February 2010

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ब्लॉगवाणी में विज्ञापन अंतत: दिखने लगे. सुखद दृश्य है यह. बहुत पहले मैथिली जी व सिरिल से मुलाकात हुई थी तब मैंने उनसे आग्रह किया था कि चाहे जितनी व जैसी भी आर्थिक समर्थता हो, किसी भी प्रकल्प को चलते रहने के लिए उसका स्व-वित्तपोषित बने रहना आवश्यक है, और इसलिए विज्ञापनों का सहारा ब्लॉगवाणी को लेना ही चाहिए. परंतु उस वक्त उनके निर्मल आग्रह व उनके अव्यवसायिक विचारों में मेरे तर्कों ने कोई बदलाव नहीं लाए थे. मैंने यही आग्रह नारद के लिए भी किया था और चिट्ठाजगत के लिए भी. नारद का क्रियाकर्म तो हो ही चुका है, चिट्ठाजगत् बाबा-आदम के जमाने के सर्वर पर होस्ट हुआ मरियल चाल चल रहा है. संसाधनों को जेनरेट कर वापस प्रकल्पों में लगाया जाना कतई बुरा नहीं है – अभी कुछ दिनों से ब्लॉगवाणी में विज्ञापन दिखने लगे हैं. चिट्ठाजगत.कॉम को भी यह बात समझनी होगी.

बहरहाल, ब्लॉगवाणी को साधुवाद और इसके न सिर्फ अनंतकाल तक चलते रहने, बल्कि दिन-दूनी रात चौगुनी प्रगति हेतु शुभकामनाएँ.

  विज्ञापन ब्लॉगवाणी के सेहत के लिए फायदेमंद तो दिखाई दे ही रहे हैं, ब्लॉगवाणी में और भी फीचर्स सुविधाएँ जुड़ने की संभावनाएँ भी दिखाई दे रही हैं. क्या ही अच्छा हो कि ब्लॉगवाणी के पंजीकृत प्रयोक्ताओं को इसमें वर्डप्रेस के जरिए ब्लॉग का एक प्लेटफ़ॉर्म भी मिले – भारतीय भाषाओं के लिए ऑप्टीमाइज़ किया हुआ? वैसे भी, ऑनलाइन प्रकल्पों में छठे-चौमासे नई नई सुविधाएँ प्रयोक्ताओं के लिए जोड़ी जानी चाहिए, तभी वे राह में बनी रह सकती हैं.

और हाँ, ब्लॉगवाणी हॉट को नए सिरे से ऑप्टीमाइज किए जाने की जरूरत आपको नहीं लगती? – क्योंकि, संभवतः अभी ये उतना और, सचमुच का नहीं है हॉट!

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जागरण जंक्शन : एक नया ब्लॉग प्लेटफ़ॉर्म – सह स्व-एग्रीगेटर?

वैसे तो इस तरह के कई प्रकल्प पूर्व में भी कई क्षेत्रों से प्रारंभ हुए थे, मगर लगभग सभी अचर्चित ही बने रहे और जनता ब्लॉगर-वर्डप्रेस.कॉम से आगे बढ़ी नहीं. कुछ लोग वेबदुनिया ब्लॉग से जरूर जुड़े, मगर उसका इंटरफेस इतना बेतरतीब और रद्दी है कि आमतौर पर पाठकों को ब्लॉग के बजाय समाचार पठन-पाठन का सा अहसास होता है. इन सभी प्रकल्पों में – चाहे वो स्क्रेच-माई-साउल.कॉम हो या रेडिफ़-लैंड –  में इस तरह की समस्याएँ रहीं और साथ ही उपयोक्ता को अपने ब्लॉग में अपने तरीके से सजावट करने की कोई छूट नहीं होती थी जो इनके अलोकप्रिय बने रहने का बड़ा कारण भी थीं.

जागरण जंक्शन हिन्दी ब्लॉग जगत को नई दिशा देने की कूवत रखता प्रतीत होता है. यह वर्डप्रेस.कॉम जैसा, प्रयोक्ताओं को मुफ़्त ब्लॉग प्लेटफ़ॉर्म की सुविधा प्रदान कर रहा है, परंतु कुछ कम सुविधाओं के साथ.

हालांकि जागरण जंक्शन में भी ब्लॉग के रूप-रंग को आप अपने तरीके से सजा-संवार नहीं सकते हैं, मगर इसका इंटरफेस बहुत ही साफसुथरा और वेल डिजाइन्ड प्रतीत होता है. पुराने पोस्टों तथा विषयांकित अन्य पोस्टों के लिंक व टैग-क्लाउड भी बढ़िया लगाए गए हैं. नेविगेशन बहुत ही उम्दा है. पाठक एक बार यहाँ आकर निश्चित रूप से दो-चार जगह घूम फिर कर कुछ उम्दा समय बिताकर यहाँ से निकलेगा. शीर्ष में विषय-वार ब्लॉगों के टैब्स भी बड़े सोचविचार कर अच्छे लगाए गए हैं.

जागरण जंक्शन में ब्लॉग लिखने के लिए बहुत ही आसान 2 चरण की पंजीकरण प्रक्रिया है. एक बार पंजीकृत हो जाने के बाद आप धड़ाधड़ हिन्दी में पोस्टें लिख सकते हैं.

आने वाले समय में यदि जागरण जंक्शन में प्रयोगकर्ताओं को और भी सुविधाएँ – जैसे कि अपने ब्लॉग के रूप-रंग को सजाने संवारने की सुविधा मिले, उसमें स्क्रिप्ट, एचटीएमएल कोड इत्यादि लगाने की सुविधा मिले तो यह इंस्टैंट हिट हो सकता है.

वैसे, अभी ही इसमें ढेरों विषयों पर ढेरों ब्लॉग सामग्रियाँ हैं. एक नजर अवश्य मारें. और, हाँ, विष्णु त्रिपाठी के ताजा ब्लॉग (4 पोस्ट 174 टिप्पणियाँ) – लो फिर बसंत आई या आया –2 पर जरूर निगाह मारें

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वरूण के लिए, माया – शूर्पणखा तो माया के लिए, निःसंदेह वरूण – रावण. माने, चोर चोर सगे भाई!!!

व्यंज़ल

कोई जोकर, कोई शूर्पणखा तो कोई रावण
राजनीति में यारों कम पड़ते हैं पत्ते बावन


मेरा भी मकां होता सत्ता के गलियारो में
सुना है तो वहां होता है बारहों मास सावन


मैं भी ख्वाब ले के आया था दुत्कारा गया
कहते हैं कि मिसफिट हैं यहाँ जो हैं पावन


बंदा हो या कोई खुदा हो या हो कोई फ़कीर
मिला है कभी किसी को उसका मन भावन


जनता तो सो रही है चादर तान के रवि
भले ही हद से जा रही हो सियासती दावन
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50. "कुछ चीजों का मतलब मनुष्य को कभी पता करने की जरूरत ही नहीं है. और बाकी सबकुछ के लिए, अपने इधर तो गूगल है. "

49. असफलता "कोई विकल्प नहीं है - यह विंडोज के साथ बंडल में आता है."

48. "कंप्यूटर खेल बच्चों को प्रभावित नहीं करते हैं, मेरा मतलब है, अगर हम अपने बचपने में पैक-मेन द्वारा प्रभावित हुए होते, तो हम सब अंधेरे कमरे में चारों ओर दौड़ते हुए जादुई गोलियाँ निगलते और बारंबार दोहराए जाते एक ही इलेक्ट्रॉनिक संगीत सुनते रहते होते."

47. "आप कोबोल प्रोग्रामर हैं तो समझ सकते हैं कि महिलाओं को पीरियड्स से नफरत क्यों होती है."

46. 'कृत्रिम बुद्धि, प्राकृतिक मूर्खता को आमतौर पर हरा देती है. "

 

45. गलती तो मानव स्वभाव है... भयंकर गलती के लिए रूट पासवर्ड चाहिए होता है."

44. "कार दुर्घटनाओं की तरह, अधिकतर हार्डवेयर समस्याओं के पीछे हार्डवेयर ड्राइवर की त्रुटियों का ही हाथ होता है"

43. "यदि आप पहली बार में सफल नहीं होते हैं, तो इसे संस्करण १.० बीटा कह दें"

42. "अगर पायथन निष्पादन योग्य स्यूडोकोड है, तो पर्ल निष्पादन योग्य लाइन नॉइस है."

41. "प्रोग्रामर तो बस कैफीन को कोड में परिवर्तित करने के लिए उपकरण मात्र हैं."

 

40. "आखिर किसलिए हमें बुद्धिमान टर्मिनलों की आवश्यकता है जब इधर इतने बेवकूफ उपयोगकर्ता हैं?"

39. "मैं इसे अनइंस्टाल नहीं कर पा रहा. यहाँ तो कोई अनइंस्टाल-शील्ड है."

38. "आपने देखा? सभी कुंजियाँ अब वर्णमाला क्रम में हैं. "

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37. "अरे! यह कम्पाइल हो गया! इसे बाजार में भेज दो '!

36. "सुपर कंप्यूटर: जब तक कि आप इसे खरीद नहीं लेते"

 

35. "एचटीएमएल मोटे व्यक्ति की तरह है: छोटा सा सिर, भारी शरीर."

34 "विंडोज विस्ता:. यह कोड़ा से सोरेन की तरह के अपग्रेड जैसा है"

33. जितना ज्यादा आईसी (I C )", उतना कम यू सी."

३2 . "जीवन बहुत आसान होता अगर हमारे पास स्रोत कोड होता."

३१ "मेरे सॉफ्टवेयर में बग नहीं हैं. उनमें तो बस रेंडम सुविधाएँ उत्पन्न हो गई हैं. "

 

[30] "समस्या निवारण के साथ समस्या यह है कि कभी कभी समस्या ही हल होता है."

२९. बकवास "... किसी ने मेरी रीसायकल बिन पर दस्तक दिया है ... वहाँ मेरे डेस्कटॉप पर प्रतीक चिह्न भरे पड़े हैं ... "

28. "आराम से, यहाँ पर एक और शून्य के अलावा और कुछ भी नहीं है!"

27. "rm-rf / bin / laden"

26% "मुझे परवाह नहीं है कि आप इसमें पीएचडी कर रहे हैं! जरा कंप्यूटर से दूर हो जाओ और थोड़ा घूम-फिर आओ! "

 

25. "ऑब्जैक्ट ओरिएंटेड कोड के बारे में बड़ी बात ये है कि यह छोटे, साधारण समस्याओं को विशाल, जटिल दिखने लायक बना सकता है."

२४. "जानवरों की तरह जुतने से भी अगर आपकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रह है, तो इसका मतलब है कि आप अपने सामर्थ्य का पर्याप्त प्रयोग नहीं कर रहे हैं."

23. "प्रोग्रामिंग तो प्यार की तरह है, एक गलती हुई और आपको इसे ताजिंदगी सहारा देते रहना होगा."

22. "लिनक्स यूजर फ्रेंडली है. समस्या ये है कि ये खुद चुनता है कि इसका फ्रेंड कौन हो सकता है. "

21. Microsoft: "आपके पास प्रश्न हैं. हमारे पास नृत्य करते पेपर क्लिप हैं. " (टीप -माइक्रोसॉफ़्ट ऑफिस के एक पूर्व संस्करण में मदद के लिए पेपर क्लिप एनीमेशन लगाया शामिल किया गया था.)

 

20 "मैं असामाजिक नहीं हूँ, मैं बस यूजर फ्रेंडली नहीं हूँ"

१९. दुनिया का अंत आ रहा है ... बैकअप ले लें अभी ही! "

१८. "यदि आप नहीं चाहते कि कंपनी में आपकी जगह कोई कंप्यूटर ले ले, तो कंप्यूटर की तरह काम मत करें, कतई मत करें."

१७. "एक मूर्ख के बजाए एक गीकी दिखना ज्यादा अच्छा है."

16. "मैं एक सज्जन के साइबर कैफे में गया – वहाँ मुझे 'लैपटॉप नृत्य' की पेशकश की गई."

 

१५. "पर्ल के बाद बाकी सब कुछ एसेम्बली भाषा है."

14. "इंटरनेट: जहां लोग पुरुष, पुरुष हैं, महिलाएँ, महिलाएँ हैं, परंतु बच्चे जासूसी एजेंट हैं."

१३. "दुनिया में 10 तरह के लोग हैं: १ जो बाइनरी समझते हैं, और ० जो नहीं समझते हैं."

१२. वायरस और विंडोज के बीच अंतर? " वायरस शायद ही कभी असफल होता हो. "

११. "हैकिंग प्यार की तरह है. आप प्यार में पड़ते हैं और बाहर निकल आते हैं, और उम्मीद करते हैं कि वापस आते समय आपने ऐसा कोई सुराग नहीं छोड़ा है जिससे आप तक पहुँचा जा सके. "

 

10. "1f u c4n r34d th1s u r r34lly gr8"

९ "हेल्पडेस्क: आपके कंप्यूटर पर एक आइकन होगा - "मेरा कंप्यूटर". उस पर डबल क्लिक करें.

उपयोगकर्ता: आपका कंप्यूटर मेरे कंप्यूटर पर क्या कर रहा है? "

[8] "मुझे लगता है कि माइक्रोसॉफ्ट ने .net का नाम जानबूझ कर रखा ताकि वो यूनिक्स की डिरेक्ट्री लिस्टिंग में न दिखाई दे."

७. "अगर डिबगिंग बग को दूर करने की प्रक्रिया है, तो प्रोग्रामिंग उन्हें अंदर डालने की प्रक्रिया होनी चाहिए"

6. शुक्र है कि कम्प्यूटरों के पास आर्टीफ़िशियल इंटेलिजेंस होता है. ओरिजिनल होता तो क्या होता?

 

5. "कोई भी बेवकूफ कंप्यूटर का उपयोग कर सकता है. कई करते हैं. "

४. "हार्डवेयर: कम्प्यूटर की एक प्रणाली है जहाँ पर लात मारी जा सकता है."

3. "जिस प्रोग्राम की मदद फ़ाइलें अच्छी और बड़ी हैं, तो यकीनन वो प्रोग्राम यूजरफ्रेंडली नहीं होगा."

2. "आप एक गीक हैं यदि ... आप अपने माउस संकेतक से मच्छर मारने की कोशिश करते हैं. ऐसा मेरे साथ हो चुका है. बड़ा भयंकर अनुभव था वो."

1. "कम्प्यूटर भाषा डिजाइन करना तो किसी पार्क में टहलने जैसा है. बस, वो पार्क जुरासिक पार्क होता है"

(मूल स्रोत - http://www.junauza.com/2010/02/top-50-funny-computer-quotes.html से साभार, हिन्दी में अनुवादित )

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क्योंकि, हमें मालूम हैं, तुम्हारी पचौरिया कोशिशें…

 

व्यंज़ल

 

दूसरों को नसीहत और

खुद चल रहे कार में

 

दोस्त थे देखो लड़ पड़े

बिन कारण बेकार में

 

अलग मजा होता है

कभी कभी तो हार में

 

कुछ तो फ़र्क करो यारों

दो तीन और चार में

 

दो बातें तो होंगी रवि

जब वो बैठेंगे यार में

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(समाचार कतरन – साभार दैनिक भास्कर)

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