टेढ़ी दुनिया पर रवि रतलामी की तिर्यक, तकनीकी रेखाएँ...

हरे राम! हरे कृष्ण!!

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10 हजार वाट के साउन्ड सिस्टम, जिसके कि कई पोंगे बेदर्दी से फट चुके हैं पर पड़ोस में 72 घंटे का अखंड भगवन्नाम का पाठ चल रहा है. ग्रहण के दुष्प्रभावों को आदमजात से दूर करने के लिए, विश्व शांति के लिए, अच्छी बारिश के लिए, और न जाने क्या क्या – इन सबके लिए अखंड पाठ. पर लगता है कि ये पाठ सिर्फ पाठ नहीं है, ईश्वर को चेताने के लिए है – भइये, देखो हम पाठ कर रहे हैं – 10 हजार वाट का साउन्ड सिस्टम लगाया है. अक्खा शहर पर हमरी आवाज गूंज रही है. तुम तक तो जाएगी ही. अनदेखा करने की, बहरे बनने की कोशिश न कीजो!

भक्तों की बारंबार, एक ही टोन और एक सी आवाज में हरे राम! हरे कृष्ण!! भजती आवाज जब दिमाग को कंझाने लगी (सोचो, भगवान कितना बोर होता होगा, या अब तक वो किस हद तक बोर हो चुका होगा) तो सोचा चलो कुछ टीवी देखा जाए. हाई वॉल्यूम में टीवी ऑन किया. बाहर से आ रही हरे राम! हरे कृष्ण!! से थोड़ी देर के लिए मुक्ति मिली. चैनल पर चल रहा था – राखी सावंत का स्वयंवर.

पांचेक मिनट ये ड्रामा देखा. राखी सावंत का आधुनिक स्वयंवर. और मेरे मन में बेसाख्ता निकला - हरे राम! हरे कृष्ण!! ये भी कोई सीरियल है? ये भी कोई स्वयंवर है? हरे राम! हरे कृष्ण!!

मैंने चैनल आगे बदला. इंडिया टीवी में ग्रहण के दुष्प्रभाव पर बचने के टोटके दिखाए जा रहे थे. हरे राम! हरे कृष्ण!! चैनल बेचने के लिए, टीआरपी हासिल करने के लिए जनता को बेवकूफ़ बनाया जा रहा है! हरे राम! हरे कृष्ण!! अगले दूसरे न्यूज चैनल में मायावती वर्सेस मायावती चल रहा था. इज्जत उतारने के बदले पुरस्कार देने दिलाने की बातें कही जा रही थीं! घोर कलजुग आ गया है! हरे राम! हरे कृष्ण!!

रिमोट फेंक कर सोचा कि चलो दिमाग को कहीं और लगाया जाए. अख़बार उठाया. उसकी पहली हेडिंग पर निगाह गई – ऑस्ट्रेलिया में 3 और भारतीयों पर नस्लीय हमले. मुम्बई-पुणे के जातीय-और-क्षेत्रीय हमलों के परिवर्तित रूप ऑस्ट्रेलिया भी पहुँच गए! राम! राम!! कृष्ण! कृष्ण!!

तंग होकर कम्प्यूटर खोला, ब्लॉगों पर निगाह जमाई. शायद इधर शांति मिले. पर टॉप हिट्स पर सच का सामना नामक पोस्ट मुँह चिढ़ा रहा था, जिसके हर पैरे, हर वाक्य को पढ़ के मुँह से निकल रहा था – हरे राम! राम राम!! कृष्ण! कृष्ण!!

कंप्यूटर का प्लग खींचा, माउस फेंका. और आँख बंद कर ली. पड़ोस में अखंड पाठ बदस्तूर जारी था – हरे राम! हरे कृष्ण! हरे! हरे!¡! अंतत: मेरा दिमाग भी उसमें सिंक्रोनाइज हो गया – हरे राम…

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अपने ड्राइवर से ही शादी कर लो राखी!

राखी सावंत का स्वयंवर एक महज मूर्खतापूर्ण मजाक है। 21 जुलाई को दिखाये गये एपिसोड में राखी सावंत ने मनमोहन तिवारी के घर जाकर परिवार के लोगों से मिलने के बाद सबके बारे में काफी भला-बुरा कहा। यहां तक कि राखी सावंत ने मनमोहन तिवारी से कहा कि तुमसे ज्यादा अच्छा तो मेरा ड्राइवर है।
अगर राखी सावंत का ड्राइवर वाकई मनमोहन तिवारी से ज्यादा अच्छा है तो वह अपने ड्राइवर से ही शादी क्यों नहीं कर लेती? उसे स्वयंवर करने की जरूरत ही क्या थी?
नेहा, रांची

हरे राम! राम राम!! कृष्ण! कृष्ण!

सभी भक्‍त-गणों, बंधुओं, भगिनियों से निवेदन है कि इसे रवि भाई की नहीं हमारी मनोदशा समझें । कृपया जे मानें कि जे दुख हमईं ने झेलो है । रवि भैया नहीं नहीं । हरे राम हरे राम ।

हरे राम, हरे कृष्ण..
:)

दुसरों को कष्ट देकर धर्म की कामना करना मूर्खता है. और मूर्ख भरे पड़े हैं :(

हरे राम ! हरे कृष्ण ! :)

भगवान सबको सदबुद्धी दे! एकदम यही कुछ यहाँ भी है
एक नज.र जरूर देखें
[link=http://hamararatlam.blogspot.com/] देश सुधारने चला है अपने आप को तो सुधार ले? [/link]

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