सोमवार, 25 जनवरी 2010

लीजिए, पेश है आल लैंग्वेज टू मराठी कन्वर्टर प्रोग्राम एंड गॅजेट

marathi manoos

महाराष्ट्र में जैसे ही हल्ला मचा कि टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी बोलना अनिवार्य होने जा रहा है, हर ओर हल्ला मच गया. मचना ही था. टैक्सी ड्राइवरों के रस्ते महाराष्ट्र में होटल के बेयरे से लेकर मैनेजर, डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक यहाँ तक कि आईएएस अफसरों पर भी मराठी बोलना-लिखना-पढ़ना अनिवार्य होने की संभावना जो थी.

इधर खालिस भारतीय सॉफ़्टवेयर प्रोग्रामरों में भी इस कंट्रोवर्सी में नई संभावनाएँ दिखाई देने लगीं. कुछ रातों रात प्रोग्राम और गॅजेट्स लेकर आ गए तो कुछेक ने कुछ प्रोग्रामों/गॅजेट्स में हैक कर अपना नया उत्पाद बना लिया. कुछ खालिस भारतीय इंटरप्रेन्योर किस्म के लोगों ने सरकार में सेंध मार दी और अपने-अपने उत्पादों के लिए रातों रात न सिर्फ टेंडर निकलवा लिए, बल्कि कार्टेल बना कर सर्वोच्च कीमत में सर्वाधिक न्यूनतम कीमत दिखाते ऑर्डर खैंच लिए.

बाजार में देखते ही देखते मराठी लैंग्वेज प्रोग्रामों, सॉफ़्टवेयर सॉल्यूशन्स की भरमार हो गई. आपके लिए पेश है कुछ विशिष्ट किस्म के मराठी भाषाई उत्पादों के बारे में बेहद जरूरी जानकारी. अपने आपको इन जानकारियों से अद्यतन रखिए और इस मराठी क्राइसिस से उबरिए…

* मराठी-पॉड – आई-पॉड किस्म का यह यंत्र आपके बहुत काम का है. यह एक किस्म का अत्याधुनिक स्वचालित टू-वे मराठी स्पीकिंग सिस्टम है. आप इसमें विश्व की किसी भी जुबान में बोलें, यह आउटपुट मराठी में ही देगा. विश्व में किसी को भी कहीं पर भी किसी भी भाषा में फोन लगाएँ, इसका स्वचालित तंत्र बोलते व सुनाते समय सबकुछ मराठी में बदल देगा. है ना पक्का मराठी, जो आपको भी पक्का मराठी जुबान वाला बना देगा! इसके टच स्क्रीन पर आप दुनिया के किसी भी भाषा में लिखें, इसका अंतर्निर्मित उन्नत लैंगुएज परिवर्तक आपके लिखे को मराठी में बदल देगा.

* मराठी-जीपीआरएस – यह विशेष दिशा-सूचक यंत्र है, जो खास मराठी के लिए डिजाइन किया गया है. भाषा इंटरफेस इत्यादि तो जाहिर है मराठी में है ही, यह भाषाई राजनीतिक पार्टी के मुख्यालयों व उनके ठाकरेज-चव्हाण्ज जैसे नेताओं के लोकेशन को सदा इंगित करते रहता है. आप जिधर भी जिस भी दिशा में जितनी दूर भी जाएँ, ये आपको महाराष्ट्र और महाराष्ट्र के इन खास ‘भाषाई’ नेताओं के लोकेशन से सदा अपडेट करते रहता है. इसके एडवांस वर्जन में यह सुविधा है कि यह आपको एडवांस में चेतावनी दे देता है कि आज किधर को मनसे के लोग गर्दी मचाने वाले हैं. ग्रेट मराठी गॅजेट यू डिजर्व फॉर!

* मराठी स्पीच सिंथेसाइजर – चलिए, मान लिया कि आप दादे परदादे के जमाने से महाराष्ट्र में रहते आए हैं, मगर इसका ये अर्थ तो नहीं कि आप पक्के मराठी हो गए हैं. आपके स्पीच और टोन में यदि मराठीपन नहीं टपका तो मनसे के लोग आपको टपका डालेंगे. यदि आप हाल ही में महाराष्ट्र आए हैं तो आपके लिए तो खैर ये बेहद जरूरी किस्म का गॅजेट है. इसे आप अपने दाँतों के बीच आसानी से फंसा सकते हैं और फिर भले ही आप अपनी मादरी जबान में लोगों की ऐसी तैसी करते फिरें, ये आपके मुखारविंद से खालिस, एकदम शुद्ध, टंच मराठी बोलों की झड़ी लगा देगा. और, इस तरह से आपको 100% सुरक्षित रखेगा.

* मराठी वोटिंग एनालाइजर एंड प्रेडिक्टर – भाषाई राजनीतिक कार्यकर्ताओं, नेताओं, सरकारों के लिए अत्यंत जरूरी प्रोग्राम. यह प्रोग्राम स्वचालित डाटा एकत्र करने की क्षमता युक्त है और यह एनालाइज कर बताता है कि किस तरह के भाषाई शगूफ़े छोड़ कर कहाँ कहाँ से कितने वोट कबाड़े जा सकते हैं. यह यंत्र आउट आफ द ब्लू नए नए विचार लाने की कूवत रखता है. शक है कि इस यंत्र का प्रयोग कई खांटी मराठी भाषाई नेतागिरी करने वाले नेता गुपचुप तरीके से अर्से से कर रहे हैं. ए मस्ट फ़ॉर एवरी नेताज इन महाराष्ट्रा!

* आल लैंग्वेज टू मराठी कन्वर्शन प्रोग्राम – वैसे, अफवाह तो ये है कि इसे सरकार ने ही भारी भरकम अनुदान देकर इसे डिजाइन करवाया है. यह अत्याधुनिक कम्प्यूटर प्रोग्राम कम्प्यूटर की हर भाषा की हर किस्म की सामग्री को त्वरित और तत्क्षण ही मराठी में बदल देता है. महाराष्ट्र की सीमा में चलने वाले तमाम कम्पयूटरों में इस प्रोग्राम को प्रीलोड करवाना अनिवार्य है. यह मुफ़्त प्रोग्राम इंटरनेट से कनेक्टेड हर कंप्यूटर पर जो महाराष्ट्र की धरती की सीमा के भीतर होता है, उसमें स्वचालित इंस्टाल हो जाता है. यह प्रोग्राम इतना एडवांस्ड है कि यहाँ तक कि प्रोग्रामिंग की कॉम्प्लैक्स सी++ जैसी लाइब्रेरियों को भी यह बड़ी चतुराई से मराठी में बदल देता है.

ऐसे और भी दर्जनों प्रोग्राम और उपकरण हैं, और नित्य नए-नए आ रहे हैं. अपनी उंगलियों को क्रास कर रखे रहिए. हम जल्द ही ऐसे प्रोग्रामों, उपकरणों के बारे में आपको अपडेट करते हैं.

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(समाचार कतरन – साभार, इंडियन एक्सप्रेस)

3 blogger-facebook:

  1. कौन कहता है कि हिंदी देश की राष्ट्र भाषा नहीं बन सकती. इकबार नेतबन की नीयत तो साफ हो जाए. फिर देखिए, एक रात में हिंदी देश की क्या विश्व की भाषा बन जाएगी.
    हां अंग्रेजी के लिए सैंकड़ों साल से जो प्रयास हो रहे हैं. उसका एक चौथाई भी हो जाए तो दावे के साथ कहता हूं दस साल में हिंदी विश्व भाषा और सफलता की भाषा बन जाएगी.

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  2. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें!

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  3. भाई मेरे हिन्दी के लिए भी ऐसा कुछ है की नहीं ? उसका एक वर्जन राज ठाकरे को गिफ्ट कर देता . वे बिचारे झारखण्ड और दिल्ली जाकर थोडा बहुत ' हिंदी ' सक्छार भी हो जाते तो उनका पागलपन कुछ कम हो जाता .

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