टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

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ब्लाग पर आना सार्थक हुआ । काबिलेतारीफ़ है प्रस्तुति । बहुत सुन्दर बहुत खूब...बेहतरीन प्रस्‍तुति
हम आपका स्वागत करते है..vpsrajput.in..
क्रांतिवीर क्यों पथ में सोया?

मै तो आपके ब्‍लाग पर ही आना चाहता था और वही आया हू
तकनीकी जानकारीयो का ब्‍लाग युनिक

सच में, बहुत लम्बी थी यह यात्रा और अभी शेष है।

BAHUT ACCHA ...................

अवाक् तो मैं भी हूँ किन्‍तु इसलिए कि बात पल्‍ले नहीं पडी।

chareveti chareveti kshitij ke aagebhi path hoga

It was a good experience to read the articles and contents on this site.
http://www.deccansojourn.com

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