मंगलवार, 3 जुलाई 2012

इंडियन कार-यूजर्स-गाइड




वैसे तो इस मार्गदर्शिका का शीर्षक भारतीय कार-उपयोगकर्ता-निर्देशिका बेहतर हो सकता था, मगर, फिर, ये पूरा इंडियन नहीं होता.

आप पूछेंगे कि ये इंडियन कार-यूजर्स-गाइड क्या ऑफ़ीशियल गाइड है और इसे क्या ट्रांसपोर्ट विभाग से जारी किया गया है.

तो बता दूं कि इसके ओरिजिन का तो पता नहीं क्योंकि यह मुझे एक दिन यूँ ही सड़क पर कार चलाते समय रास्ते में पड़ा हुआ मिल गया था. मगर इतना तय है कि इस गाइड को आप पढ़ेंगे और आत्मसात करेंगे तो भारतीय सड़कों में फर्राटे से कार दौड़ाने में एक्सपर्ट हो जाएंगे. इस गाइड को मोटा-मोटी आप पढ़ेंगे तो पाएंगे कि अधिकांश जनता इस खालिस इंडियन गाइडबुक का टू-द-पाइंट फालो करती है. अर्थ यह कि यदि आप इस मामले में निरक्षर हैं तो आगे पढ़ें, गुनें और अपनी कार-ड्राइविंग-लाइफ को बेहतर बनाएं.

1.    कार चलाना शुरू करने से पहले यह चेक कर लें कि आपके कार का हॉर्न ठीक से काम कर रहा है या नहीं. क्योंकि यही वह पुर्जा है जो इंडियन सड़कों में कार चलाते समय सबसे ज्यादा काम आता है. संशय हो तो दोबारा चेक कर लें और, हो सके तो इसकी आवाज भी जाँच लें कि समय के हिसाब से इसकी आवाज कम तो नहीं हो रही है. हो सके तो एकदम अलग किस्म का हार्न जैसे कि कुत्ते के भौंकने का या बच्चे के रोने का हॉर्न लगवाएं. मोटरबोट का हूटर वैसे बढ़िया रहता है, और वीआईपी कारों में लगने वाले डिफ़ॉल्ट हूटर की तो बात ही क्या. टायर में कम हवा चलेगा, इंजिन-ऑयल, लुब्रिकेंट, कूलेंट न हो तो चलेगा, मगर हॉर्न? नई बाबा नई!

2.    कार चलाते समय सड़कों के किनारे लगे चिह्न – स्पीड लिमिट, अंधा मोड़, हॉर्न न दें, ओवरटेक न करें इत्यादि इत्यादि के चिह्नों की ओर न तो ध्यान दें और न ही परवाह करें और न ही फ़ॉलो करें. क्योंकि यदि आप इन चिह्नों के हिसाब से चलेंगे तो आप भले ही किसी को न ठोंके, जरूर ही कोई न कोई आपको ठोंक देगा.

3.    सिंगल लेन में जा रहे हों, साइड देने की जगह न हो मगर उससे आपको व आपकी कार को फर्क नहीं पड़ता. आप तब तक हॉर्न पर हॉर्न बजाते रहें जब तक कि सामने चल रहा वाहन कहीं जादू से आपको साइड देने के लिए जगह न निकाल ले. फिर, हॉर्न है तो बजेगा ही, और बजाना भी चाहिए.

4.    बजाने से याद आया, कार में यदि स्टीरियो सिस्टम नहीं लगा है तो आपका कार कार नहीं है. तो सबसे पहला काम यही करें कि स्टीरियो सिस्टम लगवा लें. चीन ने दुनिया का बहुत भला किया है. हमारा भी बहुत किया है. पाँच सात सौ रुपल्ली से चीनी स्टीरियो सिस्टम मिलना चालू हो जाता है. वैसे भी जब आप कार से इंडिया के भीड़ भरे, शोर भरे रास्ते में जाते हैं तो एक लाख रुपए के असली बोस म्यूजिक सिस्टम और डुप्लीकेट चीनी बोसी म्यूजिक सिस्टम की आवाज में फर्क महसूस करना असंभव है. अब आपने स्टीरियो सिस्टम लगवा लिया. फाइन. अब जब लगवा लिया है तो जब भी ड्राइव करें, बजाएं. फुल वॉल्यूम में बजाएं. बाजा बजाने के लिए ही होता है. और सड़कों पर चलते समय स्टाइल से बजाने का आनंद ही अलग है. आप यह कर देखें और फर्क खुद महसूस करें.

5.    यूँ तो कार में साइड इंडीकेटर लगा होता है, मगर ये इंडियन सड़कों के लिए फालतू है. आप इसका प्रयोग भूल कर भी न करें. हो सकता है आपके इंडीकेटर देने से पीछे से चला आ रहा वाहन कन्फ्यूजिया जाए और आपके कार पर चढ़ जाए. आप बिना इंडीकेटर दिए मर्जी पड़े जिधर मुड़ें, पीछे आने वाला कौन आपकी कार का इंडीकेटर देख रहा होता है. वो तो आपकी कार के जिस ओर जगह होती है – दाएं, बाएं, या संभव हो तो ऊपर, वहीं से निकल लेने की जुगत में होता है. बाइ डिफ़ॉल्ट इंडियन ड्राइवर साइड इंडीकेटर को अनदेखा करने के लिए सेल्फ प्रोग्राम्ड होता है. इसलिए डिजास्टर को दूर रखें. आप अपवाद न बनें.

6.    चौराहों पर सिग्नल की परवाह यथासंभव न करें. यदि ट्रैफ़िक सिपाही चालान बनाने के लिए तत्पर खड़ा न हो तब तो सिग्नल की परवाह करने का प्रश्न ही पैदा नहीं होता. कोशिश करें कि ट्रैफ़िक सिपाही का ध्यान दूसरी ओर हो तो आप दन्न से रेडलाइट जम्प कर निकल भागें. इस जमाने में बस समय ही तो कीमती है. उसकी परवाह करें. एक-एक मिनट का समय कीमती होता है ये ध्यान रखें. सिग्नल की परवाह कर अपना एक दो मिनट फालतू जाया न करें. और याद रखें कि आपके रास्ते में यदि चार सिग्नल हैं तो चार गुना समय बचेगा. और यदि आप इन चार सिग्नलों में रोज जाते आते हैं तो कल्पना करें कि पूरे साल भर और आपके पूरे जीवन भर में आप कितना समय बचा लेंगे!

7.    कार और कार के यात्रियों का इंश्योरेंस करवाना तो फालतू पैसा जाया करना है. इतिहास गवाह है कि इंश्योरेंस का पैसा सही दावा करने वालों को कभी नहीं मिला. इंश्योरेंस का पैसा नकली दावा करने वाले ही डकारते हैं. तो इंश्योरेंस कभी नहीं करवाएं, और यदि करवाएं भी तो पहले किसी एजेंट से फिक्स कर लें कि जितना प्रीमियम आप भर रहे हैं उसका कुछ नहीं तो तीन गुना क्लेम हर हाल में ले सकें.

8.    पार्किंग में या सड़कों में साइड में गाड़ी कभी खड़ी नहीं करें. एनवायरनमेंट के प्रति जागरूक बनें. पर्यावरण मित्र बनें. आप पार्किंग में या सड़कों में बाजू में गाड़ी खड़ी करने के एवज में गाड़ी आगे पीछे करेंगे, व्यवस्थित करेंगे और इस तरह से ज्यादा पेट्रोल जलाएंगे. इससे पर्यावरण अधिक प्रदूषित तो होगा ही, आपकी जेब में चूना भी लगेगा. लिहाजा, जहां रुकना है, बीच सड़क पर ही रुकें, अपना काम करें और फिर चलते बनें. यही सच्ची इंडियन ड्राइविंग है.

9.    आपने ऑडी, बीएमडब्ल्यू या रेनॉल्ट खरीदी है. ठीक है, मगर ये बताएं, कि क्या आपने इसमें गैस किट लगा रखी है? यदि नहीं तब तो धिक्कार है आप पर, आपकी सोच पर. जितना जल्दी हो सके गैस किट लगवाएं और रसोई गैस भरवा कर अपनी गाड़ी चलाएं. आपके पास पैसा बहुत है इसका ये मतलब तो नहीं कि अपनी इकॉनामी को ही भट्टे में डाल दें. थोड़ी मितव्ययिता दिखाएं. इंडिया में जो गैस से कार न चलाए वो अपने परिवार से प्यार न करे! ठीक है, स्लोगन में राइम नहीं है, मगर कौन हम इसे विज्ञापन के लिए कापीराइट कर रहे हैं.

10.    अपनी कार में आप कितने लोगों को एक साथ लेकर चलते हैं? थम्ब रूल ये है कि पाँच सवारी पासिंग कार में आठ लोगों से कम लेकर कभी नहीं चलें. बन्टी, बबली, डुग्गू, बेबो सभी को भर कर चलें. आपकी कार पर सभी का पूरे परिवार, मित्रों का सभी का समान अधिकार होता है. और यदि आपको आफिस से आफिस के काम के लिए वाहन मिला है, तब तो यह सुनिश्चित करें कि घर का हर काम, घर के हर सदस्य व मित्रों का आना जाना उसी ऑफ़ीशियल कार से हो. ऑफ़ीशियल कार होते हुए निजी कार का प्रयोग करने की बेवकूफ़ी न करें. लोग हंसेंगे.

11.    ओवरटेक करते समय या साइड मुड़ते समय यथा संभव सामने जा रहे वाहन को कट मार कर निकलें. यदि आप जरूरत से ज्यादा सज्जनता दिखाएंगे या आगे-पीछे देख दाख कर ये काम करने की सोचेंगे तो अव्वल ये होगा नहीं और यदि हो भी गया तो दुर्घटना की संभावना बनी रहेगी. सामने वालों के पास भी आँखें हैं ये याद रखें, और उनके रीफ्लेक्शन पर भरोसा रखें.

नियम तो एक सैकड़ा भर और है, मगर अभी के लिए इतना ही. पहले इन नियमों को आत्मसात कर लें बढ़िया ड्राइवर बन कर बताएं, तब बाकी के नियम जारी किए जाएंगे.

-- टीप -- : इस गाइड को किसी भी दोपहिया/चौपहिया वाहन चालकों के लिए डिफ़ॉल्ट माना जाए. उनके लिए अलग से गाइडबुक जारी नहीं किए जाएंगे.
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अमित के पोस्ट - "कार ड्राइविंग और आप........." से प्रेरित
चित्र – उसी पोस्ट से

13 blogger-facebook:

  1. अभी तो गाड़ी नहीं चला रहे हैं, जब चलायेंगे तब उपयोग में लायेंगे..

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    1. जी, जरूर उपयोग में लाएँ, अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा के लिए!

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  2. 'गाइड' पढते-पढते हम तो खुशीके मारे मरे जा रहे थे कि अपने पास तो कार है ही नहीं। अपना क्‍या लेना-देना इस 'गाइड' से? पर आपने 'अन्‍त बुरा सो सब बुरा' कर दिया - 'टीप' देकर। अब जी कर रहा है - दोहत्‍थड मार-मार कर रोऍं।

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    1. कार का उदाहरण थोड़ा एलीट दिखने के लिए दिया था. ये नियम तो इंडियन सड़क पर चलने वाले सभी के लिए लागू है - पैदल के लिए भी! :)

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  3. कल रात की गई मेरी टिप्‍पणी सम्‍भवत: अब तक आपकी छननी से नहीं गुजर पाई। बहरहाल, आपकी यह पोस्‍ट इतनी 'हाण्‍ट' करती रही कि इसे साझा करने से रोक पाना मुश्किल हो गया।
    वही कर रहा हूँ।

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    1. हाँ, क्योंकि मैं निद्रा देवी के आगोश में चला गया था...
      बहरहाल, धन्यवाद इसे साझा करने के लिए.

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  4. अभी कार तो है नहीं मोटरसाइकिल पर आपके बताये नियमों का पालन करने की कोशिश करेंगे। ये नियम हमें अहसास दिलाते हैं कि हम सच्चे भारतीय हैं।

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    1. सच्चे भारतीय के लिए सच्चे नियम हैं ये...

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  5. बिल्कुल व्यवहारिक गाइड :)

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  6. aap ne bilkul sahi likha hai. Mere bhaiya bhi sache indian driver hai. Nice post, Thank You

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