शनिवार, 3 अप्रैल 2010

बता, तेरा दिल किसके लिए धड़कता है बे?

clip_image002

अब अगर दिल है तो धड़केगा ही. सवाल ये है कि वो किसके लिए धड़कता है. दिल आपका है, आप चाहे जिसके लिए धड़काएँ. मगर लोग-बाग आपके दिल के भीतर झांक कर देखने की कोशिश करते हैं और तमाम संभावित तरीकों से तहकीकात करने की कोशिश करते हैं कि आपके पास अगर दिल है, और वाकई धड़क रहा है तो फिर वो किसके लिए धड़क रहा है. यानी, किसी ऐसे वैसे या ऐरे गैरे के लिए तो नहीं धड़क रहा?

और, यदि किसी तरीके से यह स्थापित हो गया कि आपका दिल सामने वाले के हिसाब से किसी अवांछित, ऐरे गैरे वस्तु के लिए धड़क रहा है तब तो समझो हो गई आपके लिए हो गई मुसीबत. इससे क्या फर्क पड़ता है कि दिल आपका है, इसे धड़काना या नहीं धड़काना आपकी मर्जी. मगर नहीं. आपके पास दिल है तो क्या हुआ. इसे धड़काना तो सामने वाले की मर्जी से होगा. या तो बेदिल बन जाओ और दिल धड़काना बंद करो या फिर धड़काना ही है, तो अगले की मर्जी से धड़काओ. चुपचाप जहाँ बताया जाता है वहाँ ले जाकर, उस पर धड़काओ नहीं तो नतीजा भुगतने के लिए तैयार रहो.

एक और खतरा है. आपका दिल ख़ालिस हिन्दुस्तानी है या नहीं इसे चेक करा लें. आपने इसे पिछली मर्तबा कब और कहाँ चेक कराया था? उसका वैध जाँच प्रमाण पत्र आपके पास है या नहीं? आपका दिल हिन्दुस्तानी हो न हो, आपके पास उसके हिन्दुस्तानी होने का प्रमाण पत्र होना बेहद जरूरी है, अन्यथा आपको गंभीर समस्याएँ हो सकती हैं. लिहाजा जल्द से जल्द अपने दिल का हिन्दुस्तानी होने का प्रमाणपत्र हासिल कर लें. दिल न हो तो और भी बढ़िया. सुविधा और आरक्षण मिलेगा. दरअसल बेदिल वालों को हिन्दुस्तानी दिल का प्रमाण पत्र देने में प्राथमिकता बरती जाती है. तो यदि जल्द से जल्द हिन्दुस्तानी दिल का प्रमाणपत्र हासिल करना चाहते हों तो अपने दिल को कहीं फेंक आएँ.

मेरे दिल की धड़कन डूब रही है. मुझे नहीं मालूम कि अगले के हिसाब से मेरा दिल हिन्दुस्तानी है या नहीं. अलबत्ता मैंने दर्जन भर प्रमाण पत्र बटोर रखे हैं इसके लिए. मगर, ये इन्हें भी नकार दें तब? और, मेरा दिल जिसके लिए अब तक धड़कता आ रहा था, क्या पता अब नए पैमाने के लिहाज से, इन लोगों को जमेगा या नहीं. यदि मेरा धड़कता दिल इन्हें ना पसंद आया तो? अब तो यूँ महसूस हो रहा है जैसे किसी भी क्षण कोई मेरे धड़कते दिल से उसका सबब पूछने चला आएगा कि वो किसके लिए धड़क रहा है. और, कौन जाने, इस बिना पर मैं कभी भी विद्रोही करार दे दिया जा जाऊँ. पैमाने तो सामने वाले ने अपने लिहाज से तय किए हैं. क्या पता मेरा धड़कता दिल उसमें पास हो पाए या नहीं.

खतरा सबके ऊपर मंडरा रहा है. आपके ऊपर भी है ये खतरा. मासूम, अंजान न बने रहिए. पुख्ता जाँच पड़ताल कर लें कि आपका दिल किसके लिए धड़क रहा है!

----

व्यंज़ल

---.

आजकल कोई दिल धड़कता भी है

कोई बाँह यारों अब फड़कता भी है


वो पूछते हैं कि क्या मेरे पास भी

दिल है और क्या वो धड़कता भी है


यूँ लोग तो बताते हैं कि दिल

कांच का होता है तड़कता भी है


बादल तो सूख गए हैं भले ही

गाहे बगाहे तड़ित तड़कता भी है


मत करना यकीन रवि पे यारों

सुना है वो कभी भड़कता भी है

----.

5 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें:

  1. कभी धडकता था जी...अब तो धाड़-धाड़ करता है जी....
    ......................
    सानिया मिर्ज़ा---तुम जहाँ भी रहो खुश रहो..(पुरुषों ने तुम्हारे लिए किया क्या है.?
    http://laddoospeaks.blogspot.com/2010/04/blog-post_03.html

    उत्तर देंहटाएं
  2. हमारा दिल तो ऐसे ही धड़कता रहता है, किसी को बैठा लें तो शायद वह भी बन्द हो जाये ।

    उत्तर देंहटाएं
  3. रवि भाई ,
    दिल तो अपना भी धड़का है .अनगिनत बार . राष्ट्रीयता आड़े नहीं आयी .अंतर्राष्ट्रीय धड़कन है अपनी तो .
    लेकिन ये तो बताते चलिए की राष्ट्रीय दिल और उसकी धड़कन का प्रमाण पत्र कहाँ मिलता है . वैसे मेरा तो दावा भी रहा है और अपने ब्लॉग पर घोष वाक्य भी कि ' फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी ' .

    उत्तर देंहटाएं
  4. दिल तो धड़कता है फड़कता है....पर क्या करें अब देश की सरहदों का ख्याल तो रखना ही पड़ेगा.....

    उत्तर देंहटाएं
  5. दिल है कि मानता नहीं == अजी धडकने से और क्‍या

    उत्तर देंहटाएं

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
कृपया ध्यान दें - स्पैम (वायरस, ट्रोजन व रद्दी साइटों इत्यादि की कड़ियों युक्त)टिप्पणियों की समस्या के कारण टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहां पर प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

----

----

नया! छींटे और बौछारें का आनंद अपने स्मार्टफ़ोन पर बेहतर तरीके से लें. गूगल प्ले स्टोर से छींटे और बौछारें एंड्रायड ऐप्प image इंस्टाल करें. ---