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आख़िर, क्यों करें काम, जब काम है आराम!

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व्यंज़ल


क्यों करें काम

काम है आराम


काम में आराम

गुठलियों के दाम


काम बिना दाम?

सरकारी है काम


काम बिना नाम!

सरकारी है काम


रवि तेरा काम?

कुर्सी पे आराम


---.

(संबंधित प्रविष्टि – आओ आराम फरमाएँ भी देखें)

टिप्पणियाँ

  1. काम करो न करो काम की फिक्र जरूर करो
    फिक्र करो न करो फिक्र का जिक्र जरूर करो
    बने रहो पगला काम करेगा अगला..
    ....लड्डू बोलता है..इंजीनियर के दिल से....

    http://laddoospeaks.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत अच्छी खबर है| साढे तीन घंटे तो बहुत बड़ी बात है| यहाँ तो दिन भर आराम ही फरमाते है |

    उत्तर देंहटाएं
  3. टिप्पणी आराम से देंगे....अभी तो....

    उत्तर देंहटाएं
  4. BAHUT HI ACHHA POST HAI .....EKDUM REALITY....

    AUR AAPNE JO jocker dekar kuchh likha wo aur bhi majedaar hai......

    उत्तर देंहटाएं
  5. आराम आराम है बाकि सब हराम है

    उत्तर देंहटाएं
  6. ...बहुत सुन्दर, प्रसंशनीय रचना!!!!

    उत्तर देंहटाएं

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