आप कहेंगे कोई साम्य नहीं. गणित गणित है और विवाह विवाह. इसमें वन टू का फोर कहां से आ गया. या फिर आप दार्शनिक अंदाज में कह सकते हैं - विवाह गणित की वो पहेली है जिसे हल करने का दावा तो हर कोई करता है, पर दरअसल वो एक मिथ्या हल होता है 1+1=1 जैसा!
जो भी हो, चलिए, एक एक कर देखते हैं.
पहले, कुछ वैवाहिक अवधारणाएँ :
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यदि कुछ गलत हो सकता है तो उसे होना ही है. विवाह भी.
~ मरफ़ी का नियम
विवाह एक श्रमसाध्य कार्य है. यह वैसा ही है जैसा कि किसी कप को सदैव निहारते रहना. कभी तो अपने पार्टनर को अंतरिक्ष में सुदूर कहीं फेंक देने का दिल करता है तो कभी उसे गले लगाने को.
~ अनाम
एक अच्छी पत्नी हमेशा अपने पति को जब वह खुद गलत होती है, माफ कर देती है.
~ मिल्टन बर्ले
"धन हस्तांतरण (फंड ट्रांसफर) के लिए इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग से भी ज्यादा तीव्र, त्वरित एक सेवा और है. इसे शादी कहते हैं. "
~ जेम्स होल्ट मैकगावरन
मैंने हाल ही में पढ़ा कि प्यार पूरी तरह से रसायन शास्त्र का विषय है. वह होगा ही क्योंकि मेरी पत्नी मुझे जहरीले कचरे की तरह जो मुझे मानती है.
~ दाऊद बिसोनेटी
शादी के बाद, पति पत्नी एक सिक्के के दो पहलू होते हैं. वे एक दूसरे का सामना नहीं कर सकते हैं फिर भी वे एक साथ रहते हैं.
~ हेमंत जोशी
चाहे जो भी हो शादी कर ही लें. यदि आपको एक अच्छी पत्नी मिलती है, आप खुश रहेंगे. अगर बुरी पत्नी मिलती है तो आप एक दार्शनिक हो जाएंगे.
~ सुकरात
स्त्रियाँ बड़े बड़े काम करने के लिए, हमें प्रेरणाएँ देती हैं, और फिर वे उन्हें प्राप्त करने से हमें रोकती हैं.
~ ड्यूमास
मैं अपनी पत्नी के साथ कुछ शब्दों में बात करता हूं, और वो मेरे साथ कुछ पैराग्राफों में.
~ बेनामी
"कुछ लोग हमारी लंबी शादी का रहस्य पूछते हैं. एक ही रहस्य है. हम सप्ताह में दो बार रात का खाना बरसों से
एक रेस्तरां में खाते आ रहे हैं. मोमबत्ती की रोशनी में, रात का खाना, मधुर धीमा संगीत और नृत्य के बीच रात्रि भोज. वह शुक्रवार की रात रात्रि भोज में जाती है, मैं मंगलवार को जाता हूं. "
~ हेनरी यंगमैन
"मेरा दुर्भाग्य मेरी दोनों पत्नियों के साथ रहा. पहली ने मुझे छोड़ दिया, दूसरी ने नहीं. "
~ पैट्रिक मूर्रे
दो रहस्य आपकी शादी सफल बनाने के लिए
1. जब भी आप गलत हों, स्वीकारें
2. जब भी आप ठीक हों, चुप रहें.
~ नैश
यदि आप दोनों प्रसन्न और सुखी हैं, तो इंतजार कीजिए विवाह होने तक.
~ अनाम
विवाह में सफलता इस बात पर निर्भर नहीं है कि आपने सही व्यक्ति से विवाह किया. सफलता इस बात पर निर्भर है कि आप सही हैं या नहीं.
~ अनाम
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अब, कुछ झूठे गणितीय अवधारणाएँ और असत्य गणितीय प्रमेय:
- प्रश्न – वृत्त ने स्पर्शरेखा से क्या कहा? उत्तर : मुझे स्पर्श करना बंद करो!
- सही मायने में एक गणितज्ञ वह व्यक्ति होता है जो कभी ये देखता है कि किसी कमरे में तीन आदमी अंदर जाते हैं और उसमें से पाँच बाहर निकलते हैं तो उसके हिसाब से दो आदमियों को कमरे के भीतर जाना चाहिए ताकि हिसाब बराबर हो सके...
- विश्वविद्यालय का कुलपति - भौतिक विभाग के डीन को : मैं आपके विभाग को इतना पैसा हमेशा क्यों देता रहूं – पता नहीं इतने महंगे उपकरणों और औजारों का क्या करते रहते हो. गणित विभाग को देखो – उन्हें पेंसिल और कागज के अलावा किसी दूसरी चीज की जरूरत ही नहीं होती. यहाँ तक कि रबर की भी नहीं.
- एक सिमुलेशन क्लास में क्रमश: इंजीनियर, भौतिकविद् और गणितज्ञ को एक सवाल हल करने को कहा गया – जब आप अंडा फ्राई कर रहे हों तो किचन में आग लग जाए. इंजीनियर ने आव देखा न ताव, एक बाल्टी पानी लाया, आग में पानी झोंका और आग बुझा दिया. सारा किचन पानी से सराबोर हो गया. भौतिकविद् ने बड़ी देर तक हिसाब लगाया, फिर उसने सही माप का पानी लिया और इस तरह आग में हिसाब से पानी डाला. पानी की अंतिम बूंद आते तक आग बुझ गई. गणितज्ञ ने जेब में रखा कागज और पेंसिल निकाला, दनादन कुछ प्रमेय लिखे, कुछ समीकरण हल किए और खुशी से चिल्लाया – आहा! इसका हल तो मौजूद है. फिर वो अंडा फ्राई करने लगा.
- प्रश्न - पाई क्या होता है? जवाब : गणितज्ञ – पाई एक संख्या है जो कि किसी वृत्त और उसकी त्रिज्या के बीच संबंध को दर्शाती है. भौतिकविज्ञानी – पाई है 3.1415927 और प्लस-माइनस 0.00000005. इंजीनियर – पाई है – लगभग 3.
- जब आपको ये नहीं पता होता है कि आप किस बारे में क्या बोल रहे हैं तो फिर वहां पर बीजगणितीय चिह्नों का प्रयोग किया जाता है.
- ग्रेट बर्टेंड रसेल ने कभी कहा था कि यदि 1+1=2 दिया जाए तो वे किसी भी चीज को सत्य सिद्ध कर देंगे. उनसे किसी दिन किसी ने स्मार्ट बनते हुए पूछा – ठीक है, अच्छा आप ये सिद्ध करके बताओ कि आप पोप हो. बर्टेंड रसेल थोड़ी देर सोचते रहे फिर हल बताया – मैं एक हूं. पोप एक है. अतः मैं और पोप एक ही हैं. अतः मैं पोप हूं.
- बूढ़े गणितज्ञ कभी मरते नहीं हैं. वे सिर्फ अपने कुछ फंक्शन्स खो देते हैं.
(ऐसे ही कुछ और मजेदार गणितीय हास्य (अंग्रेजी में)
इस फाइल को डाउनलोड कर पढ़ें)
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अंत में,
व्यंज़ल
क्या क्या न लगाया प्रमेय गणित में
उपाय न मिला जीवन के गणित में
सबको पता है क्या लाया ले जाएगा
तब भी है गुणा भाग के गणित में
कोई कहता है सरल तो कोई कठिन
कैसे तो प्रमेय हैं प्यार के गणित में
धर्म जात क्षेत्र राज्य देश भाषा बोली
आदमी फंस गया है किस गणित में
बड़ा गुमान था रवि को अपने ऊपर
फेल हो गया सियासत के गणित में
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(यह पोस्ट अभिषेक ओझा – जिनके
गणितीय पोस्टों ने एक औसत दूसरे दर्जे के गणित के विद्यार्थी के मन में नए सिरे से गणित में दिलचस्पी जगाई - को समर्पित.)