टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

साहब-ठेकेदार संवाद...

संवाद 1

 

"साहब, एक धांसू स्कीम लाया हूँ"
"..."


"अपने पास जो पनडुब्बी है न, उसके रेनोवेशन, अपग्रेडेशन का एस्टीमेट बनाते हैं..."
"..."


"एस्टीमेट पनडुब्बी की कीमत से भी ज्यादा बनाते हैं, पर आप पास करवा कर वर्क आर्डर करवा देना"
"..."


"फिर हम उस पनडुब्बी को अपने पास दो-चार महीने के लिए रख लेंगे, कुछ ऊपरी रंग-रोगन कर देंगे.."
"..."


"और आपको वापस डिलीवर कर देंगे"
"..."


"आप ऊपरी वेरिफिकेशन कर बिल पास करवा देना..."
"..."


"जब बिल पास हो जाए, और डिटेल वेरिफिकेशन से पहले और वर्करों से कम्प्लेन आने से पहले पनडुब्बी का काम तमाम कर देंगे..."
"वाह! वाह!! क्या धांसू स्कीम लाए हो यार! अभी के अभी प्रपोजल लाओ!!! हम आज के आज सेंक्शन करवाते हैं.. समझो प्लान एक्जीक्यूट हो गया!!!!"

--

संवाद 2

"साहब, एक धांसू स्कीम लाया हूं..."

"..."

"जमीन का एक टुकड़ा है. भाव एकदम हीरा. जंगल का है - वही पर्यावरण. तो उसे हमारे साथी के एनजीओ को 1 रूपए में सोशल कॉज के लिए अलॉट करवा दें"

"..."

"डर्ट सेटल हो जाने के बाद इसकी यूटीलिटी कमर्शियल में बदलवा लेंगे.."

"वाह! वाह!!! क्या स्कीम लाए हो यार!! समझो हो गया!!!"

 

संवाद 3

"साहब, एक धांसू स्कीम लाया हूं..."

"..."

"कुछ खदानें हैं हमारे आदमियों को बांट देते हैं..."

"..."

"जब हो हल्ला मचेगा तब फ़ाइलों को ग़ायब करवा देंगे - न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी..."

"वाह! वाह!! क्या शानदार स्कीम लाए हो! समझो हो गया!!!"

 

--

 

ऐसे संवाद अंतहीन हैं. कितना लिखेंगे, कितना बताएंगे?

आपके पास अलग किस्म का संवाद है? अरे! तब तो हमें जरूर बताओ भाई! कमेंट बॉक्स किसलिए है?

विषय:

एक टिप्पणी भेजें

बाबू चैनल वाले मनचाहे ढंग से न्यूज़ बनाते हैं
मुरख हो तुम
सब कुछ सेट रहता है
आशा राम बापू के मामले में भी
हाँ
मिल गई मोटी रकम
तो क्या
चलो तुम भी चुप
हम भी चुप

तेन त्यक्तेन भुंजीथा...ये तो, तेन रगड़ेन भुंजीथा...सन्नाट दिया..

आपके पास और कोई धांसू स्कीम है क्या पांच साल से अच्छा फोन लेने की सोच रहा हूं लेकिन इसके लिए 15-25 हजार खर्चने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा.

पांच साल से केवल सोच रहे हैं?

तब तो आपके लिए कोई स्कीम लागू नहीं होगी :)

यहां की स्कीमें केवल उन लोगों के लिए हैं जो साल में पांच मोबाइल बदलते हैं :)

बहुत जबरदस्त कटाक्ष

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
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