ये ब्लॉग, सफल हुआ!

यदा कदा कुछ ऐसी टिप्पणियाँ मिल जाती हैं और ईमेल आ जाते हैं कि लगता है दिन सफल हुआ. एक ऐसा ही ईमेल आज मिला तो लगा कि अपनी पीठ थोड़ी सी खुद ही ठोंक लेनी चाहिए मुस्‍कान, इसलिए कि ब्लॉग लिखने का यह सिलसिला जब शुरू किया था तो लक्ष्य कुछ स्पष्ट नहीं था और अपनी बेतुकी तुकबंदियों और अव्यंग्य किस्म के व्यंग्यों को छाप कर संतुष्ट हो रहे थे. इस बीच हिंदी की तकनीकी समस्याओं को झेलते और उनका निवारण करते उनके दस्तावेज़ीकरण का विचार आया तो ये सिलसिला चल निकला. बहरहाल, नीचे ये ईमेल बांचें. ईश्वर करे आप सभी के ब्लॉग ऐसे ही सफल हों!

हैलो सर,

मैं आपसे और आपके ब्लॉग से बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ हूं.

आज फिर आपके ब्लॉग ने ही मेरी प्राब्लम सॉल्व की.

दरअसल बात ये है कि मेरा एक एग्ज़ाम क्लियर हुआ है उसमें मुझे सेकण्ड राउंड में टाइपिंग करनी है जिसके लिए इंग्लिश ओर हिन्दी (यूनिकोड इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड) पर टाइप करना है. अब प्राब्लम ये आई की उबुन्टु पर इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड कैसे इनस्टॉल होगा. इसके लिए मैंने कहां कहां क्या-क्या नहीं सर्च किया। डाउनलोड किया। रन किया पर हुआ कुछ नहीं. उबुन्टु में हिन्दी (बोलनगरी, हिंदीडबल्यूएक्स) भी डाली पर इनस्क्रिप्ट नहीं मिला. इसके बाद इंडियन गवर्नमेंट की लॅंग्वेज प्रमोशन की साइट मिली http://ildc.in/Hindi/hdownloadhindi.html जिस पर से मैंने लिनक्स का वर्जन भी इनस्टॉल किया पर हुआ कुछ नहीं. मना तो किया इसे अनइंस्टाल कर दूं पर उबुन्टु बहुत अच्छा लगता है. आज रात बस ऐसे ही सर्च किया गूगल पर "हाउ टू इनस्टॉल इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड इन उबुन्टु" आपका ब्लॉग मिला और प्राब्लम सॉल्व. आपका ब्लॉग स्क्रीन शॉट्स के साथ बहुत सिंपल है कोई दिक्कत नहीं होती.

मैंने उबुन्टु का प्रयोग करना आपके ब्लॉग को पढ़कर ओर ख़ासकर आपके द्वारा दी गई उबुन्टु हिन्दी पीडीएफ बुक से शुरू किया. मैंने 2010-11 से आपका ब्लॉग पढ़ना स्टार्ट किया था. शायद मैं रोज़ तो आपका ब्लॉग नहीं पढ़ता हू पर मैं जब भी कोई प्राब्लम उबुन्टु से रिलेटेड गूगल पर सर्च करता हूं तो आपका ब्लॉग मेरे सामने किसी ना किसी तरह आ जाता है और मेरी प्राब्लम सॉल्व हो जाती है.

बात तो आपसे बहुत सारी करना चाहता हू पर .......पर आज इतना तो बताने से मैं रुक नहीं सका.

धन्यवाद,

कपिल वशिष्ट

उबुन्टु वर्जन (12.10)

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ध्वनि मत से :)

आज की बुलेटिन ऋषिकेश मुखर्जी और मुकेश .... ब्लॉग बुलेटिन में आपकी पोस्ट (रचना) को भी शामिल किया गया है। सादर .... आभार।।

वाह बधाई रवि भाई, अगर दी गई जानकारी किसी के काम आ जाये तो वाकई लेखन सफ़ल हो जाता है। हो सकता है वह जानकारी हमारे लिये रोजमर्रा की हो परंतु किसी के लिये वही जानकारी पहाड़ समान कठिन हो सकती है ।

लाभान्वित तो बहुतेरे हैं...

बधाई। आपके ब्लॉग से लाभान्वित होने वाले बहुतेरे हैं। कहते कुछ ही हैं। आपके ब्लॉग की वह पोस्ट जिसमें आपने सभी फोन्ट कन्वर्टर की लिंक दी हुई है। अपन ने सेव कर रखी है। जब भी किसी परिचित को या दफ्तर में, जहां जरुरत पड़ती है तुरंत आपके ब्लॉग का वह लिंक थमा देता हूं।

आपसे मिलकर थोड़े समय में ही बहुत कुछ सीख लिया मैंने और मेरी बेटी ने ...... आज कह भी रहे हैं ....और आपसे मिलना हुआ है, ये सोच-सोच कर गर्व भी कर लेते हैं ....

लो आप तो प्रशस्ति पत्र मिलने पर यह सोच रहे हो कि ब्लॉग लिखना सफ़ल हुआ, मुझे तो कोई यही कह देता है कि हमने आपका ब्लॉग पढ़ा है या पढ़ते हैं तो लगता है कि चलो कोई तो पढ़ता है, खामखा अपन समय बर्बाद नहीं करते! ;)

मैंने पहले भी लिखा है - कभी कभी अपनी पीठ खुद ही ठोंक लेनी चाहिए, और खासकर ऐसे प्रशस्ति पत्र पा कर तो खासतौर पर! नहीं?

यकीनन, ब्लॉगर सबसे पहले अपनी पीठ ठोकना ही सीखता है! :D

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
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