December 2010

krutidev typing tool
पंकज ने यहाँ पर बताया कि -

हिन्दी टाइपिंग मे kruti dev प्रकार से remington टाईपिंग के लिये हमने इंटरनेट पर सामान्य रुप से मिलने वाले की बोर्ड मे कई सुधार किये है |
इसे आप
http://www.krutidevunicode.com/   पर प्रयोग कर सकते है |

मैंने तत्काल ही थोड़ी जांच-परख की, और दन्न से एक प्रश्न उन्हें दागा -


धन्यवाद. पर क्या इस टाइपिंग टूल को विंडोज पर इंस्टाल योग्य बनाया जा सकता है?
दूसरी बात, आम कृतिदेव में छोटी ई की मात्रा पहले लगती है. तो क्या इस टाइप सीक्वेंस को भी बदला जा सकता है?
जवाब में पंकज ने बताया -
१. चुंकि यह ब्राउज़र बेस्ड है, इसलिये आप इसे विन्डोज़ मे आसानी‌ से इस्तेमाल कर सकते है | हमने इसे डेस्कटाप पर install करने के विषय में तो अभी‌ कोइ निर्णय नही‌ लिया है |
२. जी बिल्कुल, यह छोटी ई की मात्रा पहले लगने की‌ विधि का सम्मान करता है | आप ट्राई कर सकते है |
३. यह रेफ़ का भी सम्मान करता है जैसे कि "वर्ष" मे |
४. कुछ और कठिन शब्द जैसे कि, उदाहरण के रुप में आप "विच्छिन्न" को ट्राइ करे |
 
और मैंने इसे थोड़ा और जाँचा परखा तो पाया कि यह अब तक कहीं भी उपलब्ध रेमिंगटन (कृतिदेव) कुंजीपट से ज्यादा बेहतर है. वैसे तो माइक्रोसॉफ़्ट के इंडिक आईएमई, बरह तथा ब्लॉगवाणी के इंडीनेटर, व रमण कौल के औजार इत्यादि तमाम विकल्पों में कुछ न कुछ खामियाँ रहती ही हैं - जैसे कि यह छोटी ई की मात्रा वाली बात, जो इस औजार में नहीं हैं.
तो जो बंधु कृतिदेव 010 के अभ्यस्त हैं वे इसका प्रयोग कर देखें और कोई कमी-बेसी उन्हें नजर आए तो पंकज को होशियार करें.
इस ऑनलाइन औजार को यहाँ से चलाएँ -
http://www.krutidevunicode.com/ 

अद्यतन - इसका ऑफलाइन डेस्कटॉप संस्करण भी तैयार हो चुका है जिसे आप डाउनलोड कर इंस्टाल कर चला सकते हैं.



या फिर, कितने फेसबुक एकाउन्ट खोले गए.

या कितने लोगों ने यू-ट्यूब वीडियो देखे?

और इसी तरह की इंटरनेट गतिविधियों के मजेदार आंकड़ों को स्वचालित रूप से अद्यतन करने का एक उतना ही मजेदार ऑनलाइन उपकरण बनाया है गैरी हैस ने. नीचे देखें प्रति सेकण्ड बदलते आंकड़े. आंकड़ों की विश्वसनीयता पर गैरी का कहना है कि उन्होंने बहुत खोजबीन और शोध कर ये ट्रैंड जुटाए हैं और वे इनमें नित्य परिवर्तन भी करते रहते हैं ताकि आंकड़े ताजा रहें.

अरे बाप रे! जब तक आपने इस जरा से आलेख को पढ़ा इतने में 7000 से अधिक पोस्टें प्रकाशित हो गईं! अब आप भी क्या पढ़ें और क्या छोड़ें!

bsnl hungama (Mobile)

क्या आप संगीत प्रेमी हैं? क्या आप सोते-जागते-उठते-बैठते संगीत सुनते हैं? यदि हाँ, तो क्या आपने अनुभव किया है कि आपके द्वारा सुने जाने वाले संगीत की क्वालिटी कैसी है? और, क्वालिटी की बात करें तो आप सांग्सपीके जैसी साइटों से फोकट में अवैध तरीके से डाउनलोड किए या फुटपाथ से बीस रुपए में खरीदे गए आठ सौ गीतों की अवैध डीवीडी के सड़ियल क्वालिटी के एमपी3 गाने सुन-सुन कर या अपने तथाकथित बेहद लोकप्रिय हाईफाई क्वालिटी के संगीत बजाते एफएम चैनल के चंद चुनिंदा प्रोमो गानों को दिन में पच्चीस बार सुन कर बेहद बोर हो चुके हैं? यदि हाँ, तो अब आप इनसे निजात पा सकते हैं। आपके लिए सुखद समाचार है।

भारत के दूरसंचार क्षेत्र की सरकारी कंपनी बीएसएनएल का एक संगीतमय पोर्टल है बीएसएनएल.हंगामा.कॉम। यह साइट संगीत प्रेमियों की तमाम मुश्किलों का हल निकालने को प्रतिबद्घ प्रतीत होती है। आइए देखें कि बीएसएनएल.हंगामा में आखिर है क्या?

बेहतर क्वालिटी संगीत ही क्यों?
ऑडियो सीडी में जो संगीत होता है वो संपूर्ण गुणवत्ता युक्त फॉर्मेट में रहता है। एक सीडी में आमतौर पर घंटे भर का संगीत आ सकता है, मगर इसी घंटे भर के संगीत की ऑडियो फाइल को संपीड़ित कर एमपी3 फॉर्मेट में बदल दिया जाता है तो एक सीडी में दस घंटों से भी अधिक का संगीत भरा जा सकता है।

आमतौर पर बाजारों में सस्ते डीवीडी-सीडी जिसमें सैकड़ों गाने भरे रहते हैं, एमपी3 फाइल फॉर्मेट में ही होते हैं और एक ही सीडी में ढेरों गीत ठूंसने के चक्कर में उनके फाइल आकार छोटे कर दिए जाते हैं और गीतों को कम बिटरेट पर कन्वर्ट करा जाता है, जिससे आपको नए गीत भी साठ के दशक के मोनो संगीत की तरह सुनाई देते हैं।

संगीत के बारीक व इंस्ट्रुमेंटल डिटेल तो अमूमन ऐसे एमपी3 गीतों में गायब ही रहते हैं, भले ही गीतों को अधिकतम बिटरेट पर कन्वर्ट किया गया हो क्योंकि एमपी3 फॉर्मेट ही ऐसा है जो ऑडियो क्वालिटी की गुणवत्ता को खराब कर देता है। हालांकि एमपी3 फाइल फॉर्मेट बेहद प्रसिद्ध है और आने वाले समय में इसकी प्रसिद्धि व प्रयोग में कोई कमी नहीं आने वाली क्योंकि वैसे भी संगीत सुनने वाला बहुत बड़ा तबका ऐसा है जिसे गीतों की क्वालिटी से कोई लेना-देना नहीं होता।

एमपी3 फॉर्मेट की गुणवत्ता संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए ऑडियो फाइल संपीड़ित करने के अन्य फाइल फॉर्मेट OGG तथा डब्ल्यूएमए इत्यादि बनाए गए हैं जो आपको संगीत की उसकी संपूर्णता में आनंद दे सकते हैं.  आगे पूरा आलेख यहाँ पढ़ें >>>

windows live writer hindi spell check 3

विंडोज़ लाइव राइटर में हिंदी वर्तनी जाँचक की बड़े समय से मांग थी. विंडोज़ लाइव राइटर ऑफ़लाइन प्रयोग हेतु ब्लॉगिंग का एक बेहतरीन, बेजोड़ प्रोग्राम है. माइक्रोसॉफ़्ट ने बीच में इसका एक संस्करण हिंदी वर्तनी जाँच युक्त निकाला तो था, मगर वो चला नहीं. अभी भी हिंदी वर्तनी जाँच की सुविधा विंडोज़ लाइव राइटर के नए, हिंदी संस्करण में भी नहीं है.

आपके लिए विंडोज़ लाइव राइटर में हिंदी वर्तनी जाँच की सुविधा जोड़ने के लिए एक तोड़ या जुगाड़ है. वैसे ये परिपूर्ण या सही जुगाड़ नहीं है, क्योंकि ये आपको गलत वर्तनी के विकल्प नहीं दे सकेगा. साथ ही इसका शब्द भंडार भी उतना विस्तृत नहीं है. मगर फिर भी, यदि आप लगातार और जल्दबाजी में लिखते हैं, और विंडोज़ लाइव राइटर का प्रयोग करते हैं तो यह आपकी प्रविष्टियों के शब्दों में यदि ये समझेगा कि कुछ गलत वर्तनी घुस आई है, तो उन्हें लाल रंग से रेखांकित कर देगा. जिससे आपको अपनी वर्तनी सुधारने में मदद मिल सकती है.

हाँ, आप बारंबार प्रयोग में आने वाले सही हिंदी वर्तनी वाले शब्दों को जो इसके डाटाबेस में नहीं हैं, बाकायदा इसमें जोड़ सकते हैं, उस शब्द पर दायाँ क्लिक कर उपलब्ध मेन्यू से.

कैसे करें?

इस फ़ाइल User.dic को यहाँ से डाउनलोड करें और अपने विंडोज़ लाइव राइटर के डिफ़ॉल्ट User.dic से बदल लें. बस.

विंडोज़ लाइव राइटर का डिफ़ॉल्ट User.dic विंडोज़ के अलग अलग संस्करणों के हिसाब से अलग डिरेक्ट्री में हो सकता है. यह विंडोज़ 7 में कुछ इस तरह होता है -

D:\Users\RAVI\AppData\Roaming\Windows Live Writer\Dictionaries

यहाँ पर RAVI यूजर नेम है.

हैप्पी ब्लॉगिंग - करेक्टली!

***

डिस्क्लेमर - इस वर्तनी डाटाबेस को बीबीसी जैसी हिंदी की लोकप्रिय और आमतौर पर ठीक-ठीक वर्तनी की साइटों में उपलब्ध हिंदी शब्दों के डाटाबेस से तैयार किया गया है अतः वर्तनी की अशुद्धियाँ संभावित हैं क्योंकि इन्हें मैनुअली प्रूफरीड नहीं किया गया है. अलबत्ता, आम प्रयोग के लिए आमतौर पर प्रयोग में लेने लायक वर्तनी जाँचक है जिसमें 23 हजार से अधिक शब्द संकलित हैं.

एक उदाहरण ऊपर मेरे इस ब्लॉग पोस्ट का है तथा एक और उदाहरण आज प्रकाशित मानसिक हलचल की ब्लॉग प्रविष्टि से -

windows live writer hindi spell check 2

दीवार पर लिखी कुछ दिलचस्प इबारतें और मजेदार कतरनें.

महिलाओं के लिए कोई परेशानी हो तो हमसे संपर्क करें...???

mahila ki pareshani

 

शादी से पहले और शादी के बाद....

shaadi ke pahale aur shadi ke baad

 

सबसे बड़ा रुपैया भइए, सबसे बड़ा रुपैया...

rupiya sabse bada

 

एक पति का पश्चाताप : माफ़ कीजिए हुजूर, आप बात बात पर माफ़ी मांगते हैं या नहीं?

pati ka paschyatap

 

हम भारतीय बड़े स्वउपकारी :

paroopkari bharitya

 

एंटी स्लिमिंग ड्रग का प्रचार तंत्र:

anti slimming

 

हममें तो कतई नहीं. आपमें?

ias officer kaun

 

सिर्फ सड़क हादसों की? और दुनिया में तमाम हादसे होते हैं उनकी?

haadse aur sunhdariyan

 

इंटरनेट की माया क्या आपको भी भाया :

internet ki maya

 

और, इतालवी गाने राष्ट्रीय चैनल पर?

itailan songs on indian FM

 

जनता का मालिक कौन?

janta ka malik

 

और मंत्रिमंडल में कीड़े मंत्री!

keede wala namkeen aur keede mantree

 

तो, मंत्रियों के लिए आखिर तय क्या है?

kya taya hai mantriyon ke liye

 

वाइफ इज आलवेज राइट :

patni hi boss hai yaar

 

शुद्ध भाषा के प्रेमी कहाँ हो कहाँ हो :

pure bhasha waale kahan ho

 

कण कण में भगवान:

mandir ka charter

 

मियाँ की जूती मियाँ के सर:

mahila aur mahila ki jooti

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titan eye plus 2

कंप्यूटर स्क्रीन पर नजरें गड़ाए रखने के फलस्वरूप जब मेरे चश्मे के पुराने नंबर ने काम करने से पूरी तरह मना कर दिया तो अंततः मॉनीटर को उसके रहमोकरम पर छोड़ कर बाजार की ओर रूख करना ही पड़ा.

चौराहे पर टाईटन आई+ के विशालकाय पोस्टर पर अनायास नजर पड़ गई जिसे इरादतन अनायास नजर पड़ने के लिए ही वहाँ लगाया गया था. आपकी आँखों के लिए नवीन तकनॉलाज़ी के बेहतरीन चश्मे – टाइटन आई+.

अरे! यही तो मुझे लेना था और इसी की तलाश में मैं निकला था. जगमगाते शोरूम में पहुँच कर एक चमचमाता फ्रेम भी पसंद किया क्योंकि पुराने नीले पड़ चुके फ्रेम का विशेष किस्म का स्क्रू भी यू-ट्यूब वीडियो को स्पष्ट रूप से देखने के चक्कर में कहीं गिर चुका था - बार बार चश्मे को पोंछना जो पड़ता था.

नंबर आदि की जाँच के बाद लैंस के कांचों की कई-कई किस्में बताई गईं. अब अपनी आँखों का खयाल तो रखना ही था सो एक अच्छे कांच को चुना गया. बिल आम बाजारी चश्मे से कई गुना आ रहा था, मगर नाम का टैग टाइटन आई+ भी तो लगा था (ग़नीमत टैग रे-बैन या पोलराइड नहीं था)

चश्मे की डिलीवरी कोई सात दिन बाद देने की बात कही गई. पूछने से ज्ञान में वृद्धि हुई कि चश्मे के लैंस बैंगलोर लैब से आते हैं. यानी जल्दबाजी में चश्मा बनवाना हो तो टाइटन आई+ की ओर कतई निगाहें न करें.

एक हफ़्ते बाद चश्मा आया तो लगाकर पढ़ने में थोड़ा अजीब लगा. आमतौर पर नया नंबर सेट होने में कुछ वक्त आँखों को लगता ही है.

मगर यहाँ तो बात ही दूसरी थी.

यहाँ पर मेरे बाइफ़ोकल चश्मे में पढ़ने वाले लैंस में रेड (केसरिया) कलर ब्लीड हो रहा था. इसे समझाने के लिए एक चित्र की सहायता लेनी पड़ेगी. मुझे एक सामान्य पाठ का श्वेत-श्याम अक्षर कुछ इस तरह नजर आ रहा था -

titan i plus

मैंने अपनी समस्या बताई. पहले तो स्टाफ मानने को तैयार नहीं था. पर जब मैंने अपनी बात दृढ़ता-पूर्वक रखी तो मान लिया गया और कहा कि लैंस को बैंगलोर भेजकर टेस्ट/ठीक करवाएँगे. इस काम में पूरा एक महीना लग गया.

महीनेभर बाद दोबारा जब लैंस (तथाकथित रूप से) वापस ठीक कर आया तो जाँच में फिर वही ढाक के तीन पात. यानी समस्या बाल बराबर भी सुलझी नहीं. सेल्स पर्सन का कहना है कि यह समस्या पहली और यूनीक है. मैं भी कहता हूँ कि हाँ, ये यूनीक ही है क्योंकि अब तक मैंने दसियों चश्मे पहने उनमें ऐसी समस्या नहीं थी यहाँ तक कि उनके यहाँ आईटैस्टिंग किट के लैंसों में भी नहीं!

अब दोबारा लैंस को बदलने के लिए भेजा गया है. शायद इस बार कोई दूसरी क्वालिटी का लैंस लगाया जाएगा, अथवा लैंस में की गई विशेष कोटिंग हटाई जाएगी.

मैंने अपनी समस्या टाईटन आई+ की साइट पर भी दर्ज करवाई. मगर, आश्चर्य की बात कि वहाँ से न तो कोई प्राप्ति स्वीकृति ही आई और  न ही कोई जवाब!

है न नाम आई प्लस और काम आई-माइनस ?

chooran by harsh chhaya

टेलिविजन और फ़िल्म के लोकप्रिय कलाकार हर्ष छाया अपने रोजमर्रा के अनुभवों को जीन्सगुरू नामक ब्लॉग पर कमाल के ब्लॉग पोस्टों में परिवर्तित करते रहे हैं. उनकी एक पोस्ट

...96 घन्टे और 4 बातें...

को चिट्ठाचर्चा में

मामू.. आई लव्ड दिस वन रे… क्या लिखते हैं आप…! 

नाम से टीपा गया था. इस पोस्ट से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनकी लेखनी कितनी कमाल की है और वे कितनी भावपूर्ण, रोचक अंदाज में लिखते हैं.

हर्ष छाया ने अपनी उन्हीं पोस्टों में से चंद चुनिंदा तथा अपने अन्य और भी अनुभवों को संकलित कर एक किताब की शक्ल दी है. जिसका नाम है चूरन. चूरन प्रस्तुत करते हुए वे लिखते हैं -


जी हाँ...चूरन…. कुछ खट्टा  कुछ मीठा कुल मिलाकर चटपटा...मेरे ये संस्मरण, कहानियाँ और किस्से, अगर आपकी किसी याद, किसी किस्से को या किसी  भावना को "कोहनी" करें और कुछ देर के लिये आपको अपनी ही दुनिया  में ले जाये तो मुझे मेरा प्रयास सफल होने की बेहद खुशी होगी...

इसे आप कहीं से भी पढ़ना शुरू कर सकते हैं ।  जो अध्याय खुल जाए वहीं से यह  किताब शुरू होती है..वैसे अगर आप  चाहें तो पहले पन्ने से भी शुरूआत कर सकते हैं.

 हिंदी ब्लॉग पोस्टों को किताबी शक्ल देने के कुछ प्रयास पहले भी हुए हैं. परंतु कमर्शियल स्तर पर वृहद रूप में बाकायदा प्लानिंग कर प्रकाशित करने का यह प्रथम प्रयास माना जाना चाहिए.

हर्ष छाया के हिंदी ब्लॉग पोस्टों के संकलन की किताब चूरन की कीमत बेहद वाजिब है और मात्र 150 रुपए में इसे खरीदा जा सकता है. 200 रुपए में किताब चूरन घर बैठे मंगवाई जा सकती है (कैश ऑन डिलीवरी). अधिक विवरण के लिए यहाँ देखें - http://www.harshchhayaworld.com/html/feedbk_cntct.html

हर्ष छाया को बधाई व शुभकामनाएँ. उनके दर्जनों किस्म की चूरनें जल्द निकलें  और वे सब की सब बेस्ट सेलर हों.

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