शनिवार, 5 नवंबर 2011

कौन किसको टोपी पहनाता है...

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मानदारी से बताइएगा, आपने आज तक कितनों को टोपी पहनाई है? चलिए, नहीं बताना चाहते, कोई बात नहीं, ये तो कन्फेस कर ही सकते हैं कि आपको कितनों ने कितनों की टोपी कब कब पहना डाली है? यह बताने में भी इमेज का, इज्जत का खतरा है?

हम सभी का साबिका टोपी पहनने पहनाने से पड़ता ही रहता है. कुछ लोग गाहे बगाहे दूसरों को टोपी पहनाने की जुगत में लगे रहते हैं. वहीं कुछ सीधे सादे किस्म के लोग जाने अनजाने जब तब टोपी पहन लेते हैं. टोपी पहनने की तो पता नहीं, परंतु टोपी पहनाना एक आर्ट है, एक अदद कला है. टोपी पहनाने की कला बड़े श्रम और रियाज से पाई जाती है. यूँ किसी-किसी में जन्मजात गुण भी होता है. चाँदी के चम्मच मुँह में लेकर पैदा हुए कई लोग टोपी पहनने-पहनाने के जन्मजात गुण लेकर पैदा हुए होते हैं, मगर वे सब के सब अकसर व्यवस्था, सरकार, देश और अंततः जनता को टोपी पहनाते फिरते हैं.

जनता की बात आई तो क्या कोई किसी नेता का नाम बता सकता है कि उसने अपनी जनता, अपने वोटर को कभी वायदों की टोपी नहीं पहनाई हो? इधर अफसर-मंत्री मिल-जुलकर ऐसी नई योजनाएँ बनाते हैं जिससे प्रत्यक्ष तो यह लगे कि देश सेवा हो रही है, मगर भीतर से वे देश के खजाने को टोपी पहनाने में लगे हुए होते हैं. कभी-कभी अपवाद स्वरूप सीबीआई और आयकर वाले ऐसे मंत्री-अफसरों पर छापे मार कर उन्हें भी टोपी पहना डालते हैं.

अभी कुछ समय पहले अन्ना टोपी का जोर चला था. जिधर देखो अन्ना टोपी. पर अब लोगों ने वो टोपी छुपानी शुरू कर दी है. कहीं उनका भी हश्र केजरीवाल – बेदी की तरह न हो जाए. न जाने कब और किस जमाने के उनके मासूम गुनाहों को खोद-खोद कर, खोजबीन कर सामने ले आया जाएगा कि कुछ कहा नहीं जा सकता.

इधर टेक्नोलॉज़ी भी टोपी पहनने पहनाने की कला में सहायक हो रही है. अब देखिए, हमीं यहाँ कंप्यूटर कीबोर्ड में दन्न से चार लाइन टाइप कर ब्लॉग से लेकर फ़ेसबुक और ट्विटर तक तमाम जगहों पर फेंक मारते हैं और पाठकों को टोपी पहनाने की जुगत में लगे रहते हैं.

आप अपनी उम्दा, नाइस नुमा टिप्पणी देकर इस पोस्ट को टोपी पहनाने की कोशिश नहीं करेंगे?

12 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें:

  1. क्यों नहीं?…टोपी टोपी टोपी, इसमें से कोई एक टोपी पहनी जा सकती है…

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  2. पाठक चण्ट है। किसी की टोपी नहीं पहनता। उलटे वक्र टिप्पणी कर मन्द मुस्कान देता है! :-)

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  3. टोपी पहनाने की आदत पुरानी है, हमने तो पहननी बन्द कर दी है।

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  4. नेताओं का टोपी डालने और टोपी बदलने का धंधा तो सदियों से चला आ रहा है:)

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  5. पहनली जी पहनली। आपकी टोपी पहन ली। राजी-खुशी, हँसते-हँसाते पहनली। अगला हुकुम कीजिए।

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  6. पाठक और टोपी असंभव, पाठक तो उल्टा टोपी पहना जाये।

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  7. पाठक और टोपी, पाठक तो उल्टा टोपी पहनाकर निकल लेता है।

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  8. मोदी जी के बहाने बढ़िया पोस्ट... अब हमारी तरफ से ये टोपी तो पहन ही लीजिये....

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  9. बहुत खूब..बहुत ही खूब..

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  10. उल्टी टोपी हाथ में ले कर घूमने वालों से भी सावधान रहना पड़ता है :-)

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