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Wednesday, June 10, 2009

मिश्र जी, मैंने देर नहीं की – बात पुरानी है…

प्रिय मिश्र जी,
शायद देरी आपकी तरफ से तो नहीं हुई? सालेक भर पहले का (6-2-08) ईमेलिया आदान-प्रदान का स्क्रीनशॉट नीचे दिया जा रहा है. समस्या पुरानी है, बार बार हो रही है और यह शायद आपके इंटरनेट सेवा प्रदाता का है. आपसे गुजारिश है कि होस्ट बदलें, कोई सुरक्षित सेवा प्रदाता की सेवा लें.
इस संबंध में कल सुरक्षा संबंधी कुछ पत्राचार भी हुए, जिनमें एक मित्र ने लिखा -
“मिश्रजी को मैने बहुत पहले ही चेताया था. वो बोले कोई समस्या नहीं, मगर थी जरूर.”
शायद ये भी आपको याद हो.

और हाँ, आपने सही कहा, पिछली पोस्ट तो नहीं, पर ये पोस्ट जरूर ठेलने का फायदा उठाने लिए एक विषय के रूप में जानबूझ कर चुना है. और, शीर्षक भी! :)



(चित्र बड़ा कर देखने के लिए इस पर क्लिक करें.)

7 टिप्पणियाँ./ अपनी प्रतिक्रिया लिखें:

मोहम्मद कासिम said...

achhi jankari dene ke liye sukriya
main apke blog regulaer padta hoo.

mere firefox aur opera browser mein hindi theek se nahi dikhayee deti hai. ye kuch aisa dikta hai
{आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.
कृपया ध्यान दें - स्पैम (वायरस, ट्रोजन व रद्दी साइटों इत्यादि की कड़ियों युक्त)टिप्पणियों की समस्या के कारण टिप्पणियों का मॉडरेशन न चाहते हुए भी लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहां पर प्रकट व प्रदर्शित होने में कुछ समय लग सकता है.}

please help

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

मिश्रा जी की पोस्ट पढ़ी है। इस तरह किसी को दोष देना सही नहीं है।

संजय बेंगाणी said...

सर्वर पर चुस्त सुरक्षा से ही बचाव सम्भव है. अतः सर्वर प्रदाता का चुनाव करते समय सावधानी रखें.

RC Mishra said...

होता है रवि जी, बड़े बड़े शरों मे छोटी छोटी बातें होती रहती हैं :)। मैने अपनी बात आपकी टिप्पणी के नीचे रख दी है।
धन्यवाद!

Udan Tashtari said...

चित्र बड़ा नहीं हो पा रहा है तो आग में घी कैसे डालें, समझ नहीं आ रहा. मजबूरी अटक गई है. :)

Raviratlami said...

समीर जी, त्रुटि की ओर ध्यान दिलाने का शुक्रिया. अलबत्ता आग कहीं है नहीं - सब पानी पानी है!


मिश्र जी, सही कहा - छोटी - मोटी बातें होती रहती हैं...

Science Bloggers Association said...

इसके लिए पोस्‍ट की क्‍या आवश्‍यकता थी।

-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

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