रेमिंगटन (कृतिदेव) में यूनिकोड हिंदी में लिखने का एक और शानदार ऑनलाइन औजार

krutidev typing tool
पंकज ने यहाँ पर बताया कि -

हिन्दी टाइपिंग मे kruti dev प्रकार से remington टाईपिंग के लिये हमने इंटरनेट पर सामान्य रुप से मिलने वाले की बोर्ड मे कई सुधार किये है |
इसे आप
http://www.krutidevunicode.com/   पर प्रयोग कर सकते है |

मैंने तत्काल ही थोड़ी जांच-परख की, और दन्न से एक प्रश्न उन्हें दागा -


धन्यवाद. पर क्या इस टाइपिंग टूल को विंडोज पर इंस्टाल योग्य बनाया जा सकता है?
दूसरी बात, आम कृतिदेव में छोटी ई की मात्रा पहले लगती है. तो क्या इस टाइप सीक्वेंस को भी बदला जा सकता है?
जवाब में पंकज ने बताया -
१. चुंकि यह ब्राउज़र बेस्ड है, इसलिये आप इसे विन्डोज़ मे आसानी‌ से इस्तेमाल कर सकते है | हमने इसे डेस्कटाप पर install करने के विषय में तो अभी‌ कोइ निर्णय नही‌ लिया है |
२. जी बिल्कुल, यह छोटी ई की मात्रा पहले लगने की‌ विधि का सम्मान करता है | आप ट्राई कर सकते है |
३. यह रेफ़ का भी सम्मान करता है जैसे कि "वर्ष" मे |
४. कुछ और कठिन शब्द जैसे कि, उदाहरण के रुप में आप "विच्छिन्न" को ट्राइ करे |
 
और मैंने इसे थोड़ा और जाँचा परखा तो पाया कि यह अब तक कहीं भी उपलब्ध रेमिंगटन (कृतिदेव) कुंजीपट से ज्यादा बेहतर है. वैसे तो माइक्रोसॉफ़्ट के इंडिक आईएमई, बरह तथा ब्लॉगवाणी के इंडीनेटर, व रमण कौल के औजार इत्यादि तमाम विकल्पों में कुछ न कुछ खामियाँ रहती ही हैं - जैसे कि यह छोटी ई की मात्रा वाली बात, जो इस औजार में नहीं हैं.
तो जो बंधु कृतिदेव 010 के अभ्यस्त हैं वे इसका प्रयोग कर देखें और कोई कमी-बेसी उन्हें नजर आए तो पंकज को होशियार करें.
इस ऑनलाइन औजार को यहाँ से चलाएँ -
http://www.krutidevunicode.com/ 

अद्यतन - इसका ऑफलाइन डेस्कटॉप संस्करण भी तैयार हो चुका है जिसे आप डाउनलोड कर इंस्टाल कर चला सकते हैं.



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लाभदायक जानकारी ...शुक्रिया

फिलहाल ऑनलाइन चला कर देखा, बहुत बढि़या काम कर रहा है. कोष्‍ठक लगाने का तरीका समझ नहीं सका. जैसे यहां () के लिए 78 को शिफ्ट के साथ लेकर किया जाना आसान है.

नए औजार के लिए पंकज को बधाई! न जाने क्यों इस मामले में मैं अधिक औजारों का पक्षधर नहीं हूँ। हिन्दी यूनिकोड टाइपिंग के लिए इनस्क्रिप्ट की बोर्ड सीखने का पक्षधर हूँ, जो दोष रहित टाइपिंग के लिए सब से सुगम है और सीखने में भी। कोई भी टाइपिस्ट जो किसी भी की बोर्ड का प्रयोग करता रहा हो वह मात्र एक सप्ताह एक घंटा प्रतिदिन दे कर इस की बोर्ड को सीख सकता है। टाइपिंग इंस्टीट्यूटस को भी इनस्क्रिप्ट टाइपिंग सिखाने पर बल देना चाहिए। क्यों कि भविष्य उसी का है।

बहुत बढि़या जानकारी ...शुक्रिया

जानकारी के लिए धन्यवाद. मैं रेमिंगटन का ही मुरीद हूं, देखता हूं अभी आपके सुझाए लिंक...

काजल जी,
चूंकि आप रेमिंगटन के मुरीद हैं और तकनॉलाज़ी में भी आपका हाथ साफ है तो कृपया बताएँ कि रेमिंगटन का कौन सा कीबोर्ड (इंस्टाल करने योग्य) सबसे अच्छा है - खासकर विंडोज 7/ एक्सपी के हिसाब से? हो सकते तो कोई कंपेरिसन चार्ट भी दें.

दिनेश राय जी,
हमलोग हिन्दी कुन्जिपटल कि दुनिया मै नये है. स्वयं कभी न remington टाइपिंग सीखी न ही‌ inscript. google itrans से काम चला लेते थे. लेकिन जब हमारे प्रोड्क्ट के युज़रस ने यह समस्या बताई तो दो तीन रास्ते थे.
१. या तो युजर से कहे, जो कि आपने कहा (और कहा भी, पर वो आमोदित नही‌ हुए).
२. या फ़िर उनसे कहे कि, बस तकनीक की दौड आप के लिये नही‌ है |
३. या फ़िर इसे सोल्व ही कर लिया जाये |
बाकी‌ क्या ठीक है, क्या नही‌ यह तो आप सभी ही बतायेंगे. वैसे ऐसी‌ ही एक चर्चा qwerty or dovark को लेकर यहां भी‌ है |‌ http://nyti.ms/112xDv

मुझ जैसे तमाम लोगों के लिए तो यह वरदान होगा। प्रायोगिक तौर पर चला कर देखा तो पाया कि कृतिदेव में 'कृ' और चन्‍द्राकार अनुस्‍वार की जो सुविधा है, वह इसमें उपलब्‍ध नहीं है। तनिक फुरसत से इसे चला कर देखने के बाद फिर आपको बताऊँगा।

राहुल जी, मैं पंकज के साथ काम करता हूं। http://upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/4/4a/Hindi_typewriter.jpg तथा अन्य इंटरनेट संसाधनों को देख कर हमने कुन्जिपट बनाया है, जो कोष्ठकों के लिये की-मैप नहीं बताते हैं। आज थोड़ा अनुसंधान करने पर पता चला कि ​क्रुतिदेव में ALT-171 और ALT-172 की-सीक्वेंस इनके लिये हैं। हम ​इस ​सीक्वेंस को अपने कुन्जिपट में उचित रूप से समेकित कर आपको संदेश देंगे

आदरणीय रवि जी,
बेहतरीन चीज़ है यह।
मगर कुछ खामियाँ पहली नज़र में समझ में आ रहीं हैं
ज़्यादा- आधे ज पर नुक्ता नहीं लगता।
चन्द्रबिन्दु ( ँ )जो कि शार्टकट (Alt + 0161) से बनता है, शार्टकट इसमें नहीं चलता। मगर फिर भी त्वरित यूनीकोड लेखन के लिए यह बढिया है। और प्रयोग करके देखते हैं, क्या क्या समस्याएँ आती हैं, पंकज जी अगर दूर कर सकें तो बहुत ही बढ़िया रहेगा। पंकज जी का मेल नहीं मिला कृपया उन्हें इत्तला कर दें।

प्रमोद ताम्बट
भोपाल
व्यंग्य http://vyangya.blog.co.in/
व्यंग्यलोक http://www.vyangyalok.blogspot.com/
फेसबुक http://www.facebook.com/profile.php?id=1102162444

जानकारी के लिए शुक्रिया।

रतलामी जी, मैं भी रेमिंग्‍टन कीबोर्ड ही यूज करता हूँ और एक्‍सपी ऑपरेटिंग सिस्‍टम में इंडिक आईएमई यूज करता हूँ। उसमें ऑनलाइन लिखने पर नया पैरा बनाने में दिक्‍कत होती है बस (इसका तोड़ यह है कि लिखते समय कोई एक अक्षर कर्सर के आगे एक्‍स्‍ट्रा बना लें, तब यह दिक्‍कत भी नहीं होती है।), वर्ना झकास है। वैसे इसे भी देखूंगा। यदि इसे ऑफलाइन भी उपलब्‍ध करा दिया जाए, तो ज्‍यादा उपयोगी हो सकेगा।

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साइंस फिक्‍शन और परीकथा का समुच्‍चय।
क्‍या फलों में भी औषधीय गुण होता है?

आप सभी को नये साल की बहुत शुभकामनाएँ। हमें यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि इस ब्लॉग पोस्ट पर मिले यूज़र फ़ीडबैक को हमने अपने सॉफ्टवेयर में समेकित कर लिया है। अब नुक्ता की मात्रा तथा कृतिदेव की ALT+NUMLOCK कुंजियाँ भी सही तरह काम करती हैं। हमने इन परिवर्तनों को Windows के ब्राउज़र पर पूर्ण कर लिया है। अभी लिनक्स पर कार्य बाकी है। एक बार वेब पेज - http://remington.tangere.in - को Ctrl-F5 द्वारा रिफ्रेश करना न भूलें। अगर इस सॉफ्टवेयर को इस्तेमाल करते समय कोई और कमियाँ दिखें या कोई समस्या आए तो हमें support@tangere.in पर जरूर बताएँ।

बेनामी

हिन्दी के लिए यदि मानक कीबोर्ड ही सीखा जाए तो अच्छा है कब तक रेमिंगटन छाप जुगाड़ करते रहेंगे और सीखने का झंझट. किसी कम्प्युटर में या ब्राउजर में अनुकुल है तो ठीक नहीं तो जै जै

हिंदी ब्लागिंग : स्वरूप, व्याप्ति और संभावनाएं '' -दो दिवशीय राष्ट्रीय संगोष्ठी
प्रिय हिंदी ब्लॉगर बंधुओं ,
आप को सूचित करते हुवे हर्ष हो रहा है क़ि आगामी शैक्षणिक वर्ष २०११-२०१२ के जनवरी माह में २०-२१ जनवरी (शुक्रवार -शनिवार ) को ''हिंदी ब्लागिंग : स्वरूप, व्याप्ति और संभावनाएं '' इस विषय पर दो दिवशीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जा रही है. विश्विद्यालय अनुदान आयोग द्वारा इस संगोष्ठी को संपोषित किया जा सके इस सन्दर्भ में औपचारिकतायें पूरी की जा रही हैं. के.एम्. अग्रवाल महाविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा आयोजन की जिम्मेदारी ली गयी है. महाविद्यालय के प्रबन्धन समिति ने संभावित संगोष्ठी के पूरे खर्च को उठाने की जिम्मेदारी ली है. यदि किसी कारणवश कतिपय संस्थानों से आर्थिक मदद नहीं मिल पाई तो भी यह आयोजन महाविद्यालय अपने खर्च पर करेगा.

संगोष्ठी की तारीख भी निश्चित हो गई है (२०-२१ जनवरी २०१२ ) संगोष्ठी में अभी पूरे साल भर का समय है ,लेकिन आप लोगों को अभी से सूचित करने के पीछे मेरा उद्देश्य यह है क़ि मैं संगोष्ठी के लिए आप लोगों से कुछ आलेख मंगा सकूं.
दरअसल संगोष्ठी के दिन उदघाटन समारोह में हिंदी ब्लागगिंग पर एक पुस्तक के लोकार्पण क़ी योजना भी है. आप लोगों द्वारा भेजे गए आलेखों को ही पुस्तकाकार रूप में प्रकाशित किया जायेगा . आप सभी से अनुरोध है क़ि आप अपने आलेख जल्द से जल्द भेजने क़ी कृपा करें .
आप सभी के सहयोग क़ी आवश्यकता है . अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें


डॉ. मनीष कुमार मिश्रा
के.एम्. अग्रवाल महाविद्यालय
गांधारी विलेज , पडघा रोड
कल्याण -पश्चिम
pin.421301
महाराष्ट्र
mo-09324790726
manishmuntazir@gmail.com
http://www.onlinehindijournal.blogspot.com/ http://kmagrawalcollege.org/

रवि जी,
थोड़ी देर से ही सही, पर हम इसका डेस्कटाप वर्जन लेकर अब आ गए है. यह मिक्रोसोफ्त टेक्स्ट सर्विसेस framework में फिट बैठता है, और वह word, browsers etc. सभी प्रोग्राम्स में उसी प्रकार टाइपिंग करता है जैसे कि कई जन हमारे वेबसाइट पर टाइप करने में अभ्यस्त है.
अधिक जानकारी के लिए http://www.krutidevunicode.com/ पर जाए
पंकज

पंकज जी,
यदि सॉफ़्टवेयर का डेमो संस्करण आपके पास हो तो कृपया डाउनलोड लिंक भेजें ताकि उसे जांच परख कर उसका रीव्यू लिखा जा सके.
मैंने आपकी साइट पर देखा तो पाया कि इसका डेमो संस्करण उपलब्ध नहीं है. कृपया डेमो संस्करण (जैसे कि टाइम लिमिटेड या वर्ड लिमिटेड) अवश्य बना कर अपलोड करें ताकि लोग परीक्षण कर उसकी उपयोगिता जान कर खरीद सकें

ओह ! रवि जी मैंने आपका कमेंट आज लगभग दो साल बाद, इस पोस्ट पर दोबारा आने के बाद देखा, मैं हिन्दी टूल किट प्रयोग कर रहा हूं जो मुझे हिन्दी कैफ़े से बेहतर लगा । माइक्रोसॉफ़्ट का इंडिक आईएमई भी ठीक है क्योंकि इन्हें आफ़ लाइन भी प्रयोग किया जा सकता है

ओह ! रवि जी मैंने आपका कमेंट आज लगभग दो साल बाद, इस पोस्ट पर दोबारा आने के बाद देखा, मैं हिन्दी टूल किट प्रयोग कर रहा हूं जो मुझे हिन्दी कैफ़े से बेहतर लगा । माइक्रोसॉफ़्ट का इंडिक आईएमई भी ठीक है क्योंकि इन्हें आफ़ लाइन भी प्रयोग किया जा सकता है

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
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