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रेमिंगटन (कृतिदेव) में यूनिकोड हिंदी में लिखने का एक और शानदार ऑनलाइन औजार

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पंकज ने यहाँ पर बताया कि -

हिन्दी टाइपिंग मे kruti dev प्रकार से remington टाईपिंग के लिये हमने इंटरनेट पर सामान्य रुप से मिलने वाले की बोर्ड मे कई सुधार किये है |
इसे आप
http://www.krutidevunicode.com/   पर प्रयोग कर सकते है |
मैंने तत्काल ही थोड़ी जांच-परख की, और दन्न से एक प्रश्न उन्हें दागा -


धन्यवाद. पर क्या इस टाइपिंग टूल को विंडोज पर इंस्टाल योग्य बनाया जा सकता है?
दूसरी बात, आम कृतिदेव में छोटी ई की मात्रा पहले लगती है. तो क्या इस टाइप सीक्वेंस को भी बदला जा सकता है?
जवाब में पंकज ने बताया -
१. चुंकि यह ब्राउज़र बेस्ड है, इसलिये आप इसे विन्डोज़ मे आसानी‌ से इस्तेमाल कर सकते है | हमने इसे डेस्कटाप पर install करने के विषय में तो अभी‌ कोइ निर्णय नही‌ लिया है |
२. जी बिल्कुल, यह छोटी ई की मात्रा पहले लगने की‌ विधि का सम्मान करता है | आप ट्राई कर सकते है |
३. यह रेफ़ का भी सम्मान करता है जैसे कि "वर्ष" मे |
४. कुछ और कठिन शब्द जैसे कि, उदाहरण के रुप में आप "विच्छिन्न" को ट्राइ करे |

और मैंने इसे थोड़ा और जाँचा परखा तो पाया कि यह अब तक कहीं भी उपलब्ध रेमिंगटन (कृतिदेव) क…

पिछले 60 सेकण्डों में कितनी ब्लॉग पोस्टें लिखी गईं?

या फिर, कितने फेसबुक एकाउन्ट खोले गए.या कितने लोगों ने यू-ट्यूब वीडियो देखे?और इसी तरह की इंटरनेट गतिविधियों के मजेदार आंकड़ों को स्वचालित रूप से अद्यतन करने का एक उतना ही मजेदार ऑनलाइन उपकरण बनाया है गैरी हैस ने. नीचे देखें प्रति सेकण्ड बदलते आंकड़े. आंकड़ों की विश्वसनीयता पर गैरी का कहना है कि उन्होंने बहुत खोजबीन और शोध कर ये ट्रैंड जुटाए हैं और वे इनमें नित्य परिवर्तन भी करते रहते हैं ताकि आंकड़े ताजा रहें.अरे बाप रे! जब तक आपने इस जरा से आलेख को पढ़ा इतने में 7000 से अधिक पोस्टें प्रकाशित हो गईं! अब आप भी क्या पढ़ें और क्या छोड़ें!

कश्मीर की समस्या सुलझने तक उधारी बन्द है...

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कश्मीर की समस्या सुलझने में एक और समस्या?

आइए, करें कुछ संगीतमय हंगामा - सिर्फ 150 रुपए में, अनलिमिटेड!

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क्या आप संगीत प्रेमी हैं? क्या आप सोते-जागते-उठते-बैठते संगीत सुनते हैं? यदि हाँ, तो क्या आपने अनुभव किया है कि आपके द्वारा सुने जाने वाले संगीत की क्वालिटी कैसी है? और, क्वालिटी की बात करें तो आप सांग्सपीके जैसी साइटों से फोकट में अवैध तरीके से डाउनलोड किए या फुटपाथ से बीस रुपए में खरीदे गए आठ सौ गीतों की अवैध डीवीडी के सड़ियल क्वालिटी के एमपी3 गाने सुन-सुन कर या अपने तथाकथित बेहद लोकप्रिय हाईफाई क्वालिटी के संगीत बजाते एफएम चैनल के चंद चुनिंदा प्रोमो गानों को दिन में पच्चीस बार सुन कर बेहद बोर हो चुके हैं? यदि हाँ, तो अब आप इनसे निजात पा सकते हैं। आपके लिए सुखद समाचार है। भारत के दूरसंचार क्षेत्र की सरकारी कंपनी बीएसएनएल का एक संगीतमय पोर्टल है बीएसएनएल.हंगामा.कॉम। यह साइट संगीत प्रेमियों की तमाम मुश्किलों का हल निकालने को प्रतिबद्घ प्रतीत होती है। आइए देखें कि बीएसएनएल.हंगामा में आखिर है क्या? बेहतर क्वालिटी संगीत ही क्यों?
ऑडियो सीडी में जो संगीत होता है वो संपूर्ण गुणवत्ता युक्त फॉर्मेट में रहता है। एक सीडी में आमतौर पर घंटे भर का संगीत आ सकता है, मगर इसी घंटे भर के संगीत की ऑडि…

अपने विंडोज़ लाइव राइटर में हिंदी वर्तनी जाँचक जोड़ें

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विंडोज़ लाइव राइटर में हिंदी वर्तनी जाँचक की बड़े समय से मांग थी. विंडोज़ लाइव राइटर ऑफ़लाइन प्रयोग हेतु ब्लॉगिंग का एक बेहतरीन, बेजोड़ प्रोग्राम है. माइक्रोसॉफ़्ट ने बीच में इसका एक संस्करण हिंदी वर्तनी जाँच युक्त निकाला तो था, मगर वो चला नहीं. अभी भी हिंदी वर्तनी जाँच की सुविधा विंडोज़ लाइव राइटर के नए, हिंदी संस्करण में भी नहीं है.आपके लिए विंडोज़ लाइव राइटर में हिंदी वर्तनी जाँच की सुविधा जोड़ने के लिए एक तोड़ या जुगाड़ है. वैसे ये परिपूर्ण या सही जुगाड़ नहीं है, क्योंकि ये आपको गलत वर्तनी के विकल्प नहीं दे सकेगा. साथ ही इसका शब्द भंडार भी उतना विस्तृत नहीं है. मगर फिर भी, यदि आप लगातार और जल्दबाजी में लिखते हैं, और विंडोज़ लाइव राइटर का प्रयोग करते हैं तो यह आपकी प्रविष्टियों के शब्दों में यदि ये समझेगा कि कुछ गलत वर्तनी घुस आई है, तो उन्हें लाल रंग से रेखांकित कर देगा. जिससे आपको अपनी वर्तनी सुधारने में मदद मिल सकती है. हाँ, आप बारंबार प्रयोग में आने वाले सही हिंदी वर्तनी वाले शब्दों को जो इसके डाटाबेस में नहीं हैं, बाकायदा इसमें जोड़ सकते हैं, उस शब्द पर दायाँ क्लिक कर उपलब्ध म…

महिला की जूती और महिला की परेशानी

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दीवार पर लिखी कुछ दिलचस्प इबारतें और मजेदार कतरनें. महिलाओं के लिए कोई परेशानी हो तो हमसे संपर्क करें...???शादी से पहले और शादी के बाद....सबसे बड़ा रुपैया भइए, सबसे बड़ा रुपैया...एक पति का पश्चाताप : माफ़ कीजिए हुजूर, आप बात बात पर माफ़ी मांगते हैं या नहीं?हम भारतीय बड़े स्वउपकारी :एंटी स्लिमिंग ड्रग का प्रचार तंत्र:हममें तो कतई नहीं. आपमें?सिर्फ सड़क हादसों की? और दुनिया में तमाम हादसे होते हैं उनकी?इंटरनेट की माया क्या आपको भी भाया :और, इतालवी गाने राष्ट्रीय चैनल पर?जनता का मालिक कौन?और मंत्रिमंडल में कीड़े मंत्री!तो, मंत्रियों के लिए आखिर तय क्या है?वाइफ इज आलवेज राइट :शुद्ध भाषा के प्रेमी कहाँ हो कहाँ हो :कण कण में भगवान:मियाँ की जूती मियाँ के सर:--

टाइटन आई+ : नाम बड़े चश्मे छोटे!

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कंप्यूटर स्क्रीन पर नजरें गड़ाए रखने के फलस्वरूप जब मेरे चश्मे के पुराने नंबर ने काम करने से पूरी तरह मना कर दिया तो अंततः मॉनीटर को उसके रहमोकरम पर छोड़ कर बाजार की ओर रूख करना ही पड़ा.चौराहे पर टाईटन आई+ के विशालकाय पोस्टर पर अनायास नजर पड़ गई जिसे इरादतन अनायास नजर पड़ने के लिए ही वहाँ लगाया गया था. आपकी आँखों के लिए नवीन तकनॉलाज़ी के बेहतरीन चश्मे – टाइटन आई+.अरे! यही तो मुझे लेना था और इसी की तलाश में मैं निकला था. जगमगाते शोरूम में पहुँच कर एक चमचमाता फ्रेम भी पसंद किया क्योंकि पुराने नीले पड़ चुके फ्रेम का विशेष किस्म का स्क्रू भी यू-ट्यूब वीडियो को स्पष्ट रूप से देखने के चक्कर में कहीं गिर चुका था - बार बार चश्मे को पोंछना जो पड़ता था.नंबर आदि की जाँच के बाद लैंस के कांचों की कई-कई किस्में बताई गईं. अब अपनी आँखों का खयाल तो रखना ही था सो एक अच्छे कांच को चुना गया. बिल आम बाजारी चश्मे से कई गुना आ रहा था, मगर नाम का टैग टाइटन आई+ भी तो लगा था (ग़नीमत टैग रे-बैन या पोलराइड नहीं था)चश्मे की डिलीवरी कोई सात दिन बाद देने की बात कही गई. पूछने से ज्ञान में वृद्धि हुई कि चश्मे के लैंस…

हर्ष छाया की हिंदी ब्लॉग पोस्टें चूरन के रूप में किताबी शक्ल में चाटिए…

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टेलिविजन और फ़िल्म के लोकप्रिय कलाकार हर्ष छाया अपने रोजमर्रा के अनुभवों को जीन्सगुरू नामक ब्लॉग पर कमाल के ब्लॉग पोस्टों में परिवर्तित करते रहे हैं. उनकी एक पोस्ट ...96 घन्टे और 4 बातें...को चिट्ठाचर्चा में मामू.. आई लव्ड दिस वन रे… क्या लिखते हैं आप…!नाम से टीपा गया था. इस पोस्ट से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनकी लेखनी कितनी कमाल की है और वे कितनी भावपूर्ण, रोचक अंदाज में लिखते हैं.हर्ष छाया ने अपनी उन्हीं पोस्टों में से चंद चुनिंदा तथा अपने अन्य और भी अनुभवों को संकलित कर एक किताब की शक्ल दी है. जिसका नाम है चूरन. चूरन प्रस्तुत करते हुए वे लिखते हैं -
जी हाँ...चूरन…. कुछ खट्टा  कुछ मीठा कुल मिलाकर चटपटा...मेरे ये संस्मरण, कहानियाँ और किस्से, अगर आपकी किसी याद, किसी किस्से को या किसी  भावना को "कोहनी" करें और कुछ देर के लिये आपको अपनी ही दुनिया  में ले जाये तो मुझे मेरा प्रयास सफल होने की बेहद खुशी होगी...
इसे आप कहीं से भी पढ़ना शुरू कर सकते हैं ।  जो अध्याय खुल जाए वहीं से यह  किताब शुरू होती है..वैसे अगर आप  चाहें तो पहले पन्ने से भी शुरूआत कर सकते हैं.हिंदी ब्लॉग पोस्टों…

यापा बैंड का नशीला इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक

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यापा बैंड जर्मनी के चार युवा दोस्तों का है, जिनमें एक तीन गिटार बजाने वाले हैं और एक ड्रमर. वे पेरिस के पास के एक गांव के स्कूल के दिनों से साथ में बजाते आ रहे हैं. इनके अब तक तीन एलबम क्रानिक्स द एन्दो, कैन आई टाक टू यू और पारी-वागा आ चुके हैं और चौथे की तैयारी है. यापा को आप फ़ेसबुक में यहाँ पर पा सकते हैं.कल उनका लाइव परफ़ार्मेंस था जो इतना जीवंत और शानदार था कि प्रेक्षकों ने खड़े होकर ताली बजाते हुए, दो घंटे के नॉन-स्टाप कार्यक्रम के समाप्त होने के बाद भी दोबारा संगीत सुनने की मांग की जिसे बैंड ने प्रसन्नतापूर्वक स्वीकारा और प्रेक्षकों का मान रखा.यापा अपनी धुनें जमीन से जुड़कर बनाते हैं. वे विश्वभर में गांव गांव देश देश घूमते हैं और वहाँ रह कर स्थानीय संगीतकारों से संगीत सुनते हैं और उसे फिर फ़्यूजन से अपनी धुनें बनाते हैं, जो बेहद नशीली होती है. एक बार का वाकया उन्होंने बताया कि एक बार वे जीवित ज्वालामुखी देखने गए. ज्वालामुखी के अंदर का लाल पिघलता लावा का सुंदर मनमोहक दृष्य उन्हें इतना भाया कि वे सारे दिन वहीं पड़े रहे और वहीं एक धुन भी तैयार कर ली जो बेहद लोकप्रिय रही.यापा बैंड …

फेसबुक और एमएस आफिस बने दोस्त डॉक्स.कॉम पर

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अपनी वर्ड, एक्सेल, पॉवर प्वाइंट फाईलें फेसबुक मित्रों से साझा करेंहमारी कंप्यूटिंग की दुनिया तेजी से क्लाउड की ओर अग्रसर है – मतलब ये कि वो पूरी तरह ऑनलाइन होने जा रही है। इसके प्रत्यक्ष प्रमाण रूप में जब माइक्रोसॉफ़्ट ने अपने ऑफ़िस सूट 2010 (जिसमें तमाम आफिस तंत्राँश जैसे कि वर्ड, एक्सेल, पॉवर प्वाइंट आदि शामिल होते हैं) को जारी किया तो उसमें न केवल ऑनलाइन दस्तावेज़ों के संपादन व साझा करने की सुविधा मुहैया कराई बल्कि ऐसे प्रयोक्ताओं के लिए जो ऑफ़िस सूट ख़रीद कर प्रयोग करने की कतई श्रद्धा नहीं रखते थे, डॉक्स.कॉम-बीटा नाम से ऑफ़िस सूट 2010 का ऑनलाइन संस्करण भी फ़ेसबुक के रास्ते जारी किया। हालांकि माइक्रोसॉफ़्ट फ्यूज लैब्स द्वारा जारी डॉक्स.कॉम अब अभी अपने बीटा संस्करण में ही है और इसमें संपूर्ण ऑफ़िस सूट की सुविधाएँ शामिल नहीं की गई हैं, मगर इस पर त्वरित नजर डालने से इसकी संभावनाओं सुविधाओं के बारे में मालूमात किए जा सकते हैं और ये भी कयास लगाए जा सकते हैं कि भविष्य में क्लाउड कंप्यूटिंग का बिज़नेस मॉडल किस तरह आकार ग्रहण करेगा। यकीनन व्यक्तिगत या घरेलू प्रयोग करने वाला प्रयोक्ता आने …

मार्केटिंग स्ट्रेटेजी

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चहुँओर पर्यावरण रक्षा के संदेशों के बीच जब जनता जागृत हो गई तो उसने दस्तावेज़ों के प्रिंट आउट लेना एक तरह से बंद ही कर दिया. टोनर इंक की घटती डिमांड से परेशान निर्माता ने अपने सेल्समैनों से कहा – डिमांड बढ़ाओ या खुद नौकरी छोड़कर बढ़ जाओ.एक नॉट सो ब्रिलिएंट सेल्समैन के दिमाग में एक बत्ती तब जली जब वो नौकरी न रहने की स्थिति में वापस अपने गांव जाने का प्लान कर रहा था.वो अपनी प्लानिंग बीच में छोड़-छाड़कर अपने मैनेजर के पास भागा. उसे अपना आइडिया बताया -“सर, टिकट के प्रतिदिन औसतन दस लाख प्रिंट आउट निकलते हैं. यदि हम बैकग्राउण्ड काला कर दें तो टोनर की खपत चार गुना बढ़ जाएगी.”मैनेजर की आँखें चमक उठीं. वैसे भी यह तो जरा सी सेटिंग-फेटिंग से हो जाने वाला काम था.टोनर की डिमांड फिर से बढ़ गई. कंपनी फायदे में चलने लगी.मार्केटिंग स्ट्रेटेजी से पहले की टिकिट -बाद की टिकिट---

यस प्राइम मिनिस्टर, यू आर राइट. वाजिब ग़लती और ग़लत काम में बाल बराबर ही तो फ़र्क़ होता है!

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हमारे प्राइम मिनिस्टर सही कहते हैं. वाजिब कहते हैं. वैसे भी नेताओं-मंत्रियों के लिए ग़लती और ग़लत काम में बाल बराबर ही तो फ़र्क़ होता है. और, दरअसल जो बाल बराबर फ़र्क़ होता है वो जरा कुछ इस तरह का होता होगा – कांग्रेसी मंत्री करे तो ग़लत काम, कोएलिशन पार्टनर का मंत्री करे तो, वाजिब ग़लती. मंत्री करे तो वाजिब ग़लती, अफ़सर करे तो ग़लत काम. बड़ा अफ़सर करे तो वाजिब ग़लती, अदना अफ़सर करे तो ग़लत काम. वैसे, ये फ़ॉर्मूला भारत में सर्वव्यापी है. सिर्फ सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार को जोड़कर इस यूनिवर्सल नियम को नहीं देखा जाना चाहिए. प्रधानमंत्री कोई नई बात नहीं कह रहे. अपने दैनिक सामाजिक जीवन में जरा झांकें – पति करे तो वाजिब ग़लती, पत्नी करे तो ग़लत काम. पुत्र करे तो वाजिब ग़लती, पुत्री करे तो ग़लत काम. पिता करे तो ग़लत काम, पुत्र करे तो वाजिब ग़लती (या कई मामलों में इसके उलट). सास करे तो वाजिब ग़लती (वो भी बड़ी मामूली), बहू करे तो ग़लत काम (वो भी बहुत भारी!). सूची यूँ लंबी खिंचेगी, मगर उसे खींचने जैसा ग़लत काम करने का क्या फ़ायदा? ---

इंटरनेट के हिंदी प्रयोक्ताओं के लिए दीपावली के दो उपहार

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पहला उपहार -एक शानदार एमपी3 म्यूजिक प्लेयर एआईएमपी2 हिंदी में!पहले देखते हैं कि शानदार क्यों?अपने सदाबहार म्यूजिक प्लेयर एमपी3 में ट्रैक के साउंड को आन-द-फ्लाई (माने चलते चलते या बजाते बजाते) नार्मलाइज करने की सुविधा नहीं है. आमतौर पर जब हम प्लेलिस्ट पर बहुत से गीतों को बजाते हैं तो होता ये है कि कोई गीत तो तेज आवाज में बजता है और कोई धीमा. आपको प्रायः हर ट्रैक में अथवा हर एलबम में आवाज को कम ज्यादा करना ही होता है. ये बहुत ही झंझट भरा काम होता है. यदि आप विनएम्प में साउन्ड नार्मलाइज करते हैं तो उसके लिए अलग विकल्प से करना होता है और विनएम्प उसे एक तरह से कन्वर्ट कर रखता है और इस हेतु उसे समय और प्रोसेसिंग पावर की जरूरत होती है. विंडोज के डिफ़ॉल्ट म्यूजिक प्लेयर विंडोज मीडिया प्लेयर में चलते-चलते साउंड नार्मलाइज की सुविधा तो है, मगर वो आमतौर पर प्रचलित नहीं है और सिस्टम रिसोर्स बहुत खाता है.ये सब समस्याएँ एआईएमपी2 म्यूजिक प्लेयर में नहीं है. एआईएमपी2 म्यूजिक प्लेयर में ध्वनि को बजाते बजाते ही स्वचालित नार्मलाइज करने का विकल्प है (मुख्य मेन्यू > डीएसपी प्रबंधक > आवाज स्वचालित साम…

टेक्नोराती ब्लॉग सर्वे 2010 आंकड़े - क्या ब्लॉगिंग पुरूषों की बपौती है?

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पिछले दिनों टेक्नोराती ब्लॉग सर्वे का आयोजन किया गया. अब तक के सर्वाधिक 7200 ब्लागरों द्वारा सर्वे में भाग लिया गया जिसमें मैंने भी भाग लिया था.वैसे तो यह सर्वे प्रमुखतः अंग्रेज़ी ब्लॉगों के आंकड़े ही दिखाता है, मगर दुनिया के तमाम भाषाओं के ब्लॉगिंग रूख की ओर इसके आंकड़े इंगित तो करते ही हैं.कुछ दिलचस्प आंकड़े हैं -पिछले वर्ष 9% की तुलना में इस वर्ष 21% ब्लॉगर किसी न किसी रूप में व्यावसायिक रूप से ब्लॉगिंग करते हैं. इनमें से 11% ब्लॉगरों की प्राथमिक आय ब्लॉगिंग से होती है. शौकिया ब्लॉगिंग करने वाले 65% हैं जो पिछले वर्ष के मुकाबले 7% कम हैं. इसका अर्थ ये हुआ कि बहुत से शौकिया ब्लॉगर व्यावसायिक ब्लॉगिंग में उतर गए? शायद.पिछले वर्ष 1% के मुकाबले इस वर्ष कारपोरेट ब्लॉगरों की संख्या में इजाफ़ा हुआ और आंकड़ा 4% तक जा पहुँचा. अभी भी ब्लॉगिंग में पुरुषों का वर्चस्व है. दो तिहाई ब्लॉगर पुरूष ही हैं.ब्लॉगिंग के साथ साथ सामाजिक मीडिया का प्रयोग बढ़ रहा है और फेसबुक और ट्विटर का योगदान ब्लॉगों के प्रचार प्रसार में किया जा रहा है. 39% ब्लॉगर अब प्रभावी ब्लॉगिंग के लिए स्मार्टफ़ोनों व टेब्लेट्…

.... क्योंकि ये ब्लॉग मेरा है!

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तुझे मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं? मैं अपने ज्ञान और स्वज्ञान के भरोसे अपने ब्लॉग पोस्टों में, अपने हिसाब से, अपने विचार से, स्तरीय सामग्री ही लिखता हूं. मेरे ये पोस्ट दूसरों को मेरे अज्ञान, अल्पज्ञान से भरे कूड़ा लगते हैं तो इसमें मैं क्या करूं? मैं अपने ब्लॉग में अपने संपूर्ण होशोहवास व ज्ञान के हिसाब से, अपने हिसाब से सही-सही ही लिखता हूँ. दूसरों को ये भले ही गलत लगें. अब मैं दूसरों के हिसाब से तो नहीं लिख सकता. ....क्योंकि ये ब्लॉग मेरा है. मेरे विश्वास, मेरी धारणाएँ मेरे अपने हैं. मैं उन्हें किसी के कहने से और किसी वाजिब-ग़ैर-वाजिब तर्क-कुतर्क से तो नहीं बदल सकता और मैं अपने उन्हीं विश्वासों और उन्हीं धारणाओं की बदौलत और अकसर उन्हें पुख्ता करने के लिए, दुनिया को बताने-समझाने के लिए, अपने ब्लॉग पोस्ट लिखता हूँ. मैं दूसरों के विश्वास और दूसरों की धारणाओं के अनुसार तो नहीं लिख सकता. ....क्योंकि ये ब्लॉग मेरा है. मैं अपनी भाषा, अपनी शैली में लिखता हूँ. अपने ब्लॉग पोस्ट पर किसी को गाली देता हूँ या किसी की वंदना करता हूँ तो इससे किसी को क्या? मैं अपने ब्लॉग पर छिछली उथली भाषा का इस्त…

विंडोज़ लाइव राइटर का नया संस्करण 2011 जारी

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ब्लॉग लेखन का उन्नत औजार विंडोज़ लाइव राइटर का नया संस्करण 2011 जारी हो गया है. इसमें उन्नत किस्म का रिबन इंटरफेस है तथा इसकी गति पहले से बहुत तेज है. हिंदी का पूरा समर्थन तो है, मगर इसमें अभी भी हिंदी वर्तनी जाँचक नहीं जोड़ा गया है जो कि आज के जमाने में एक बेहद आवश्यक तत्व है.इसके रिबन इंटरफेस को ज्यादा सहूलिय के हिसाब से तथा  बड़े आकार के प्रतीकों के साथ बनाया गया है. संपादन में सुविधा के लिए होम टैब पर पाठ फ़ॉर्मेटिंग को सुविधाजनक रूप से रखा गया है तथा वहीं साथ में ड्रापडाउन सूची के रूप में ब्लॉग सूची को रखा गया है. यदि आप एक से अधिक ब्लॉग लिखते हैं तो यह आपके लिए बेहद सुविधाजनक है. इसके पिछले अपडेट में बहुत सारे बग थे – जिसमें एक महत्वपूर्ण था – वेब लिंक के माध्यम से चित्र लगाने की सुविधा का गायब हो जाना – उन्हें भी सुधारा गया है.इसमें एक और बढ़िया सुविधा है – आप चाहें तो फ़ाइल मेन्यू के कुछ सदाबहार मेन्यू को विंडो के शीर्षक पट्टी पर जोड़ सकते हैं. इंसर्ट नामक एक अलग टैब शामिल किया  गया है जिसमें प्रतीकों के सहारे मैप, पोस्ट टैग, हँसमुख (स्माइली), फोटो एल्बम इत्यादि भी शामिल कर सक…

कौन किसको गंगा में फेंक रहा है - फिंका फिंके को गंगा में फेंक रहा है

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गंगा में क्या फेंकें और क्या नहीं?गंगा तो वैसे भी पहले ही घोर प्रदूषित हो रही है. ऊपर से अब राजनेताओं को उसमें फेंकने की बात की जा रही है. घोर कलजुग आ गया है. लगता है गंगा को पूर्णतः अपवित्र, मैली करके ही मानेंगे हमारे राजनेता. गंगा की पवित्रता पर इससे ज्यादा और गंभीर खतरा इससे पहले कभी नहीं रहा. वैसे, गंगा में बहुत सी चीजों को फेंकने का विचार आपको भी यदा कदा आया होगा. ये बाद दीगर है कि आपने जग जाहिर नहीं किया है अब तक. उदाहरण के लिए, आपने उस पुलिस वाले को गंगा में फेंकने का विचार किया होगा जिसने आपका चालान गलत पार्किंग या गलत वाहन चलाने पर काटा होगा और जिसने 100-200 रुपए लेकर मामला रफा दफा नहीं किया होगा. उस ईमानदार सरकारी बाबू को आपने गंगा में फेंकने का विचार किया होगा जिसने आपका काम कुछ ले-देकर जल्दी नहीं किया होगा. आपने उस गैस वाले को भी गंगा में फेंकने का विचार किया होगा जिसने बिना बारी के आपको आपके इमर्जेंसी कार्य (जैसे कि अनधिकृत गैस किट वाले वाहन में गैस भरने) के लिए अतिरिक्त रुपया लेकर गैस देने से मना कर दिया होगा. आपने उस टॉप के स्कूल के प्रिंसिपल और प्रशासक को भी गंगा मे…

इंटरनेट फ्रॉड प्रिवेंशन - फ्रॉड के ऊपर फ्रॉड, बोलो कितने फ्रॉड?

ये मजेदार ईमेल आज मुझे मिला.

इंटरनेट फ्रॉड प्रिवेंशन की तरफ से मिलियन डॉलर का कंपनशेसन! फ्रॉड करने वालों, तुस्सी ग्रेट हो. कोई भी संभव-असंभव आइडिया आपसे बचकर नहीं जा सकता.
यह ईमेल आप भी पढ़ें और मजे लें. वैसे, इस ईमेल को एंटीफ़िशिंग.ऑर्ग को अग्रेषित कर दिया है. दुआ है कि कोई मासूम बंदा जाल में दोबारा न फंसे!

Dear Victim,

This is Internet Fraud Prevention / Compensation Committee, Some West African Scam Artists has been arrested in London and we have credible reasons to believe you have been one of their numerous victims. A thorough search of the Laptop computers arrested with the individuals and their confessions during interrogation has revealed to us that you paid certain sums of money to these fraudsters.

The arrested individuals have been wrongfully informing a lot of people via email that they have huge sums of money to be transferred from a foreign Bank Account. Also, they have confessed to Australian and the UK National Lottery scam, Job offer scams and have been demand…

फ़ॉन्ट कन्वर्टर अब नए साइट से डाउनलोड/प्रयोग करें

गूगल अपने समूहों से फ़ाइलों की होस्टिंग खत्म कर रहा है. गूगल तकनीकी हिंदी समूह में बहुत सी काम की फ़ाइलें हैं. गूगल तकनीकी हिंदी समूह के फ़ॉन्ट कन्वर्टरों व दीगर फ़ाइलों को अभी तदर्थ रूप में गूगल डाक्स में होस्ट किया गया है. गूगल तकनीकी हिंदी समूह की सभी फ़ाइलें आप यहाँ पर देख सकते हैं व वहीं से डाउनलोड भी कर सकते हैं. यदि आप चाहें तो नीचे दी गई कड़ियों में संबंधित फ़ॉन्ट पर क्लिक कर संबंधित फ़ॉन्ट-कन्वर्टरों का सीधे प्रयोग भी कर सकते हैं. इस हेतु इस पृष्ठ को बुकमार्क कर लें व इसकी कड़ी मित्रों को भेजें तथा जब आवश्यक हो फ़ाइलें डाउनलोड करने अथवा आनलाइन फ़ॉन्ट कन्वर्शन हेतु प्रयोग में लें. इन फ़ॉन्ट कन्वर्टरों को गूगल तकनीकी हिंदी समूह के श्री अनुनाद व श्री नारायण प्रसाद ने तैयार किया है. इन्हें धन्यवाद.
पुराने फ़ॉन्टों से यूनिकोड फ़ॉन्ट कन्वर्टर:
(फ़ॉन्ट कन्वर्शन के लिए संबंधित फ़ॉन्ट नाम के ऊपर क्लिक करें -)
कन्वर्टरों की सीधे डाउनलोड कड़ियों के लिए यहाँ क्लिक करें
यूनिकोड से कृतिदेव कन्वर्टर 010 Unicode-to-krutidev010 converter05.htm

युवराज से यूनिकोड कन्वर्टर 06 Yuvaraj to Unicode Conv…

कुरूपता मापी : नवीन टेक्नोलॉज़ी के नवीन खतरे

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नई टेक्नोलॉज़ी के अपने नए-नए खतरे हैं. अलग किस्म के. भयंकर. लीजिए, अब आपके लिए आ गया है कुरूपता मापी. अभी तो यह आईफ़ोन के एप्लीकेशन के रूप में आया है, जल्द ही यह सभी स्मार्टफ़ोनों के लिए उपलब्ध हो जाएगा. यह आईफ़ोन एप्लीकेशन सामने वाले की कुरूपता का पैमाना 1 – 10 स्केल पर बताता है. यदि आपको पूरे दस अंक मिलते हैं तो इसका अर्थ है कि आप सर्वाधिक कुरूप हैं. इस एप्लीकेशन के वर्णन में लिखा है – यूएसए में टॉप 3! फ़ॉक्स, एबीसी, एनबीसी, टुडे शो तथा डेली मेल में कवर स्टोरी आ चुकी है. इस टॉप के एप्लीकेशन को जल्द से जल्द खरीदें. आज की कीमत 99 सेंट. इससे पहले कि माल खतम हो जाए, अपने दोस्तों को बताएँ. .... क्या आपने कभी अनुभव किया है कि आप बदसूरत हैं और आपके दोस्त बस आपका मन रखने के लिए ये बात बताते नहीं हैं और फोकट आपके रूप रंग की तारीफ़ें करते रहते हैं? या फिर आपका कोई कुरूप दोस्त है और आप उससे ये बात कह नहीं पा रहे हैं और चाहते हैं कि किसी तरह ये बात उस तक पहुँच जाए?
कुरूपता मापी आपका फोटो खींचता है, आपके चेहरे के फोटो को स्कैन करता है और फिर आपको 1-10 के कुरूपता स्केल पर आंकता है.
यदि आपको 10 नं…

कॉमनवेल्थ खेलों के बाद अब दिल्ली में एशियाड, ओलंपिक और विंटर ओलंपिक भी!

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कॉमनवेल्थ खेलों का आयोजन सफलतापूर्वक हो गया. तमाम आरोपों प्रत्यारोपों के बीच आयोजन कई मामलों में अच्छा खासा सफल रहा. एक अकेले 40 करोड़ रुपए के एयरोस्टेट नामक गुब्बारे ने सभी आलोचकों की हवा निकाल दी. राष्ट्रमंडल खेलों ने कई स्वर्ण-रजत-कांस्य पदक विजेता खिलाड़ी दिए. पर, इससे कहीं ज्यादा संख्या में लखपति, करोड़पति और अरबपति दे दिए. और, धातु के पदकों से ये कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है. भारत में नव धनाढ्यों की संख्या में अच्छा खासा इजाफ़ा जो हो गया. वैसे भी, आज के जमाने में फोर्ब्स की सूची ज्यादा महत्वपूर्ण है. अब तो पैटी कॉन्ट्रैक्टर से लेकर बड़े बड़े कमीशन बाज सभी बड़ी उम्मीदें लगा बैठे हैं कि दिल्ली में अगला एशियाड, अगला ओलंपिक और यहाँ तक कि अगला विंटर ओलंपिक भी होना ही चाहिए. इसके लिए वे कलमाड़ी के नेतृत्व में अपनी तरह से हरचंद कोशिशें करने में लग गए हैं. अंदर की पुख्ता खबर ये है कि वे एशियाड/ओलंपिक कमेटी के सदस्यों को, राष्ट्रमंडल खेलों के सदस्य देशों के तर्ज पर हर किस्म की भेंट पेशकश करने की सोच रहे हैं ताकि ऐन-कैन-प्रकारेण आयोजन दिल्ली को मिल जाए. जाहिर है इन खेलों के दिल्ली में आयोज…

ब्लॉग : आइए, आचार संहिता को मारें गोली!

एक छोटा सा दूरस्थ प्रस्तुतिकरण जो मैंने वर्धा कार्यशाला में दिया था, वह नीचे एम्बेड है, जिसे चलाकर आप देख सकते हैं. स्लाइड में दिए उपशीर्षकों के जरिए प्रस्तुतिकरण का सारांश आसानी से और बखूबी समझा जा सकता है.Blogging ethicsView more presentations from raviratlami.

किसी भी ब्लॉग के समस्त प्रविष्टियों की सम्यक सूची कैसे देखें?

बहुत से सुंदर ब्लॉगों में शानदार प्रविष्टियाँ होती हैं, परंतु उनमें नेविगेशन बहुत ही निराशाजनक होता है. आप चाहते हुए भी उनकी पिछली प्रविष्टियों के शीर्षकों पर एक सरसरी निगाह नहीं मार सकते अथवा पुरानी किसी प्रविष्टि को खोज नहीं सकते यदि कुछ कीवर्ड्स नहीं पता हैं तो. एक एक कर पुरानी प्रविष्टियों में जाना बेहद उबाऊ होता है.ऐसे में एक युक्ति आपके काम आ सकती है. एक स्क्रिप्ट के जरिए आप किसी भी ब्लॉग की समस्त पुरानी प्रविष्टियों की सूची एक पेज पर बना सकते हैं, और उसे सहेज कर रख सकते हैं. इस तरह की सूची आपके संदर्भ इत्यादि के लिए भी बढ़िया काम आ सकता है. समग्र रचनाओं की सम्यक सूची का एक बढ़िया उदाहरण आपको रचनाकार की इस सूची में मिल सकता है.रचनाकार ब्लॉग की सूची जनरेट करने के लिए यह कोड प्रयोग किया गया है -रचनाकार में अब तक प्रकाशित समस्त रचनाओं की एक सम्यक, लिंकित सूचीकृपया ध्यान दें, यह सूची अच्छी खासी लंबी है, अतः इसे लोड होने में अच्छा-खासा समय लग सकता है. कृपया धैर्य बनाए रखें. तब तक आप इस विंडो को मिनिमाइज कर अपना अन्य कम्प्यूटिंग कार्य जारी रखें. एक बार यह पृष्ठ लोड हो जाए तो समस्त लिं…

आपकी हिफ़ाजत कौन कर रहा है?

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अपनी स्वयं की हिफ़ाजत के लिए सतर्क हो जाइए. जब शेरों की हिफ़ाजत के लिए कुत्तों को लाइन से हाजिर किया जा रहा है तो आम आदमी की औक़ात क्या?  वैसे तो भारतीय पुलिस कानून और किताबों के मुताबिक जनता की, कानून व्यवस्था की हिफ़ाजत के लिए होती है, मगर वो अपनी जेब की, नेताओं की और अफ़सरों की हिफ़ाजत इसी वरिष्ठता क्रम से करती रहती है और इसी में व्यस्त रहती है. बाकी की हिफ़ाजत के लिए न तो उसके पास टाइम होता है और न ही इच्छा. अपने देश की संसद भी देश की हिफ़ाजत के लिए समय समय पर कानून बनाने, उसे सजाने संवारने के लिए है. मगर आजकल वो सत्ताधारी दल चाहे वो जो कोई भी हो की हिफ़ाजत, उसके वोट बैंक की हिफ़ाजत और बच गया तो संसद सदस्यों के वेतन-भत्तों की हिफ़ाजत के लिए (बची रह गई) है. --- व्यंज़ल यारों ये अज़ीब वाकये हो रहे हैं शेरों की सुरक्षा कुत्ते कर रहे हैं जनता का क्या होगा अब जब मुहल्ले में पुलिस वाले घूम रहे हैं देश का भविष्य प्रकट है दोस्तों राजा के रोल जनसेवक कर रहे हैं लुटना लूटना आसान है देश में कलमाड़ी जैसे लोग जेबें भर रहे हैं यहाँ सीटी बजाएगा कौन रवि सभी एक दूसरे को देख रहे हैं

तेरे मुल्क में ये क्या हो रहा है, भगवान का बीमा हो रहा है…

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भगवान के लिहाज से, प्रीमियम तो सचमुच बड़ा सस्ता है! व्यंज़लमेरे मुल्क में ये क्या हो रहा है भगवान का भी बीमा हो रहा है मुल्क में सियासत के अलावा बाकी कारोबार धीमा हो रहा है नेता अफसर को छोड़ दें तो बाकी जन का कीमा हो रहा है चंद्र मंगल पर धर दिए पग अब अंबर का सीमा हो रहा है क्या बताए रवि नए दौर का पाजामा फट के नीमा हो रहा है --- नीमा - संज्ञा पुं० [फा० नीमह्] एक पहरावा जो जामे के नीचे पहना जाता है

कड़वे आचरण?

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(समाचार कतरन साभार - पत्रिका)

जालघरों के प्रतीक

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एक बेहद मनोरंजक, जानकारी परक परियोजना – जालघरों के प्रतीक के बारे में आपको बताते हैं. कोई दस लाख जालघरों के पते एकत्र किए गए जो अलेक्सा के शीर्ष अनुक्रम में आते हैं. फिर उन जालघरों के फ़ेविकॉन (जालघरों के प्रतीक चिह्न जो आप ब्राउज़र में पता पट्टी के बाजू में देखते हैं – जैसे कि ब्लॉगर का है ) को एकत्र कर उनकी रैंकिंग के लिहाज से एक मोजाएक का रूप जटिल प्रोग्राम व स्क्रिप्ट के जरिए दिया गया. फलस्वरूप बना एक बढ़िया पोस्टर. देखें -आप देखेंगे कि गूगल का प्रतीक सबसे बड़ा है. फिर फेसबुक का नंबर है. याहू, विकिपीडिया, यू-ट्यूब, एमएसएन पीछे पीछे हैं.उपर्युक्त चित्र को बड़े आकार में यहाँ देख सकते हैं.रंग-बिरंगे, चित्र-विचित्र प्रकार के जाल स्थलों के उतने ही रंगीन, चित्र-विचित्र प्रतीक चिह्नों को एक साथ देखना भी एक अलग अनुभव है.इसका इंटरेक्टिव संस्करण यहाँ है जहाँ से आप इस 1.4 गीगा-पिक्सेल के विशाल पोस्टर में जूम इन कर पैन कर इसका विस्तृत नजारा कर सकते हैं. एक छोटे टुकड़े का जूम किया हिस्सा मुझे कुछ यूं दिखा -और, आपको ज्यादा ही मजा आया हो तो इसका पोस्टर खरीदने हेतु अपना ईमेल पता भी वहाँ पर दर्ज …

अंग्रेज़ों, वापस भारत आओ!

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दुनिया, सचमुच गोल है. नहीं?
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अब, रूबिक क्यूब से भी बढ़िया एक उलझन-सुलझाऊ पहेली. चित्र में दिखाए गए स्टीरिओ हेडफोन को आप तारों के जंजाल में से जल्दी से जल्दी कितनी जल्दी निकाल बाहर कर सकते हैं?
और हाँ, ध्यान रखें, कोई जादूगिरी नहीं चलेगी!

हिंदी में लिखने का एक और बढ़िया औजार – विशाल मोनपारा का प्रमुख टाइपपैड

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यूँ तो गूगल ट्रांसलिट्रेशन ने यूनिकोड हिंदी लिखना बेहद आसान बना दिया है, मगर सिर्फ चंद लाइनें ही लिखनी हो तब. यदि आप लंबे लेख और उपन्यास लिखने की सोच रहे हैं वो भी कठिन और युग्म शब्दों में, तो गूगल का हिंदी लेखन औजार आपको नानी याद दिला देगा. इस लिहाज से इनस्क्रिप्ट आईएमई का कोई मुकाबला नहीं. दूसरे नंबर पर आता है आईएमई हिंदी टाइपराइटर रेमिंगटन. मगर क्या करें, जनता को आसान विकल्प – फ़ोनेटिक ही पसंद आता है.

इस लिहाज से हिंदी (तथा अन्य भारतीय भाषा में) लेखन के फ़ोनेटिक औजारों में विशाल मोनपारा के बनाए गए कुछ औजार बेहद काम के हैं.

1. प्रमुख आईएमई (डाउनलोड कड़ी) – 500 केबी का यह औजार एक एक्जीक्यूटेबल फ़ाइल में आता है, जिसे इंस्टाल करने की आवश्यकता नहीं. इसे डाउनलोड कर किसी भी डिरेक्ट्री/फोल्डर से डबल क्लिक कर चलाएँ अथवा स्टार्टअप में डाल दें. इसे चलाने पर सिस्टम ट्रे में आइकन बन जाता है जिसे क्लिक कर टॉगल कर हिंदी में लिख सकते हैं. इस टूल के जरिए फ़ोनेटिक हिंदी में (जैसे कि कमल के लिए kamala, कमला के लिए kamalaa तथा कमाल के लिए kamaala ) विंडोज के किसी भी प्रोग्राम/ब्राउजर के इन…

फ़ोर फ़िगर सब्सक्राइबरों की ओर छलांग लगाते हिंदी चिट्ठे

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एक हजार नियमित पाठक वाले हिंदी चिट्ठों से किसी भी चिट्ठाकार को जलन हो सकती है. हिंदी ब्लॉगिंग का एक नया मील का पत्थर जल्द ही रखा जाने वाला है. कुछ चिट्ठों के नियमित सब्सक्राइबरों की संख्या जल्द ही हजार से पार होने वाली है! याहू!

हजारी ग्राहक पाठक संख्या में जल्द ही पहुँचने वाला है चिट्ठा - शब्दों का सफर. वर्तमान में(15 सितम्बर 2010 की स्थिति में) नियमित पाठक संख्या 977. नियमित पाठकों के हजार के आंकड़े तक पहुँचने में कुछ ही पाठकों और कुछ ही दिनों की देरी. किसी भी हिंदी चिट्ठे के लिए आज  के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि.


(शब्दों का सफर के नियमित फ़ीड पाठक)

इधर साथ साथ ही है उत्तरांचल. शानदार (15 सितम्बर 2010 की स्थिति) 968 नियमित पाठक संख्या. किसी भी दिन आंकड़ा हजारी हो सकता है.  उत्तरांचल की एक पोस्ट (लिंक?) को वैसे भी सर्वकालिक सर्वाधिक बार पढ़ा जाने वाला चिट्ठाप्रविष्टि का दर्जा प्राप्त है. तीनेक साल पहले, तब जब हमारे चिट्ठों के पाठक बमुश्किल दर्जन भर लोग होते थे, इस पोस्ट को पढ़ने और टिपियाने वाले हजार से पार हो चुके थे!


(उत्तरांचल के नियमित फ़ीड पाठक)

मेरे अपने सुनिश्चित विचार म…

विशाल लाइब्रेरी में से पढ़ें >

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