयड का मल्टीलिंग कीबोर्ड का लेआउट इनस्क्रिप्ट जैसा है, और यदि आप इनस्क्रिप्ट का प्रयोग करते रहे हैं तो इसका प्रयोग करने में कोई कठिनाई नहीं होगी. यदि आपके  स्मार्टफ़ोन में अलग से कीबोर्ड लगाकर काम करने की सुविधा मिल सकती है, और आप इनस्क्रिप्ट प्रयोग करते हैं तो मल्टीलिंग कीबोर्ड बढ़िया है. इसका प्रेडिक्टिव हिंदी भी ठीक ठाक है - ठीक ठाक इसलिए कि नीचे स्क्रीनशॉट में दिखाए अनुसार आप देख सकते हैं कि बताएं लिखने के लिए एक बार इनपुट दे देने के बाद भी वह स्वचालित शामिल नहीं होता और डिफ़ॉल्ट विकल्प 'बताए' ही उपलब्ध रहता है.

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एण्ड्रॉयड पर हाल ही में आया गूगल आईएमई इंटेलिजेंट किस्म का है और आपके पिछले इनपुट के हिसाब से त्वरित गति से सीखता है. परंतु यदि आप इसमें तीव्र गति से टाइप करते हैं तभी यह काम करता है, और यदि आप धीमी गति से टाइप करेंगे तो कुछ का कुछ टाइप कर देता है, और आपको बारंबार सुधार करना पड़ता है. इसमें सिर्फ रोमन-फ़ोनेटिक टाइपिंग ही उपलब्ध है, और वह फ़ोनेटिक टाइपिंग भी रूल बेस्ड नहीं, बल्कि इंटेलिजेंस बेस्ड है. यानी नमस्ते को आप namaste, nmste, namste, nmaste कुछ भी टाइप कर लिख सकते हैं. इसका प्रेडिक्टिव इनपुट तो कई बार वाहियात किस्म का होता है जैसे कि आप नीचे स्क्रीनशॉट में देख सकते हैं. यह सिर्फ रोमन-फ़ोनेटिक टाइपिंग करने वालों के लिए है, जबकि इसमें आसानी से देवनागरी कीबोर्ड डाला जा सकता था. गूगल आईएमई का रोमन-फ़ोनेटिक टाइप वहाँ ज्यादा काम का है जहाँ भौतिक कुंजीपट रोमन में है. आमतौर पर सभी स्मार्टफ़ोन आजकल टचस्क्रीन के आ रहे हैं जहाँ भौतिक कुंजीपट तो होता नहीं है, ऐसे में हिंदी लिखने के लिए रोमन कुंजीपट थोड़ा अजीब सा सॉल्यूशन है - सिर्फ डाई हार्ड गूगल आईएमई के चाहने वालों के लिए.

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अब आते हैं विंडोज़ मोबाइल फ़ोन 8 पर. चूंकि विंडोज़ मोबाइल फ़ोन 8 में हिंदी अपने परिपूर्ण रूप में मौजूद है, और उसका पूरा समर्थन है - यानी इंटरफ़ेस से लेकर सेटिंग इत्यादि सभी में हिंदी में काम किया जा सकता है, अतः हिंदी कीबोर्ड के लिए भी विशेष ध्यान दिया गया है. विंडोज़ मोबाइल फ़ोन 8 में हिंदी लिखने के लिए आपके पास 2 तरह की सुविधाएं हैं. आप देवनागरी में भी हिंदी लिख सकते हैं और हमारे एनआरआई व दक्षिण भारतीय भाइयों के लिए विशेष तौर पर रोमन में हिंदी लिखने के लिए सुविधा है. आप कहेंगे रोमन में हिंदी तो स्मार्टफ़ोन क्या, किसी भी सड़े से फ़ोन में लिखा जा सकता है. मगर भाई, जरा ठंड रखें. हम विंडोज़ मोबाइल फ़ोन 8 में में रोमन में हिंदी लिखने की बात कर रहे हैं तो यह विशेष तो होगा ही.

तो चलिए, पहले रोमन हिंदी लिखने की सुविधा को ही देखें. बहुत से लोग हिंदी बोल-समझ तो लेते हैं, मगर हिंदी लिख-पढ़ नहीं पाते. अलबत्ता रोमन हिंदी में उनका काम धड़ल्ले से चलता है. ऐसी जनता के लिए विंडोज़ मोबाइल फ़ोन 8 में बढ़िया सुविधा दी गई है. जब आप हिंदी कीबोर्ड इंस्टाल करते हैं तो रोमन हिंदी में लिखने की सुविधा अतिरिक्त रूप से मिलती है. इसमें खासियत यह है कि रोमन हिंदी में ही प्रेडिक्टिव टैक्स्ट की अच्छी सुविधा आपको मिलती है. यहाँ तक कि अच्छी खासी संख्या में संज्ञा नाम भी पहले से मौजूद हैं. स्क्रीनशॉट देखें -

 

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अब देखते हैं विंडोज़ मोबाइल फ़ोन 8 में देवनागरी हिंदी में लिखने की सुविधा कैसी है. आप देखेंगे कि इसका कुंजीपट वर्णक्रमानुसार है, मानक इनस्क्रिप्ट नहीं. हालांकि टच स्क्रीन वाले उपकरणों के लिए भले ही इससे कोई खास समस्या न हो, मगर यदि बाहरी भौतिक कुंजीपट जोड़ने की सुविधा जुगाड़ ली जाए तो यह कुंजीपट किसी काम का नहीं. इसे इनस्क्रिप्ट या रेमिंगटन आधारित होना चाहिए. या फिर इसमें अपनी पसंद अनुरूप इनस्क्रिप्ट, रेमिंगटन में से चयन का विकल्प भी होना चाहिए.

यह तो हो गया इसका ले-आउट, जो कि बिना किसी आधार के दिया गया प्रतीत होता है, अब देखते हैं कि इसमें टाइप करने में क्या सुविधा मिलती है. यदि आपको हिंदी का वर्णक्रम याद है तो आपको थोड़ी सी सुविधा मिल सकती है, अन्यथा हम जैसे इनस्क्रिप्ट के आदी लोगों को शुरूआत में वर्ण ढूंढने में कठिनाई हो सकती है. वैसे, जैसा कि अनुमान था, इसका प्रेडिक्टिव हिंदी अच्छा है, और वाकई काम करता है. गूगल आईएमई की तरह इसमें फालतू के शब्द बिलकुल नहीं आते, और आमतौर पर सही वर्तनी के डिक्शनरी शब्द ही विकल्प के तौर पर आते हैं.

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अब आप पूछेंगे कि परीक्षा में कौन पास हुआ? आप इस आलेख को ध्यान से पढ़ेंगे तो परिणाम आपको स्वयं समझ में आ जाएगा. वैसे, यदि विंडोज़ मोबाइल फ़ोन 8 में इनस्क्रिप्ट, रेमिंगटन लेआउट के विकल्प भी यदि शामिल कर दिए जाएँ तो यह वाकई बढ़िया, विकल्पहीन कुंजीपट हो सकता है.

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संजय बेंगाणी होली के अवसर पर हास्यव्यंग्य को समर्पित होलीजीन नामक लघु-पत्रिका निकालते हैं. इस वर्ष भी उन्होंने यह लघु-पत्रिका प्रकाशित की है जिसे आप निम्न यूआरएल पर निःशुल्क पढ़ सकते हैं -

http://www.chhavi.in/holizine/

इसी होलीजीन में मेरा निम्न व्यंग्य भी छपा है.

 

सोशल मीडियाई और गॅजेटियाई होली.

 

दद्दू यादों में खोए थे और अपने पोते मुन्नू को, जो अपने नए नवेले, एकदम ताज़ातरीन स्मार्टफ़ोन, ब्लैकबेरी एक्स 01 को हैक कर उसमें कस्टम रोम इंस्टाल करने की बेतरह कोशिश कर रहा था, अपने बचपन के दिनों में खेली गई होली के बारे में बता रहे थे...

आह! बेटा! वो दिन भी क्या दिन थे! आई मीन, वो होली के दिन भी क्या दिन थे, और क्या रंगीन दिन थे.

महीनों से होली की हुलक मन में रहती थी, और पखवाड़े भर पहले से फाग मंडली के साथ गाने और होली के लिए लकड़ी का जुगाड़ लगाने के साथ अर्धरात्रि जागरण का प्रकल्प पूरा करते फिरते थे. पड़ोसी की परछत्ती और बरसाती से पुराने फर्नीचर को होली की लकड़ी के नाम पर चुराने का अपना मजा रहता था. ये तुम फ्लैट और कवर्ड कैंपस में रहने वाले क्या जानो! और, होली जल जाने के बाद भी उसकी आग हफ्तों तक चले ऐसा जुगत लगाते फिरते थे और मन में ये संताप भी यदा कदा आ जाता था कि बाजू मोहल्ले की होली में इस बार जलाया गया लट्ठ बड़ा भारी है जो पंद्रह दिन तक तो सुलगता रहेगा.

और, बेटा! धुलेंडी की तो बात ही मत पूछो. अपने राम को रत्ती भर रंग न लगे, मगर सामने वाले को भीतर तक रंग देने के तमाम मंसूबे हफ़्तों पहले से बनाते थे और उस हिसाब से तैयारी भी पूरे तन-मन-धन, होशो-हवास और जोश-उल्लास से करते थे. ऐसे भरपूर रंगने वालों की सूची में कई दोस्त भी शामिल रहते थे तो कई दुश्मन भी. मिठाई और नमकीन में भाँग मिलाकर खिलाने और फिर उसके मजे लेने के तो मजे ही मजे रहते थे. बेटा! तुम्हें उन दिनों के किस्से डिटेल में सुनाने जाएँ, तो हर होली के किस्से तीन सौ पन्नों में भी न निपटे....

और इधर दद्दू की बात सुनी-अनसुनी करते हुए मुन्नू अपने मोबाइल में कस्टम रोम इंस्टाल करने में सफल हो गया था और अपने दोस्तों को एसएमएस करने तथा फ़ेसबुक में स्टेटस चेंपने के साथ-साथ वो दद्दू की बात काटते हुए बोला -

अरे, दद्दू, रहने भी दो. हमारे भी दिन हैं और क्या रंगीन दिन हैं!

होली की हुलक हमें भी महीनों पहले से होने लगती है. होली के महीने भर पहले से होलियाना कविताओं का दौर तमाम फ़ोरमों और समूहों में चलने लगता है उसका मजा आपके सैकड़ों घंटों के फाग से कई गुना अधिक होता है, उसे आप क्या जानो! ब्लॉग और ट्विटर पर होली-होली खेलने का अपना अलग मज़ा है. फ़ेसबुक-मित्रों, ब्लॉग-प्रशंसकों, ट्विटर-फ़ॉलोअरों के सैकड़ों-हजारों स्टेटस-अपडेटों, ब्लॉगों और ट्वीटों में छपे तमाम अगले-पिछले वर्षों के होली के फोटू और वीडियो देख देख अपनी होली और रंगीन हो जाती है – ऐसी रंगीन कि सैमसुंग गैलेक्सी के 64 मिलियन कलर भी शरमा जाएँ!.

होली के चार दिन पहले से चार दिन बाद तक ईमेल और एसएमएस-एमएमएस से होली के सैकड़ों-हजारों बधाई संदेश और शुभकामना के संदेश तो दद्दू तुम्हें क्या मिले होंगे कभी. होली के दिन, दिन भर में कभी दस पाँच दोस्तों और उनकी मंडली के बीच होली खेल-खाल लिया होगा, गले-वले मिल लिए होगे, रंग-वंग लगा लिया होगा और बहुत हुआ तो अपने ऑफ़िस या व्यवसाय की बिरादरी में बीस-पच्चीस के साथ हुल्लड़ मस्ती कर ली होगी बस्स. इधर देखो – हम तो होली का ईमेल संदेश फारवर्ड ही तीन हजार को मारने जा रहे हैं, और फ़ेसबुक में तो हम अपने पूरे पाँच हज्जार फ्रेंड को स्टेटस टिकाएंगे कि देखो हम्मारी होली! ट्विटर में होली-ट्वीट मारेंगे तो बारह हज्जार फ़ॉलोअर हमारे संग ट्विटरियाना होली खेलेंगे. और अभी तो मोबाइल एसएमएस की शुरूआत ही नहीं हुई है. हमने तो इस दफ़ा होली के लिए अनलिमिटेड फ्री टाकटाइम और एसएमएस का प्लान लिया है. बैलेंस खत्म होने की चिंता ही नहीं रहेगी.

और, आप और आपके समय का समाज तो वातावरण, पर्यावरण की चिंता ही नहीं करता था. सैकड़ों टन लकड़ी फालतू आग के हवाले कर देते थे. करोड़ों लीटर पानी रंग में बहा देते थे, जिसे बदन से हटाने के लिए अरबों लीटर पानी की जरूरत होती थी. ऊपर से रंगों की वजह से स्किन की समस्या अलग होती थी. हमें देखो – होली में पूरे दिन अपने बेडरूम में जमे रहकर हम अपने कंप्यूटर और मोबाइल के जरिए अपने मित्रों के फोटुओं में रंग लगाते हैं और शेयर करते हैं. होली का एनीमेटेड फ्लैश वीडियो बना कर और उसे मित्र मंडली में साझा करके प्रतीकात्मक होली जलाते हैं. और, मोबाइल, कंप्यूटर और इंटरनेट से चिपके रहने, फ़ेसबुक में जमे रहने के जैसा नशा तो भाँग की दस गोलियों से भी नहीं आ सकता! और अगर हम भी अपनी पिछली होली की डिटेल बताने लगें तो कंप्यूटर के दस डिस्क भर जाएँ!

मुन्नू की बहुत सी बातें दद्दू के पल्ले नहीं पड़ीं. जैसे दद्दू कला के विद्यार्थी हों और गलती से मुन्नू के विज्ञान की कक्षा में आ गए हों, और इसीलिए झपकियाँ मारने लगे थे.

बहरहाल, यदि आपको ये होलियाना किस्सा पढ़कर झपकी नहीं आई हो तो कृपया बताएं कि दद्दू की होली भली थी कि मुन्नू की है, और, इस बार की आपकी अपनी होली कैसी रहेगी – दद्दू टाइप या मुन्नू टाइप?

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होलियाना व्यंज़ल

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आज दिमाग तो जॉनी

पूरा होलियाना हो गया है

 

कल तक तो वो दोस्त था

आज होलियाना हो गया है

 

मैं ठहरा अज्ञानी न जानूं

कौन होलियाना हो गया है

 

कहने वाले तो कहते हैं

जग होलियाना हो गया है

 

सियाह रात की छोड़ो

दिन भी होलियाना हो गया है

 

रवि इतराता फिरता है

क्या होलियाना हो गया है

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यदि आपका ब्लॉग वर्डप्रेस प्लेटफ़ॉर्म पर है तब तो कोई समस्या ही नहीं है. वर्डप्रेस का आधिकारिक ऐप्प है जिसमें आप आसानी से हिंदी में पोस्ट कर सकते हैं. समस्या ब्लॉगर ब्लॉग की थी. एण्ड्रॉयड के विपरीत, विंडोज़ 8 में ब्लॉगर का आधिकारिक ऐप्प अब तक  उपलब्ध नहीं है. और अब तक विंडोज़ फ़ोन 8  में जो भी ब्लॉगर ब्लॉग क्लाएंट थे, उनमें हिंदी का समर्थन नहीं था.

विंडोज़ फ़ोन 8 में एच-ब्लॉग नाम से एक गूगल ब्लॉगर ब्लॉग क्लाएंट है, जो काफ़ी उन्नत किस्म का है. इसमें पहले हिंदी समर्थन नहीं था. मैंने इसके डेवलपर को लिखा कि यदि इसमें हिंदी का समर्थन आ जाता है तो मैं इसे खरीदना चाहूंगा - कीमत है - 70 रुपए.

डेवलपर ने तत्काल उत्तर दिया कि इसके अगले संस्करण में वे इसे लाने की कोशिश करेंगे. मुझे भी लगा था कि यह कोई बड़ी समस्या नहीं होनी चाहिए चूंकि ऐप्प यूनिकोड समर्थित प्रतीत हो रहा था - हिंदी की जगह डब्बे दिख रहे थे, यानी फ़ॉन्ट को प्रदर्शित करने का मामला था.

कल डेवलपर का संदेश आया कि हिंदी समर्थन सक्षम कर दिया गया है. मैंने एक दो त्वरित जांच परख किया तो पाया कि अब यह विंडोज़ मोबाइल फ़ोन 8 से हिंदी में ब्लॉग पोस्ट करने का एक बढ़िया औजार बन चुका है.

इसमें कई विशिष्ट सुविधाएं भी हैं - जैसे कि -

  • लाइवटाइल मोड में यह आपके ब्लॉगों में आई नई टिप्पणियों की रीयल टाइम में संख्या बताता है, अन्यथा जब ऐप्प चालू करते हैं तो नई टिप्पणियों की संख्या बताता है.
  • पोस्ट को आप संपादित कर सकते हैं या मिटा सकते हैं
  • चित्रों के आकार प्रकार बदल सकते हैं और उन्हें घुमा सकते हैं
  • मूलभूत एचटीएमएल कोड का प्रयोग कर सकते हैं

एचब्लॉग [ HBlog ] को आप विंडोज मोबाइल स्टोर से इसके नाम से सर्च कर डाउनलोड कर सकते हैं. खरीदने से पहले इसे आजमाने का विकल्प भी है. वैसे, 70 रुपए में यह बहुत किफ़ायती और काम का औजार है, क्योंकि हाल-फिलहाल विंडोज़ फ़ोन 8 में इसका कोई और विकल्प नहीं है.

How to write Hindi blog post in windows mobile phone 8

HBlog - Google blogger blog client with full Hindi Unicode support for windows mobile phone 8

क्या सोशल नेटवर्किंग भावनाओं से खिलवाड़ का मंच है?

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यह विशाल साइनबोर्ड शहर के मध्य स्थित एक व्यस्ततम चौराहे पर लगा है. चलिए, सोशल नेटवर्किंग आपके हमारे कंप्यूटरों और मोबाइल उपकरणों से बाहर निकल कर शहर के चौराहों तक तो आ  ही गया.

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सोशल नेटवर्किंग के चौराहे पर आने का प्रसंग है एक सामाजिक वादविवाद प्रतियोगिता का जो 23 मार्च तक जारी रहेगा.

यदि आपको इस विषय - "क्या सोशल नेटवर्किंग भावनाओं से खिलवाड़ का मंच है?" पर बोलना हो तो किसका पक्ष लेंगे, और क्यों? और आप अपने तर्क में प्रमुख रूप से क्या बातें रखेंगे?

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आधुनिक स्मार्टफ़ोनों में संपूर्ण इंटरफ़ेस हिंदी में सिर्फ विंडोज़ 8 फ़ोनों में आ रहा है. मूलभूत उपयोग करते समय विंडोज़ 8 फ़ोन की हिंदी तो बढ़िया है, परंतु असलियत तब खुलने लगती है जब आप अपने लिए काम के ऐप्प इंस्टाल करने की सोचते हैं जिसमें हिंदी का समर्थन हो.

तो, पहले एक बढ़िया ब्लॉग क्लाएंट की खोज की गई. वर्डप्रेस के लिए वर्डप्रेस वालों का ही बनाया गया ऐप्प बेहद शानदार है. और बढ़िया हिन्दी समर्थन भी. परंतु ब्लॉगर के लिए उपलब्ध दो-तीन विकल्पों में एक में भी हिंदी का समर्थन नहीं है. ब्लॉगर का आधिकारिक (गूगल द्वारा बनाया गया) ऐप्प भी नहीं है.

विंडोज़ फ़ोन में हिंदी होते हुए भी एप्लिकेशनों में हिंदी का समर्थन नहीं? जी हाँ, अपनी हिंदी है ही ऐसी - कंप्यूटिंग के लिहाज से बेहद जटिल. विंडोज़ 8 फ़ोन के ढेरों ऐप्प में हिंदी का समर्थन नहीं है, लिहाजा फ़ोन में हिंदी होते हुए भी ऐप्प में हमें हिंदी के बजाए डब्बों का सामना करना पड़ता है.

माइक्रोसॉफ़्ट के स्वयं के ऐप्प 'वेदर' को लें. जिसका स्क्रीन शॉट ऊपर दिखाया गया है. यह हिंदी में सेट करने पर भोपाल का मौसम कुछ कुछ ऐसा दिखाई देता है -

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हिंदी की जगह डब्बे?

यहाँ तक तो ठीक है, परंतु जो मैंने अंग्रेज़ी (फ़ोन का एनवायरनमेंट हिंदी है) में लिख कर ऐप्प की रेटिंग फ़ोन के जरिए दी थी, वो चीनी भाषा में नमूदार हो रही है. जैसा कि सबसे ऊपर के चित्र में दिखाई दे रहा है. क्या यह हिंदी-चीनी भाई-भाई को सिद्ध कर रहा है?

 

लगता नहीं कि माल कुछ कच्चा सा है?

 

क्या उम्मीद करें कि अगले अपडेट में यह समस्या समाप्त हो जाएगी?

एकमात्र अरविंद लैक्सिकन यह सुविधा देता है कि इंटरनैट पर समाचार या ब्लाग पढ़ते समय आप किसी अर्थ के शब्द या उस के पर्याय किसी कोश में देख सकें. बस उस शब्द को चुनिए और एक क्लिक कर के और संबंधित शब्दोँ के अनमोल भंडार तक पहुँच जाएँ.

यह तभी संभव है जब आप अरविंद लैक्सिकन पर पंजीकृत सदस्य हों. पंजीकरण की प्रक्रिया बेहद आसान है.

http://arvindlexicon.com/wp-login.php?action=register

पर क्लिक करते ही आप को जो फ़ार्म मिलेगा उस में यथावश्यक जानकारी जैसे अपना नाम (रोमन लिपि के छोटे अक्षरों में जैसे arvindkumar), ईमेल का पता, नाम का पहला भाग, अंतिम भाग, आप की कोई वैबसाइट हो तो उस का नाम, अपने बारे में कोई जानकारी (जैसे- क्या करते हैँ, कहाँ रहते हैँ आदि) भर देँ. पासवर्ड लिखेँ और दोहराएँ.

अब आप हिंदी-इंग्लिश जगत और अरविंद परिवार के सम्मानित सदस्य बन गए. यहाँ आप को लगातार उपयोगी और रोचक पाठ्य सामग्री पढ़ने को मिलती रहेगी… और साथ ही मिलेगी अरविंद लैक्सिकन के निश्शुल्क संस्करण से लाभ उठाने का अधिकार. इस संस्करण में दैनिक जीवन की ज़रूरतेँ पूरी करने के लिए अत्यावश्यक शब्द मिल जाते हैँ.

मान लीजिए आपने इंग्लिश का best शब्द खोजा. जो बक्सा आप के सामने खुलता है, उस में लिखा है install ‘lookup word in Arvind Lexicon’ Extension for Firefox. आप इस पर क्लिक करेंगे तो

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अगर फ़ायर फौक्स या आप का कोई और सर्च इंजन या वाइरस रोधी प्रोग्राम आप को रोके तो आप उसे Install या स्वीकार करने की अनुमति दे देँ. अब आप इंटरनैट पर भी अपने वांछित शब्द के अर्थ देखने में सक्षम हैं.

यही नहीँ, आप उस शब्द के अनेक संदर्भ साकार सचित्र ग्राफ़ में भी देख सकते हैं, जैसे--clip_image004

बात यहीँ ख़त्म नहीँ होगी. आप चाहें को इस ग्राफ़ को बड़ा कर के भी देख सकते हैं. साथ ही किसी भी चौखटे पर क्लिक कर के उस शब्द समूह पर जा सकते हैं. जैसे मूल्यातीत पर क्लिक करते ही आप तत्संबंधी शब्दावली तक पलक झपकते ही पहुँच जाएँगे...

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आज ही इस कमाल का करिश्मा स्वयं देखें और अपने सभी मित्रोँ को बताएँ.

विंडोज़ फ़ोन 7 संस्करण के जब स्मार्टफ़ोन जारी हुए थे तब उनमें हिंदी दिखती ही नहीं थी. विंडोज़ फ़ोन 8 के लिए विश लिस्ट में मैंने लिखा था - वि़ंडोज़ फ़ोन 7 को आप स्मार्टफ़ोन कहते हैं, तो यह काहे का स्मार्ट है, इसमें तो हिंदी दिखती ही नहीं. यहाँ तक कि हिंदी वेब साइटों में भी हिंदी की जगह डब्बे दिखाई देते हैं.

 

परंतु जब विंडोज़ फ़ोन 8 आया तो इसमें हिंदी आ गई और क्या खूब आई.

 

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विंडोज़ फ़ोन 8 युक्त स्मार्टफ़ोन (जैसे कि नोकिया ल्यूमिया 920) में जब आप सेटिंग में जाकर क्षेत्र और भाषा में भारत/हिंदी चुनते हैं, और स्मार्टफ़ोन को बंद कर फिर से चालू करते हैं तो यह पूरा हिंदी मय हो जाता है.

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इसका इंटरफ़ेस, मेनू, हेल्प फ़ाइलें इत्यादि सभी हिंदी में बदल जाते हैं. हिंदी इंटरफ़ेस होने के बावजूद फ़ोन के प्रचालन तेज बना रहता है - जबकि पहले के फ़ोन में हिंदी इंटरफ़ेस में बदलने पर फ़ोन धीमे हो जाते थे.

 

हिंदी भाषा टाइप करने के लिए दो विकल्प मिलते हैं - रोमन हिंदी और देवनागरी हिंदी. अलबत्ता देवनागरी हिंदी के लिए टचस्क्रीन के हिसाब से वर्णक्रम के अनुसार कुंजीपट दिया गया है, मानक इनस्क्रिप्ट नहीं, जो बहुतों के लिए भले ही सुविधाजनक हो, परंतु बहुतों के लिए असुविधाजनक भी हो सकता है.

 

हिंदी इंटरफ़ेस का जाहिर है, अंग्रेज़ी से अनुवाद किया गया है, जहाँ कहीं कहीं संदर्भों की अनदेखी की गई है. इसीलिए आप यदा कदा संदर्भ रहित अटपटे, मजेदार हिंदी शब्द भी पाएंगे जैसे कि खास नोकिया रिंग टोन - जिंजर का हिंदी नाम (व्हाइट हाउस माने श्वेत घर?) - अदरक.

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फिर भी, आमतौर पर हिंदी इंटरफ़ेस और हिंदी में मदद सामग्री ठीक ठाक ही है.

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और, उनमें से कितने डिफ़ॉल्टर हैं?

 

व्यंज़ल

 

कैसे बताऊँ कैसे डिफ़ॉल्टर हो गया

कल भला था आज डिफ़ॉल्टर हो गया

 

अपने बन्दों को आपस में लड़वा कर

अब तो खुदा भी डिफ़ॉल्टर हो गया

 

इस दौर में मुहब्बत में  वही है सफल

जो मुहब्बत  में डिफ़ॉल्टर हो गया

 

मुहल्ले और कस्बे की बात करते हो

यहाँ तो पूरा देश डिफ़ॉल्टर हो गया

 

इंसानियत की ओर चला था रवि

औरों की निगाहों में डिफ़ॉल्टर हो गया

यदि आपका काम पूरी तरह से इंटरनेट कनेक्टिविटी पर निर्भर करता है – यानी आप अधिकतर ऑनलाइन काम करते होंगे तो मेरी तरह आपके पास भी एक से अधिक इंटरनेट कनेक्शन होंगे – फेल-सेफ जुगाड़ के तौर पर कि यदि एक काम नहीं कर रहा हो तो दूसरा तो करे ही करे. कनेक्शन कोई भी हो इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या – यानी लाइन ड्रॉप होने की समस्या तो बनी ही रहती है भले ही आप 3जी प्रयोग कर लें या फिर 10 एमबीपीएस की लीज लाइन, इसलिए बैकअप प्लान ले कर रखना ही होता है.

ऐसी स्थिति में आमतौर पर आपका बैकअप इंटरनेट कनेक्शन आमतौर पर बिना प्रयोग का ही पड़ा रहता है और दाम आपको फिर भी चुकाने होते हैं.

मगर, यदि आप लिनक्स तंत्र का प्रयोग करते हैं तो थोड़ा मुफ़्त का जुगाड़ कर और यदि विंडोज़ का प्रयोग करते हैं तो थोड़े से पैसे खर्च कर आप अपने तमाम इंटरनेट कनेक्शनों को एक साथ जोड़ कर चला सकते हैं और उनका भरपूर पूरा प्रयोग कर सकते हैं. अब आप पूछेंगे कि भरपूर पूरा प्रयोग का क्या अर्थ है?

मान लीजिए कि आपके पास बीएसएनएल का 2 एमबीपीएस ब्राडबैण्ड कनेक्शन है. साथ ही 3 एमबीपीएस (5 जीबी डेटा लिमिट) का 3जी कनेक्शन आपने बैकअप के तौर पर लिया है. तो आप अब इन दोनों कनेक्शनों को एक साथ प्रयोग कर सकते हैं. आमतौर पर होता यह है कि जब आप एक इंटरनेट कनेक्शन चालू करते हैं, और उसके बाद कोई दूसरा कनेक्शन चालू करते हैं तो बाद में चालू किया गया कनेक्शन ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा प्रयोग में लिया जाता है. इस तरह से पहले वाला कनेक्शन बिना प्रयोग के ही चालू रहता है. अब आप इस तरह से दो या दो से अधिक कितने ही कनेक्शनों को एक साथ प्रयोग में ले सकते हैं, और सबसे बड़ी खूबी की बात यह है कि इनके बैंडविड्थ जुड़ जाते हैं. यानी ऊपर दिए उदाहरण में, 2 एमबीपीएस ब्रॉडबैण्ड + 3 एमबीपीएस 3जी = 5 एमबीपीएस का कनेक्शन हो जाता है.

इस कार्य के लिए विंडोज़ तंत्र के लिए एक सशुल्क सॉफ़्टवेयर है – कनेक्टिफ़ाई डिस्पैच. इसकी कीमत $50 यूएस डॉलर है (करीब 2500 रुपए). कनेक्टिफ़ाई डिस्पैच आपके पास उपलब्ध तमाम इंटरनेट कनेक्शनों को एक साथ चला कर उनके बैंडविड्थ को एक साथ जोड़ देता है और आपके कंप्यूटर को एक महा-ब्रॉडबैण्ड इंटरनेट वाला कंप्यूटर बना देता है.

मैंने इसे अपने बीएसएनएल ब्रॉडबैण्ड और रिलायंस 3जी के लिए उपयोग किया तो पाया कि यह वाकई कमाल का है. नीचे चित्र में दिया गया है कि कनेक्टिफ़ाई कैसे काम कर रहा है –

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आप देखेंगे कि मेरे बीएसएनएल 512 केबीपीएस ब्रॉडबैण्ड कनेक्शन में 293 केबीपीएस मिल रहा है, और रिलायंस 3जी में 1.84 एमबीपीएस मिल रहा है. और कनेक्शन की कुल स्पीड 2.09 एमबीपीएस है.

यही नहीं, यदि आपका कोई इंटरनेट कनेक्शन ड्रॉप होता है तो चूंकि इंटरनेट कनेक्टिविटी आपको कनेक्टिफ़ाई के जरिए मिलती है, अतः पूर्णतः अबाधित रहती है – बशर्ते कम से कम एक कनेक्शन चलते रहना चाहिए. कनेक्टिफ़ाई आपके कनेक्शनों के डेटा प्लान के ऑप्टिमम उपयोग की भी सुविधा देता है. आप प्रत्येक कनेक्शन की डेटा लिमिट भी सेट कर सकते हैं.

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(ऊपर हैं, मिस हिप्पी!)

 

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(और यह हैं - काऊप्यूटर गर्ल!)

 

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एक पत्रिका के पन्ने पलट रहा था तो कुछ होली काऊ! दिखे. इंटरनेट पर इनके पृष्ठ पर गया तो और भी ढेरों मजेदार काऊ दिखे. इन पर शायद भारतीय काऊ (गाय! नहीं?) प्रेमी जनता की नजर नहीं पहुँची है अब तक इसीलिए ये काऊ भिन्न-भिन्न रूपाकार और लिबास में विक्रय के लिए उपस्थित हैं, अन्यथा काऊ का चरित्र हरण करने के प्रयास में इन पर केस दर्ज हो सकता है और हो सकता है कि इन पर बैन लग जाए. और, (इन होली काऊ के फोटू छापने के नाम पर) यह खतरा तो इस ब्लॉग पर भी उत्पन्न हो सकता है, मगर खतरा तो फिर, भोपाल की सड़कों में चलने पर भी बहुत है!

अगर ये होली काऊ आपको पसंद आए हों तो आप और भी होली काऊ काऊपरेड पर देख सकते हैं, और अपने लिए कुछ खरीद सकते हैं. मुझे एकाध पसंद आई भी, खासकर चॉकलेट काऊ, पर वो बेहद महंगी थी – बेहद महंगी.

एण्ड्रॉयड फ़ोन/टैबलेट के लिए हिंदी के लिए बढ़िया ऑफ़िस सूट

हिंदी प्रदर्शन व कीबोर्ड की समस्याएँ कंप्यूटर / टैबलेटों / स्मार्टफ़ोनों में लगता है जारी ही रहेंगी. एण्ड्रॉयड प्लेटफ़ॉर्म के लिए कुछ समय से एक बढ़िया ऑफ़िस सूट तलाश रहा था. जो मुफ़्त व प्रसिद्ध किस्म के थे – जैसे कि पोलॉरिस ऑफ़िस सूट और किंगसॉफ़्ट ऑफ़िस. परंतु इनमें हिंदी सही ढंग से दिखती नहीं है तो काम करना असंभव ही था.

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इसी बीच मोबीसिस्टम ऑफ़िस सूट 7 पर नजर पड़ी और इसे आजमाया. यह हालांकि सशुल्क है, परंतु यह है हम हिंदी वालों के लिए काम का. इसमें आप हिंदी के वर्ड फ़ाइल (*.doc या *.docx) फ़ाइलें आसानी से खोल सकते हैं और उसमें बढ़िया से काम कर सकते हैं.

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मोबीसिस्टम्स ऑफ़िस (Mobisystems Office) सूट 7 को आप गूगल प्ले स्टोर से अपने एण्ड्रॉयड उपकरण में सर्च कर सीधे डाउनलोड कर सकते हैं. इसका ट्रायल वर्जन निशुल्क है, जिसे आप आजमा कर देख सकते हैं.

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नोट - आपके एण्ड्रॉयड संस्करण के अनुसार आपके अनुभव भिन्न हो सकते हैं. यह टिप एण्ड्रायड के नवीनतम संस्करण पर लागू है.

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