यदि हाँ, तो कुछ करने का यही समय है.
हम आप सभी के मन में ढेरों जिज्ञासाएँ रहती हैं. बहुत बार बहुत सी चीजों के बारे में जानने समझने की इच्छा होती है और समस्याओं के हल जानने की आवश्यकता होती है.
अंग्रेज़ी में तो इंटरनेट पर आपको आपकी हर किस्म की जिज्ञासा का हल मिलेगा.
मगर हिंदी में?
हिंदी में जब सामग्री का ही घोर अकाल है, प्रयोक्ताओं के सूने जंगल में कव्वे-चमगादड़ भी नहीं उड़ते तो हिंदी में आपकी किसी जिज्ञासा का हल मिलना असंभव है. कम से कम हाल फिलहाल.
मगर आप इसमें अपना थोड़ा सा योगदान दे सकते हैं.
पिछले एक पोस्ट में मैंने आपसे तकनीकी हिंदी गूगल समूह से जुड़ने का आह्वान किया गया था. ऐसे समूह बड़े ही लाभकारी हैं, और इनमें से कई आपकी जिज्ञासाओं की पूर्ति के लिए वाकई बढ़िया परिणाम दे रहे हैं.
मगर इनके साथ एक कमी ये है कि इनमें बिखरी सार्थक सामग्री, ज्ञान की बातें बड़ी बिखरी हुई पड़ी हैं और गूगल की इंडेक्सिंग में भी इन्हें तरजीह नहीं दी जाती!
ऐसे में विकल्पों की तलाश लाजिमी है.
देबाशीश ने इसका एक हल तलाथा और तकनीकी हिंदी समूह पर ये ईमेल लिखा -
मित्रों,
चिट्ठाकार समूह पर मुख्यतः दो किस्म के संदेश आते हैं : जानकारी देने
वाले/बहस
के मुद्दे या फिर तकनीकी या अन्य विषयों पर सवाल. ये दूसरे किस्म के संदेश
(सवाल-जवाब) पत्रसूची में खो कर रह जाते हैं, गूगल पर आसानी से खोजे नहीं
मिलते.
मैं कुछ समय से स्टैकऔवरफ्लो Stackoverflow.com पर आता जाता रहा हूँ,
सवाल-जवाब के लिये यह बेहद कामयाब मंच बन चुका है. यह प्लैटफार्म वे अब अन्य
लोगों को भी दे रहे हैं. तो मैंने सोचा क्यों न तकनीकी सवालों, हिन्दी व अन्य
भारतीय भाषाओं के प्रयोग या भारत या अन्य किसी भी मुद्दे से जुड़े सवाल हिन्दी
में पूछने और हिन्दी में ही जवाब पाने के लिये हम इसका प्रयोग करें. इसके
लिये
हमने अर्जी दी है
http://area51.stackexchange.com/proposals/11782/indic-qaपर.
आप चाहें तो इस प्रस्ताव पर आपकी सहमति की मुहर ला सकते हैं, बताये पेज पर
जाकर फालोवर बनें, अगले पड़ाव तक जाने के लिये कम से कम ६० लोगों का साथ
चाहिये.
फिर देखते हैं कि प्रयास कैसा चल निकलता है.
आपका
देबाशीष
तो, स्टेकओवरफ्लो पर हिंदी सवाल-जवाब का खाता खोलने के लिए आवश्यक है कि वहाँ डमी सवाल-जवाब चिपकाए जाएँ और कुछ वोटिंग-शोटिंग की जाए. कोई तीसेक (इन पंक्तियों के लिखे जाते तक 26) लोग और चाहिएँ जो http://area51.stackexchange.com/proposals/11782/indic-qa पर जाकर फालोअर बनें तथा अपने प्रश्न लिख (इन पंक्तियों के लिखे जाने तक 5-5 प्रश्न ऑनटॉपिक और ऑफटॉपिक आवश्यक है) दें.
प्रसंगवश, विश्व की सबसे बड़ी इंटरनेट साइट फेसबुक ने भी हाल ही में अपना अंतर्निर्मित सवाल-जवाब तंत्र को जाँचना परखना चालू किया है. जाहिर है, सवाल सबके मन में होते हैं, तो जवाबों की भी कोई कमी नहीं होती.
तो आइए, नेट पर हिंदी को थोड़ा और समृद्ध करें, अपनी जिज्ञासा को शांत करें.
पुनश्च: – हिंदी के लिए खास हिंदी में दो प्रश्नोत्तर फोरम पहले ही चालू होकर बंद हो चुके हैं. एक तो अक्षरग्राम पर परिचर्चा था, जो शुरू में धुँआधार चला बाद में गायब ही हो गया. दूसरा तरकश पर नुक्कड़ नाम से बनाया गया था, जो ज्यादा चल ही नहीं पाया. परंतु तब उतने प्रयोक्ता हिंदी में नहीं थे. अब शायद बात बने और जिज्ञासा चल निकले.
