टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

आख़िर, क्यों करें काम, जब काम है आराम!

clip_image002

 

व्यंज़ल


क्यों करें काम

काम है आराम


काम में आराम

गुठलियों के दाम


काम बिना दाम?

सरकारी है काम


काम बिना नाम!

सरकारी है काम


रवि तेरा काम?

कुर्सी पे आराम


---.

(संबंधित प्रविष्टि – आओ आराम फरमाएँ भी देखें)

एक टिप्पणी भेजें

काम करो न करो काम की फिक्र जरूर करो
फिक्र करो न करो फिक्र का जिक्र जरूर करो
बने रहो पगला काम करेगा अगला..
....लड्डू बोलता है..इंजीनियर के दिल से....

http://laddoospeaks.blogspot.com

बहुत अच्छी खबर है| साढे तीन घंटे तो बहुत बड़ी बात है| यहाँ तो दिन भर आराम ही फरमाते है |

टिप्पणी आराम से देंगे....अभी तो....

BAHUT HI ACHHA POST HAI .....EKDUM REALITY....

AUR AAPNE JO jocker dekar kuchh likha wo aur bhi majedaar hai......

आराम आराम है बाकि सब हराम है

विचारोत्तेजक!

...बहुत सुन्दर, प्रसंशनीय रचना!!!!

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
कृपया ध्यान दें - स्पैम (वायरस, ट्रोजन व रद्दी साइटों इत्यादि की कड़ियों युक्त)टिप्पणियों की समस्या के कारण टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहां पर प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

अन्य रचनाएँ

[random][simplepost]

व्यंग्य

[व्यंग्य][random][column1]

विविध

[विविध][random][column1]

हिन्दी

[हिन्दी][random][column1]
[blogger][facebook]

तकनीकी

[तकनीकी][random][column1]

आपकी रूचि की और रचनाएँ -

[random][column1]

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget