देखो जी, तुम ज्यादा पचौरी बनने की कोशिश मत करो…

image

क्योंकि, हमें मालूम हैं, तुम्हारी पचौरिया कोशिशें…

 

व्यंज़ल

 

दूसरों को नसीहत और

खुद चल रहे कार में

 

दोस्त थे देखो लड़ पड़े

बिन कारण बेकार में

 

अलग मजा होता है

कभी कभी तो हार में

 

कुछ तो फ़र्क करो यारों

दो तीन और चार में

 

दो बातें तो होंगी रवि

जब वो बैठेंगे यार में

---

(समाचार कतरन – साभार दैनिक भास्कर)

एक टिप्पणी भेजें

आधुनिक बाबा लोग पंचौरी ही है, तभी इनकी बाते असर नहीं करती.

पर उपदेश कुसल बहुतेरे.

:) मजेदार

...उम्दा,हास्यप्रद कार्टून !!!

बढ़िया को कहावत विकसित हुई…इन्हें नोबेल भी मिल गया है न? सो कुछ भी करें तो …

आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
कृपया ध्यान दें - स्पैम (वायरस, ट्रोजन व रद्दी साइटों इत्यादि की कड़ियों युक्त)टिप्पणियों की समस्या के कारण टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहां पर प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

[blogger][facebook]

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget