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फ्लिपकार्ट से 1000 शानदार म्यूजिक एलबम डाउनलोड करें एकदम मुफ़्त!

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आप कहेंगे, सांग्स.पीके क्या बंद हो गया है? या फिर गली-गली बिकने वाले 20 रुपल्ली के एमपी-3 डीवीडी पर क्या बैन लग गया है? नहीं. ऐसा नहीं है. सांग्स.पीके धड़ल्ले से चल रहा है और 20 रुपल्ली के एमपी3 डीवीडी में हर किस्म का गीत संगीत आप खरीद सकते हैं. परंतु, एक तो यह गैरकानूनी है, दूसरा, अपवादों को छोड़ इनकी क्वालिटी एकदम घटिया रहती है.तो, यदि आप बढ़िया क्वालिटी में एमपी3 म्यूजिक एलबम डाउनलोड करना चाहते हैं (आपको 128 तथा 320 केबीपीएस में से चुनने का विकल्प मिलता है, और जाहिरा तौर पर अच्छी क्वालिटी के लिए 320 केबीपीएस चुनें) वह भी एकदम मुफ़्त तो फ्लिपकार्ट पर उसके एमपी3 म्यूजिक डाउनलोड साइट पर जाएं. वहाँ अपनी सेवा के शानदार एक वर्ष पूरे होने पर आने वाले दस दिनों तक नित्य 100 एलबम निःशुल्क डाउनलोड की सुविधा दी गई है.मैंने आज कुछ एलबम डाउनलोड किए. क्वालिटी वाकई बेहद शानदार है. यदि आपको वाकई अच्छी क्वालिटी का एमपी3 गीत-संगीत डाउनलोड करना है तो अवश्य आजमाएं. डाउनलोड करने के लिए इस लिंक पर जाएं -http://www.flipkart.com/flyte/birthdayफिर वहाँ से अपने पसंदीदा संगीत कैटलॉग पर क्लिक कर जहाँ FREE लिखा…

आपने अपना आधार कार्ड बनवाया क्या?

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नंदन नीलेकनी, मैं आपसे पूरी तरह निराश हूँ...आखिर वही हुआ जिसकी न चाहते हुए भी मुझे प्रत्याशा थी.कोई तीन साल पहले भारत में आधार कार्ड बनने की शुरूआत हुई. तब कहा गया कि यह गरीब का पहचान पत्र गरीबों का भाग्य बदल देगा. मगर बीच में यह राजनीति का शिकार होता दिखाई दिया जब बांग्लादेशी घुसपैठियों के भाग्य भी बदलने लगा. खैर, वह तो राजनीति की बात हुई. हम यहां तकनीकी समस्याओं की बात करेंगे.जब नंदन नीलेकनी को आधार कार्ड तैयार करने के प्रकल्प का मुखिया चुना गया तो उनसे बड़ी उम्मीदें थीं. लगा था कि कंप्यूटरी चपलता से आनन-फानन में सालेक भर में सभी भारतीयों के हाथों में आधार कार्ड होगा.मगर हम हमेशा की तरह, गलत थे.मेरे शहर में भी आधार कार्ड बनने का काम पिछले दो वर्षों से चल रहा है. कभी गति पकड़ता है तो कभी बन्द हो जाता है. सितम्बर 2012 में एक ऐसे ही आधार कार्ड बनाने वाले केंद्र में मैं भी परिवार समेत चला गया. यह सोचकर कि सरकारी योजना है, इसमें हम सब को सहयोग करना ही चाहिए.केंद्र में कोई भीड़-भाड़ नहीं थी. बमुश्किल पंद्रह बीस लोग थे. और तीन कंप्यूटर सिस्टम लगे थे जिसके जरिए फ़ोटो-पहचान और निवासी प्रमाण-…

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