शुक्रवार, 30 अप्रैल 2010

अपने हिन्दी ऑफ़िस में जोड़िए एक लाख शब्दों की कस्टम डिक्शनरी

माइक्रोसॉफ़्ट हिन्दी ऑफ़िस 2003 / 2007 में अंतर्निर्मित हिन्दी वर्तनी जाँच उपलब्ध तो है, मगर बहुत बेकार किस्म का (वैसे ये अब तक उपलब्ध हिन्...

मंगलवार, 27 अप्रैल 2010

एक्सक्यूज़ मी...

बोलने की इच्छा तो ये हुई – “साला सांड, बीचों बीच रस्ते में खड़ा है, आने जाने के लिए जगह पर टाँग फैलाकर खड़ा है, परे हट!” मगर प्रकटत: बहु...

गुरुवार, 22 अप्रैल 2010

मेरे शहर में शराब इफरात मिलता है, मगर पानी नहीं!

सच ही तो है. पानी हमारे शहरी परिदृश्य से ग़ायब हो गया लगता है. पानी के नाम पर आसपास जो दिखता है वो या तो बिसलरी या किंगफ़िशर का रिवर्स ऑस...

बुधवार, 21 अप्रैल 2010

हिन्दी के अगले सूर और तुलसी ब्लॉगिंग के जरिए ही पैदा होंगे….

यकीनन. और भी बहुत कुछ, ब्लॉग संबंधी बेबाक बातें आप पाएँगे मेरे साक्षात्कार में जिसे परिकल्पना ब्लॉगोत्सव 2010 के अंतर्गत यहाँ प्रकाशित ...

मंगलवार, 20 अप्रैल 2010

हिन्दी में फोटोशॉप जैसा मुफ्त का, छोटा मगर बढ़िया पेंट प्रोग्राम - फोटोग्राफ़िक्स

फोटोशॉप जैसी सुविधा युक्त, मगर बेहद तेज, पोर्टेबल (इंस्टालेशन की जरूरत नहीं) और छोटा (मात्र 700 किबा का), मुफ़्त का फोटो पेंट प्रोग्राम फोटो...

बुधवार, 14 अप्रैल 2010

ब्लॉग “छम्मकछल्लो कहिस” प्रतिष्ठित यूएनएफ़पीए लाडली मीडिया पुरस्कार से सम्मानित

पॉपुलेशन फर्स्ट तथा यूनाइटेड नेशंस पॉपुलेशन फंड (यूएनएफ़पीए) द्वारा जेंडर सेंसिटिविटी के लिए उत्तरी व पश्चिमी क्षेत्र के यूएनएफपीए-लाडली मीड...

मंगलवार, 13 अप्रैल 2010

आइए, खोजें कि गूगल बज़ में लोग आखिर क्या बजा रहे हैं…

अगर आप समझते हैं कि गूगल बज़ में आप सिर्फ अपने समूह के बीच वार्तालाप कर रहे हैं तो आप गलत हैं. गूगल बज़ में आपकी बजबजाहट एक तरह से सार्वज...

सोमवार, 12 अप्रैल 2010

मोबाइल फ़ोनों में हिंदी (किताब) पढ़ने हेतु एक आसान और बढ़िया औजार – एमटैक्स्टरीडर

यदि आपके मोबाइल फ़ोन में हिंदी प्रदर्शन करने की क्षमता है और ये जावा प्रोग्रामों को चला सकता है, तब तो एमटैक्स्टरीडर समझिए कि आपके लिए ही...

सोमवार, 5 अप्रैल 2010

मोबाइल फ़ोनों के लिए पाणिनी हिंदी कीबोर्ड

अगर आपके मोबाइल फ़ोन में हिंदी तथा जावा समर्थन उपलब्ध है, तब तो “पाणिनी कीपैड” आपके मोबाइल फ़ोन के लिए एक उम्दा औजार है हिंदी लेखन के लिए...

शनिवार, 3 अप्रैल 2010

बता, तेरा दिल किसके लिए धड़कता है बे?

अब अगर दिल है तो धड़केगा ही. सवाल ये है कि वो किसके लिए धड़कता है. दिल आपका है, आप चाहे जिसके लिए धड़काएँ. मगर लोग-बाग आपके दिल के भीतर झा...

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