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गूगल पर हिंदी के सर्च इंजन की जरूरत!

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और, यह किसी फेकिंग न्यूज की हेडलाइन नहीं है.

जी हाँ!!!

गूगल पर हिंदी के सर्च इंजन की बेहद जरूरत है.

साथ ही हिंदी के स्पेल चेक की!

यह मेरा नहीं, माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति, कुठियाला महोदय का कहना है.

और इस समचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया है भारत के नंबर 1 हिंदी समाचार पत्र - दैनिक भास्कर ने.

जबकि गूगल में हिंदी सर्च बाबा आदम के जमाने से अंतर्निर्मित है, और गूगल के तमाम उपक्रमों में उन्नत स्तर की हिंदी की वर्तनी जाँच की सुविधा भी पिछले कई वर्षों से उपलब्ध है.

 

यह सही है कि हम सभी को सभी चीज का ज्ञान नहीं हो सकता. मगर विद्वानों का सही कहना भी तो है - गधा तब तक ही विद्वान बना रहता है, जब तक कि वो रेंकना न शुरू कर दे!

टिप्पणियाँ

  1. वे कह रहे हैं त मान लीजिये भाई कि गूगल हिंदी की जरूरत है! :)

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  2. मेरा भी इसी स्तर के कई विद्वानों से पाला पड़ा जब में सरकारी विभागों में अपने हिन्दी उपकरणों को लेकर गया। एक विद्वान श्री सिंह मुझे मध्य-प्रदेश के जन-संपर्क विभाग में मिले थे अब तो वह सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। अनुवादक के मामले में बोले कि संसद में तो बहुत पहले से ही एक ऐसा सॉफ़्टवेयर है जो कि बोलने वाले नेताओं की भाषा को सुन कर ही अलग-अलग प्रांत के लोगों की भाषा में स्वतः ही कन्वर्ट कर देता है। उनके सम्मुख और भी उसी स्तर के विद्वान थे जो उनकी हाँ में हाँ मिला रहे थे। मैं उन्हे क्या कहता? मैं खामोश रहा। आपकी इस पोस्ट को पढ़ कर मुझे अचानक वह याद आ गये।

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  3. @गधा तब तक ही विद्वान बना रहता है, जब तक कि वो रेंकना न शुरू कर दे!

    हा हा हा कमाल के गोठियाएस गा रवि भैया। मजा आगे।

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  4. हा हा अच्छा हुआ हमें भी आज पता चल गया, कि गूगल को हिन्दी सर्च इंजिन की जरूरत है :)

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  5. यह व्यावहारिक ज्ञान की कमी है....कुलपति महोदय और अखबारी संपादक जी में !

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  6. अन्धाधुन्ध दरबार में ** पंजीरी खायं ...

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  7. इसीलिए मुण्‍े अपने से बेहतर लोगों का वार्तलाप सुनना सदैव ही अच्‍छा लगता है।

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  8. आपसे सहमत हूँ, लेखन और पठन में बहुत ही सहायक होगा।

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  9. कुछ दिन बाद कुलपति महोदय कहेंगे कि एक हिन्दी टाइपिंग सॉफ्टवेयर की भी सख्त जरूरत है। :-)

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  10. mujhe bahut achcha laga or me aapka aabhari hu

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  11. गधा तब तक ही विद्वान बना रहता है, जब तक कि वो रेंकना न शुरू कर दे!

    :)

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