टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

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नीम और पीपल की दोस्ती पुरानी है।

गजब, गुत्थी तो गुत्थम गुत्था उपर से गांठ

आदरणीय प्रकृति के इस प्रगाढ़ प्रेम अर्थात गुत्थी को बान्दल कहते हैं

.....और फिर भी आदमी दम भरता है कि वह सब जानता है और सब कुछ सुलझा सकता है।

जनसंख्या, आतंकवाद, दुराचार, भ्रष्टाचार सभी दिख रहें हैं। इसे तो प्रकृति ही सुलझाएगी।

बहुत ही सुन्‍दर लेख
हिन्‍दी तकनीकी क्षेत्र की रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारियॉ प्राप्‍त करने के लिये इसे एक बार अवश्‍य देखें,
लेख पसंद आने पर टिप्‍प्‍णी द्वारा अपनी बहुमूल्‍य राय से अवगत करायें, अनुसरण कर सहयोग भी प्रदान करें
MY BIG GUIDE

प्रकृति की ये गुत्‍थी भी जीवन की गुत्‍थी की तरह है जिसे सुलझाना इतना आसान नही है।

प्रकृति भी अपने प्रयोग कर रही है !

प्रकृति की प्रयोगशाला में क्या-क्या चल रहा है- कौन जाने !

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