टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

May 2012

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उत्कृष्ट भारतीय ब्लॉगों की साइट ब्लॉग अड्डा पर आज  मेरा हिंदी में साक्षात्कार प्रकाशित हुआ है. उसे आप यहाँ http://blog.blogadda.com/2012/05/31/interview-with-ravishankar-shrivastava-hindi-blogger-foss  पर पढ़ सकते हैं.

 

आमतौर पर ब्लॉग अड्डा में नियमित तौर पर अंग्रेज़ी में साक्षात्कार प्रकाशित होते रहे हैं. इससे पूर्व ब्लॉग अड्डा में हिंदी में कार्टूनिस्ट कीर्तीश भट्ट, अजित वडनेरकर तथा अनुराग शर्मा के साक्षात्कार प्रकाशित हो चुके हैं.

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हिंदी के एकमात्र व्यावसायिक और व्यावहारिक रूप से सफल स्पीच टू टैक्स्ट प्रोग्राम (हिंदी वार्ता से पाठ अनुप्रयोग) श्रुतलेखन - राजभाषा के बारे में सर्वप्रथम एक छोटी सी समीक्षा कथाकार सूरज प्रकाश ने 2008 में यहाँ लिखी थी. तब उक्त प्रोग्राम के आउटपुट की शुद्धता का प्रतिशत कोई 80 प्रतिशत था, जो कई मामलों में व्यावहारिक नहीं था.
एक वर्कशॉप में अभी हाल ही में मेरी मुलाकात अहमदाबाद के श्री जवाहर कर्नावट से हुई. उन्होंने बताया कि श्रुतलेखन - राजभाषा का नया संस्करण कोई 90 प्रतिशत शुद्धता के साथ आउटपुट देता है. और वे तथा उनके बहुत से साथी इस प्रोग्राम का प्रयोग बहुतायत से कर रहे हैं. इस बात से उत्साहित होकर  मैंने इस प्रोग्राम को खरीदने के लिए इंटरनेट में खोजबीन की तो निराशा हाथ लगी. कहीं कोई कड़ी नहीं, कोई लिंक नहीं और न ही उक्त उत्पाद को खरीदने बेचने के बारे में कुछ भी जानकारी या समीक्षा नहीं.
अंततः श्री जवाहर कर्नावट ने  सीडैक के श्री दीपक मोतीरमानी का ईमेल भेजा जो श्रुतलेखन की मार्केटिंग देखते हैं. यदि आपको यह सॉफ़्टवेयर चाहिए तो दीपक मोतीरमानी से deepakm@cdac.in पर संपर्क कर सकते हैं. यदि फोन से संपर्क करना चाहें तो उनके डेस्क का डायरेक्ट नंबर है - 020 - 25503396.
 
दीपक ने मुझे श्रुतलेखन का एक ब्रोशर भी भेजा है.  जो निम्न है:
 
श्रुतलेखन-राजभाषा एक हिंदी स्पीकर-इनडिपेंडेंट हिंदी स्पीच रिकग्निशन सिस्टम है जो स्पीच (वाक्) टैक्नॉलाजी के क्षेत्र में मील का पत्थर है। स्पीच रिकग्निशन टैक्नॉलाजी की वज़ह से मशीनों के लिए मानव भाषा समझना साध्य हो गया है और यह हिंदी में आउटपुट देता है। श्रुतलेखन-राजभाषा को मंत्र-राजभाषा (मशीन साधित अनुवाद) सिस्टम के एक अंश के रूप में एकीकृत किया गया है। यह बोली गई भाषा को डिज़िटाईज़ करके इनपुट के रूप में लेता हैं और आउटपुट एक स्ट्रीम ऑफ़ टेक्स्ट के रूप में प्राप्त होता है। लैंग्वेज मॉड्यूल में मौजूद व्याकरण की सहायता से रिकग्नाईज़र स्पीच रिकग्निशन को बेहतर बनाता है। लैंग्वेज मॉड्यूल में शब्दावली और वाक्य संरचना स्टोर किया गया है।
प्रयोगकर्ता माईक्रोफ़ोन के ज़रिए सिस्टम के साथ संपर्क रखता है। स्पीच प्रोसेसिंग के लिए रिकग्नाईज़र एनलॉग सिग्नल को डिज़िटल सिग्नल में रूपांतरित करता है। प्रोसेसिंग के पश्चात एक स्ट्रीम ऑफ़ टेक्स्ट जनरैट किया जाता है।
मुख्य विशेषताएँ
र्‍ यह हिंदी यूनीकोड में आउटपुट देता है जो कि पूरे विश्व में प्रचलित है
र्‍ यूनीकोड टैक्सट को ISFOC में रूपान्तरित करने की सुविधा
र्‍ यूनीकोड हिंदी में प्रचलित की-बोर्ड टंकण की सुविधा
र्‍ अनडू, रीडू, कट, कॉपी, पेस्ट, सेलेक्ट ऑल, फ़ाईंड एण्ड रिप्लेस की सुविधा
र्‍ हिंदी देवनागरी आउटपुट का संख्याओं (अंक, दशमलव), तारीख और मुद्राओं में रूपान्तरण
‍ र्‍ द्विभाषीय हिंदी अंग्रेजी टंकण और एडिटिंग की सुविधा, शब्द संशोधन की सुविधा 
र्‍ एम एस वर्ड, एम एस पेंट, एम एस एक्सेल तथा नोटपैड के लिए सिस्टम प्लग-इन की सुविधा
र्‍ टाइपिंग के लिए इंस्क्रिप्ट, रेमिंग्टन, एवं फोनेटिक कुंजीपटल की सुविधा
सिस्टम की आवश्यकताएँ
र्‍ विंडोज़ २००० / विंडोज़ XP ऑपरेटिंग सिस्टम / विंडोज़ विस्टा
र्‍ ऑपरेटिंग सिस्टम "लैंग्वेज सैटिंग" विकल्पों में "इंडिक" इनेबल्ड हो
र्‍ माइक्रोफ़ोन
 
ब्रोशर के मुताबिक सॉफ़्टवेयर में उपलब्ध सुविधाएं बेहद काम की प्रतीत होती हैं और वास्तविक उपयोगकर्ताओं के मुताबिक प्रामिसिंग लगता है. मैंने इसे खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. सॉफ़्टवेयर प्राप्त होते ही इसकी विस्तृत समीक्षा इन्हीं पृष्ठों पर जल्द ही प्रस्तुत करूंगा.

अद्यतन : श्रुतलेखन राजभाषा सॉफ़्टवेयर समीक्षा :
मैंने इस सॉफ़्टवेयर को तीन अलग अलग कंप्यूटरों पर इंस्टाल किया - 2 लैपटॉप (1 ड्यूअल कोर, 1 क्वाड कोर प्रोसेसर व उचित रैम युक्त) तथा 1 पीसी - 3.2 गीगाहर्त्ज हाइपर थ्रेडिंग प्रोसेसर युक्त तथा 3 अलग किस्म के अच्छे माइक्रोफ़ोन जिसमें शामिल है सॉफ़्टवेयर के साथ आए माइक्रोफ़ोन भी, और तीन अलग-3 वक्ताओं को लेकर.परंतु मेरा अनुभव बिलकुल ही बेकार रहा.हमेशा तो नहीं, परंतु बहुत बार जब हमने इसे डिक्टेशन दिया पूरब तो इसने छापा पश्चिम. कुछ बोलो तो यह कुछ का कुछ छापता है. यानी आउटपुट एडीटिंग कर काम में लेने लायक भी नहीं रहता.अलबत्ता कई उपगोयगकर्ताओं ने, जिनकी क्रेडिबिलिटी पर प्रश्नचिह्न नहीं लगाया जा सकता, इसके आउटपुट को 90 % तक शुद्ध और काम में लेने लायक बताया है - पर ये सभी कार्यालयीन उपयोग करने वाले हैं तो शायद यह कार्यालयीन पत्राचार को तो ठीक से टाइप करता है और अन्य साहित्यिक वार्ता को समझने में नाकाम रहता है.


जो भी हो, यह सॉफ़्टवेयर मेरे लिए बेकार है. 6 हजार रुपए गए पानी में!

अद्यत  2

सीडैक से मुझे प्रोग्राम हेतु विंडोज में कुछ अतिरिक्त सेटिंग करने को कहा गया जिससे यह प्रोग्राम बढ़िया और चकाचक चलने लगा.


यानी - यह प्रोग्राम है पूरा पैसा वसूल!
विवरण यहां देखें - http://raviratlami.blogspot.in/2012/07/blog-post_27.html 

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बहुत पहले मैं एक हिंदी ब्लॉग अवार्ड समिति का चयनकर्ता बन कर यह दर्दे डिस्को कर चुका हूँ. पर अब हालिया हाहाकार से प्रेरित होकर मैंने इसे थोड़ा सा मॉडीफाई किया है.

मुलाहिजा फरमाएं:

बी ए ब्लॉग अवार्ड प्रेजेंटर...

हू हू हू ओ या या  या आआआ...

वान्ना मेनी स्लीपलेस नाइट्स?
वान्ना ड्रीडफुल, हांटिंग, हॉरिबल नाइटमेअर्स?
बी ए ब्लॉग अवार्ड प्रेजेंटर
बी ए ब्लॉग सम्मान प्रेजेंटर
धम चिका धूम हुम हू हू ओ या या आआआ...
बी ए ब्लॉग अवार्ड प्रेजेंटर हो हो हो....

वान्ना डिग योर पास्ट?
वान्ना क्वेश्चंड योर कैपेबिलिटीज़?
वान्ना शो योर कास्ट क्रीड एंड क्रेडेंशियल्स?

बी ए ब्लॉग अवार्ड प्रेजेंटर

बी ए हिन्दी ब्लॉग अवार्ड प्रेजेंटर

धम चिका धूम हुम हू हू ओ या या आआआ...
बी ए ब्लॉग अवार्ड प्रेजेंटर हो हो हो....

वान्ना सी टर्निंग आईज़?

वान्ना सी मोकिंग फेसेस एट यू?

वान्ना मेकिंग फ़न ऑव योर सेल्व?

बी ए ब्लॉग अवार्ड प्रेजेंटर

बी ए हिन्दी ब्लॉग अवार्ड प्रेजेंटर

धम चिका धूम हुम हू हू ओ या या आआआ...
बी ए ब्लॉग अवार्ड प्रेजेंटर हो हो हो....

वान्ना बैग पार्डन टू एवरी सैन एंड इनसैन?

वान्ना गो एक्स्प्लेनिंग एवरी रैट एंड कैट?

वान्ना मेक योर ब्लॉगिंग लाइफ फुल्ली मैश?

बी ए ब्लॉग अवार्ड प्रेजेंटर

बी ए हिन्दी ब्लॉग अवार्ड प्रेजेंटर

धम चिका धूम हुम हू हू ओ या या आआआ...
बी ए ब्लॉग अवार्ड प्रेजेंटर हो हो हो....

धम चिका धूम हुम हू हू ओ या या आआआ...
बी ए हिन्डी ब्लॉग अवार्ड प्रेजेंटर हो हो हो....

--

(फिल्मी गाना दर्दे डिस्को के थीम पर आधारित)

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परिकल्पना पर दशक के हिंदी चिट्ठाकार व हिंदी चिट्ठा को चुनने के लिए एक पोल लगाया गया है. जिसमें आप अपना बहुमूल्य वोट देकर इनका चुनाव कर सकते हैं.

आपकी सुविधा के लिए (कृपया ध्यान दें, महज आपकी सुविधा के लिए,) वहाँ 10-10 चिट्ठाकार व चिट्ठों की सूची लगाई गई है. तो आप उनमें से चुन सकते हैं, या आपकी नजर में वे अनुपयुक्त हैं तो आप कोई अन्य उपयुक्त नाम सुझा सकते हैं, और उसे वोट दे सकते हैं.

और, जैसा कि जाहिर है, इन पुरस्कारों की घोषणा के साथ ही विरोध (और कहीं कहीं थोड़े बहुत समर्थन) के सुर चहुँ ओर टर्राने लगे हैं. रुदन, क्रंदन और विलाप प्रारंभ हो गए हैं.

चिट्ठाकार पुरस्कारों (चिट्ठाकार क्या हर किस्म के पुरस्कारों पर यह लागू है) पर नाहक हो हल्ला और गर्दभ-रुदन की परंपरा पुरानी रही है. जो नाहक गर्दभ-रुदन करते हैं और मठाधीशी जैसी बातें करते हैं उनसे गुजारिश है कि वे भी अपने मठ तो बनाएं और ऐसा कुछ प्रकल्प प्रारंभ तो करें.

ब्लॉगिंग पुरस्कार तमाम भाषाओं के ब्लॉगों में चलते हैं. अंग्रेज़ी भाषाई ब्लॉगों में तो सैकड़ों पुरस्कार हैं और सैकड़ों स्तर पर प्रदान किए जाते हैं – और, विवाद वहाँ भी होते हैं! परंतु निम्नस्तरीय नहीं. जब हिंदी ब्लॉगिंग ने रफ़्तार पकड़ी तो इंडीब्लॉगीज, माइक्रोसॉफ़्ट भाषा इंडिया और सृजनगाथा जैसे हिंदी ब्लॉग पुरस्कार आगे आए. मगर तमाम तरफ से और खासकर जिन भाई लोगों के नाम महज दर्जन भर ब्लॉग पोस्टें व छः महीने का ब्लॉगानुभव था उन्होंने भी इन पुरस्कारों को लेकर ऐसा श्वान रुदन मचाया कि उनके आयोजकों ने आगे ऐसे आयोजनों से तौबा कर ली.

ध्यान दें कि जब आप इस किस्म का श्वान रुदन मचाते हैं, गर्दभ क्रंदन करते हैं तो वस्तुतः अपने बारे में, व अपनी निकृष्ट और घटिया सोच को ही दुनिया के सामने रखते हैं. मेरा यहाँ मंतव्य यह नहीं है कि आप इन आयोजनों की प्रशंसा ही करें. आलोचना करें, मगर स्वस्थ और साथ में यदि कुछ त्रुटि हो रही हो तो उसका सॉल्यूशन भी दें. नहीं तो त्रुटियाँ और खामियाँ तो लोग भगवान, सृष्टिकर्ता की भी निकालते हैं.

संदर्भवश, बताता चलूं कि सृजन सम्मान ब्लॉग पुरस्कार के समय तो महीने भर तक रूदन-क्रंदन मचाया जाता रहा, जिसमें मैं भी एक निर्णायक था. तो अंततः मुझे भी दर्दे-डिस्को करना पड़ा था. और आइंदा कभी भी ब्लॉग पुरस्कारों के लिए निर्णायक बनने से तौबा कर ली थी!

बहरहाल, परिकल्पना को साधुवाद कि वे पिछले वर्ष के इसी तरह के अनर्थक क्रंदनों (वस्तुतः डॉग बार्किंग) को अनदेखा कर इस वर्ष भी ब्लॉग पुरस्कारों का आयोजन कर रहे हैं. उम्मीद है कि यह आयोजन और अधिक भव्य और विशाल होगा और उत्तरोत्तर समृद्ध होगा. परिकल्पना व आयोजकों को मेरी दिली शुभकामनाएँ व मुझे व मेरे ब्लॉग को एक उम्मीदवार माना इस हेतु उनका धन्यवाद.

अंत में, इस ब्लॉग के सुधी पाठकों से एक विशेष अपील –

मेरा व मेरे ब्लॉग का नाम भी इस सूची में शामिल है. यदि आपको लगता है कि मैं एक उपयुक्त उम्मीदवार हूँ तो कृपया मुझे वोट करें. यदि आपकी नजर में इस लायक दूसरे हैं तो उन्हें वोट दें, और यदि आपके उपयुक्त उम्मीदवार का नाम वहाँ नहीं है तो कृपया वह नाम वहाँ अवश्य सुझाएं. जो भी स्थिति हो, अपना वोट अवश्य दें. यहाँ यह याद रहे कि जितना ज्यादा से ज्यादा लोग वोट देंगे, सांख्यिकीय नियमों के मुताबिक उपयुक्त चयन की संभावना उतनी ज्यादा बलवती होगी.

कृपया ध्यान दें:

वोट देने की अंतिम तिथि – 30 मई 2012 है.

धन्यवाद.

मरफ़ी के नियम आपने पढ़े होंगे. यदि नहीं तो... ख़ैर, छोड़िये. अपने देसी संता के नियम आपने कभी पढ़े?

नहीं न!

तो लीजिए पेश है अपने प्यारे संता के कुछ नियम:

1. यदि कुछ गलत हो सकता हो तो भई, उसे ठीक करो!

2. जब कोई विकल्प दिया जाए – तो सभी ले लो!

3. एक साथ बहुत सारी परियोजना चलाने  से एक साथ बहुत सारी सफलता मिलती है.

4. सबसे ऊपर काम करना शुरू करो और और ऊपर चलो.

5. किताब में लिखे अनुसार काम करो, मगर पहले किताब लिख लो!

6. यदि समझौता करने की मजबूरी हो तो और मांगो.

7. यदि आप किसी को हरा नहीं सकते तो उनके साथ शामिल हो जाओ और फिर हराओ.

8. यदि कुछ करने में कुछ हासिल होता है तो दूसरों पर थोड़ा उपकार करो और उनके लिए रख छोड़ो.

9. यदि आप जीत नहीं सकते हो तो नियम बदल डालो.

10. यदि आप नियम बदल नहीं सकते तो उन्हें अनदेखा करो.

11. यदि कहीं से कोई चुनौती नहीं मिलती है तो अपने लिए एक बना लो.

12. “नहीं” का सीधा सा मतलब होता है अगले उच्च स्तर से शुरूआत करना.

13. जब आप दौड़ सकते हो तो चलने का क्या फायदा.

14. बाबूगिरी, लालफ़ीताशाही पर विजय पा सकते हो. बेवकूफ़ बन जाओ, हाँ में हाँ मिलाओ.

15. जब सन्देह हो : सोचो!

16. धैर्य तो वरदान है, परंतु टिके रहना उससे भी बड़ा वरदान है.

17. पहिये में आवाज है तो चेक करो कि बाकी भी चल रहे हैं या नहीं.

18. जितना जल्दी चलोगे, टाइम उतना ही धीरे पास होगा.

(मूलतः इस पोस्ट से प्रेरित - अनुवादित व परिवर्धित)

 

आपके खुद के संता के नियमों का स्वागत है! हम सब से साझा करें.

टीप : यह खराब यूएसबी ड्राइव से डाटा रिकवरी हेतु टिप नहीं है.

कई बार के इस्तेमाल या कंप्यूटिंग गड़बड़ी की वजह से कभी कभी आपका फ्लैश यूएसबी ड्राइव या एसडी/मिनी एसडी कार्ड खराब हो जाता है और कुछ का कुछ मेमोरी बताता है. उदाहरण के लिए, मेरा 8 जीबी पेन ड्राइव मात्र 94 मेबा जगह बता रहा था और विंडोज में फार्मेट करने पर भी जगह इतनी ही बता रहा था. इसका बाकी का 7.10 जीबी जगह जाहिर है, कहीं छुप गया था.

इस तरह की समस्या आमतौर पर तब भी आती है जब आप अपने पेन ड्राइव में बूटेबल लिनक्स तंत्र इंस्टाल करते हैं.

तो अपने पेन ड्राइव के पूरे 8 जीबी स्पेस को पाने के लिए सहायता हेतु मैंने गूगल में कुछ खोजबीन की और यह आसान सा तरीका पाया -

command promt चलाएं
टाइप करें diskpart
enter दबाएं
टाइप करें list disk
enter दबाएं
अपने यूएसबी ड्राइव का नंबर ध्यान से देखें और नोट करें. ध्यान दें कि यदि आपने गलत नंबर नोट किया तो आपके उस संबंधित ड्राइव का डाटा उड़ सकता है.

टाइप करें select disk X
enter दबाएं
(X आपके यूएसबी पेन ड्राइव का नंबर होगा जिसे आपने नोट किया है)
टाइप करें clean
enter दबाएं
टाइप करें create partition primary
enter दबाएं

बस हो गया.

अब विंडोज एक्सप्लोरर में जाएं, यूएसबी पेन ड्राइव को सलेक्ट करें और दायां क्लिक कर फ़ॉर्मेट विकल्प चुनें.

अब आपका ड्राइव वापस अपने पूरे मेमोरी के साथ वापस आ गया है!

--

वैकल्पिक टिप - लिनक्स तंत्र का प्रयोग कर डिस्क को फ़ॉर्मेट करें या जीपार्टेड नामक औजार का प्रयोग कर डिस्क रिकवर करें.

टीप : यह खराब यूएसबी ड्राइव से डाटा रिकवरी हेतु टिप नहीं है.

how to recover space / repair your unusable usb pen drive that shows less space than actual. usb disk size fixer. fix your USB drive that is unusable, unformattable, and reporting 0 bytes / less capacity.

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शायद नाम में ही दबंगई है? नहीं. बल्कि काम में है.

ये कोई और सलमान खान हैं. शिक्षाविद. जो अपने ज्ञान और कर्म से विश्व की दिशा बदलने की ताकत रखते हैं.

टाइम पत्रिका के अप्रैल 2012 अंक में विश्व के 100 सर्वाधिक महत्वपूर्ण व्यक्तियों में खानएकेडमी.ऑर्ग के सलमान खान का भी नाम है. और उनके कार्यों की तारीफ करते हुए माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स का एक छोटा सा आलेख भी है.

35 वर्षीय सलमान खान ने ऑनलाइन पढ़ाने की शुरूआत अपने भतीजे को गणित का पाठ पढ़ाने से की, और देखते ही देखते उन्होंने तमाम विषयों के 3100 से अधिक वीडियो शिक्षण पाठ इंटरनेट पर अपलोड कर दिए हैं, और उनका यह अभियान अभी द्रुत गति से जारी है.

वैसे तो इंटरनेट पर तमाम तरह की शिक्षण सामग्री भरी पड़ी है, मगर खानएकेडमी की बात इस मामले में जुदा है कि यहाँ के शिक्षण पाठ आसान, समझ में आने लायक डिजाइन किए गए हैं ताकि विषयों पर रट्टा मारने की जरूरत कतई न रहे.

खानएकेडमी का सूत्र वाक्य भी है -

Watch. Practice.

Learn almost anything for free.

 

देखें. अभ्यास करें

और सबकुछ सीखें बिलकुल निःशुल्क.

 

सलमान खान पर बिल गेट्स का पूरा आलेख यहाँ पढ़ें

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और, यदि हाँ, तो क्या आपने कभी अपनी असफलता का जश्न मनाया है?

लिविंग लीजैंड अनुपम खेर बता रहे हैं अपनी असफलता की कहानी. एक मिनट की रेकॉर्डिंग है. मूवर्स एंड शेकर्स से साभार. जरूर सुनें, और अपने तमाम मित्रों, रिश्तेदारों को सुनाएं.

सफलता-असफलता के प्रति आपका दृष्टिकोण यकीनन बदल जाएगा. शर्तिया.

नीचे दिए प्लेयर के प्ले बटन पर क्लिक कर यहीँ सुनें या फिर इस लिंक सेएमपी-3 फ़ाइल (मात्र 1.8 मे.बा.) डाउनलोड कर अपने पसंदीदा मोबाइल मीडिया प्लेयर पर सुनें

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