टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

April 2011

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“बस, बहुत हो चुका. बंद करो यह खेल!” – खिलाड़ी की बीवी/मां [आवश्यकतानुसार, अनावश्यक को काट दें] चिल्लाई.

“हाँ, बस एक मिनट..” खिलाड़ी मिमियाया.

“तुम खुद किसी दिन एक एंग्रीबर्ड में तबदील हो जाओगे!”

“ब्यूईईई...” खिलाड़ी के मुँह से आवाज निकली और उसने अपने टैबलेट को मेज पर दे मारा और मुँह धोए बिना नाश्ता जैसे तैसे भकोसा और काम पर जाने के लिए बाहर भागा. क्योंकि पतलून के बिना भले ही निकल जाए, मगर नाश्ते के बिना वो घर से किसी सूरत नहीं निकल सकता था. एंग्रीबर्ड का एक और लेवल पार करने के लालच में वो पहले ही बहुत लेट हो चुका था.

जनता, वैसे तो होशियार है, मगर कुछ बाकी लोगों के लिए यहाँ बता देना जरूरी है कि एंग्रीबर्ड एक खेल है जिसे आईपैड, टैबलेट और मोबाइल उपकरणों पर खेला जाता है. दरअसल कुछ पंडितों का तो यहां तक मानना है कि कइयों के पास इस तरह के उपकरण और गॅजेट होने का असली और प्रमुख कारण एंग्रीबर्ड ही है. तो एंग्रीबर्ड में तमाम किस्म, रंग और पावर के तरह तरह के बर्ड होते हैं. उनकी दुनिया में कुछ पिग्गी जैसे हरे रंग के, विविध आकारों के जानवर भी होते हैं जो एंग्रीबर्ड के अंडों को, पता नहीं क्यों, चुरा लेते हैं. इससे एंग्रीबर्ड और एंग्री हो जाते हैं. पिग्गी गुर्राते बहुत हैं, और अपने सिर को बचाने के लिए हैट पहनते हैं. प्रत्येक एंग्रीबर्ड को अधिक से अधिक पिग को मारना होता है ताकि अगले लेवल पर पहुँचा जा सके. पिग होशियार होते हैं जो नाना प्रकार के स्ट्रक्चर में छुपते छुपाते हैं. जब एंग्रीबर्ड स्ट्रक्चर को विस्फोट से उड़ाते हैं, तो पिग मरते हैं, और एंग्रीबर्ड खुशी मनाते हैं. और खिलाड़ी अगले लेवल पर पहुँचते हैं. यदि पिग बच जाते हैं तो खिलाड़ी हार जाते हैं और उस लेवल को फिर से पूरा करने की कोशिश करते हैं. और प्रायः हर बार यही होता है. इसी लिए बर्ड हमेशा एंग्री ही बने रहते हैं. और खिलाड़ी भी. और चेन रिएक्शन के तर्ज पर खिलाड़ी के आसपास के लोग भी.

जो भी हो, आम दिनों की तरह खिलाड़ी काम पर लेट हो चुका था. वह लेवल पार नहीं कर पाने के कारण पहले ही एंग्री हो चुका था. उसका एंग्रीपना, आधे-अधूरे खेल को, जब वह लेवल पार करने ही वाला था, अल्टीमेटम मिलने पर छोड़ने के कारण और बढ़ गया था. चौराहे पर लालबत्ती यलो हो चुकी थी, मगर उसने गाड़ी जम्प मार दी. एक कार और तीन मोटरसायकलें ठुकते ठुकते रह गईं. वो खिलाड़ी था, एंग्रीबर्ड नहीं, तो सिर्फ अपनी गाड़ी लालबत्ती में जम्प मार सकता था. उड़ा तो नहीं सकता था.

मगर, ट्रैफ़िक पुलिस वालों की मुस्तैदी आज के लिए ही थी शायद. लालबत्ती जम्प करने के जुर्म में उसे रोक लिया गया. चालान काटने के लिए पुलिसिया मोटी सी रसीद बुक उसके सामने लहरा रहा था. ठीक वैसे ही जैसे एंग्रीबर्ड के सामने पिग्गी अपने हैट हिलाते हैं. कुछ करारे नोट रूपी बम फेंककर वह इस ब्रेक-लेवल को जल्द ही पार कर गया.

गाड़ी चलाते वक्त वो सोच रहा था- एंग्री बर्ड की लाखों खिलाड़ियों की आल-टाइम लिस्ट में उसका नंबर दस-लाख-सात-हजार-अट्ठावनवां है. यदि वो सावधानी से मेहनत करे तो जल्दी ही कई सीढ़ियाँ पार कर टॉप सूची में पहुँच सकता है. ऑफ़िस में कार पार्किंग की जगह ढूंढने में उसे बड़ी मुश्किल हुई. वो सोच रहा था कि यदि उसके पास एंग्रीबर्ड का पावर होता तो सामने प्रिविलेज पार्किंग में खड़ी बीएमडबल्यू और मर्सीडीज बैंज की कतारों को डिस्ट्रॉय कर देता और अपनी गाड़ी वहीं लगाता.

लेट होने पर खिलाड़ी का बॉस पहले ही भुनभुनाया हुआ था. पिछले एंग्रीबर्ड लेवलों को क्रास करने के फेर में खिलाड़ी अपने बॉस को दर्जनों बार गाड़ी के टायर पंचर होने, लालबत्ती पर जाम होने, रिश्तेदार के मरने अथवा बीमार पड़ने और खुद के सर्दीबुखार में होने के बहाने बता चुका था. अब तक या तो कोई बहाना बचा नहीं था या कोई बहाना काम ही नहीं करता था. बॉस ने खिलाड़ी को असंभव सा टारगेट पूरा करने के लिए थमा दिया.

“बॉम! ज्वोट! क्वापी!” खिलाड़ी ने कल्पना में अपने आप को एंग्रीबर्ड के रूप में पाया और बॉस को पिग के रूप में और, उस पर अपने हथियार और बम फेंके. मगर बॉस होशियार था. टारगेट थमाकर, बच-बचाकर चला गया था. इधर खिलाड़ी ने अपने हथियार चले. काम को कल की पेंडिंग में डाला और एंग्रीबर्ड का एक और लेवल पूरा करने में काम का पूरा समय लगा दिया. अपने क्यूबिकल में चतुराई से छुपते छुपाते तमाम उपायों से उसने खेल खेला.

दिन भर काम और वापस भारी भरकम ट्रैफ़िक से जूझकर खिलाड़ी वापस घर आया तो अपने आप को एक धीमे भारी भरकम लाल गोले के रूप में पाया जिसमें जान ही नहीं बची थी. उसे थोड़ा विश्राम चाहिए था. अगले दिन एंग्रीबर्ड का एक और लेवल जो पार करना था!

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{फार्च्यून - 21 मार्च 2011 में प्रकाशित स्टेनले बिंग के लेख से प्रेरित}

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पाणिनी कीपैड मोबाइल फ़ोनों के लिए अभी तक उपलब्ध था. टचस्क्रीन मोबाइल डिवाइसों के लिए यह एक बढ़िया, टैक्स्ट प्रेडिक्ट का शानदार प्रयोग कर टाइपिंग को आसान बनाने वाला औजार है. इसका खास कंप्यूटरों के लिए  Transliteration  प्रोडक्ट भी अब तैयार कर लिया गया है, जिसे आप अपने कंप्यूटर में कहीं भी हिन्दी लिखने के लिये भी प्रयोग कर सकते है।

 

इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसे ऑफलाइन भी उपयोग कर सकते है और यह किसी भी  प्लेटफॉर्म  जैसे - Window, Linux, Mac  आदि पर प्रयोग किया जा सकता है। क्योंकि यह क्रासप्लेटफ़ॉर्म जावा ओपन सोर्स पर आधारित है. पाणिनि कीपैड टेबलेट, मोबाइल, कंम्प्यूटर इत्यादि सभी में समान तरीके से काम करता है ।

 

आप डिक्शनरी शब्दों के लिये  Transliteration  का प्रयोग कर सकते है और अधिक जटिल व नॉन-डिक्शनरी शब्दों के लिये पाणिनी कीपैड का । जिससे आप पाणिनी कीपैड मे प्रयोग सांख्यिकिक पूर्वानुमान टेक्स्टिंग (Statistical Predictive Texting) को और भी बेहतर तरीके से समझ पायेंगे, जो कि मोबाइल मे हिन्दी मे टाइप करने के लिये बेहद उपयोगी है ।

 

कम्प्यूटर का न्यूमेरिक कीपैड भी इस्तेमाल कर सकते है ।

 

टेक्स्ट कॉपी करके कहीं और लिखने के लिये Select and Ctrl+C  करें ।

 

पाणिनी ट्रांसलिट्रेशन हिन्दी को  http://www.paninikeypad.com/downloads/PaniniTranslitrationHindi.jar से डायरेक्ट डाउनलोड करके प्रयोग करें ।

 

अथवा वेबसाइट   www.PaniniKeypad.com   से भी अन्य जानकारियाँ व ताजा संस्करण की डाउनलोड लिंक प्राप्त  कर सकते  हैं ।

आप नीचे दिये गये दोनो videos को देखकर जान पायेंगे कि हिन्दी मे मोबाईल में टाइप करना कितना आसान है -

·         http://www.youtube.com/watch?v=bYBLQKvfBV8

·         http://www.youtube.com/watch?v=I87YEDw0StQ

 

यदि आप फ़ोनेटिक की-पैड (जैसा कि कमल लिखने के लिए कीबोर्ड का kamal कुंजियाँ दबाते हैं,) तो इसे एक बार  प्रयोग करके अवश्य देखें ।

वैसे, मेरी पसंद तो कंप्यूटिंग उपकरणों के साथ अब सर्वत्र डिफ़ॉल्ट रूप में उपलब्ध इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड है, जिस पर हाथ सधा है.

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मैं शर्त लगा सकता हूँ कि आपके मोबाइल फ़ोन में हिंदी (रोमन तथा आजकल यूनिकोड दोनों में ही,) में एसएमएस वार-त्यौहार इक्का दुक्का ही सही  कभी न कभी आया ही होगा. और यदि आप एसएमएस प्रेमी हैं तो फिर क्या कहने. आपने सैकड़ों  हिंदी एसएमएस स्वयं भेजे होंगे, उससे ज्यादा फारवर्ड मारे होंगे और बहुत सारा इंटरनेट से कॉपी-पेस्ट भी किया होगा.

इंटरनेट पर हिंदी में मजेदार एसएमएस की अब दर्जनों साइटें हैं, जहाँ से आप हर किस्म के हर मूड के हर अवसर के एसएमएस रोमन/यूनिकोड हिंदी में प्राप्त कर सकते हैं और उनका बखूबी प्रयोग कर सकते हैं.

ऐसी ही एक साइट है हिंदी एसएमएस http://www.hindi-sms.com/ . यहाँ आपको हर तरह के एसएमएस मिलेंगे. हजारों की तादाद में. यदि आप किसी खास मूड के लिए एसएमएस ढूंढ रहे हैं तो आपकी खोज, बहुत संभव है कि हिंदी एसएमएस में खत्म हो जाएगी.

तेजी से लोकप्रिय होती इस  साइट के कुछ फ़ैक्ट फ़ाइल हैं -

 

  • इंटरनेट पर देवनागरी में SMS एकमात्र बहुत बड़ा संग्रह है जहां 600 पृष्ठों पर लगभग 5000 से अधिक SMS संग्रहित हैं, और नित्य अपडेट होता है. 
  • पहले इसे ब्लॉस्पॉट ब्लॉग पर बनाया गया था और जनवरी 2010 में स्वयं के डोमेन पर लाया गया।
  • मार्च 2011 मैं इस साइट पर 90000 युनीक विजिटर और 230000 पेजलोड्स थे। यानी मासिक पेजलोड्स ढाईलाख तक पहुँचता हुआ. रचनाकार पर प्रचुर रचनाएँ हैं. तीन हजार से ऊपर, मगर इसका मासिक पेजलोड एक लाख तक ही पहुँच पा रहा है. इससे हिंदी एसएमएस की लोकप्रियता व साइट की उपयोगिता का अंदाजा लगाया जा सकता है.
  • इस साइट पर 1600 से अधिक नियमित फीड रीडर हैं। - मैं उनमें से एक हूँ.
  • अधिकतर विजिटर युवा अथवा किशोर हैं और वे भारत के विभिन्न छोटे-बड़े शहरों से आते हैं।
  • इस साइट के प्रयोक्ता इसके लिंक फेसबुक और IBIBO जैसी साइटों पर भी डालते रहते हैं जिससे इस साइट को बहुत से विजिटर मिलते हैं।

 

साइट से  एक ताज़ा एसएमएस -

 

Der raat jab kisi ki yad sataye,

thandi hawa jab zulfon ko sehlaye.

Kar lo ankhe band or so jao kya pata,

jiska hai khyal wo khwabon main aa jaye.

 

देर रत जब किसी की याद सताए,

ठंडी हवा जब जुल्फों को सहलाये.

कर लो आंखे बंद और सो जाओ क्या पता,

जिसका है ख्याल वो ख्वाबों में आ जाये.

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क्या खयाल है? कॉपी पेस्ट कर फ़ारवर्ड मार दें?

ईमेल क्लाएंट थंडरबर्ड को प्रयोग करने का एक और पुख्ता, बढ़िया कारण. थंडरबर्ड में हिंदी वर्तनी जाँच सुविधा इसके वर्तनी जाँच एडऑन के जरिए उपलब्ध.

thunderbird with hindi spell check

 

थंडरबर्ड का हिंदी वर्तनी जाँच एड ऑन का यह संस्करण थंडरबर्ड के सभी संस्करणों में बढ़िया काम करता है. इसका वर्तनी जाँच का शब्द भंडार प्रकटतः मुक्त स्रोत के आस्पैल हिंदी वर्तनी जाँच से लिया गया प्रतीत होता है. शब्दभंडार विशाल तो नहीं है (कुल 16 हजार शब्द हैं) मगर सामान्य कामकाज के लिए ठीक-ठाक है.

thunderbird with hindi spell check2

थंडरबर्ड के लिए यह वर्तनी जाँच एड-ऑन यहाँ से डाउनलोड कर सकते हैं -

 

https://addons.mozilla.org/en-us/thunderbird/addon/hindi-spell-checker/

 

यही एड-ऑन फायरफाक्स के लिए भी उपलब्ध है. यानी आप वेब पर काम करते हुए किसी भी इनपुट बक्से में भरी जा रही हिंदी - जैसे कि किसी कमेंट बक्से में लिखी जा रही टिप्पणी की वर्तनी जाँच सकते हैं.

फायरफाक्स के लिए हिंदी वर्तनी जाँच एडआन यहाँ से डाउनलोड करें-

 

https://addons.mozilla.org/en-us/firefox/addon/hindi-spell-checker/

 

थंडरबर्ड मैं पिछले 4-5 वर्षों से प्रयोग कर रहा हूँ और पाया है कि ईमेल का प्रबंधन बढ़िया तरीके से करने वाला यह शानदार, बेजोड़ सॉफ़्टवेयर है. खासकर यह  जीमेल खाते से पॉप3 / आईमैप से बढिया तरीके से इंटीग्रेट होता है.

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गूगल बुक्स हिंदी में भी लगातार समृद्ध होता जा रहा है. यहाँ तक कि स्कैन की गई हिंदी पुस्तकों की सामग्री को अब यूनिकोड में सर्च कर उसका लाभ लिया जा सकता है. गूगल के शक्तिशाली व शतप्रतिशत शुद्धता के हिंदी ओसीआर के जरिए हिंदी पुस्तकों का बख़ूबी डिजिटाइजेशन किया जा रहा है. और किताबों की सामग्री भी सर्च के जरिए हिंदी में हमें उपलब्ध हो रही हैं.

google books hindi3

(गूगल बुक्स हिंदी सर्च में धर्मवीर भारती का गुनाहों का देवता - डिजिटाइज्ड किताब को आंशिक रूप से आप गूगल बुक्स पर पढ़ सकते हैं)

बस एक पेंच है अभी. गूगल बुक्स हिंदी में अभी बढ़िया परिणाम नहीं दिखा रहा है. गूगल बुक्स में हालांकि सैकड़ों हजारों हिंदी किताबें डिजिटाइज्ड की जा चुकी हैं, और ये सब के सब गूगल बुक्स में उपलब्ध हैं, मगर जब आप गूगल बुक्स में हिंदी में सर्च करते हैं तो या तो आपके सामने ऊटपटांग परिणाम आता है या परिणाम शून्य बताता है.

उदाहरण के लिए, यशवंत कोठारी का व्यंग्य संग्रह नोटम् नमामि गूगल बुक्स पर स्कैन व डिजिटल रूप में उपलब्ध है और इसके कुछ पन्ने (अर्थ - संग्रह के कुछ व्यंग्य) आप यहाँ गूगल बुक्स के पन्नों में बखूबी पढ़ सकते हैं, मगर सामान्य गूगल बुक्स खोज में लेखक नाम अथवा पुस्तक नाम से इस पुस्तक का परिणाम नहीं दिखता. प्रतीत होता है कि सर्च हेतु हिंदी किताबों का ढंग से वर्गीकरण अभी नहीं हो पाया है. इसी तरह डायमंड बुक्स के चंद्रकांता संतति के कुछ भाग भी गूगल बुक्स पर हैं, मगर उन्हें नाम से ढूंढने जाएँ  तो अभी तो दिखते नहीं.

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(गूगल बुक्स पर यशवंत कोठारी का व्यंग्य संग्रह - नोटम् नमामि)

गूगल बुक्स पर हिंदी किताबों को ढूंढने का बढ़िया तरीका है रिलेटेड बुक्स की लिंक. रिलेटेड बुक्स की लिंक को क्लिक करने पर आप मिलती जुलती किताबों के ढेरों लिंक पर जा सकते हैं.

गूगल बुक्स खोज का एडवांस मेन्यू खोलें और विषय (सब्जैक्ट) के अंदर दो प्रमुख  कैटेगरी - hindi fiction या hindi wit and humor  (इन लिंक को क्लिक कर सीधे भी सर्च खोला जा सकता है) भर कर सर्च करें. बाकी सभी इनपुट बक्से वैसे ही खाली रहने दें. चाहें तो भाषा हिंदी कर सकते हैं. प्राप्त खोज परिणाम के किसी पसंदीदा किताब को क्लिक करें और फिर वहाँ उपलब्ध रिलेटेड बुक्स की लिंक को क्लिक करें, और इस तरह हिंदी किताबों में नेविगेट करें. आप चाहें तो सामान्य गूगल बुक्स सर्च इनपुट बक्से  में  subject:"hindi wit and humor"  या subject:"hindi fiction" डालकर भी ठीक यही सर्च कर सकते हैं. पर, यदि आप हिंदी यूनिकोड में सर्च करेंगे तो शायद परिणाम सही नहीं मिलें.

आपके लिए गूगल बुक्स के  कुछ हिंदी हास्य व्यंग्य / चुटकुलों की किताबों के लिंक -

 

हैप्पी रीडिंग!

जरा नीचे दिए गए स्क्रीनशॉट को देखिए -
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अरविंद लैक्सिकन. इस पर बहुत समय से काम चल रहा था. अब यह तीन रुपों में उपलब्ध है. आम पीसी - कंप्यूटर धारकों के लिए धीमे, पारंपरिक एचटीएमएल में. नए कंप्यूटरधारकों के लिए सिल्वरलाइट में तेज और सुविधायुक्त इंटरफ़ेस में. साथ ही मोबाइल धारकों के लिए विशेष साफ सुथरा इंटरफ़ेस.

पर, साइट अभी पूरी तर फंक्शनल नहीं है. पंजीकरण तो हो रहा है, मगर काम चालू नहीं. शायद पेड सब्सक्रिप्शन मॉडल हो यह.
पर, मेरे विचार से व्यक्तिगत और सामान्य प्रयोग हेतु इसे विज्ञापन सपोर्ट सहित मुफ़्त प्रयोग हेतु जारी करना चाहिए तथा प्रोफ़ेशन प्रयोग हेतु जैसा कि साइट से दर्ज है, सब्सक्रिप्शन आधारित - जो कि वन टाइम पेमेंट भी हो सकता है और या नियमित पेमेंट भी.
इंटरफ़ेस एक नए तरह का और उन्नत प्रतीत होता है. कुछ सुझाव मैं देना चाहूँगा - हिंदी शब्दों को शुरू व अंत से ढूंढने की सुविधा (कवियों की अच्छी तुकबंदी के लिए?) और हर शब्द (चूंकि लैक्सिकन है,) क्लिक किया जाकर उसका अर्थ-प्रकार आदि जानने की अतिरिक्त सुविधा.
अरविंद - कुसुम जी व उनकी पूरी टीम को बधाई व शुभकामनाएँ.

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(टिप के लिए - सुमितकुमार कटारिया का धन्यवाद)

अपडेट - 23 जून 2011
ईमेल से सुश्री मीता लाल से प्राप्त जानकारी  -

अरविंद लैक्सिकन अब ऑनलाइन
चौबीस जून की शाम को हिंदी अकादेमी दिल्ली की ओर से कोशकार श्री अरविंद कुमार को सन 2010-2011 का शलाका सम्मान दिया जा रहा है. इस शुभ अवसर पर उन की चिरप्रतीक्षित वैबसाइट अरविंद लैक्सिकन ऑनलाइन हो रही है. अब इस पर शब्दों की खोज निश्शुल्क की जा सकेगी.
साइट का पता है— http://arvindlexicon.com
वैबसाइट के दो मुख्य भाग हैं—
1. Blog ब्लाग
2. LEXICON लैक्सिकन (कोश)

Blog ब्लाग - के प्रमुख आकर्षण हैं—
o अरविंद कुमार द्वारा लिखित भाषा संबंधी सारगर्भित लेख, तथा अन्य रचनाएँ
o अरविंद कुमार द्वारा अनूदित कुछ क्लासिक कृतियाँ
§ श्रीमद् भगवद् गीता,
§ शैक्सपीयर कृत त्रासदी जूलियस सीज़र का काव्यानुवाद
§ शैक्सपीयर कृत त्रासदी जूलियस सीज़र का भारतीयकरण विक्रम सैंधव,
§ जरमन महाकवि गोएथे के अमर क्लासिक फ़ाउस्ट का अविकल काव्यानुवाद – (अभी तक संपूर्ण फ़ाउस्ट हिंदी में उपलब्ध नहीँ था.)
§ अनेक पुस्तक और फ़िल्म समीक्षाएँ
§ और शीघ्र ही अरविंद कुमार द्वारा लिखित हिंदी फ़िल्म इतिहास के शिलालेख सीरीज़ में मदर इंडिया, मुग़ले आज़म, प्यासा जैसी अमर फ़िल्मोँ के उपन्यास से भी अधिक रोचक विवरण...
o इन के साथ साथ हिंदी-इंग्लिश वर्ड पावर बढ़ाने वाले वे असंख्य लेख जो अहा ज़िंदगी में प्रकाशित हुए थे. या अब नए लिखे जा रहे हैं.
भारत और विदेशोँ में हिंदी या इंग्लिश भाषा शिक्षण संस्थानोँ, कालिजोँ, विश्वविद्यालयों आदि की सूचियाँ भी संकलित की जाएँगी.

LEXICON लैक्सिकन के तीन संस्करण हैं. किसी भी संस्करण का लाभ उठाने के लिए अरविंद लैक्सिकन की वैबसाइट का सदस्य बनना (अपने को रजिस्टर करना) आवश्यक है.

o निःशुल्क (FREE) - यह संस्करण अरविंद लैक्सिकन परिवार के हर सदस्य को निश्शुल्क प्राप्य है. इस में 8,500 आर्थी कोटियों के अंतर्गत 85,000 हिंदी और 73,000 इंग्लिश पर्याय और विपर्याय हैं. दैनिक जीवन में हरएक को इन की ज़रूरत पड़ती है. इन की सहायता से छात्र परीक्षाओँ के लिए पर्याय याद कर सकते हैं और अध्यापक गण छात्रोँ से अभ्यास के ज़रिए उन की शब्दावली समृद्ध कर सकते हैं.
o सशुल्क उच्चस्तरीय (PREMIUM) यह संस्करण मुख्यतः लेखकों, अनुवादकों और भाषाकर्मियों के लिए है. इन्हें अपने व्यावसायिक जीवन में सही शब्द की खोज नित्य प्रति पड़ती है. इस संस्करण में 20,000 आर्थी कोटियों के अंतर्गत 3,35.000 हिंदी और 3,00,000 इंग्लिश पर्याय और विपर्याय शब्द हैं.
o पुस्तकालय (LIBRARY) जैसा कि इस के नाम से ही स्पष्ट है यह सर्वोच्च संस्करण पुस्तकालयों, ट्रांसलेशन एजेंसियों, विज्ञापन एजेंसियों, दूतावासों आदि के लिए है. इस में 38,500 आर्थी कोटियों के अंतर्गत 5,20,000 हिंदी और 4,30,000 इंग्लिश पर्याय और विपर्याय हैं. यह एकल सदस्य को नहीँ मिलता. कम से कम दस कंप्यूटरोँ पर स्वतंत्र उपयोगियों का होना आवश्यक है.
निश्शुल्क और सशुल्क उच्चस्तरीय संस्करणों की शब्द संपदा का अंतर निम्न चित्रों से स्पष्ट होता है. इन में उत्तम शब्द के लिए निश्शुल्क संस्करण में इतने हिंदी और इंग्लिश शब्द हैं—



निश्शुल्क संस्करण में दैनिक जीवन की ज़रूरतेँ पूरी करने के लिए केवल अत्यावश्यक शब्द ही रखे गए हैं.
जब कि सशुल्क (premium) संस्करण में ‘उत्तम’ के लिए मिलने वाला शब्द भंडार इस प्रकार है…



(सभी चित्रों को पढ़ने लायक बड़े आकार में देखने के लिए उस पर क्लिक करें)



आम आदमी का काम निश्शुल्क संस्करण से भी चल जाएगा. उसे जीवन भर कोई शुल्क नहीं देना है.
आइए. आप का स्वागत है शब्दोँ के महाभंडार में प्रवेश कीजिए...
यह शब्द भंडार लगातार विकसित होता रहेगा, नए शब्द जुड़ते रहेँगे.

अरविंद कुमार के कुछ प्रसिद्ध कोश हैं—
समांतर कोश - हिंदी थिसारस, अरविंद सहज समांतर कोश, शब्देश्वरी - देवीदेवताओं के नामों का समांतर कोश, पेंगुइन इंग्लिश-हिंदी/हिंदी-इंग्लिश थिसारस ऐंड डिक्शनरी
—मीता लाल
कृते अरविंद लिंग्विस्टिक्स प्रा लि
ई-28 प्रथम तल, कालिंदी कालोनी, नई दिल्ली 110 065
lallmeeta@airtelmail.in
24 जून 2011
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इधर बहुत समय से एमपी में रहने का मजा ही खतम हो गया है. यूं तो मैं भारत की बात भी कर सकता था कि यहाँ रहने का मजा नहीं रहा, पर जब से अमरीकी वीजा पर मार पड़ी है, और ऑस्ट्रेलिया में हम भारतीयों पर हमले होने लगे हैं, ये विदेशी ऑप्शन भी तो साला खत्म हो गया है.

हाँ, तो मैं बात एमपी की कर रहा था. देखिए कि कैसे एकदम अ-आदर्श राज्य है यह. यहाँ की प्रजा को तो मुफ़्त में हवा भी नहीं मिलती. तमिलनाडु की प्रजा पिछले पाँच साल से मुफ़्त रंगीन टीवी के मजे लेकर थक चुकी है और चुनावी घोषणा पत्रों के मुताबिक इस बार के चुनाव के बाद जनता को क्या मिलने वाला है देखें -

मुफ़्त में रंगीन टीवी

मुफ़्त में लैपटॉप

मुफ़्त में महीने का 20 किलो राशन

मुफ़्त् में शुद्ध सोने का मंगल सूत्र

मुफ़्त में पंखा

मुफ़्त में मिक्सी

मुफ़्त में चिकित्सा बीमा

और इधर हमारे एमपी में क्या मिलता है? मुफ़्त में साइकल, पर वो भी यदि आप आठवीं कक्षा में पढ़ते हों और यदि आपने कन्या के रूप में जन्म लिया हो तो आपके बालिग होने पर 1 रु. लाख परिपक्वता का बाण्ड मुफ्त. बस. ये भी कोई बात हुई! महंगाई के जमाने में 20 साल बाद परिपक्व होने वाले  1 लाख रुपए के बाण्ड की खातिर कन्या रूप में जन्म लेने से तो रहे!

कुछ नहीं तो एमपी में पड़ोसी छत्तीसगढ़ और केरल की तरह चावल 2 रु. किलो मिलती. छत्तीसगढ़ की तरह 24x7 बिजली, वह भी 70 पैसे यूनिट मिलती. एक तो यहाँ आधे दिन बिजली रो-धो के मिलती है वो भी 5 रुपये यूनिट.  कम से कम खेती किसानी के लिए पंजाब की तरह खेतों को तो मुफ़्त बिजली दे देते. पर नहीं.

 

आप अपने राज्य का हाल चाल बताएँ? क्या उधर माइग्रेट करने लायक कुछ मसाला है? या अपन सबके सब चल चलें तमिलनाडु?

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1.
अन्ना हजारे कौन हैं?

सेवा-निवृत्त सैनिक जिन्होंने 1965 के युद्ध में हिस्सा लिया था. समाज सुधारक.
2. तो इनमें क्या खास बात है?
इन्होंने महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के रालेगांव सिद्धि नामक गांव की काया पलट दी.

3. तो क्या हुआ?
यह स्व-पोषित गांव के रूप में एक मॉडल है. यहाँ के सोलर पावर, बायोफ़्यूल तथा विंड मिल में गांव की जरूरत जितनी बिजली पैदा कर ली जाती है.
1975 में यह गांव बेहद गरीब था. आज यह देश के सर्वाधिक समृद्ध गांवों में से एक है. यह स्व-पोषित (सेल्फ सस्टेन्ड), पर्यावरण-प्रेमी तथा भाईचारा युक्त मॉडल गांव बन चुका है.

4. ठीक है?
अन्ना हजारे को उनके सामाजिक कार्यों के लिए पद्म भूषण की उपाधि से नवाजा गया है.

5. अच्छा तो वो किस लिए आंदोलन कर रहे हैं?
भारत में भ्रष्टाचार रोकने हेतु नया प्रभावी कानून पास करवाने के लिए.

6. यह कैसे संभव है?
वे नए लोकपाल बिल की वकालत कर रहे हैं. यह बिल राजनीतिज्ञों (मंत्रियों), अफसरों (आईएएस/आईपीएस) इत्यादि को उनके भ्रष्ट कार्यों की सज़ा दिलाने में सक्षम होगा.

8. क्या ये एकदम नई चीज है?
1977 में तत्कालीन कानून मंत्री शांति भूषण ने यह बिल प्रस्तावित किया था. तब से राजनीतिज्ञ इसे दबाए बैठे हुए हैं और इसमें मनमाना संशोधन कर अपने अनुकूल बनाने में लगे हुए हैं.

7. ओह.. तो वो सिर्फ एक बिल पास करवाने के लिए अनशन पर बैठे हैं. क्या ये इतने कम समय में संभव हो पाएगा?
पहली चीज जो वो चाह रहे हैं वो है कि सरकार घोषणा करे कि यह बिल जल्द पास होगा. उन्होंने महाराष्ट्र में सूचना का कानून ऐसे ही आंदोलन से लागू करवाया जिसे बाद में पूरे भारत में आरटीआई कानून के रूप में लागू किया गया.
दूसरा, बिल के मसौदे के लिए सरकार एक कमेटी बनाए जिसमें जनता के प्रतिनिधि और सरकारी प्रतिनिधि बराबर हों. सरकारी अफसरों और राजनीतिज्ञों द्वारा बनाए गए बिल में अपने बचने के रास्ते और लूप होल्स निकाल ही लिए जाएंगे.

8. बढ़िया. क्या होगा जब यह बिल पास हो जाएगा?
लोकपाल की नियुक्ति केंद्र सरकार करेगी. वह इलेक्शन कमिश्नर की तरह ऑटोनोमस कार्य करेगा, किसी सरकारी संस्था के अधीन नहीं. हर राज्य में लोकपाल होगा. उसका काम सिर्फ यही होगा कि भ्रष्टाचार की रोकथाम करे और भ्रष्ट लोगों को 1-2 वर्ष के भीतर ट्रायल कर सजाएँ दे.

9. अन्ना हजारे के साथ और कौन हैं?
भारत की पूरी जनता. बाबा रामदेव, किरण बेदी, अरविंद केजरीवाल, आमिर खान...

10. ठीक है, तो मैं क्या कर सकता हूँ?
इस संदेश को आगे भेजें. छापें, वीडियो में दें. अपने शहर में हो रहे इस आंदोलन के समर्थन में सभा, जुलूस में जाएँ. फेसबुक, जीमेल स्टेटस में आंदोलन को अपना समर्थन दर्ज करें.
अन्ना हजारे व तमाम अन्य अनशन कर रहे कार्यकर्ताओं के अच्छे स्वास्थ्य और इस आंदोलन की सफलता की कामना करें.
(स्रोत - ईमेल से प्राप्त मेल फारवर्ड का हिंदी अनुवाद)

हिन्दी ब्लॉग संकलक चिट्ठाजगत वापस आ गया है.  पर यह अभी एक्सपेरिमेंटल रूप में ही है. पहले चिट्ठाजगत.इन इसके मोबाइल संस्करण पेज पर रीडायरेक्ट करता था, शायद अब भी पेज वही दिखा रहा हो, पर कम से कम अपने यूआरएल पर तो खुल रहा है, और फ़ीड भी भेज रहा है. नीचे स्क्रीनशॉट देखें -



यदि आपके ब्राउज़र में कचरा दिखाई दे तो व्यू मेन्यू में जाकर एनकोडिंग को यूनिकोड यूटीएफ८ पर करना न भूलें.

परिपूर्ण, परिष्कृत रूप में चिट्ठाजगत का बेसब्री से इंतजार सबको है.

हिंदी में विंडोज तंत्र के लिए प्रेडिक्टिव टेक्स्ट इनुपुट कहीं कहीं उपलब्ध है जैसे कि नोटपैड प्लस, एमएस ऑफ़िस तथा ओपन ऑफ़िस के कुछ खास संस्करणों में. हिंदी राइटर में, तथा कुछ विशिष्ट आईएमई में भी यह उपलब्ध है.

हाल ही में लिनक्स तंत्र के लिए हिंदी समेत अन्य भारतीय भाषाओं मसलन मराठी, गुजराती आदि के लिए इंडिक टाइपिंग बूस्टर नाम का एक बढ़िया  इंडिक प्रेडिक्टिव टेक्स्ट इनपुट बनाया गया है जो बढ़िया काम करता है.

प्रेडिक्टिव इनपुट की खासियत यह है कि कम समय में लंबे, कठिन शब्दों - खासकर हिंदी के लिए - को आसानी से व तेजी से लिखना तथा  शुद्धता से लिखना संभव बनाता है.

यह उपयोग के दौरान स्वयं सीखता है - जैसे जैसे आप इसका प्रयोग करेंगे, शुद्धता व तीव्रता का प्रतिशत तथा सही सुझाए शब्दों का प्रतिशत भी बढ़ता जाएगा. यह हर कीबोर्ड में काम करता है- चाहे आप इनस्क्रिप्ट में काम करते हैं अथवा फ़ोनेटिक.

हिंदी प्रेडिक्टिव टेक्स्ट इनपुट डाउनलोड व अन्य जानकारियों के लिए नीचे दी गई कड़ी पर जाएँ -

 

https://fedorahosted.org/indic-typing-booster/

 

इसे काम करते हुए नीचे यू-ट्यूब में देखें -

देखें क्रॅकजॅक का असली विज्ञापन :

 

है न एकदम असली? जीरो बजट में एकदम झकास प्रभाव युक्त. बस, समस्या ये है कि यह किसी टीवी कमर्शियल पर नहीं आया है अबतक.

इस वीडियो को कुछ समय पहले खींचा गया था, और जूम लेंस के सहारे खींचा गया था जो कि बहुत हिलता-डुलता (शेकी) था. इसे ऑनलाइन यू-ट्यूब वीडियो एडीटर के जरिए बहुत कुछ स्टेबलाइज किया गया है.

मूल, हिलता डुलता  वीडियो नीचे देखें -

 

आप चाहें तो अपने कंपकपायमान वीडियो भी स्थिर बना सकते हैं ऑनलाइन यूट्यूब वीडियो एडीटर के सहारे, जहाँ चंद और सुविधाएँ भी हैं.

यदि आपके ब्लॉग में सामग्री प्रचुर मात्रा में है, तब तो ब्लॉगर का यह नया प्रायोगिक रूप रंग पठन-पाठन के लिहाज से बहुत ही बढ़िया और प्रभावी है.

उदाहरण के लिए, इस ब्लॉग को इस नए लिंक पर क्लिक http://raviratlami.blogspot.com/view/  कर देखें. आपको इस ब्लॉग की सामग्रियों को देखने के लिए निम्न 5 विकल्प मिलेंगे -

फ्लिपकार्ड
मोजाएक
साइडबार
स्नेपशाट
टाइमस्लाइड

रचनाकार जैसे ब्लॉगों के लिए तो यह और भी बढ़िया है. इस सुविधा के लिए आपके ब्लॉग की फ़ीड पूरी खुली होनी चाहिए.

कुछ स्क्रीनशॉट














(चित्रों को पूरे आकार में देखने के लिए उन पर क्लिक करें.)

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