अगर गिनती के दस लोग भी मेरा ब्लॉग पढ़ते रहें तो मैं ताउम्र ब्लॉग लिखता रहूंगा – राजकुमार केसवानी

Piyara sahab
देश-विदेश के जाने-माने पत्रकार-संपादक-स्तंभकार राजकुमार केसवानी ताज़ा-ताज़ा हिन्दी ब्लॉग जगत में कूदे हैं. बाजे वाली गली नाम का उनका हिन्दी ब्लॉग देखते ही देखते अच्छा खासा चर्चित हो गया है. संगीत को ओढ़ते बिछाते फिरते और संगीत में रमते से प्रतीत होते राजकुमार केसवानी के संग्रह में पुराने जमाने के विनाइल और लाख के बने एलपी, एसपी, ईपी के हजारों रेकार्ड हैं. उनके पास अभी भी चालू हालत में गियर से चलने वाला बाजा है जिसे चाभी भरकर बजाया जाता है. इसमें गाना सीधे सुई-और-डायाफ्राम से घूमते रेकार्ड के जरिए बजता है. ध्वनि पैदा करने के लिए इसमें इलेक्ट्रॉनिक सर्किटरी नहीं है – और इस वजह से जादुई संगीत का वातावरण पैदा होता है. जिन्होंने रूबरू इसे सुना है (मैंने अभी अभी ही इसे सुना है,), वही इसके जादू को महसूस कर सकते हैं.
हाल ही में राजकुमार केसवानी से लंबी बातचीत हुई. उनके हिन्दी ब्लॉग जगत के थोड़े से समय के अनुभव तथा उनके प्रिय शगल संगीत पर हुई बातचीत और उनके बाबा आदम के जमाने के मगर अभी भी बढ़िया काम कर रहे चाबी वाले बाजे पर बजते गाने के बेहद दिलचस्प वीडियो आप भी देखें -


भाग 1 :  हिन्दी ब्लॉग जगत में अभी परिपक्वता दूर-दूर तक नजर नहीं आती :


भाग 2 : समय के साथ संगीत की पसंदगी बदलती ही है :

राजकुमार केसवानी का चाबी वाला बाजा

बाजा बजाने की तैयारी

बजता हुआ ग्रामोफ़ोन - एंटीक पीस?

और, अंत में देखें-सुनें राजकुमार केसवानी के अनमोल संग्रह से गौहर जान  के स्वर में रेकॉर्ड प्लेयर पर बजता गीत. यह गीत भारत में शुरूआती दौर में रेकॉर्ड किए गए चंद गीतों में से एक है.

सबसे ऊपर का चित्र - राजकुमार केसवानी के अनमोल खजाने से : गायक पियारा साहब का दशकों पुराना रेकॉर्ड - पियारा साहब कलकत्ता के महाराजा के दरबारी गायक थे

टिप्पणियाँ

  1. राजकुमार केसवानी जी के बारे में जानकर अच्छा लगा |
    शुभकामनाओं सहित स्वागत है राजकुमार केसवानी जी का |

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  2. ैआगर ऐसी ही बात है तो दस टिप्पणी हम ही दे दिया करेंगे मगर ब्लाग लिखना बन्द ना करें अभी विडिओ नहीं देख पाई धन्यवाद ।

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  3. पढ़ते तो रहते ही हैं हम उन्हें भास्कर में। अब यहाँ मुलाकात किया करेंगे।
    आभार आपका जानकारी साझा करने के लिए।

    बी एस पाबला

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  4. कभी सोचा था केसवानी साहब को एस एम् एस करूँगा कि आप भी ब्लॉग लिखिए. बाद में उनके नंबर मिस हो गए.. फिर सोचा शायद वे कभी बना ले.. और लीजिये उन्होंने बना भी लिया.. और आपने परिचय भी करवा दिया.. बहुत बहुत धन्यवाद् आपका..

    अंत में उन्ही की स्टाइल में जय जय

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  5. दैनि‍क भास्‍कर के नि‍यमि‍त रवि‍वारीय स्‍तंभ से सम्‍पर्क में आये केसवानी जी आजकल अपनी लेखनी के जादू से आपको जवानी, बचपन या कि‍शोरावस्‍था के उस समय में ले जाते हैं जब आप आकाशवाणी पर सुबह 6 से रात के 12 बजे तक बजने वाले गीतों के सतत सम्‍पर्क में होते थे।
    राजकुमार शब्‍द से वे मेरे हमनाम है, इसका मजा तो आता ही है।
    वीडि‍यो साक्षात्‍कार की प्रस्‍तुति‍ स्‍वागतेय है।

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  6. वाह खूब पढते है हम उन्हें भास्कर में. अब यहां भी...स्वागत है.

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  7. ब्‍लॉग जगत के लिए यह प्रसन्‍नता की बात है। हमने तो राजकुमार केसवानी जी को जनसत्‍ता में भी पढ़ा है और सबको पढ़ाया भी है। बाजे वाली गली की पोस्‍ट मतवाला कैसे निकला। इसका आनंद जनसत्‍ता में आप भी ले सकते हैं। इस लिंक पर http://blogonprint.blogspot.com/2009/10/blog-post_1835.html
    राजकुमार केसवानी जी के विचार स्‍वागत योग्‍य हैं और मैं तो कहता हूं कि आज हमारा ब्‍लॉग चाहे कोई भी न पढ़े और हम लिखते रहें तो बाद में तो पढ़े ही जायेंगे। फिर एक व्‍यक्ति तो पढ़ेगा ही, मतलब जो लिखेगा। हमारा मन तो बच्‍चा है इतने से भी प्रसन्‍न हो जाता है।

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  8. राजकुमार जी के ब्लाग का परिचय कराने के लिये शुक्रिया। आशा है उनका बाजा बजता रहेगा।

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  9. अक्सर पढ़ा है उन्हें... अच्छा है, और करीब से जानेंगे।

    मानिये या ना मानिये, ग्रामोफोन देखा तो मैने भी है। वो भी असली वाला।

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  10. Ravi ji,

    I am not sure that among a cascade of Hindi comments, mine might stick out like a sore thumb. But, I must say, I enjoyed going through this post and listening too.
    Julia

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  11. बिलकुल सही कहा आप ने पर निराश न हों

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  12. इन रिकार्डों को सुनना और इनके बारे में जानना एक दुर्लभ अनुभव रहाच। केसवानी जी का ब्लॉग तो पढ ही रहे हैं ।

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  13. राजकुमार जी से रवि जी का यह साक्षात्कार इस अर्थ मे भी महत्वपूर्ण है कि हिन्दी ब्लॉगिंग को लेकर उन्होने निरपेक्ष भाव से अपनी चिंतायें व्यक्त की हैं । इन्ही चिंताओं पर मैं भी समय समय पर बात करता रहा हूँ लेकिन एक बुद्धिजीवी साथ ही लोकप्रिय व्यक्ति का इस के भविष्य को लेकर अपने विचार मायने रखता है । केसवानी जी वरिष्ठ है और मीडिया मे उन्होने लम्बा जीवन बिताया है । उनके अनुभवों से निश्चित ही हमे मार्ग दर्शन मिलेगा । -शरद कोकास

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