टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

ग़रीबी की रेखा बनाम अमीरी की रेखा

35 लाख का टॉयलेट - भारतीय योजना आयोग - अमीरी की रेखा

भारतीय योजना आयोग के मुताबिक अमीरी की न्यूनतम रेखा - 35 लाख का शौचालय!

अच्छा, बताइए, इतने महंगे शौचालय में यदि कभी आपको मजबूरन जाना पड़ा तो क्या आपकी निकलेगी या ऊपर की ऊपर ही अटक जाएगी?

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आपका व हमारा पैसा है इनको चिन्‍ता किस बात की हे गरीब आदमी ऐसे ही पिसता रहेगा मंहगाई की चक्‍की मे ।

युनिक तकनीकी ब्‍लाग

याद तो बार बार आयेगी..

...३५ लाख के शौचालय .............शायद हीरे लगे होंगे शौचालयों में..........

दुर्भाग्य, कहीं पे छींटे और कहीं बौछारें……

सुज्ञ: एक चिट्ठा-चर्चा ऐसी भी… :) में आपकी इस पोस्ट का उल्लेख है।

करोड़ों का हज़म किया हुआ क्या सामान्य से शौचालय में हगा जाता? शर्म नहीं आती करते हुए.... ३५ लाख तो उस हिसाब से बहुत कम खर्चा है.

'बर्बाद गुलिस्ता करने को
बस एक ही उल्लू काफी था
हर शाख पे उल्लू बैठा है
अंजामे-गुलिस्ता क्या होगा.'

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